# वेस्ट बैंक के रणनीतिक E1 क्षेत्र में 1,200 घर बनाने की इसराइली योजना पर भड़के पश्चिमी देश

> ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा ने वेस्ट बैंक के महत्वपूर्ण E1 क्षेत्र में 1,200 आवासों के टेंडर खोलने के इसराइल के फैसले की तीखी आलोचना की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि यह कदम स्वतंत्र फलस्तीनी राज्य के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।

**Type:** article · **Category:** मध्य पूर्व · **Published:** 2026-08-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/middle-east/west-bank-ke-rananitika-e1-kshetra-men-1-200-ghara-banane-ki-israel-yojana-para-bharake-pashchimi-desha-19393 · **Language:** Hindi
**Tags:** वेस्ट बैंक, इसराइल, फलस्तीन, अंतरराष्ट्रीय समाचार, मध्य पूर्व

कब्जे वाले वेस्ट बैंक के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इलाके में लगभग 1,200 नए बस्तियों के आवास बनाने के लिए टेंडर आमंत्रित करने की इसराइली योजना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा कूटनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। दुनिया के प्रमुख पश्चिमी देशों ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यह फैसला न केवल शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि इसराइल की अंतरराष्ट्रीय साख को भी कमजोर करेगा। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसराइली बस्तियों को अवैध माना जाता है, और वैश्विक दबाव के कारण इसराइल दशकों से पूर्वी यरूशलेम के पूर्व में स्थित E1 क्षेत्र में निर्माण कार्य से बचता रहा था।

## पश्चिमी सहयोगियों और संयुक्त राष्ट्र का साझा विरोध
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में इसराइली फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। पांचों देशों ने कहा कि वेस्ट बैंक में गंभीर अस्थिरता, नागरिकों के खिलाफ बसने वालों की हिंसा के अभूतपूर्व स्तर और फलस्तीनी अर्थव्यवस्था पर कड़े प्रतिबंधों के इस दौर में यह फैसला स्थिति को और भी चिंताजनक बनाता है। बयान में स्पष्ट किया गया कि यह कदम शांति की संभावनाओं को और दूर ले जाएगा।

इसके अलावा, यूएन महासचिव और बेल्जियम के विदेश मंत्री ने भी अलग-अलग बयानों में E1 परियोजना को एक अखंड फलस्तीनी राज्य की स्थापना के लिए एक अस्तित्वगत खतरा करार दिया है। इससे पहले ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने भी इस योजना की कड़ा विरोध किया था, जिसे इसराइल के विदेश मंत्री ने सिरे से खारिज कर दिया।

## E1 परियोजना का रणनीतिक भूगोल और विवाद
विवाद के केंद्र में स्थित E1 परियोजना पूर्वी यरूशलेम और माले अदुमिम की इसराइली बस्ती के बीच लगभग 12 वर्ग किलोमीटर (4.6 वर्ग मील) के क्षेत्र में फैली हुई है। जब इस योजना का खाका पेश किया गया था, तब इसराइल के कट्टरपंथी वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने खुले तौर पर कहा था कि फलस्तीनी राज्य की अवधारणा को पूरी तरह मिटाया जा रहा है।

इस परियोजना का विरोध करने वाले विशेषज्ञों और कूटनीतिज्ञों का मानना है कि यदि E1 क्षेत्र में बस्तियां बस जाती हैं, तो यह वेस्ट बैंक के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को एक-दूसरे से काट देगा। इससे रामल्लाह, पूर्वी यरूशलेम और बेथलहम को जोड़ने वाले एक निरंतर और अखंड फलस्तीनी शहरी क्षेत्र का निर्माण हमेशा के लिए असंभव हो जाएगा, जिससे भविष्य के फलस्तीनी राज्य का सपना लगभग समाप्त हो जाएगा।

## बस्तियों के विस्तार का इतिहास और वर्तमान स्थिति
वर्ष 1967 के मध्य पूर्व युद्ध के दौरान वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलेम पर कब्जा करने के बाद से इसराइल ने अब तक लगभग 160 बस्तियों का निर्माण किया है, जिनमें करीब 700,000 यहूदी रहते हैं। इन इलाकों में लगभग 33 लाख फलस्तीनी रहते हैं, जो गाजा के साथ मिलकर इन क्षेत्रों को अपने भावी स्वतंत्र राज्य के रूप में देखते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय के तीव्र विरोध के बावजूद, इसराइल की लगातार आती-जाती सरकारों ने इन बस्तियों के विस्तार को मंजूरी दी है। हालांकि, late 2022 में प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में दक्षिणपंथी और समर्थक-बस्ती गठबंधन सरकार के सत्ता में लौटने के बाद, और 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इसराइल पर किए गए हमले के बाद शुरू हुए गाजा युद्ध के दौरान इस विस्तार की रफ्तार में अत्यधिक तेजी आई है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ सकता है।

**वैश्विक स्तर पर:** वेस्ट बैंक में नए निर्माण से कूटनीतिक विभाजन बढ़ेगा और क्षेत्रीय शांति की संभावनाएं जटिल होंगी।

## सवाल-जवाब

### 1. इसराइल किस क्षेत्र में 1,200 नए बस्तियों के आवास बनाने की योजना बना रहा है?
इसराइल वेस्ट बैंक में पूर्वी यरूशलेम और माले अदुमिम के बीच स्थित E1 नामक रणनीतिक क्षेत्र में लगभग 1,200 आवास बनाने की योजना बना रहा है।

### 2. किन पश्चिमी देशों ने इसराइल के फैसले का विरोध किया है?
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस योजना की कड़ी निंदा की है।

### 3. E1 परियोजना को फलस्तीनी राज्य के लिए खतरा क्यों माना जाता है?
यह परियोजना वेस्ट बैंक के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच संपर्क काट देती है, जिससे रामल्लाह, पूर्वी यरूशलेम और बेथलहम का अखंड शहरी क्षेत्र नहीं बन पाता।

### 4. वर्तमान में वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलेम में कितने इसराइली बस चुके हैं?
1967 के युद्ध के बाद से बनाए गए लगभग 160 बस्तियों में करीब 700,000 यहूदी रहते हैं, जिनके साथ लगभग 33 लाख फलस्तीनी निवास करते हैं।

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