# फलस्तीनी परिवारों की घेराबंदी के बाद इजरायली सेना वेस्ट बैंक में बढ़ाएगी तैनाती

> वेस्ट बैंक के कुसरा गांव में फलस्तीनी परिवारों को बंधक जैसा बनाने वाले उपद्रवियों को हटाने में नाकामी के बाद इजरायली सेना ने अतिरिक्त सैनिक भेजने का फैसला किया है।

**Type:** article · **Category:** मध्य पूर्व · **Published:** 2026-08-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/middle-east/phalastini-parivaron-ki-gherabndi-ke-bada-israeli-sena-west-bank-men-barhaegi-tainati-16276 · **Language:** Hindi
**Tags:** वेस्ट बैंक, इजरायल, फलस्तीन, कुसरा, संयुक्त राष्ट्र, माइक हकाबी

ऑक्यूपाइड वेस्ट बैंक के नाबलुस शहर के पास स्थित कुसरा गांव में फलस्तीनी परिवारों के घरों को घेरने वाले इजरायली उपद्रवियों को हटाने में नाकामी के बाद इजरायली सेना ने इलाके में अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने का फैसला किया है। पिछले कुछ दिनों से गांव के बाहरी हिस्से में रहने वाले दो फलस्तीनी परिवारों की घेराबंदी की गई है, जिससे वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है।

## कुसरा में बिगड़ते हालात और परिवारों की स्थिति
कुसरा गांव के बाहरी इलाके में रहने वाले अबू रिदी और हसन परिवार रविवार से ही अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। उपद्रवी तत्वों ने इन परिवारों के घरों के रास्तों को बंद कर दिया है और उनकी बिजली तथा पानी की सप्लाई काट दी है। इस वजह से घरों में राशन और जरूरी सामान की भारी कमी हो गई है, जिसके बाद प्रभावित परिवारों ने मदद की गुहार लगाई है।

पीड़ित परिवार के सदस्य कुसई अबू रिदी ने बताया कि रात के समय उनके घर पर दोबारा हमला किया गया था। कुछ उपद्रवी अभी भी सुरक्षा बलों से छिपकर इलाके में मौजूद हैं। जिस संपत्ति पर यह घेराबंदी की गई है, वह उनके भाई की है, जो एक फलस्तीनी-अमेरिकी व्यवसायी हैं। उन्होंने इस पूरी घटना की शिकायत इजरायल स्थित अमेरिकी दूतावास से की थी।

## अमेरिकी राजदूत की तीखी टिप्पणी और सुरक्षा बलों से झड़प
अमेरिकी शिकायत के बाद इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने इस घटना की सार्वजनिक रूप से कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सोशल प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि परिवार को डराने और परेशान करने के उद्देश्य से की गई यह हरकत एक खौफनाक आतंकी कृत्य है, जिसकी कोई दलील नहीं दी जा सकती। उन्होंने इजरायली अधिकारियों से इन लोगों को तुरंत हटाने की मांग की।

दूसरी ओर, सुरक्षा बलों और उपद्रवियों के बीच हुई कोशिशों के दौरान भारी तनाव देखने को मिला। बुधवार को जब सुरक्षा बलों ने उपद्रवी भीड़ को हटाने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद बड़ी संख्या में लोगों ने इसका विरोध किया। इसके जवाब में इजरायली सीमा पुलिस और सैनिकों ने आंसू गैस के गोले और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। हालांकि, सुरक्षा बल भीड़ को पूरी तरह से खदेड़ने में नाकाम रहे।

## शुरुआती लापरवाही और विस्थापन का इतिहास
घटनाक्रम के शुरुआती दौर में मौके पर पहुंचे कुछ इजरायली सैनिकों को उपद्रवियों के साथ प्रार्थना करते देखा गया था, जिसे लेकर इजरायली सैन्य कमान ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही है। वर्तमान में कुसरा गांव को जाने वाले रास्ते को पूरी तरह बंद करके इसे सैन्य क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। वीडियो फुटेज में इलाके में बुलडोजर सहित कई सुरक्षा वाहन नजर आ रहे हैं, जबकि पास की एक अवैध बस्ती को ध्वस्त किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।

वेस्ट बैंक में फलस्तीनी नागरिकों के घरों पर कब्जा करने और उन्हें बेदखल करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जुलाई महीने में भी पास के जालूद गांव में एक फलस्तीनी घर को दो सप्ताह से अधिक समय तक घेरे रखा गया था। अंततः मकान मालिक वहां से भागने पर मजबूर हो गए और उस संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया, जो आज भी कायम है।

## संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े और राजनयिक गतिरोध
संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल वेस्ट बैंक में इजरायली बलों और उपद्रवियों की हिंसा में 18 बच्चों समेत 76 फलस्तीनी नागरिकों की मौत हुई है। वहीं, झड़पों और एक संदिग्ध वाहन हमले में 3 इजरायली नागरिकों की भी जान गई है। जनवरी 2023 से अब तक वेस्ट बैंक की 127 फलस्तीनी बस्तियां आंशिक या पूर्ण रूप से विस्थापित हुई हैं, जिनमें से 47 बस्तियां पूरी तरह खाली हो चुकी हैं।

वर्ष 2026 में ही हिंसा, तोड़फोड़ और बेदखली के चलते लगभग 3,800 फलस्तीनी विस्थापित हुए हैं, जिनमें से आधे बच्चे हैं। इन वैश्विक चिंताओं के बावजूद संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैन डैनन ने स्पष्ट किया कि इजरायल का इस जमीन पर ऐतिहासिक और कानूनी अधिकार है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जोर देकर कहा कि ये बस्तियां बनी रहेंगी और इनका विस्तार जारी रहेगा।

## इसका आप पर असर
- **ग्लोबल मार्केट पर असर:** पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों से क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और बाजार की धारणा पर पड़ सकता है।
- **कूटनीतिक प्रभाव:** अमेरिका और इजरायल के बीच वेस्ट बैंक की नीतियों को लेकर बढ़ता मतभेद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. कुसरा गांव में नई सैन्य तैनाती की घोषणा क्यों की गई?
वेस्ट बैंक के कुसरा गांव में दो फलस्तीनी परिवारों को घेरकर बंधक जैसा बनाने वाले इजरायली उपद्रवियों को हटाने में नाकाम रहने के बाद सेना ने अतिरिक्त बल भेजने का फैसला किया।

### 2. कुसरा में फंसे फलस्तीनी परिवारों की क्या स्थिति थी?
उपद्रवियों ने अबू रिदी और हसन परिवारों की बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी थी, जिससे उनके पास भोजन और जरूरी सामान की भारी किल्लत हो गई।

### 3. अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने इस घेराबंदी की कड़ी निंदा करते हुए इसे आतंक की खौफनाक हरकत बताया और इसमें शामिल लोगों को इजरायली आतंकवादी करार दिया।

### 4. संयुक्त राष्ट्र ने वेस्ट बैंक में हताहतों और विस्थापन के क्या आंकड़े दर्ज किए हैं?
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस साल वेस्ट बैंक में 18 बच्चों समेत 76 फलस्तीनी और 3 इजरायली मारे गए हैं, जबकि 2026 में हिंसा और बेदखली के कारण लगभग 3,800 फलस्तीनी विस्थापित हुए हैं।

### 5. संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत ने बस्तियों को लेकर क्या पक्ष रखा?
राजदूत डैन डैनन ने कहा कि इजरायल का इस भूमि पर ऐतिहासिक, धार्मिक और कानूनी अधिकार है, इसलिए ये बस्तियां बनी रहेंगी और इनका विस्तार जारी रहेगा।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._