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  "type": "article",
  "title": "कलादान मल्टी-मोडल प्रोजेक्ट: मिजोरम के राज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह ने पलेतवा-जोरिनपुई सड़क निर्माण में तेजी लाने के दिए निर्देश",
  "summary": "मिजोरम के राज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड को कलादान मल्टी-मोडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत 109.2 किमी लंबी पलेतवा-जोरिनपुई सड़क का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।",
  "content": "कलादान मल्टी-मोडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के अंतर्गत आने वाली पलेतवा-जोरिनपुई सड़क निर्माण में हो रही देरी को देखते हुए मिजोरम के राज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह ने कार्य में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण एजेंसी इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड को निर्देशित किया है कि इस 109.2 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग के निर्माण को आगामी कार्य सत्र के दौरान अधिकतम गति दी जाए, ताकि परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।\n\nआइजोल के लोक भवन में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा\nराज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह ने यह अहम निर्देश आइजोल स्थित लोक भवन में आयोजित एक बैठक के दौरान दिए। सोमवार को हुई इस समीक्षा बैठक में इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड की म्यांमार शाखा के प्रोजेक्ट हेड संजय त्रिपाठी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान संजय त्रिपाठी ने राज्यपाल के समक्ष एक विस्तृत पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया, जिसमें अब तक पूरे किए गए कार्यों का ब्योरा, निर्माण में आ रही जमीनी चुनौतियां और परियोजना को आगे बढ़ाने की भावी कार्ययोजना शामिल थी।\n\n25 प्रतिशत भौतिक और 30 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज\nप्रोजेक्ट हेड संजय त्रिपाठी द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस सड़क परियोजना में अब तक 25 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की जा चुकी है, जबकि इसकी वित्तीय प्रगति 30 प्रतिशत दर्ज की गई है। पलेतवा-जोरिनपुई हिस्से में जारी गतिविधियों और अन्य जरूरी मुद्दों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कार्य की वास्तविक स्थिति से राज्यपाल को अवगत कराया।\n\nकेंद्र सरकार की अहम पहल, अब और देरी मंजूर नहीं\nराज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह ने कलादान परियोजना को केंद्र सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल करार दिया और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह रणनीतिक परियोजना पहले ही लंबे समय से विलंबित चल रही है और अब इसमें किसी भी प्रकार की और देरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए और आने वाले कार्य सत्र में ज्यादा से ज्यादा प्रगति हासिल होनी चाहिए। इसके साथ ही राज्यपाल ने इरकॉन के अधिकारियों से कहा कि वे काम में आने वाली किसी भी परेशानी से उन्हें तुरंत अवगत कराएं, ताकि परियोजना को जल्द पूरा कराने में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।\n\nइसका आप पर असर\nयह सड़क परियोजना पूर्वोत्तर राज्यों को म्यांमार के रास्ते सीधे समुद्री मार्ग से जोड़कर व्यापार और आवागमन की दूरी काफी कम करेगी।\n\n• भारत भर में: पूर्वोत्तर क्षेत्र को कोलकाता और अन्य तटीय बंदरगाहों से जोड़ने के लिए एक वैकल्पिक और रणनीतिक व्यापार मार्ग तैयार होगा। इसके पूरा होने से सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर निर्भरता कम होगी और म्यांमार के साथ द्विपक्षीय व्यापार को गति मिलेगी।\n• मिजोरम में: राज्य के जोरिनपुई सीमा क्षेत्र से म्यांमार के पलेतवा तक सीधा संपर्क स्थापित होने से स्थानीय कारोबार और परिवहन को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। निर्माण कार्य में तेजी आने से सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।\n• परियोजना की समयसीमा: निर्माण एजेंसी को आगामी कार्य सत्र में अधिकतम प्रगति दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इससे वर्षों से अटकी इस सड़क के निर्माण में अनावश्यक देरी रुकने की उम्मीद है।\n• लॉजिस्टिक्स और लागत: सड़क मार्ग चालू होने के बाद पूर्वोत्तर भारत में माल ढुलाई की लागत और समय में भारी कमी आएगी। इससे स्थानीय व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कम कीमतों और त्वरित आपूर्ति का सीधा लाभ मिलेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nमिजोरम के राज्यपाल ने यह हस्तक्षेप इसलिए किया क्योंकि कलादान परियोजना का यह महत्वपूर्ण सड़क खंड लंबे समय से अटका हुआ है और तय समयसीमा से काफी पीछे चल रहा है।\n\n• निर्माण में सुस्त रफ्तार: समीक्षा बैठक में सामने आया कि परियोजना अब तक केवल 25 प्रतिशत भौतिक और 30 प्रतिशत वित्तीय प्रगति ही दर्ज कर पाई है। इतने लंबे समय के बावजूद तीन-चौथाई काम अधूरा रहने के कारण राज्यपाल को स्वयं प्रगति की समीक्षा करनी पड़ी।\n• रणनीतिक प्राथमिकता: यह परियोजना केंद्र सरकार की एक शीर्ष प्राथमिकता वाली पहल है जो भारत की एक्ट ईस्ट नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें हो रही अत्यधिक देरी भारत के रणनीतिक और कूटनीतिक लक्ष्यों को प्रभावित कर रही थी।\n• कठिन भौगोलिक और मैदानी चुनौतियां: म्यांमार सीमा से लगे इस पहाड़ी क्षेत्र में काम करने के दौरान निर्माण एजेंसी को कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं को हल करने और बाधाओं को दूर करने के लिए इरकॉन के म्यांमार प्रोजेक्ट हेड ने राज्यपाल के समक्ष ब्योरा रखा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मिजोरम के राज्यपाल ने किस परियोजना के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं?\nराज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह ने कलादान मल्टी-मोडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत पलेतवा-जोरिनपुई सड़क के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।\n\n2. पलेतवा-जोरिनपुई सड़क की कुल लंबाई कितनी है?\nइस सड़क की कुल लंबाई 109.2 किलोमीटर है।\n\n3. इस सड़क परियोजना की वर्तमान प्रगति कितनी है?\nपरियोजना ने अब तक 25 प्रतिशत भौतिक प्रगति और 30 प्रतिशत वित्तीय प्रगति हासिल की है।\n\n4. राज्यपाल ने निर्माण एजेंसी को कब तक अधिकतम प्रगति हासिल करने को कहा है?\nराज्यपाल ने आगामी कार्य सत्र के दौरान परियोजना में अधिकतम प्रगति हासिल करने के निर्देश दिए हैं।\n\n5. यह बैठक कहां और किसके साथ आयोजित की गई थी?\nयह बैठक आइजोल के लोक भवन में इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड की म्यांमार शाखा के प्रोजेक्ट हेड संजय त्रिपाठी के साथ हुई।",
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  "category": "मिजोरम",
  "publishedAt": "2026-10-05",
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