{
  "type": "article",
  "title": "रियाद हवाई अड्डे पर लगातार दूसरे दिन हमला, यात्री टर्मिनल में लगी आग",
  "summary": "सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 48 घंटों के भीतर दूसरा हमला हुआ है, जिससे पैसेंजर हॉल में आग लग गई और कई लोग घायल हुए हैं।",
  "content": "सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लगातार दूसरे दिन हवाई हमले का निशाना बनाया गया है। रविवार को हुए इस ताजा हमले में हवाई अड्डे के पैसेंजर हॉल नंबर 4 में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए आपातकालीन दस्तों को तैनात किया गया। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने इस घटना में कई लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। इससे ठीक एक दिन पहले शनिवार को इसी हवाई अड्डे पर हुए भीषण हमले में 13 लोगों की जान चली गई थी और 308 अन्य जख्मी हुए थे। सप्ताह के शुरुआती दिनों में भी ऐसे ही हमले देखे गए थे, जिसके बाद रियाद के मुख्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा केंद्र पर संकट गहरा गया है।\n\nहमले की जिम्मेदारी और यमन से जारी नई चेतावनी\nयमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों व आम मुसाफिरों को सऊदी अरब के हवाई अड्डों तथा हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल न करने की सख्त चेतावनी दी है। समूह का दावा है कि पिछले 24 घंटों के दौरान उन्होंने सऊदी अरब के ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों के जरिए समन्वित हमले किए हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी के अनुसार, रियाद के अलावा सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित तेल प्रतिष्ठानों और दम्माम हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया गया है।\n\nब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने सऊदी अरब के भीतरी इलाकों में हमलों के सिलसिले को और तेज करने का संकल्प जताया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि मक्का और मदीना के पवित्र शहरों को छोड़कर सऊदी अरब के सभी हवाई अड्डे उनके संभावित लक्ष्यों की सूची में शामिल हैं। हूती संगठन का कहना है कि वे यमन के गृहयुद्ध में सऊदी अरब द्वारा सरकारी बलों को दिए जा रहे समर्थन और यमन की राजधानी सना के हवाई अड्डे पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में यह कार्रवाई कर रहे हैं।\n\nहवाई सुरक्षा तंत्र और टर्मिनल परिसर का नुकसान\nसऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने रविवार को जानकारी दी कि हवाई सुरक्षा बलों ने रियाद हवाई अड्डे के पास एक मिसाइल को सफलतापूर्वक मार गिराया। हालांकि, एक अज्ञात प्रक्षेप्य पैसेंजर हॉल नंबर 4 से टकरा गया, जिससे वहां भीषण आग भड़क उठी और प्रशासन को राहत व बचाव कार्य में जुटना पड़ा। 8 अक्टूबर को किंग खालिद हवाई अड्डे के परिसर से काले धुएं के गुबार और लपटें उठती देखी गई थीं।\n\nशनिवार को हुआ हमला खाड़ी अरब देशों में फरवरी में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे घातक हमला साबित हुआ है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इसे युद्ध अपराध करार देते हुए कड़ा जवाब देने की प्रतिबद्धता दोहराई है। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के ब्योरे के मुताबिक शनिवार के मृतकों में सऊदी अरब के 4 नागरिक, बांग्लादेश के 2 नागरिक और अमेरिका, जॉर्डन, फलस्तीन, सीरिया, सूडान तथा मिस्र का 1-1 नागरिक शामिल था। इसके अलावा सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को बताया कि हमले में घायल हुए एक भारतीय नागरिक ने भी दम तोड़ दिया है।\n\nवैश्विक प्रतिक्रियाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल\nइस हमले पर दुनिया भर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका हूतियों पर जवाबी हमला करने या न करने को लेकर बहुत जल्द फैसला करेगा और तेजी से कदम उठाएगा। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए हमले में एक अमेरिकी नागरिक के मारे जाने की पुष्टि की। ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने इस घटना पर गहरा क्षोभ जताया, जबकि ब्रिटेन के रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने संकेत दिया कि उनका देश संभावित तौर पर सऊदी अरब को अतिरिक्त सैन्य सहायता दे सकता है।\n\nब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने अपने नागरिकों को सऊदी अरब के कुछ हिस्सों, विशेष रूप से यमन सीमा के 10 किलोमीटर (6.2 मील) के दायरे में यात्रा न करने की सलाह जारी की है। कई अन्य पश्चिमी दूतावासों ने भी इस इलाके में अपने नागरिकों के लिए यात्रा चेतावनियां जारी की हैं। दूसरी ओर, हूती नियंत्रित अल मसीराह टीवी का दावा है कि सऊदी बलों ने यमन की राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई हमला किया है। हालांकि सऊदी अरब ने इस दावे की कोई पुष्टि नहीं की है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के उप राष्ट्रपति अब्दुल्ला अल-अलीमी बावाजीर ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से हूतियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की अपील की है।\n\nसंघर्ष का दायरा और क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि\nहिंसा का यह नया दौर उस समय शुरू हुआ है जब 2022 में दोनों पक्षों के बीच हुआ अस्थायी युद्धविराम जुलाई में पूरी तरह टूट गया। लाल सागर के रणनीतिक तटीय क्षेत्रों पर हूतियों के अचानक कब्जे के बाद स्थिति और बिगड़ गई थी, जिसके चलते सऊदी गठबंधन ने जवाबी हवाई हमले किए थे। हालांकि बाद में यमन के सरकार समर्थक बलों ने उन तटीय इलाकों को वापस अपने नियंत्रण में लेने की बात कही थी।\n\nवर्तमान में हूती यमन के लगभग एक चौथाई भूभाग और देश की करीब 80 प्रतिशत आबादी पर नियंत्रण रखते हैं। ईरान समर्थित यह सशस्त्र समूह पूरे यमन पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की मंशा रखता है। वहीं सऊदी अरब को आशंका है कि पूरे यमन पर हूतियों के काबिज होने से उसकी दक्षिणी सीमा पर एक ईरानी प्रभाव वाला उपग्रह राज्य स्थापित हो जाएगा, जिससे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था स्थायी खतरे में पड़ जाएगी।\n\nइसका आप पर असर\nरियाद हवाई अड्डे पर लगातार हमलों और हूतियों की धमकियों का सीधा असर खाड़ी क्षेत्र की उड़ानों, तेल आपूर्ति और वहां रहने वाले लाखों प्रवासी कामगारों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।\n\n• हवाई यात्रा पर प्रभाव: सऊदी अरब जाने वाली उड़ानों के रूट बदले जा सकते हैं या टिकटों के दाम बढ़ सकते हैं। खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी उड़ानों की स्थिति पहले से जांचने और हवाई अड्डों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।\n• प्रवासी कामगारों की सुरक्षा: सऊदी अरब में काम करने वाले लाखों भारतीय और एशियाई कामगारों के कार्यस्थलों और आवासीय क्षेत्रों पर सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रवासियों को स्थानीय दूतावासों की सुरक्षा एडवाइजरी और आपातकालीन दिशा-निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए।\n• वैश्विक तेल और ईंधन कीमतें: सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों के खतरे से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है। कच्चे तेल के महंगे होने पर आने वाले दिनों में ईंधन की लागत और परिवहन खर्च बढ़ सकता है।\n• वीजा और यात्रा प्रतिबंध: पश्चिमी देशों द्वारा जारी नई यात्रा चेतावनियों के चलते खाड़ी क्षेत्र की व्यावसायिक यात्राओं पर असर पड़ सकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों या सऊदी अरब की यात्रा करने वालों को वीजा और यात्रा बीमा शर्तों की समीक्षा करनी होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसऊदी अरब पर ताजा हमले 2022 के युद्धविराम के टूटने और यमन में तटीय नियंत्रण को लेकर दोबारा शुरू हुए सीधे सैन्य टकराव का परिणाम हैं।\n\n• युद्धविराम की विफलता: संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से 2022 में हुआ अस्थायी समझौता जुलाई में पूरी तरह समाप्त हो गया था। दोनों पक्षों के बीच वार्ता रुकने के बाद सीमा पार मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला फिर तेज हो गया।\n• लाल सागर का नियंत्रण: हूतियों द्वारा लाल सागर के महत्वपूर्ण तटीय इलाकों पर अचानक कब्जा करने के बाद सऊदी गठबंधन ने हवाई हमले शुरू किए थे। हालांकि सरकार समर्थक बलों ने इलाके वापस ले लिए, लेकिन दोनों गुटों में सैन्य संघर्ष अनियंत्रित हो गया।\n• सना हवाई अड्डे पर कथित हमला: हूतियों ने दावा किया है कि सऊदी गठबंधन ने यमन की राजधानी सना के हवाई अड्डे पर बमबारी की थी। हूती नेतृत्व ने अपने जवाबी हमलों को सीधे तौर पर इस कथित बमबारी का बदला बताया है।\n• क्षेत्रीय तनाव का विस्तार: फरवरी में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े व्यापक संघर्ष ने पूरे क्षेत्र के सशस्त्र समूहों को सक्रिय कर दिया है। इस भू-राजनीतिक तनाव ने यमन के गृहयुद्ध को व्यापक खाड़ी सुरक्षा संकट में तब्दील कर दिया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रियाद हवाई अड्डे पर ताजा हमले में क्या नुकसान हुआ?\nरविवार को एक अज्ञात प्रक्षेप्य के गिरने से किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पैसेंजर हॉल नंबर 4 में आग लग गई और कई लोग घायल हुए।\n\n2. शनिवार को हुए हमले में कितने लोगों की मौत हुई थी?\nशनिवार के हमले में 13 लोगों की जान चली गई थी और 308 लोग घायल हुए थे, जिनमें सऊदी अरब, बांग्लादेश, अमेरिका और भारत सहित कई देशों के नागरिक शामिल थे।\n\n3. हमले की जिम्मेदारी किस संगठन ने ली है?\nयमन के हूती संगठन ने हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया है।\n\n4. हूतियों ने किन स्थानों को हमलों के दायरे से बाहर रखा है?\nहूतियों ने कहा है कि मक्का और मदीना के पवित्र शहरों को छोड़कर सऊदी अरब के सभी हवाई अड्डे उनके संभावित निशाने पर हैं।\n\n5. अमेरिका और ब्रिटेन ने इस घटना पर क्या रुख अपनाया है?\nअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जवाबी कार्रवाई पर जल्द फैसला लिया जाएगा, जबकि ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ने सऊदी अरब को अतिरिक्त समर्थन देने की संभावना जताई है।",
  "url": "https://trendkia.com/middle-east/riyadh-havai-adde-para-lagatara-dusare-dina-hamala-yatri-tarminala-men-lagi-aga-46582",
  "category": "मध्य पूर्व",
  "publishedAt": "2026-10-11",
  "tags": [
    "रियाद",
    "हूती हमला",
    "सऊदी अरब",
    "किंग खालिद एयरपोर्ट",
    "यमन संघर्ष",
    "मध्य पूर्व तनाव"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}