# आइजोल टूरिज्म सर्किट के लिए मिजोरम ने केंद्र से मांगी 250 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद

> मिजोरम के पर्यटन मंत्री लालरिंगलोवा हमार ने नई दिल्ली में केंद्रीय सचिवों से मुलाकात कर आइजोल और आसपास के क्षेत्रों को 250 करोड़ रुपये के बजट से पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की रूपरेखा रखी।

**Type:** article · **Category:** मिजोरम · **Published:** 2026-10-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/mizoram/aizawl-turijma-sarkita-ke-lie-mizoram-ne-kendra-se-mangi-250-karora-rupaye-ki-vittiya-madada-53182 · **Language:** Hindi
**Tags:** मिजोरम, आइजोल, पर्यटन, लालरिंगलोवा हमार, पूर्वोत्तर भारत, पर्यटन सर्किट

मिजोरम में पर्यटन क्षेत्र को रफ्तार देने और स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से बड़े वित्तीय सहयोग की मांग की है। राज्य के पर्यटन मंत्री लालरिंगलोवा हमार ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में शीर्ष केंद्रीय अधिकारियों के साथ अहम बैठकें कीं। इन मुलाकातों के दौरान उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था में विविधता लाने, राजस्व बढ़ाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए आइजोल क्षेत्र के समग्र विकास का खाका पेश किया।

## नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठकें और कार्ययोजना
लालरिंगलोवा हमार, जिनके पास खेल मंत्रालय का प्रभार भी है, ने पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार और सूचना एवं प्रसारण सचिव चंचल कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रणनीतिक चर्चा की। इन बैठकों में उन्होंने लगभग 250 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार की जाने वाली विशेष आइजोल पर्यटन सर्किट परियोजना पर विस्तार से बात रखी। आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य राजधानी आइजोल और उसके नजदीकी दर्शनीय स्थलों को एक समन्वित नेटवर्क से जोड़ना है ताकि पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।

## सीमित उद्योगों के बीच आजीविका का बड़ा आधार
पर्यटन मंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि मिजोरम में बड़े पैमाने पर भारी उद्योगों की स्थापना के अवसर भौगोलिक और पर्यावरणीय कारणों से काफी सीमित हैं। ऐसे में पर्यटन उद्योग राज्य के आर्थिक विकास का एक प्रमुख इंजन साबित हो सकता है। यदि पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूती दी जाए और ज्यादा संख्या में पर्यटकों को आकर्षित किया जाए, तो इससे स्थानीय समुदायों को रोजगार के टिकाऊ अवसर मिलेंगे और राज्य का राजस्व आधार भी मजबूत होगा।

## कार्यबल प्रशिक्षण और आतिथ्य सत्कार पर जोर
चर्चा के दौरान केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने रेखांकित किया कि केवल भौतिक संरचनाओं का निर्माण पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि एक सक्षम और कुशल कार्यबल तैयार करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने पर्यटकों की बढ़ती तादाद को देखते हुए टूर गाइडों के व्यापक प्रशिक्षण और उच्च गुणवत्ता वाले आवासीय परिसरों के विस्तार पर बल दिया। बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि अधोसंरचना में पूंजीगत निवेश के साथ-साथ आतिथ्य सत्कार की गुणवत्ता और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से ही पर्यटकों का अनुभव पूरी तरह सुखद बन सकेगा।

## इसका आप पर असर
इस परियोजना से मिजोरम में आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर काम के नए मौके खुलेंगे।

- **मिजोरम में:** आइजोल और आसपास के क्षेत्रों में होटल, गाइड और परिवहन क्षेत्र में नए रोजगार पैदा होंगे। इससे भारी उद्योगों की कमी वाले इस पहाड़ी राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
- **पर्यटकों के लिए:** आइजोल सर्किट के विकास से राज्य में ठहरने की बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षित गाइड उपलब्ध होंगे। इससे पूर्वोत्तर भारत की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों का अनुभव अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा।
- **स्थानीय युवाओं के लिए:** गाइड और आतिथ्य सत्कार से जुड़े कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होने की संभावना है। युवा स्थानीय स्तर पर ही पर्यटन क्षेत्र में अपना करियर बना सकेंगे।
- **भारत में:** पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और राष्ट्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी। घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलने से देश के भीतर यात्रा विकल्पों का विस्तार होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
मिजोरम सरकार ने राज्य में भारी उद्योगों के सीमित दायरे को देखते हुए अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए यह पहल की है।

- **उद्योगों की कमी:** पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण मिजोरम में बड़े पैमाने पर विनिर्माण इकाइयां लगाना कठिन है। इसलिए राज्य सरकार ने सेवा क्षेत्र और पर्यटन को राजस्व का मुख्य जरिया बनाने का फैसला किया है।
- **बुनियादी ढांचे की जरूरत:** मौजूदा समय में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुरूप आइजोल और आसपास आधुनिक आवास और प्रशिक्षित गाइडों की कमी महसूस हो रही थी। इस अंतर को पाटने के लिए 250 करोड़ रुपये का एकीकृत सर्किट प्लान तैयार किया गया।
- **आधिकारिक बातचीत:** राज्य के पर्यटन मंत्री ने केंद्र के संबंधित मंत्रालयों से समन्वय कर वित्तीय और नीतिगत समर्थन जुटाने के लिए दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठकें कीं।

## सवाल-जवाब

### 1. मिजोरम ने केंद्र सरकार से किस परियोजना के लिए सहायता मांगी है?
मिजोरम ने आइजोल और उसके आसपास के क्षेत्रों में 250 करोड़ रुपये की लागत वाले पर्यटन सर्किट के विकास के लिए केंद्र से सहयोग मांगा है।

### 2. मिजोरम की ओर से केंद्र के साथ बैठक किसने की?
राज्य के पर्यटन और खेल मंत्री लालरिंगलोवा हमार ने नई दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यह बैठक की।

### 3. बैठक में केंद्र सरकार के कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे?
बैठक में केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार और सूचना एवं प्रसारण सचिव चंचल कुमार शामिल थे।

### 4. केंद्रीय पर्यटन सचिव ने किन सुधारों पर विशेष जोर दिया?
पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने टूर गाइडों को प्रशिक्षित करने और ठहरने की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।

### 5. मिजोरम के लिए पर्यटन विकास क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है?
मिजोरम में बड़े उद्योगों के अवसर सीमित हैं, इसलिए पर्यटन से राजस्व बढ़ाने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने में मदद मिलेगी।

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