मिजोरम के जंगल वॉरफेयर स्कूल में 83 एनसीसी कैडेट्स ने पूरा किया दो हफ्ते का कड़ा सैन्य प्रशिक्षण काउंटर इंसर्जेंसी एंड जंगल वॉरफेयर स्कूल वैरेंगते में आयोजित दो सप्ताह के विशेष शिविर में मिजोरम के 83 एनसीसी कैडेट्स को आधुनिक सैन्य कौशल और अनुशासन का गहन अभ्यास कराया गया। मिजोरम के वैरेंगते में स्थित भारतीय सेना के प्रतिष्ठित काउंटर इंसर्जेंसी एंड जंगल वॉरफेयर स्कूल में 83 नेशनल कैडेट कोर कैडेट्स ने दो सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। रविवार को एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चले इस शिविर के दौरान युवा प्रतिभागियों को भारतीय सेना के शीर्ष संस्थानों में से एक की कार्यप्रणाली और सैन्य जीवन को नजदीक से समझने का अवसर मिला। इस आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य नियमित एनसीसी गतिविधियों से आगे बढ़कर छात्र-छात्राओं को उच्च स्तरीय फिटनेस, कठोर अनुशासन, फील्ड कौशल और टीम भावना से परिचित कराना था। कठिन परिस्थितियों के अनुकूल तैयार किया गया पाठ्यक्रम प्रशिक्षण सत्र का पाठ्यक्रम बेहद व्यावहारिक और समग्र रूप से तैयार किया गया था। कैडेट्स को बुनियादी सैन्य ड्रिल, शारीरिक प्रशिक्षण, सटीक फायरिंग, मैप रीडिंग और फील्डक्राफ्ट का गहन अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही जंगल में जीवित रहने की कला यानी सर्वाइवल स्किल्स, आपातकालीन प्राथमिक उपचार और नेतृत्व क्षमता को निखारने वाले टीम अभ्यासों पर भी विशेष बल दिया गया। प्रवक्ता के अनुसार, इन सत्रों के माध्यम से कैडेट्स को वास्तविक सैन्य माहौल की जटिलताओं और अपेक्षाओं के अनुकूल ढलने में मदद मिली। जंगल युद्ध कला और आधुनिक हथियारों का परिचय इस दो सप्ताह के शिविर में कैडेट्स को जंगल वॉरफेयर की बारीकियों, सैन्य हथियारों, फील्ड उपकरणों और आधुनिक नाइट-विजन डिवाइस के संचालन की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि किस तरह समकालीन दौर में युद्ध के तौर-तरीके और रणनीतियां तेजी से बदल रही हैं। कैडेट्स को संस्थान के इन्फॉर्मेशन एंड रिसर्च सेंटर, आईईडी हॉल और टेक्नोवेशन हॉल का भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण में तकनीक और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ। अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व और सेवा भाव विकसित करने के लिए प्रेरक व्याख्यानों का भी आयोजन किया गया। मिजोरम के अलग-अलग क्षेत्रों से आए कैडेट्स को आपस में मिलाकर समूह बनाए गए, जिससे उनके बीच आपसी तालमेल, साझा पहचान और सौहार्द की भावना मजबूत हुई। अधिकारियों ने बताया कि यह शिविर राज्य के युवाओं के साथ संस्थान के बढ़ते जुड़ाव की दिशा में एक अहम कदम है। संस्थान की वैश्विक प्रतिष्ठा और सामाजिक जुड़ाव काउंटर इंसर्जेंसी एंड जंगल वॉरफेयर स्कूल उग्रवाद विरोधी और आतंकवाद विरोधी अभियानों के प्रशिक्षण और अनुसंधान का भारतीय सेना का एक अत्यंत विशेषज्ञ केंद्र है। इस क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष संस्थानों में इसकी गणना होती है, जहां कई देशों के सैन्य कर्मी प्रशिक्षण प्राप्त करने आते हैं। रक्षा प्रवक्ता ने रेखांकित किया कि एनसीसी कैडेट्स के लिए अपने दरवाजे खोलकर संस्थान युवाओं के चरित्र निर्माण, राष्ट्रीय संस्थानों से उनके जुड़ाव को सुदृढ़ करने और सेना व स्थानीय समुदाय के संबंधों को गहरा करने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहा है। इसका आप पर असर यह प्रशिक्षण शिविर मिजोरम के युवाओं के लिए रक्षा सेवाओं में करियर और व्यावहारिक नेतृत्व कौशल विकसित करने के नए द्वार खोलता है। • मिजोरम में: स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय सैन्य सुविधाओं और अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों को करीब से देखने का दुर्लभ अवसर मिला। इससे राज्य के युवाओं में सशस्त्र बलों में भर्ती होने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की प्रेरणा बढ़ेगी। • भारत में: देश के सीमावर्ती राज्यों में राष्ट्रीय संस्थानों और स्थानीय नागरिकों के बीच सहयोग मजबूत होता है। इससे राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा मिलता है और युवाओं में राष्ट्र निर्माण के प्रति भागीदारी बढ़ती है। • एनसीसी कैडेट्स के लिए: सामान्य कॉलेज या स्कूल स्तर के अभ्यास की तुलना में कैडेट्स को वास्तविक फील्ड ऑपरेशंस और जंगल सर्वाइवल का अनुभव प्राप्त हुआ। यह व्यावहारिक अनुभव उनके भविष्य के करियर और व्यक्तिगत अनुशासन को सुदृढ़ करेगा। • स्थानीय समुदाय के लिए: सेना और स्थानीय आबादी के बीच विश्वास और संवाद का दायरा और अधिक विस्तृत हुआ है। यह पहल युवाओं को सकारात्मक राष्ट्र सेवा की दिशा में उन्मुख रखने में सहायक सिद्ध होगी। ऐसा क्यों हुआ यह शिविर भारतीय सेना के उस निरंतर प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय रक्षा संस्थानों से जोड़ना और उनका मार्गदर्शन करना प्राथमिक उद्देश्य है। • युवा जुड़ाव का उद्देश्य: सैन्य नेतृत्व ने सीमावर्ती राज्यों में स्थानीय युवाओं के साथ सार्थक संवाद और विश्वास कायम करने के लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किए हैं। यह कदम युवाओं को पेशेवर सैन्य वातावरण में लाकर उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाने के लिए उठाया गया। • कौशल विकास की आवश्यकता: पारंपरिक एनसीसी गतिविधियों में अक्सर उन्नत रक्षा तकनीकों और वास्तविक जंगल युद्ध की रणनीतियों का व्यावहारिक अनुभव शामिल नहीं होता। इस अंतर को पाटने के लिए काउंटर इंसर्जेंसी एंड जंगल वॉरफेयर स्कूल के बुनियादी ढांचे का उपयोग किया गया। • दीर्घकालिक एकीकरण: मिजोरम के विभिन्न हिस्सों से आए कैडेट्स को एक साथ प्रशिक्षित करने से आपसी सौहार्द और साझा पहचान का निर्माण होता है। संस्थान ऐसी पहलों के माध्यम से सेना और नागरिक समाज के बीच स्थायी सेतु निर्मित कर रहा है। सवाल-जवाब 1. प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कहां और कब किया गया? यह शिविर मिजोरम के वैरेंगते स्थित काउंटर इंसर्जेंसी एंड जंगल वॉरफेयर स्कूल में 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित किया गया था। 2. इस शिविर में कितने एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया? इस दो सप्ताह के विशेष प्रशिक्षण शिविर में कुल 83 एनसीसी कैडेट्स ने हिस्सा लिया। 3. प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को किन विषयों का अभ्यास कराया गया? कैडेट्स को ड्रिल, शारीरिक फिटनेस, फायरिंग, मैप रीडिंग, फील्डक्राफ्ट, सर्वाइवल स्किल्स, फर्स्ट एड और टीम-बिल्डिंग का प्रशिक्षण दिया गया। 4. कैडेट्स को संस्थान के किन विशेष केंद्रों का भ्रमण कराया गया? उन्हें इन्फॉर्मेशन एंड रिसर्च सेंटर, आईईडी हॉल और टेक्नोवेशन हॉल ले जाया गया जहां आधुनिक सैन्य तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। 5. काउंटर इंसर्जेंसी एंड जंगल वॉरफेयर स्कूल की मुख्य विशेषता क्या है? यह भारतीय सेना का एक शीर्ष संस्थान है जो उग्रवाद विरोधी और आतंकवाद विरोधी अभियानों के प्रशिक्षण में विशेषज्ञता रखता है और जहां कई देशों की सेनाएं प्रशिक्षण लेती हैं। https://trendkia.com/mizoram/mizoram-ke-jngala-vorapheyara-skula-men-83-ncc-kaidetsa-ne-pura-kiya-do-haphte-ka-kara-sainya-prashikshana-43250 TrendKia — Har trend, sabse pehle.