# यमन के तट के पास मिसाइल हमले में भारतीय ध्वज वाला जहाज डूबा, सभी 14 क्रू सदस्य सुरक्षित निकाले गए

> यमन के तटीय क्षेत्र में एक मिसाइल हमले के बाद भारतीय झंडे वाला वाणिज्यिक जहाज एमएसवी फैज़ नूरे औलिया समुद्र में डूब गया। जहाज पर सवार 13 भारतीयों सहित सभी 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

**Type:** article · **Category:** मध्य पूर्व · **Published:** 2026-08-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/middle-east/yemen-coast-ke-paas-missile-hamle-mein-indian-vessel-msv-faize-noore-oliya-dooba-sabhi-14-crew-safe-13726 · **Language:** Hindi
**Tags:** लाल सागर, एमएसवी फैज़ नूरे औलिया, सरबानंद सोनोवाल, यमन, होर्मुज जलडमरूमध्य, हूती विद्रोही, भारतीय नौवहन

लाल सागर के रणनीतिक समुद्री मार्ग पर स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब यमन के तट के पास एक भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर अज्ञात हमलावरों ने मिसाइल या विस्फोटक सामग्री से हमला कर दिया। इस हमले के बाद एमएसवी फैज़ नूरे औलिया नाम का यह पोत समुद्र में अनियंत्रित होकर पलट गया और अंततः पानी में डूब गया। राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी 14 चालक दल के सदस्यों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस दल में 13 भारतीय नागरिक शामिल थे, जिनकी सुरक्षा को लेकर भारत सरकार लगातार निगरानी बनाए हुए थी।

## नाविकों का रेस्क्यू और भारत सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया
इस घटना की पुष्टि करते हुए भारत के पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह से उकसावे वाला हमला करार दिया और कहा कि क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि चालक दल के 14 सदस्यों को सुरक्षित बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता थी और राहत कार्य सफलता के साथ पूरा कर लिया गया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज पर हमला किस समूह या राष्ट्र की ओर से किया गया था।

घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने भी एक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी कर लाल सागर और आसपास के जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता जताई। विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक पोतों पर हो रहे हमलों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए इस पूरे क्षेत्र में जहाजों की निर्बाध और मुक्त आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल करना अनिवार्य है ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।

## लाल सागर में सुरक्षा संकट और हूती विद्रोहियों पर आरोप
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और सऊदी अरब समर्थित सरकार के परिवहन मंत्रालय ने इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती लड़ाकों को जिम्मेदार ठहराया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यमनी अधिकारियों का दावा है कि हूतियों ने विस्फोटक से भरी एक बोट का इस्तेमाल करके भारतीय पोत को निशाना बनाया। हालांकि, इस घटना पर हूती समूह की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या टिप्पणी जारी नहीं की गई है।

यह हमला क्षेत्र में बढ़ते समुद्री तनाव की एक कड़ी मात्र है। हूती समूह ने 20 जुलाई को ही सऊदी अरब के लाल सागर स्थित बंदरगाहों की पूर्ण नाकाबंदी करने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा काफी बढ़ गया है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने भी पिछले एक हफ्ते के दौरान लाल सागर और अदन की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर कई हमलों की रिपोर्ट दर्ज की है।

## होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी और वैश्विक तेल संकट
मध्य पूर्व में समुद्री मार्गों पर संकट की शुरुआत फरवरी के उत्तरार्ध में हुई थी, जब US और इजराइल ने ईरान के ठिकानों पर सैन्य हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने दुनिया के सबसे व्यस्त तेल आपूर्ति मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया था। होर्मुज के बंद होने से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला छिन्न-भिन्न हो गई।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बाद कई तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों ने लाल सागर के वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही शुरू कर दी थी। सऊदी अरब से तेल लेकर निकलने वाले कई जहाज इसी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे। लेकिन हाल के दिनों में सऊदी टैंकरों और वाणिज्यिक पोतों पर हूती लड़ाकों के हमलों की बाढ़ आने से यह वैकल्पिक समुद्री रास्ता भी बेहद असुरक्षित हो चुका है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव और बढ़ गया है।

## कूटनीतिक प्रयास और युद्धविराम समझौते का टूटना
क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए जून के महीने में US और ईरान के बीच एक 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MOU) पर सहमति बनी थी। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना और अगले 60 दिनों के भीतर स्थायी युद्धविराम पर पहुंचना था। परंतु, समझौता लागू होने के महज तीन सप्ताह बाद स्थिति फिर बिगड़ गई।

ईरान द्वारा होर्मुज मार्ग में जहाजों पर दोबारा हमले करने और जवाब में US की ओर से की गई जवाबी सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्धविराम समझौते को समाप्त घोषित कर दिया। इसके बावजूद कूटनीतिक रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। US के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि बातचीत में कुछ प्रगति हो रही है। US ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने उम्मीद जताई थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दोनों पक्षों के बीच जल्द ही कोई समझौता बन सकता है।

दूसरी ओर, ईरान ने US के साथ किसी भी सीधी बातचीत से साफ इनकार किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि उनकी US के साथ वार्ता की कोई योजना नहीं है और वे केवल ओमान के माध्यम से मध्यस्थता वार्ता में शामिल हो रहे हैं। लाल सागर में भारतीय जहाज के डूबने की घटना ने साफ कर दिया है कि जब तक मध्य पूर्व के इन प्रमुख जलमार्गों में तनाव कम नहीं होता, तब तक अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर संकट के बादल मंडराते रहेंगे।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी जहाजरानी संकट की वजह से कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे देश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

**यमन और मध्य पूर्व क्षेत्र में:** समुद्री व्यापारिक मार्गों पर हो रहे हमलों से व्यापारिक जहाजों का आवागमन ठप हो रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय नौवहन कंपनियों को अपने रास्ते बदलने पड़ रहे हैं और नाविकों की सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. यमन के तट के पास कौन सा भारतीय जहाज डूबा है?
यमन के तटीय क्षेत्र में हमले के बाद एमएसवी फैज़ नूरे औलिया नाम का भारतीय ध्वज वाला वाणिज्यिक पोत डूब गया।

### 2. जहाज पर सवार कितने लोगों को बचाया गया?
जहाज पर सवार सभी 14 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनमें 13 भारतीय नागरिक शामिल हैं।

### 3. भारत सरकार ने इस घटना पर क्या बयान दिया है?
पोर्ट्स और शिपिंग मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने इस बिना उकसावे वाले हमले की निंदा की, और विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा की मांग की।

### 4. इस हमले के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया गया है?
यमन सरकार के परिवहन मंत्रालय ने इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती लड़ाकों को जिम्मेदार ठहराया है।

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