ओमान की खाड़ी में मालवाहक जहाज पर अमेरिकी लड़ाकू विमान का हमला, प्रोपल्शन सिस्टम तबाह ईरान की समुद्री नाकेबंदी का उल्लंघन करने के आरोप में अमेरिकी सेना ने पनामा के झंडे वाले कार्गो शिप पर एयरस्ट्राइक कर उसे निष्क्रिय कर दिया, हालांकि चालक दल पूरी तरह सुरक्षित है। पश्चिम एशिया के समुद्री जलक्षेत्र में तनाव अचानक चरम पर पहुंच गया है, जहां अमेरिकी लड़ाकू विमान ने ओमान की खाड़ी से गुजर रहे एक बड़े मालवाहक जहाज पर सटीक हमला किया है। सैन्य कार्रवाई का निशाना बना यह बल्क कैरियर पनामा के ध्वज तले पंजीकृत था और ईरानी बंदरगाह से निकलकर समुद्री मार्ग से आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा था। चेतावनी और निर्देशों की अवहेलना करने के बाद चलाए गए इस सैन्य अभियान में जहाज के पिछले हिस्से को निशाना बनाया गया, जिससे उसका पूरा प्रोपल्शन सिस्टम तबाह हो गया और उसकी आगे बढ़ने की क्षमता खत्म हो गई। राहत की बात यह रही कि इस जोरदार हमले में पोत पर सवार चालक दल के किसी भी सदस्य को कोई शारीरिक चोट या नुकसान नहीं पहुंचा है। पनामा के झंडे वाले पोत को बनाया गया निशाना अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, सैन्य कार्रवाई की जद में आए इस मालवाहक जहाज का नाम एम/वी ओशन मोलिका है, जिसे समुद्री गलियारों में अरिका सन के नाम से भी पहचाना जाता है। पेंटागन के अधीन काम करने वाली इस कमान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि लड़ाकू विमान ने जहाज के प्रोपल्शन सिस्टम को अक्षम करने के लिए सटीक प्रहार किया। इस हमले का प्राथमिक उद्देश्य पोत को पूरी तरह डुबोना नहीं, बल्कि उसकी संचालन शक्ति को मौके पर ही खत्म करके उसे निष्क्रिय करना था, क्योंकि जहाज नाकेबंदी नियमों को तोड़कर प्रतिबंधित जलमार्ग में आगे बढ़ रहा था। नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश और सैन्य कार्रवाई के नियम अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने और वहां से निकलने वाले सभी व्यावसायिक समुद्री यातायात पर एक सख्त नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रखी है। इस व्यवस्था के अंतर्गत निगरानी कर रहे अमेरिकी युद्धपोत और विमान संबंधित समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले हर कमर्शियल शिप को अग्रिम चेतावनी देते हैं और तय दिशा-निर्देश जारी करते हैं। जो जहाज इन संचार निर्देशों का पालन करते हैं, उन्हें वैकल्पिक सुरक्षित समुद्री मार्गों की ओर मोड़ दिया जाता है। दूसरी तरफ, जो पोत निर्देशों की अनदेखी करते हैं या नाकेबंदी रेखा को जबरन पार करने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ सैन्य बल का इस्तेमाल कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया जाता है। तीन महीनों में 135 जहाजों को लौटाया गया क्षेत्रीय जलक्षेत्र में नाकेबंदी की सख्ती का अंदाजा अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से 10 अक्टूबर को जारी आंकड़ों से लगाया जा सकता है। आधिकारिक ब्योरे के मुताबिक, पिछले तीन महीनों के दौरान नाकेबंदी के नियमों को लागू करते हुए चार व्यावसायिक जहाजों को निष्क्रिय किया जा चुका है, जबकि 135 अन्य जहाजों को चेतावनी देकर वापस लौटने पर मजबूर किया गया। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी सेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कथित गुप्त समुद्री परिवहन नेटवर्क से जुड़े 10 तेल टैंकरों को भी नष्ट करने का दावा किया है। इन लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाइयों ने ओमान की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वैश्विक व्यापार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, क्योंकि यह संकरा समुद्री गलियारा अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। नाविकों के लिए आपातकालीन रेडियो चेतावनी बढ़ते जोखिम को देखते हुए अमेरिकी नौसैनिक कमान ने ओमान की खाड़ी और होर्मुज के आसपास सक्रिय सभी नाविकों और मर्चेंट नेवी कर्मियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कमान ने समुद्री जहाजों को सलाह दी है कि वे लगातार 'नोटिस टू मेरिनर्स' प्रसारण पर नजर रखें और किसी भी भ्रम से बचने के लिए ब्रिज-टू-ब्रिज रेडियो चैनल 16 पर अमेरिकी नौसैनिक कर्मियों के साथ सीधा संपर्क बनाए रखें। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के तटवर्ती जलक्षेत्र में अमेरिकी सैन्य सख्ती के कारण अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई, जहाजों के बीमा प्रीमियम और कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति पर अनिश्चितता का दबाव और गहरा सकता है। इसका आप पर असर ओमान की खाड़ी में मालवाहक जहाज पर हमले से खाड़ी देशों के समुद्री व्यापारिक मार्गों पर जोखिम बढ़ गया है, जिससे कच्चे तेल के परिवहन और जहाजरानी लागत पर सीधा असर पड़ेगा। • वैश्विक ऊर्जा बाजार: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की ढुलाई में रुकावट और उच्च जोखिम प्रीमियम लगने की संभावना है। यदि तनाव और बढ़ता है, तो पेट्रोल, डीजल और गैस की वैश्विक कीमतों में उछाल आ सकता है। • भारत में प्रभाव: भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से इसी समुद्री मार्ग के जरिए आयात करता है। आपूर्ति में किसी भी देरी या मालभाड़े में बढ़ोतरी से घरेलू स्तर पर ईंधन लागत और आयात खर्च में वृद्धि हो सकती है। • व्यापार और जहाजरानी: कमर्शियल जहाजों के लिए समुद्री बीमा दरों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। माल ढुलाई कंपनियों को वैकल्पिक और लंबे मार्गों का चयन करना पड़ सकता है, जिससे जरूरी सामानों की डिलीवरी में देरी होगी। • नाविकों की सुरक्षा: इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों के चालक दल के लिए सैन्य दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य हो गया है। जहाजों को रेडियो चैनल 16 पर लगातार संपर्क बनाए रखने और अमेरिकी नौसेना के निर्देशों के अनुसार मार्ग बदलने की सलाह दी गई है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी सेना द्वारा यह हमला ईरानी बंदरगाहों पर लागू की गई नौसैनिक नाकेबंदी के सख्त प्रवर्तन और जहाज द्वारा दी गई चेतावनियों की अवहेलना के चलते किया गया। • नाकेबंदी नियमों का उल्लंघन: यह बल्क कैरियर ईरानी बंदरगाह से रवाना होने के बाद प्रतिबंधित जलमार्ग से आगे बढ़ रहा था। अमेरिकी नौसेना द्वारा जारी बार-बार की चेतावनियों और निर्देशों को अनसुना करने के कारण उस पर बल प्रयोग किया गया। • ईरान के समुद्री नेटवर्क पर पाबंदी: अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से होने वाले समुद्री आवागमन पर व्यापक नाकेबंदी लगा रखी है। इसके तहत पिछले तीन महीनों में 135 जहाजों को वापस भेजा गया है और आईआरजीसी के गुप्त नेटवर्क से जुड़े 10 तेल टैंकर नष्ट किए गए हैं। • प्रोपल्शन सिस्टम को अक्षम करने की रणनीति: अमेरिकी लड़ाकू विमान ने जहाज को पूरी तरह डुबोने के बजाय केवल उसके प्रोपल्शन सिस्टम पर प्रहार किया। इसका उद्देश्य जानमाल के नुकसान के बिना पोत की आगे बढ़ने की क्षमता को पूरी तरह समाप्त करना था। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी लड़ाकू विमान ने किस जहाज पर हमला किया? अमेरिकी लड़ाकू विमान ने पनामा के झंडे वाले मालवाहक जहाज एम/वी ओशन मोलिका (अरिका सन) पर हमला किया। 2. यह हमला किस समुद्री इलाके में हुआ? यह सैन्य हमला ओमान की खाड़ी के समुद्री मार्ग में हुआ। 3. हमले में जहाज को क्या नुकसान पहुंचा और क्या चालक दल सुरक्षित है? हमले में जहाज का प्रोपल्शन सिस्टम पूरी तरह निष्क्रिय हो गया, लेकिन चालक दल के किसी भी सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। 4. अमेरिकी सेना ने इस मालवाहक जहाज को निशाना क्यों बनाया? जहाज ईरानी बंदरगाह से निकला था और उसने नौसैनिक नाकेबंदी के तहत जारी अमेरिकी निर्देशों और चेतावनियों की अनदेखी की थी। 5. पिछले तीन महीनों में अमेरिकी कमान ने कितने जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की है? सेंटकॉम के अनुसार, पिछले तीन महीनों में चार जहाजों को निष्क्रिय किया गया, 135 को वापस लौटाया गया और 10 टैंकर नष्ट किए गए। 6. क्षेत्र में मौजूद जहाजों के लिए अमेरिकी सेना ने क्या निर्देश जारी किए हैं? अमेरिकी सेना ने नाविकों को 'नोटिस टू मेरिनर्स' पर नजर रखने और ब्रिज-टू-ब्रिज रेडियो चैनल 16 पर संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया है। https://trendkia.com/middle-east/oman-ki-khari-men-malavahaka-jahaja-para-us-laraku-vimana-ka-hamala-propalshana-sistama-tabaha-46339 TrendKia — Har trend, sabse pehle.