# सऊदी अरब में अरामको मुख्यालय पर हूती मिसाइल हमला, यमन ईंधन डिपो पर बमबारी के बाद भड़का तनाव

> यमन के सना स्थित तेल डिपो पर गठबंधन के हमलों के बाद हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के धहरान में अरामको के मुख्यालय को निशाना बनाया, जिससे प्रशासनिक इमारत में आग लग गई और रियाद में मलबा गिरने से चार लोग घायल हो गए।

**Type:** article · **Category:** मध्य पूर्व · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/middle-east/saudi-arabia-men-aramco-mukhyalaya-para-houthi-misaila-hamala-yemen-indhana-dipo-para-bamabari-ke-bada-bharaka-tanava-47475 · **Language:** Hindi
**Tags:** सऊदी अरामको, हूती विद्रोही, यमन संघर्ष, सऊदी अरब, धहरान हमला, कच्चा तेल, मध्य पूर्व

खाड़ी क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष अचानक उस समय बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया जब यमन के हूती आंदोलन ने सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के प्रशासनिक परिसर पर मिसाइल हमला किया। पूर्वी शहर धहरान में स्थित मुख्यालय परिसर में आधी रात के वक्त हुए इस प्रहार से एक प्रशासनिक इमारत में आग लग गई। यह हमला सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा यमन की राजधानी सना के पास स्थित एक तेल भंडारण केंद्र को निशाना बनाए जाने के तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई के रूप में सामने आया है।

## धहरान में अरामको कार्यालय पर सीधे प्रहार का दावा
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि धहरान में अरामको के मुख्यालय स्थित एक प्रशासनिक भवन पर हमला होने से सीमित आग भड़क उठी, हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। एक सूत्र के अनुसार, बैलिस्टिक मिसाइल कंपनी के मुख्यालय परिसर में स्थित एक कार्यालय टॉवर से टकराई, जिससे उसकी ऊपरी तीन मंजिलों को व्यापक नुकसान पहुंचा। सऊदी रक्षा बलों ने कहा कि धहरान की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया गया था, मगर उसका मलबा घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में जा गिरा।

## रियाद में मिसाइल मलबे से नागरिक हताहत और संपत्ति का नुकसान
हमलों का दायरा सिर्फ धहरान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सऊदी राजधानी रियाद सहित कई अन्य शहरों को भी निशाना बनाया गया। नागरिक सुरक्षा सामान्य निदेशालय के अधिकारियों ने जानकारी दी कि रियाद में हवा में मार गिराई गई दो क्रूज मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से चार नागरिक घायल हो गए, जिनमें दो महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं। इसके साथ ही शहर के करीब 15 रिहायशी मकानों को भी सीमित भौतिक नुकसान पहुंचा है। सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि अल-खारज, हराध और देश के दक्षिणी इलाकों की ओर छोड़े गए कई ड्रोनों और मिसाइलों को सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक रोककर निष्क्रिय कर दिया।

## हूती सैन्य प्रवक्ता की और हमलों की खुली चेतावनी
बुधवार सुबह हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन हमलों की जिम्मेदारी ली। प्रवक्ता ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने धहरान में अरामको मुख्यालय, रियाद स्थित एक अरामको रिफाइनरी और राजधानी के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों से समन्वित हमले किए। प्रवक्ता ने सऊदी अरब के भीतरी इलाकों में आगे भी इसी प्रकार के हमले जारी रखने की खुली धमकी दी और कहा कि आने वाले दिनों में सऊदी हवाई अड्डों और तेल सुविधाओं को निशाना बनाने के अभियान बदस्तूर जारी रहेंगे।

## यमन के तेल ठिकानों पर गठबंधन की कार्रवाई और नागरिक नुकसान
हूती विद्रोहियों की ओर से यह तीव्र प्रतिक्रिया मंगलवार दोपहर यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के जोरदार हवाई हमलों के बाद आई है। हूती संचालित मीडिया के अनुसार, गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने सना के पश्चिमी बाहरी इलाके में स्थित यमन पेट्रोलियम कंपनी के अल-सबाहा सेंट्रल स्टेशन और लाल सागर तट पर हुदैदाह बंदरगाह शहर के उत्तर में स्थित रास ईसा तेल टर्मिनल को निशाना बनाया। हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की कि रास ईसा हमले में दो नागरिकों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिमी जिले शमायातीन में एक सऊदी हवाई हमले में एक महिला की जान चली गई, जबकि सऊदी सीमा के निकट उत्तर-पश्चिमी जिले शादा में तोपखाने की गोलाबारी में दो नागरिकों की मौत दर्ज की गई।

## ईंधन की किल्लत की आशंका और प्रशासन की प्रतिक्रिया
अल-सबाहा तेल डिपो पर बमबारी से पहले गठबंधन ने आम नागरिकों को उस इलाके को खाली करने की दुर्लभ अग्रिम चेतावनी दी थी, जिसे उन्होंने एक विशेष सैन्य अभियान करार दिया। इस चेतावनी के जारी होते ही राजधानी सना के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्थानीय निवासियों में ईंधन संकट की गंभीर चिंता फैल गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हूती संचालित यमन पेट्रोलियम कंपनी ने बयान जारी कर जनता को आश्वस्त किया कि प्रभावित केंद्र में पेट्रोलियम उत्पादों का कोई सक्रिय स्टॉक मौजूद नहीं था। कंपनी ने यह भी कहा कि आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनाए रखने और नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती उपाय पहले ही लागू कर दिए गए हैं।

## सैन्य गठबंधन का रणनीतिक रुख और वैश्विक चिंताएं
सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने अल-सबाहा और अन्य ठिकानों पर हमलों को जायज ठहराते हुए कहा कि इन सुविधाओं का इस्तेमाल हूती मिलिशिया द्वारा सैन्य और आतंकी गतिविधियों को ईंधन देने के लिए किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि मिलिशिया इन स्थलों का उपयोग सऊदी अरब, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा बनने वाले मिसाइलों और ड्रोनों के जखीरे को संचालित करने के लिए कर रही थी। इस बीच सऊदी कैबिनेट ने, जिसकी अध्यक्षता क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने की, कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की कि हूती समूह को अपने हालिया हमलों के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसमें शनिवार को रियाद हवाई अड्डे पर हुआ वह मिसाइल हमला भी शामिल है जिसमें 13 लोगों की जान चली गई थी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भी बढ़ते तनाव पर चिंता जाहिर करते हुए चेताया कि इस संघर्ष का दुनिया भर के सभी पक्षों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

## लाल सागर में गहराता संकट और दशकों पुराना गृहयुद्ध
यमन का यह विनाशकारी गृहयुद्ध 2014 में शुरू हुआ था, जब हूती लड़ाकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को राजधानी सना से बेदखल कर दिया था। इसके बाद 2015 में अरब देशों के सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सरकार को बहाल करने के मकसद से सीधा सैन्य हस्तक्षेप किया। करीब चार साल तक चला अनौपचारिक युद्धविराम उस वक्त टूटने लगा जब जुलाई में हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान करते हुए हवाई अड्डों, तेल टैंकरों और रिफाइनरियों पर हमले शुरू कर दिए। हूतियों का कहना है कि वे अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों की सऊदी नाकेबंदी और सना हवाई अड्डे पर हुए हवाई हमलों का बदला ले रहे हैं। सितंबर में जब हूतियों ने वैश्विक समुद्री व्यापार के महत्वपूर्ण चोकपॉइंट बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के पास लाल सागर तट के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया, तो तनाव चरम पर पहुंच गया। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छह महीने के युद्ध के बाद इस घटनाक्रम ने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हूती बेहद खराब आचरण कर रहे हैं और जानबूझकर तेल की कीमतें बढ़ाने की कोशिश में हैं।

## विनाशकारी मानवीय संकट और भुखमरी की ओर बढ़ता देश
इस निरंतर बढ़ती सैन्य तनातनी की सबसे भारी कीमत यमन के निर्दोष नागरिकों को चुकानी पड़ रही है। पिछले सप्ताह ही सरकारी समर्थक बलों ने सऊदी हवाई हमलों की मदद से एक बड़ा जवाबी हमला कर बाब अल-मंदाब के नजदीकी इलाकों पर फिर से नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया था। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त से अब तक यमन में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें कम से कम 54 नागरिक शामिल हैं और इनमें से आधे मासूम बच्चे थे। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी उजागर किया है कि देश भर में 2,16,000 से अधिक लोग बेघर होकर विस्थापित हो चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं के ध्वस्त होने से मात्र तीन हफ्तों के भीतर हैजे के संदिग्ध मामलों की संख्या तिगुनी हो गई है, जो 217 से उछलकर सीधे 647 तक पहुंच गई है।

## इसका आप पर असर
खाड़ी क्षेत्र में तेल प्रतिष्ठानों और जहाजरानी मार्गों पर हमलों के चलते अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता और ईंधन की कीमतों पर असर पड़ सकता है।

- **ईंधन और ऊर्जा कीमतें:** दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक केंद्र पर हमलों से वैश्विक कच्चे तेल के भाव में उछाल आ सकता है। पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ने से दैनिक परिवहन और माल ढुलाई की लागत प्रभावित हो सकती है।
- **हवाई यात्रा और सुरक्षा:** रियाद के हवाई अड्डे और आसपास के क्षेत्रों में मिसाइल हमलों के खतरे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग बदल सकते हैं। खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों को उड़ानों में देरी या अतिरिक्त सुरक्षा जांच का सामना करना पड़ सकता है।
- **विदेशी कामगार और प्रवासी सुरक्षा:** सऊदी अरब में काम करने वाले लाखों एशियाई और भारतीय कामगारों के लिए कार्यस्थल और आवासीय सुरक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। रिहायशी इलाकों में मिसाइल मलबा गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रवासियों को स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करना होगा।
- **वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला:** लाल सागर और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में जहाजों पर बढ़ते जोखिम से समुद्री माल ढुलाई महंगी हो सकती है। इसके कारण आयातित वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं और सामान पहुंचने में अधिक समय लग सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह हमला यमन में सऊदी गठबंधन के ताजा हवाई हमलों के सीधे जवाब में किया गया, जिसने दोनों पक्षों के बीच पहले से कमजोर हो चुके युद्धविराम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई के पीछे लंबे समय से चली आ रही सैन्य घेराबंदी और रणनीतिक नियंत्रण की होड़ प्रमुख कारण है।

- **यमन के ईंधन ठिकानों पर बमबारी:** सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सना में यमन पेट्रोलियम कंपनी के अल-सबाहा डिपो और रास ईसा टर्मिनल पर घातक हवाई हमले किए थे। हूती नेतृत्व ने इसे अपनी आर्थिक रीढ़ पर सीधा हमला मानते हुए तुरंत भीषण जवाबी कार्रवाई की घोषणा की।
- **चार साल पुराने युद्धविराम का टूटना:** जुलाई में हूतियों द्वारा सऊदी अरब पर समुद्री नाकेबंदी की घोषणा के साथ ही अनौपचारिक संघर्ष विराम समाप्त हो गया था। हूतियों का आरोप है कि सऊदी गठबंधन सना हवाई अड्डे पर हमले कर रहा है और उनके क्षेत्रों की आर्थिक नाकेबंदी जारी रखे हुए है।
- **बाब अल-मंदाब पर नियंत्रण की जंग:** सितंबर में हूतियों ने वैश्विक तेल व्यापार के प्रमुख समुद्री रास्ते बाब अल-मंदाब के निकटवर्ती इलाकों पर कब्जा कर लिया था। गठबंधन समर्थित बलों द्वारा इस इलाके को वापस छीनने के लिए चलाए गए जवाबी अभियान ने संघर्ष को अत्यधिक हिंसक बना दिया।
- **व्यापक क्षेत्रीय तनाव का असर:** अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले छह महीनों से चले आ रहे सैन्य तनाव ने स्थानीय गुटों को अधिक आक्रामक बना दिया है। ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की हूती रणनीति ने इस सैन्य टकराव को और भड़का दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. धहरान में अरामको के किस हिस्से पर हमला हुआ?
बैलिस्टिक मिसाइल अरामको के मुख्यालय परिसर में स्थित एक कार्यालय भवन से टकराई, जिससे सीमित आग लगी और इमारत की ऊपरी तीन मंजिलों को नुकसान पहुंचा।

### 2. रियाद में कितने लोग घायल हुए और क्या नुकसान हुआ?
रियाद में हवा में नष्ट की गई क्रूज मिसाइलों के मलबे से दो महिलाओं, एक पुरुष और एक बच्चे सहित चार लोग घायल हुए, जबकि 15 मकानों को नुकसान पहुंचा।

### 3. हूतियों ने इस हमले की क्या वजह बताई?
हूतियों ने कहा कि यह हमला यमन पेट्रोलियम कंपनी के सना स्थित अल-सबाहा ईंधन डिपो और रास ईसा टर्मिनल पर सऊदी हवाई हमलों के जवाब में किया गया।

### 4. यमन में मानवीय स्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने क्या आंकड़े दिए हैं?
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अगस्त से अब तक कम से कम 54 नागरिक मारे गए हैं, 2,16,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं और हैजे के मामले 217 से बढ़कर 647 हो गए हैं।

### 5. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले पर क्या रुख अपनाया?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हूती जानबूझकर तेल की कीमतें बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने इस मामले में तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन से हस्तक्षेप की अपील करने का संकेत दिया।

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