मिजोरम में 13 अक्टूबर को सजेगा नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव, ज्योतिरादित्य सिंधिया करेंगे 10 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ मिजोरम 13 अक्टूबर को तीसरे नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव की मेजबानी करने जा रहा है, जिसमें केंद्रीय डोनर मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान वे राज्य में पांच नई परियोजनाओं का शिलान्यास और पांच पूर्ण विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे। मिजोरम की राजधानी आइजोल में 13 अक्टूबर को नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव का तीसरा संस्करण आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण वित्तीय और क्षेत्रीय सम्मेलन में केंद्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों में आर्थिक गतिविधियों को गति देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री राज्य की प्रगति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांच नई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और पहले से बनकर तैयार हो चुकी पांच अन्य परियोजनाओं का विधिवत उद्घाटन भी करेंगे। तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक इस बड़े आयोजन की रूपरेखा तय करने और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए मुख्य सचिव खिल्ली राम मीणा की अध्यक्षता में बुधवार को आइजोल में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सिंधिया के आगमन, राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में उनके प्रस्तावित दौरों और कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया गया। प्रशासन ने मिजोरम के बाहर से आने वाले प्रतिनिधियों, विभिन्न राज्यों के गणमान्य अतिथियों और विशेष आमंत्रितों के ठहरने, आवागमन तथा सुरक्षा व्यवस्था के संपूर्ण प्रबंधों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। क्षेत्रीय विकास और बैंकिंग सेवाओं को सुदृढ़ करने पर होगा मंथन आगामी सम्मेलन पूर्वोत्तर राज्यों के नीति-निर्माताओं, बैंकिंग संस्थानों और प्रशासनिक तंत्र के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा। इसमें पूर्वोत्तर के राज्यों के मुख्य सचिव, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि और प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों के शीर्ष अधिकारी एक साथ शामिल होंगे। यह बैठक पूर्वोत्तर क्षेत्र में संस्थागत ऋण के प्रवाह, वित्तीय समावेशन, क्षेत्रीय विकास की चुनौतियों और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को आगे बढ़ाने का काम करेगी। बैठक में शामिल हुए शीर्ष प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारी आयोजन की प्रारंभिक समीक्षा बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के प्रधान सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, योजना एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन, पर्यटन, लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा लोक भवन के आयुक्त एवं सचिव उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त कृषि एवं किसान कल्याण, योजना एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन, बागवानी, सूचना, जनसंपर्क तथा मुद्रण एवं स्टेशनरी, वित्त और सहकारिता विभागों के सचिवों ने भी भाग लिया। बैठक में आइजोल के उपायुक्त, आइजोल के पुलिस अधीक्षक, राज्य प्रोटोकॉल अधिकारी के साथ मिजोरम विश्वविद्यालय, एनईडीएफआई (NEDFi) और विभिन्न वाणिज्यिक बैंकों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। इसका आप पर असर यह सम्मेलन पूर्वोत्तर क्षेत्र में संस्थागत कर्ज और बुनियादी विकास परियोजनाओं को गति देगा। • भारत में: यह सम्मेलन पूर्वोत्तर राज्यों में बैंकिंग नेटवर्क और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय बैंकों और आरबीआई के बीच तालमेल बढ़ाएगा। इससे सीमावर्ती और पहाड़ी राज्यों में विकास परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण आसान हो सकेगा। • मिजोरम में: राज्य को सीधे तौर पर पांच नई विकास परियोजनाओं की सौगात मिलेगी और पांच पूरी हो चुकी योजनाओं का उद्घाटन होगा। इससे स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सुविधाओं और रोजगार के अवसरों में सुधार देखने को मिलेगा। • स्थानीय कारोबारियों और किसानों के लिए: वाणिज्यिक बैंकों और एनईडीएफआई की भागीदारी से कृषि और बागवानी क्षेत्र के लिए रियायती ऋण सुलभ होने की उम्मीद है। उद्यमी अपने नए उद्यमों के लिए बेहतर वित्तीय योजनाओं और मार्गदर्शन का लाभ उठा सकेंगे। • प्रशासनिक समन्वय पर: पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य सचिवों और विभिन्न विभागों के सचिवों की सीधी भागीदारी से अंतर-राज्यीय परियोजनाओं की मंजूरी तेज होगी। इससे फाइलों के अटकने की समस्या कम होगी और काम समय पर पूरे होंगे। ऐसा क्यों हुआ मिजोरम में तीसरे नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव का आयोजन पूर्वोत्तर क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाओं को मजबूत करने और लंबित विकास कार्यों को गति देने के लिए किया जा रहा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य नीतिगत चर्चाओं और जमीनी परियोजनाओं के बीच समन्वय स्थापित करना है। • पूर्वोत्तर में वित्तीय समावेशन की जरूरत: पूर्वोत्तर के राज्यों में भौगोलिक चुनौतियों के कारण बैंकिंग नेटवर्क और औपचारिक ऋण की पहुंच को सुगम बनाना हमेशा से प्राथमिकता रहा है। इसी निरंतर प्रयास के तहत यह तीसरा वार्षिक संस्करण आयोजित किया जा रहा है। • विकास परियोजनाओं का आधिकारिक शुभारंभ: केंद्रीय डोनर मंत्री की प्रस्तावित यात्रा का उद्देश्य राज्य में पांच नई परियोजनाओं की नींव रखना और पांच तैयार परियोजनाओं को जनता को समर्पित करना है। इसके लिए प्रशासनिक और वित्तीय तालमेल जरूरी था। • अंतर-विभागीय और अंतर-राज्यीय समन्वय: पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य सचिवों, आरबीआई और वित्तीय संस्थानों को एक मेज पर लाना जरूरी था ताकि क्षेत्रीय नीतियों पर आम सहमति बन सके। इसी पृष्ठभूमि में मुख्य सचिव खिल्ली राम मीणा ने आइजोल में सुरक्षा, परिवहन और आवास की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सवाल-जवाब 1. नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव का तीसरा संस्करण कब और कहां होगा? यह कॉन्क्लेव 13 अक्टूबर को मिजोरम की राजधानी आइजोल में आयोजित किया जाएगा। 2. इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि कौन होंगे? केंद्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। 3. सम्मेलन के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया किन परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे? वे पांच नई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और पांच पूरी हो चुकी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। 4. सम्मेलन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता किसने की? मिजोरम के मुख्य सचिव खिल्ली राम मीणा ने बुधवार को आइजोल में इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। 5. इस कॉन्क्लेव में कौन-कौन से प्रमुख संगठन और अधिकारी हिस्सा लेंगे? पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य सचिव, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के वरिष्ठ अधिकारी, वाणिज्यिक बैंक, एनईडीएफआई और मिजोरम सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव इसमें भाग लेंगे। https://trendkia.com/mizoram/mizoram-men-13-aktubara-ko-sajega-north-east-bankers-conclave-jyotiraditya-scindia-karenge-10-vikasa-pariyojanaon-ka-shubharnbha-44566 TrendKia — Har trend, sabse pehle.