# रियाद हवाई अड्डे पर जोरदार धमाके के बाद अफरा-तफरी, यमन संघर्ष के बीच फिर निशाना बना सऊदी अरब

> सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार धमाके की आवाज के बाद यात्रियों को बाहर निकाला गया। यमन के हूती विद्रोहियों के हालिया हमलों और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच यह ताजा घटना सामने आई है।

**Type:** article · **Category:** मध्य पूर्व · **Published:** 2026-10-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/middle-east/riyadh-havai-adde-para-joradara-dhamake-ke-bada-aphara-taphari-yemen-sngharsha-ke-bicha-phira-nishana-bana-saudi-arabia-46088 · **Language:** Hindi
**Tags:** सऊदी अरब, रियाद हवाई अड्डा, हूती विद्रोही, यमन युद्ध, किंग खालिद एयरपोर्ट, लाल सागर तनाव

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को एक भीषण धमाके की आवाज सुनाई देने के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में लोगों को वहां से बाहर निकाला गया। किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए इस कथित हमले के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्यों के लिए एक दर्जन से अधिक एंबुलेंस गाड़ियां हवाई अड्डे की ओर दौड़ती देखी गईं। इस घटना के बाद हवाई अड्डा प्रशासन ने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे परिसर के लिए रवाना होने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइनों से उड़ानों की स्थिति की पुष्टि कर लें। सऊदी अरब के अधिकारियों की तरफ से इस पूरे घटनाक्रम पर तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

## विमानन केंद्रों पर तेज होते हमले और जानी नुकसान
सऊदी अरब के हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने की यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इलाके में सैन्य टकराव तेजी से बढ़ रहा है। ठीक एक दिन पहले अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए दो अलग-अलग हमलों में एक पायलट समेत तीन सऊदी नागरिक मारे गए थे। इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर को भी सऊदी अरब के दो अलग-अलग हवाई अड्डों पर हूती गुट की ओर से हमले किए गए थे, जिनमें तीन अन्य लोगों की जान चली गई थी। लगातार हो रहे इन हमलों ने सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन और प्रमुख यात्रा केंद्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

## यमन युद्ध और संघर्ष के दोबारा भड़कने की वजह
यमन में चल रहे गृहयुद्ध के बीच सऊदी अरब समर्थित सरकारी सुरक्षा बलों और देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के अधिकांश इलाके पर नियंत्रण रखने वाले हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई हाल के दिनों में बेहद तेज हो गई है। हूती गुट का कहना है कि वे यमन की सरकारी सेना को सऊदी अरब द्वारा दिए जा रहे सैन्य व रणनीतिक समर्थन के विरोध में उसके ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। यह संघर्ष उस समय और अधिक हिंसक रूप ले चुका था जब हूती लड़ाकों ने एक तेज सैन्य अभियान चलाकर लाल सागर के कई अहम रणनीतिक तटीय इलाकों पर अपना कब्जा जमा लिया था। इन क्षेत्रों में बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य पर स्थित मोखा बंदरगाह भी शामिल था, जो वैश्विक व्यापारिक जहाजों की आवाजाही के लिए दुनिया के सबसे संकरे और बेहद संवेदनशील समुद्री रास्तों में गिना जाता है। हालांकि, बाद में यमन के सरकार समर्थक सुरक्षा बलों ने यह दावा किया था कि उन्होंने लाल सागर के दक्षिणी छोर पर मौजूद इस अहम जलडमरूमध्य को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया है।

## शांति समझौते का टूटना और समुद्री नाकेबंदी
यमन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शासन को हूती विद्रोहियों के कब्जे से बचाने और विद्रोहियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए साल 2015 में अरब देशों ने मिलकर सऊदी नेतृत्व वाले एक सैन्य गठबंधन की स्थापना की थी। इसके बाद कई वर्षों तक चले भीषण हवाई हमलों और जमीनी जंग के कारण लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और यमन दुनिया के सबसे भीषण मानवीय संकटों में घिर गया। इस तबाही के बाद साल 2022 में दोनों पक्षों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिससे कुछ समय के लिए शांति की उम्मीद जगी थी। लेकिन जुलाई के महीने में यह अनौपचारिक संघर्ष विराम पूरी तरह टूटने लगा। इसके बाद हूती गुट ने सऊदी अरब के खिलाफ एक समुद्री नाकेबंदी की घोषणा कर दी। हूतियों ने सऊदी हवाई अड्डों, तेल शोधन संयंत्रों और लाल सागर में मौजूद तेल टैंकरों पर मिसाइल व ड्रोन हमलों की नई श्रृंखला शुरू कर दी। अपने इन हमलों के पीछे हूती विद्रोहियों ने यह तर्क दिया कि वे सऊदी अरब द्वारा वर्षों से जारी रखी गई नाकेबंदी और सना हवाई अड्डे पर किए गए हवाई हमले का बदला ले रहे हैं।

## इसका आप पर असर
सऊदी अरब के प्रमुख हवाई अड्डों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा और मध्य पूर्व के हवाई मार्गों पर सीधा असर पड़ सकता है।

- **हवाई यात्रियों के लिए:** सऊदी अरब जाने या वहां से होकर गुजरने वाले यात्रियों को उड़ानों में देरी और रद्दीकरण का सामना करना पड़ सकता है। हवाई अड्डे के निर्देशों के अनुसार यात्रा पर निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान का समय जरूर जांचें।
- **वैश्विक व्यापार पर असर:** लाल सागर और बाब अल-मंदाब जैसे व्यापारिक समुद्री रास्तों पर संघर्ष बढ़ने से माल ढुलाई प्रभावित हो सकती है। शिपिंग में रुकावट आने से आयातित सामानों की आपूर्ति और लागत पर दबाव पड़ सकता है।
- **प्रवासी कामगारों के लिए:** खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी सतर्कता बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा दिशा-निर्देशों और यात्रा प्रतिबंधों पर नजर रखना आवश्यक है।
- **ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र:** तेल शोधन संयंत्रों और टैंकरों पर संभावित हमलों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अस्थिरता बढ़ सकती है। यह स्थिति आने वाले दिनों में ईंधन की वैश्विक कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह हमला यमन में सरकार समर्थक सुरक्षा बलों और हूती विद्रोहियों के बीच टूटे युद्धविराम और लाल सागर के रणनीतिक व्यापारिक गलियारों पर नियंत्रण की जंग का सीधा परिणाम है।

- **युद्धविराम का टूटना:** साल 2022 में हुआ अस्थायी युद्धविराम जुलाई में समाप्त होने लगा जब हूती गुट ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की। हूतियों ने दावा किया कि यह कदम लंबे समय से जारी नाकेबंदी और सना हवाई अड्डे पर हुए हवाई हमले के जवाब में उठाया गया है।
- **सऊदी अरब की सैन्य भूमिका:** सऊदी अरब 2015 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का समर्थन करने वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है। हूती विद्रोही इसी सैन्य और रणनीतिक समर्थन को रोकने के लिए सऊदी बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं।
- **लाल सागर और व्यापारिक रास्तों पर नियंत्रण:** हूतियों द्वारा बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य और मोखा बंदरगाह की ओर बढ़त बनाने के बाद दोनों पक्षों के बीच सीधे टकराव में तेजी आई। इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर दोनों खेमों में हिंसक संघर्ष दोबारा भड़क उठा।

## सवाल-जवाब

### 1. शनिवार को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर क्या हुआ?
हवाई अड्डे पर एक तेज धमाके की आवाज सुनाई देने के बाद परिसर को तुरंत खाली कराया गया और एक दर्जन से अधिक एंबुलेंस मौके की ओर भेजी गईं।

### 2. क्या इस घटना को लेकर सऊदी अधिकारियों ने कोई आधिकारिक बयान दिया है?
सऊदी अधिकारियों ने इस घटना पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि हवाई अड्डे ने यात्रियों को अपनी एयरलाइनों से संपर्क करने को कहा।

### 3. हाल के हूती हमलों में कितने लोगों की मौत हुई है?
इस घटना से एक दिन पहले दो हमलों में एक पायलट सहित तीन सऊदी नागरिक मारे गए थे, जबकि 6 और 7 अक्टूबर को दो हवाई अड्डों पर हुए हमलों में भी तीन लोगों की जान गई थी।

### 4. हूती विद्रोही सऊदी अरब के हवाई अड्डों को निशाना क्यों बना रहे हैं?
हूतियों का कहना है कि वे यमन के गृहयुद्ध में सरकारी बलों को सऊदी अरब द्वारा दिए जा रहे समर्थन और कथित नाकेबंदी का बदला लेने के लिए ये हमले कर रहे हैं।

### 5. यमन में सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन कब बनाया गया था?
यह गठबंधन साल 2015 में अरब देशों द्वारा हूती विद्रोहियों को यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को हटाने से रोकने के लिए बनाया गया था।

### 6. यमन में युद्धविराम कब हुआ था और यह दोबारा कब टूटने लगा?
वर्षों की जंग के बाद 2022 में एक अस्थायी युद्धविराम तय हुआ था, लेकिन जुलाई में हूती गुट द्वारा नाकेबंदी की घोषणा के बाद यह अनौपचारिक संघर्ष विराम टूटने लगा।

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