# संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल के सैन्य अभियानों का बचाव करते हुए नेतन्याहू ने जीत का संकल्प दोहराया

> संयुक्त राष्ट्र महासभा में विरोध और वॉकआउट के बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा और ईरान में सैन्य कार्रवाई को सही ठहराया। वहीं फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इसे अस्तित्व के लिए खतरा बताया।

**Type:** article · **Category:** मध्य पूर्व · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/middle-east/un-general-assembly-men-israel-ke-sainya-abhiyanon-ka-bachava-karate-hue-benjamin-netanyahu-ne-jita-ka-snkalpa-doharaya-38127 · **Language:** Hindi
**Tags:** बेंजामिन नेतन्याहू, संयुक्त राष्ट्र महासभा, गाजा युद्ध, महमूद अब्बास, इजरायल हमास संघर्ष, ईरान हवाई हमला, डोनाल्ड ट्रंप

संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक अधिवेशन में उस समय भारी कूटनीतिक तनाव देखने को मिला जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंच पर अपना संबोधन देने पहुंचे। उनके भाषण शुरू करते ही विभिन्न देशों के दर्जनों राजनयिकों और प्रतिनिधियों ने विरोध जताते हुए सभा कक्ष से वॉकआउट कर दिया। इस तीखे विरोध के बावजूद इजरायली प्रधानमंत्री ने अपने आक्रामक रुख को बरकरार रखा और ईरान, गाजा समेत समूचे पश्चिम एशिया में जारी अपने देश के सैन्य अभियानों का पूरी मजबूती से बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में ऐलान किया कि इजरायल इस लड़ाई को जारी रखेगा और उनके पास जीतने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

सभागार छोड़कर बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यदि हॉल में कोई अन्य नैतिक कायर बचा हुआ है, तो वह भी तुरंत बाहर जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने उन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें इजरायल पर गाजा में नरसंहार करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने अपनी सैन्य कार्रवाइयों को पूरी तरह से आत्मरक्षा के दायरे में उठाया गया आवश्यक कदम बताया।

## फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने वीडियो संदेश से घेरा
नेतन्याहू के इस भाषण से कुछ ही घंटे पहले फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने एक रिकॉर्डेड वीडियो संदेश के जरिए महासभा को संबोधित किया था। अब्बास को अमेरिका द्वारा प्रवेश वीजा देने से इनकार कर दिया गया था, जिसके चलते उन्हें वर्चुअल माध्यम से अपनी बात रखनी पड़ी। अपने संबोधन में अब्बास ने इजरायल की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने विशेष तौर पर कब्जे वाले वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों के अवैध विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति अपनी ही मातृभूमि पर फिलिस्तीनी लोगों के जीवन और अस्तित्व को खतरे में डाल रही है।

महमूद अब्बास ने यह भी चेतावनी दी कि इजरायल के मौजूदा कदम दो-राज्य समाधान की उस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थित शांति व्यवस्था को पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं, जो क्षेत्र में शांति का मुख्य आधार मानी जाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायली सेना द्वारा गाजा में फिलिस्तीनियों को हत्या, बर्बादी, भुखमरी, विस्थापन की साजिशों और एक विध्वंसक नरसंहारक युद्ध का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि गाजा में युद्धविराम लागू हुए लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी वहां पुनर्निर्माण का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है।

## यूरोपीय देशों, तुर्की और न्यूयॉर्क मेयर पर तीखे हमले
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत द्वारा कथित युद्ध अपराधों के मामले में गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने आलोचकों और पश्चिमी देशों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कुछ देश छोटे से इजरायल पर उपनिवेशवाद का आरोप लगाते हैं, जबकि यह आरोप लगाने वालों में ब्रिटेन और फ्रांस के लोग भी शामिल हैं जिन्होंने वास्तव में इस शब्द को गढ़ा था।

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की तीखी आलोचना करते हुए नेतन्याहू ने उन्हें एक तानाशाह करार दिया और उन पर फिलिस्तीनी सशस्त्र समूह हमास का खुला समर्थन करने का आरोप मढ़ा। इससे पूर्व मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र के मंच से एर्दोगन ने कहा था कि गाजा और वेस्ट बैंक के लोगों द्वारा झेले जा रहे अन्याय मानवता की अंतरात्मा को गहराई से आहत कर रहे हैं।

इसके अलावा नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क शहर के वामपंथी मेयर जोहरान ममदानी पर भी निशाना साधा। ममदानी ने पूर्व में नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की बात कही थी, हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनके पास ऐसा कानूनी अधिकार नहीं है। नेतन्याहू ने कहा कि जब से ममदानी इस शहर के मेयर चुने गए हैं, तब से न्यूयॉर्क में कई यहूदी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं। इस बयान पर पलटवार करते हुए मेयर जोहरान ममदानी के कार्यालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि नेतन्याहू ने अपने भाषण का इस्तेमाल उन बेबुनियाद झूठों को दोहराने के लिए किया है, जिनका मकसद फिलिस्तीनियों के नरसंहार पर पर्दा डालना है।

## अमेरिकी राष्ट्रपति का आभार और न्यूयॉर्क में विरोध प्रदर्शन
अपने संबोधन के दौरान नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साहसिक नेतृत्व के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस वर्ष 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से किए गए बड़े हवाई हमलों का विशेष रूप से उल्लेख किया। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल और अमेरिका ने मिलकर यह कार्रवाई केवल अपनी सुरक्षा के लिए ही नहीं की, बल्कि समूची सभ्यता की रक्षा के उद्देश्य से की थी।

दूसरी ओर नेतन्याहू की इस यात्रा और संबोधन के खिलाफ न्यूयॉर्क शहर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों में से कई लोगों को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में ऑस्कर विजेता अभिनेत्री सुसान सारंडन और एमी विजेता अभिनेत्री हन्ना आइनबाइंडर भी शामिल थीं।

## संघर्ष की पृष्ठभूमि और जारी संकट
पश्चिम एशिया का यह भीषण संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास ने इजरायल पर अचानक घातक हमला बोल दिया था। उस हमले में लगभग 1,200 लोगों की जान चली गई थी और करीब 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके जवाब में इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में बड़े पैमाने पर जमीनी और हवाई सैन्य अभियान शुरू किया।

गाजा के हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल के इस सैन्य अभियान के दौरान गाजा में 73,920 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ जेनोसाइड स्कॉलर्स द्वारा पारित एक प्रस्ताव में कहा गया है कि इजरायल का आचरण संयुक्त राष्ट्र के नरसंहार रोकथाम समझौते में तय की गई कानूनी परिभाषा के बिल्कुल अनुरूप है। हालांकि इजरायल इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है और अपने रुख पर कायम है कि उसकी सैन्य कार्रवाइयां विशुद्ध रूप से आत्मरक्षा का न्यायसंगत प्रयास हैं।

क्षेत्रीय तनाव का दायरा तब और बढ़ गया जब 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान द्वारा गुप्त रूप से परमाणु हथियार विकसित किए जाने के संदेह में उस पर भारी हवाई हमले शुरू किए, हालांकि तेहरान इस दावे को लगातार नकारता रहा है। इन हमलों के जवाब में ईरान ने इजरायल और उन पड़ोसी खाड़ी अरब देशों को निशाना बनाते हुए मिसाइल व ड्रोन हमले किए जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। संयुक्त राष्ट्र में नेतन्याहू के ताजा रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक सुलह की गुंजाइश फिलहाल बेहद सीमित बनी हुई है।

## इसका आप पर असर
पश्चिम एशिया में लगातार गहराते सैन्य और कूटनीतिक तनाव के कारण वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर गंभीर असर पड़ रहा है।

- **भारत में प्रभाव:** खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में किसी भी तरह के नए सैन्य टकराव से कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति और परिवहन लागत सीधे तौर पर प्रभावित होती है। यदि समुद्री व्यापारिक मार्गों में अस्थिरता बढ़ती है तो भारत में ईंधन की कीमतें और आयातित वस्तुओं की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
- **अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और कामगारों के लिए:** मध्य पूर्व के हवाई क्षेत्र में बढ़ते ड्रोन और मिसाइल खतरों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग बदले जा सकते हैं, जिससे यात्रा का समय और किराया दोनों बढ़ेंगे। खाड़ी देशों में कार्यरत लाखों प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा और वहां के वर्क वीजा नियमों पर भी इस कूटनीतिक खींचतान का अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।
- **वैश्विक मानवीय सहायता:** गाजा में पुनर्निर्माण कार्य ठप रहने और भुखमरी की स्थिति से अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों के लिए राहत सामग्री पहुंचाना अत्यधिक जटिल हो गया है। वैश्विक स्तर पर शांति बहाली की प्रक्रिया लटकने से विस्थापित नागरिकों की बदहाली और लंबे समय तक जारी रहने की आशंका है।
- **कूटनीतिक ध्रुवीकरण:** संयुक्त राष्ट्र जैसे बड़े मंचों पर राजनयिकों के वॉकआउट और परस्पर विरोधी बयानों से बहुपक्षीय वार्ताओं की विश्वसनीयता कमजोर हो रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभाजित रुख के चलते किसी भी स्थायी युद्धविराम या दो-राज्य समाधान के अमल में आने की संभावना बेहद क्षीण हो गई है।

## ऐसा क्यों हुआ
संयुक्त राष्ट्र में उभरा यह कूटनीतिक टकराव कई महीनों से जारी क्षेत्रीय युद्ध, अभूतपूर्व जनहानि और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महाशक्तियों के परस्पर विरोधी रुख का परिणाम है।

- **7 अक्टूबर का हमला और गाजा अभियान:** इस मौजूदा संकट की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए घातक हमले से हुई थी, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 को बंधक बनाया गया था। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा में जमीनी व हवाई सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें अब तक 73,920 से अधिक फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं।
- **वेस्ट बैंक में बस्तियों का विस्तार:** फिलिस्तीनी नेतृत्व का आरोप है कि कब्जे वाले वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों के लगातार अवैध विस्तार ने दो-राज्य समाधान की संभावनाओं को खत्म कर दिया है। इसी नीति के विरोध में और गाजा में चल रहे सैन्य अभियान के चलते संयुक्त राष्ट्र के दर्जनों प्रतिनिधियों ने नेतन्याहू के संबोधन के दौरान सभा कक्ष से वॉकआउट किया।
- **ईरान पर संयुक्त हवाई हमले:** 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने संदिग्ध परमाणु हथियार निर्माण के आधार पर तेहरान पर बड़े हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान द्वारा इजरायल और अमेरिकी सैन्य बेस वाले खाड़ी देशों पर मिसाइल व ड्रोन हमले करने से यह संघर्ष केवल गाजा तक सीमित न रहकर व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल गया।
- **अंतरराष्ट्रीय कानूनी शिकंजा:** अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत द्वारा नेतन्याहू के खिलाफ कथित युद्ध अपराधों के मामले में वारंट जारी किए जाने और जेनोसाइड स्कॉलर्स द्वारा नरसंहार की कानूनी परिभाषा पूरी होने का प्रस्ताव लाने से कूटनीतिक स्तर पर तनाव चरम पर पहुंच गया।

## सवाल-जवाब

### 1. बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण के दौरान संयुक्त राष्ट्र में क्या हुआ?
जैसे ही बेंजामिन नेतन्याहू मंच पर पहुंचे, दर्जनों देशों के राजनयिकों और प्रतिनिधियों ने विरोध में सभा कक्ष से वॉकआउट कर दिया।

### 2. नेतन्याहू ने गाजा में जारी सैन्य कार्रवाई पर क्या कहा?
उन्होंने जीत हासिल करने तक लड़ाई जारी रखने का संकल्प जताया और गाजा में नरसंहार करने के सभी अंतरराष्ट्रीय आरोपों को सिरे से खारिज किया।

### 3. फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने महासभा को कैसे संबोधित किया?
अमेरिका द्वारा प्रवेश वीजा न दिए जाने के कारण महमूद अब्बास ने पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश के माध्यम से महासभा को संबोधित किया।

### 4. महमूद अब्बास ने इजरायल पर क्या गंभीर आरोप लगाए?
अब्बास ने आरोप लगाया कि वेस्ट बैंक में बस्तियों का अवैध विस्तार और गाजा में हत्या, भुखमरी व विस्थापन फिलिस्तीनी लोगों के अस्तित्व को खत्म करने की कोशिश है।

### 5. न्यूयॉर्क में नेतन्याहू के दौरे का विरोध करने पर किन्हें हिरासत में लिया गया?
विरोध प्रदर्शन के दौरान ऑस्कर विजेता अभिनेत्री सुसान सारंडन और एमी विजेता अभिनेत्री हन्ना आइनबाइंडर सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

### 6. गाजा युद्ध में अब तक कितने लोग मारे जा चुके हैं?
गाजा के हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली सैन्य अभियानों में अब तक 73,920 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._