होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमला, 2 नाविक लापता और 23 को बचाया गया होर्मुज जलडमरूमध्य में पनामा के ध्वज वाले तेल टैंकर एल गैया पर हमले के बाद आग लग गई, जिससे चालक दल के दो सदस्य लापता हो गए हैं और तेईस अन्य को सुरक्षित निकाल लिया गया है। ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने पुष्टि की है कि रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक तेल टैंकर पर हमला हुआ है। इस घटना के बाद पनामा के ध्वज तले संचालित तेल टैंकर एल गैया के इंजन कक्ष में भीषण आग लग गई। पोत पर सवार चालक दल के सदस्यों में से 23 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि दो नाविक अभी भी लापता हैं। मंगलवार को क्षतिग्रस्त पोत को ओमान के एक बंदरगाह की ओर खींचकर ले जाया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला मुसंदम प्रायद्वीप से 1.3 समुद्री मील यानी लगभग 2.4 किलोमीटर उत्तर में हुआ। घटना के कारणों पर परस्पर विरोधी दावे इस हमले को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल के बीच अलग-अलग बयान सामने आए हैं। सोमवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा था कि टैंकर एक नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकरा गया था, जिसके चलते उसमें आग लग गई। ईरानी पक्ष ने दावा किया कि जहाज एक ऐसे मार्ग से गुजर रहा था जो प्रतिबंधित और असुरक्षित श्रेणी में आता है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने ईरानी रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे असत्य करार दिया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि इस तेल टैंकर को पिछले महीने एक ईरानी मिसाइल द्वारा निशाना बनाया गया था और फिर सप्ताहांत में इस पर ड्रोन से दोबारा हमला किया गया। क्षेत्र में जहाजों पर निरंतर हमलों का सिलसिला जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस केंद्र ने बताया कि रविवार के शुरुआती घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय एक अज्ञात प्रक्षेप्य की चपेट में आए एक पोत में आग लगने की सूचना दर्ज की गई थी। इसके अतिरिक्त, सिद्र नामक एक अन्य जहाज के संदर्भ में भी विवाद देखा गया। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि सिद्र नौसैनिक बारूदी सुरंग की चपेट में आने के बाद आग की लपटों में घिर गया था। इसके विपरीत, सऊदी अधिकारियों ने कहा कि इसे ईरान द्वारा निशाना बनाया गया था, जबकि समुद्री सुरक्षा कंपनियों ने जानकारी दी कि मुसंदम के उत्तर में प्रक्षेप्यों के प्रहार से यह पोत क्षतिग्रस्त हुआ। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा पर गहरा संकट अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, फरवरी के अंत में ईरान के साथ अमेरिका और इज़राइल के युद्ध की शुरुआत के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापक मध्य पूर्व क्षेत्र में 79 पुष्ट घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कम से कम 22 नाविकों की जान जा चुकी है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा व्यापार की जीवनरेखा माना जाता है, जिससे होकर सामान्य दिनों में दुनिया के तेल और गैस लदान का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। वाणिज्यिक पोतों पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों तथा ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के कारण यह जलमार्ग व्यावहारिक रूप से पूरी तरह बंद हो चुका है। राजनयिक समझौते की विफलता और ओमान मार्ग पर टकराव दोनों पक्षों के बीच जून के महीने में युद्ध समाप्त करने और इस संकीर्ण जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए एक प्रारंभिक सहमति बनी थी। हालांकि, वाणिज्यिक जहाजों पर नए सिरे से हमलों और अमेरिका द्वारा नाकाबंदी फिर से लागू किए जाने के बाद यह समझौता कुछ ही हफ्तों के भीतर पूरी तरह बिखर गया। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह इस जलमार्ग पर अपने नियंत्रण का कोई भी हिस्सा नहीं छोड़ेगा। इसी रुख के तहत वह उन पोतों को लगातार निशाना बना रहा है जो ईरानी क्षेत्रीय जल के बजाय ओमान के जलक्षेत्र से होकर गुजरने वाले दक्षिणी मार्ग का सहारा ले रहे हैं। इसका आप पर असर होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते हमलों और नौवहन मार्ग के ठप होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और भारत में ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। • भारत में प्रभाव: भारत अपनी कच्चे तेल और एलएनजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आयात करता है। आपूर्ति में रुकावट आने से आयात लागत में वृद्धि हो सकती है, जिसका असर घरेलू स्तर पर पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर पड़ सकता है। • वैश्विक व्यापार: दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस की आवाजाही इसी संकरे जलमार्ग पर निर्भर है। वाणिज्यिक जहाजों के बंद होने और वैकल्पिक लंबे मार्गों के उपयोग से जहाजों का बीमा प्रीमियम और माल भाड़ा काफी महंगा हो जाएगा। • नाविकों की सुरक्षा: खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले वाणिज्यिक नाविकों के लिए जान का खतरा लगातार बढ़ रहा है। 79 घटनाओं में 22 नाविकों की जान जाने के बाद मर्चेंट नेवी कर्मियों के लिए सुरक्षा नियम और जोखिम भत्ते बढ़ाए जा सकते हैं। • व्यापारिक आपूर्ति श्रृंखला: अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन में देरी से विनिर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चे माल की डिलीवरी प्रभावित होगी। इससे तैयार उत्पादों की लागत बढ़ने और वैश्विक मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी की आशंका गहरा सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह संकट अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच फरवरी से जारी सैन्य संघर्ष और इस रणनीतिक जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखने की प्रतिस्पर्धा के कारण गहराया है। • सीधा कारण: ओमान के मुसंदम तट के समीप पनामा के ध्वज वाले टैंकर एल गैया पर मिसाइल या ड्रोन हमले के चलते इंजन कक्ष में आग लग गई, जिसके बाद दो नाविक लापता हो गए। • जलमार्ग पर नियंत्रण का संघर्ष: ईरान ने घोषणा की है कि वह होर्मुज जलमार्ग पर अपना अधिकार नहीं छोड़ेगा। इसी रणनीति के तहत वह उन जहाजों को निशाना बना रहा है जो ईरानी जलक्षेत्र से बचकर ओमान के क्षेत्रीय जलमार्ग का उपयोग करते हैं। • राजनयिक समझौते का टूटना: जून में अमेरिका और ईरान के बीच जलमार्ग खोलने और युद्ध रोकने के लिए एक आरंभिक सहमति बनी थी। कुछ ही हफ्तों में जहाजों पर दोबारा हमले शुरू होने और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के चलते यह समझौता निरस्त हो गया। • समानांतर सैन्य कार्रवाई: ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और ईरान के मिसाइल व ड्रोन हमलों ने इस पूरे समुद्री मार्ग को वाणिज्यिक जहाजों के लिए अत्यंत असुरक्षित बना दिया है। सवाल-जवाब 1. होर्मुज जलडमरूमध्य में किस तेल टैंकर पर हमला हुआ? पनामा के ध्वज तले संचालित तेल टैंकर एल गैया पर हमला हुआ, जिसके बाद उसके इंजन कक्ष में आग लग गई। 2. इस हमले में कितने नाविक हताहत या लापता हुए हैं? पोत पर सवार चालक दल के 23 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दो नाविक अभी भी लापता हैं। 3. यह घटना किस स्थान पर घटी? यह हमला ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप से 1.3 समुद्री मील यानी करीब 2.4 किलोमीटर उत्तर में हुआ। 4. ईरान और अमेरिकी सेना के दावों में क्या अंतर है? ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि जहाज बारूदी सुरंग से टकराया था, जबकि अमेरिकी सेना ने कहा कि टैंकर पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया था। 5. फरवरी से अब तक इस क्षेत्र में कितने नाविकों की जान गई है? अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, फरवरी के अंत से 79 पुष्ट घटनाओं में कम से कम 22 नाविक मारे जा चुके हैं। 6. होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए कितना महत्वपूर्ण है? दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत यानी पांचवें हिस्से का कच्चा तेल और गैस लदान सामान्य रूप से इसी मार्ग से गुजरता है। https://trendkia.com/middle-east/strait-of-hormuz-men-tela-tainkara-para-hamala-2-navika-lapata-aura-23-ko-bachaya-gaya-33996 TrendKia — Har trend, sabse pehle.