होर्मुज के पास अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन कब्जे में लेने का ईरान का दावा, पेंटागन ने बताई तकनीकी खराबी; जॉर्डन में सैन्य ठिकाने पर दागीं मिसाइलें पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष गहराने के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य के मुहाने पर अमेरिकी ड्रोन Dive-LD को पकड़ने और जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस पर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। उधर अमेरिका के पेंटागन ने ड्रोन के कब्जे की बात नकारते हुए उसे खराबी के कारण निष्क्रिय होना बताया है, जबकि अमेरिकी सेना ने इससे पहले ईरान के पांच तेल टैंकर तबाह कर दिए थे। पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों और सैन्य ठिकानों पर अमेरिका और ईरान के बीच हिंसक टकराव एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के समीप अमेरिकी सेना का एक अत्याधुनिक मानवरहित अंडरवॉटर ड्रोन कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही ईरानी सेना ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी वायु सेना के ठिकाने पर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का ऐलान भी किया। हालांकि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने ईरान के इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि संबंधित समुद्री वाहन किसी सैन्य कार्रवाई में पकड़ा नहीं गया, बल्कि तकनीकी खराबी के चलते समुद्र में काम करना बंद कर चुका था। यह पूरी सैन्य खींचतान अमेरिकी बल द्वारा ईरान के पांच वाणिज्यिक तेल टैंकरों पर किए गए बड़े हमलों के तुरंत बाद देखने को मिली है। जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस पर मिसाइल हमला और रक्षा प्रणालियों की कार्रवाई ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के माध्यम से जारी बयान में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पुष्टि की कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी एयर बेस को निशाना बनाकर एक 'दंडात्मक सैन्य अभियान' चलाया। इस हमले के दौरान भारी बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया। ईरानी सैन्य कमान ने कहा कि यह कार्रवाई हालिया अमेरिकी आक्रामकता का सीधा जवाब है। दूसरी ओर जॉर्डन की सशस्त्र सेना ने हमले के संबंध में आधिकारिक विवरण साझा करते हुए बताया कि उनके आधुनिक एयर डिफेंस नेटवर्क ने खतरे को समय रहते पहचान लिया था। जॉर्डन के रक्षा अधिकारियों के अनुसार, रडार प्रणालियों ने कुल 20 आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों की आवाजाही दर्ज की। सतर्कता दिखाते हुए हवाई रक्षा प्रणाली ने तुरंत कार्रवाई की और 18 मिसाइलों को हवा में ही सफलतापूर्वक मार गिराया। बाकी बची 2 मिसाइलें आवासीय बस्तियों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों से काफी दूर एक निर्जन, खाली इलाके में जा गिरीं, जिससे किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। ओमान और फारस की खाड़ी में अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी टैंकरों पर हमले मिसाइल हमलों और ड्रोन घटनाक्रम से ठीक एक दिन पहले, मंगलवार 8 सितंबर को अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़ी नौसैनिक कार्रवाई को अंजाम दिया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी वायु और नौसैनिक बलों ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से संबंध रखने वाले कुल पांच तेल टैंकरों को मिसाइल हमलों से निशाना बनाकर तबाह कर दिया। इन हमलों का ब्योरा देते हुए अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने बताया कि चार टैंकर ओमान की खाड़ी में कच्चे तेल का परिवहन कर रहे थे, जब उन्हें निशाना बनाया गया। वहीं पांचवें टैंकर को फारस की खाड़ी के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप के नजदीक नष्ट किया गया। पेंटागन और सेन्टकॉम का कहना है कि यह सख्त कदम पिछले 48 घंटों के दौरान अमेरिकी नौसेना के एक प्रमुख युद्धपोत पर ईरान की ओर से किए गए सिलसिलेवार मिसाइल हमलों के जवाब में उठाना जरूरी हो गया था। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ईरान को सख्त चेतावनी दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैरनक्विला शहर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए ईरान की सैन्य गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाया। रुबियो ने सार्वजनिक मंच से तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाने की हर कोशिश का करारा जवाब दिया जाएगा। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मार्को रुबियो ने कहा, "ईरान लगातार अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। जब भी वे ऐसा करेंगे या ऐसा करने की कोशिश करेंगे, अमेरिका उनके टैंकरों को निशाना बनाएगा।" विदेश मंत्री के इस तीखे बयान से यह साफ हो गया है कि वाशिंगटन जलमार्गों में अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए ईरानी आर्थिक व सैन्य संपत्तियों पर आगे भी हमले जारी रखने से पीछे नहीं हटेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य में मानवरहित ड्रोन Dive-LD के दावे और उसकी क्षमताएं इसी बीच समुद्र के भीतर जारी तनाव के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने दावा किया कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के मुहाने पर अमेरिकी सेना के एक आधुनिक मानवरहित सबमरीन जैसा उपकरण बरामद किया है। ईरानी सरकारी मीडिया में इस उपकरण का नाम Dive-LD बताया गया। यह स्वायत्त उपकरण कैलिफोर्निया स्थित अमेरिकी रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी Anduril द्वारा निर्मित एक विशाल ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने उपकरण की बरामदगी पर कहा, "हमने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर अमेरिकी सेना की सबसे आधुनिक, बुद्धिमान और मानवरहित पनडुब्बियों में से एक को पकड़ लिया है।" निर्माता कंपनी Anduril के तकनीकी विनिर्देशों के अनुसार, लगभग 19 फीट लंबाई वाला Dive-LD कई जटिल समुद्री मिशनों को अंजाम देने में सक्षम है। इसमें समुद्र के भीतर बिछाई गई बारूदी सुरंगों का पता लगाना और उन्हें निष्क्रिय करना, समुद्री तलहटी का त्रिआयामी नक्शा तैयार करना, गोपनीय सैन्य सूचनाएं जुटाना शामिल है। इसके अलावा यह पानी के नीचे बिछी अंतरराष्ट्रीय संचार केबल और तेल-गैस पाइपलाइनों जैसे अति-संवेदनशील बुनियादी ढांचे की निगरानी करने की भी क्षमता रखता है। पेंटागन की प्रतिक्रिया: ईरान का दावा खारिज, तकनीकी खराबी की बात कही ईरान द्वारा ड्रोन पर कब्जा करने के दावों को अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने सिरे से खारिज करते हुए वस्तुस्थिति स्पष्ट की है। पेंटागन के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि संबंधित अंडरवॉटर ड्रोन किसी ईरानी सैन्य अभियान में जब्त नहीं हुआ है, बल्कि घटना से एक दिन से भी अधिक समय पहले इसमें आई यांत्रिक व तकनीकी खराबी के कारण यह काम करना बंद कर चुका था और पानी में बह गया था। पेंटागन अधिकारी के अनुसार, यह मानवरहित वाहन उस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नियमित निगरानी गतिविधियों और अमेरिकी नौसैनिक अभियानों की सहायता में तैनात था। प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि पानी में बंद पड़ा यह उपकरण एक पुराना मॉडल संस्करण था, जिसमें कोई भी संवेदनशील खुफिया जानकारी एकत्र करने वाली तकनीक, गोपनीय सोनार प्रणाली या उच्च स्तरीय रडार उपकरण मौजूद नहीं थे। इस तरह पेंटागन ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें इस वाहन को अमेरिका की अत्यंत गोपनीय तकनीक के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा था। इसका आप पर असर यह खबर आपके लिए क्यों महत्वपूर्ण है: • भारत में प्रभाव: होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत का 80% कच्चे तेल का आयात गुजरता है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से भारत में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं। • वैश्विक बाजार में प्रभाव: समुद्री मार्गों पर हमले से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें अचानक उछल सकती हैं, जिससे वैश्विक शिपिंग और लॉजिस्टिक्स भाड़ा महंगा होगा। • विमानन व यात्रा पर असर: मध्य पूर्व के हवाई क्षेत्रों में सैन्य मिसाइल गतिविधियों के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट बदले जा सकते हैं, जिससे यात्रा समय और हवाई किराए में बढ़ोतरी संभव है। • निवेश व शेयर बाजार: भू-राजनीतिक अस्थिरता के चलते वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह सैन्य टकराव क्यों हुआ: • युद्धपोत पर हमले का जवाब: अमेरिका ने दावा किया कि पिछले 48 घंटों में उसकी नौसेना के युद्धपोत पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में ही 5 ईरानी तेल टैंकरों को तबाह किया गया। • ईरानी जवाबी कार्रवाई: तेल टैंकरों के नुकसान के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी अल-अजराक एयर बेस पर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर बदला लेने की कोशिश की। • तकनीकी खराबी व ड्रोन बरामदगी: समुद्र में गश्त कर रहा अमेरिकी Dive-LD ड्रोन यांत्रिक खराबी के कारण बंद हो गया, जिसके बाद ईरान ने इसे अपने सैन्य कब्जे का रूप देकर पेश किया। सवाल-जवाब 1. ईरान ने किस स्थान पर अमेरिकी ड्रोन पकड़ने का दावा किया है? ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास अमेरिकी ड्रोन को पकड़ने का दावा किया है। 2. पेंटागन ने ड्रोन घटनाक्रम पर क्या सफाई दी है? पेंटागन ने कहा कि ड्रोन किसी सैन्य कार्रवाई में नहीं पकड़ा गया, बल्कि तकनीकी खराबी के कारण एक दिन पहले ही काम करना बंद कर चुका था और वह एक पुराना मॉडल था। 3. अमेरिका ने ईरान के कितने तेल टैंकरों को तबाह किया? अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी में IRGC से जुड़े कुल 5 ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया। 4. जॉर्डन में हुए मिसाइल हमले में क्या नुकसान हुआ? जॉर्डन के एयर डिफेंस ने 20 में से 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि 2 मिसाइलें खाली इलाके में गिरीं जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। https://trendkia.com/middle-east/strait-of-hormuz-ke-pasa-us-underwater-drone-kabje-men-lene-ka-iran-ka-dava-pentagon-ne-batai-takaniki-kharabi-jordan-men-sainya-t-30098 TrendKia — Har trend, sabse pehle.