# मिजोरम में अदरक प्रसंस्करण, पर्यटन और कलादान प्रोजेक्ट पर मुख्यमंत्री लालदुहोमा की नीति आयोग के साथ अहम बैठक

> मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने नीति आयोग की सदस्य डॉ. जोराम अनिया के साथ आइजोल में बैठक कर मिजोरम की विकास प्राथमिकताओं और कलादान मल्टी-मॉडल प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की।

**Type:** article · **Category:** मिजोरम · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/mizoram/mizoram-men-adaraka-prasnskarana-paryatana-aura-kaladan-projekta-para-mukhyamntri-lalduhoma-ki-niti-aayog-ke-satha-ahama-baithaka-36358 · **Language:** Hindi
**Tags:** मिजोरम, लालदुहोमा, नीति आयोग, कलादान प्रोजेक्ट, अदरक प्रसंस्करण, पूर्वोत्तर विकास

मिजोरम की राजधानी आइजोल में मुख्यमंत्री लालदुहोमा के कार्यालय में राज्य के आर्थिक और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की सदस्य डॉ. जोराम अनिया से मुलाकात की और राज्य की प्राथमिकताओं को जमीन पर उतारने के लिए आयोग से निरंतर सहयोग मांगा। दोनों नेताओं के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने, प्रमुख ढांचागत परियोजनाओं का लाभ उठाने, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और स्कूली शिक्षा में नवाचार को मजबूत करने पर सहमति बनी।

## कृषि और अदरक मूल्य संवर्धन पर विशेष जोर
बैठक में स्थानीय किसानों और कृषि उपज को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। नीति आयोग ने बड़े पैमाने पर उत्पादन को देखते हुए साल 2025 में मिजोरम को देश की 'अदरक राजधानी' (जिंजर कैपिटल ऑफ इंडिया) घोषित किया था। इसी संदर्भ में राज्य में उत्पादित होने वाली अदरक के प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि मूल्य संवर्धन के जरिए स्थानीय उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे और तकनीकी सहयोग की तत्काल आवश्यकता है।

## कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट प्रोजेक्ट और पर्यटन विकास
बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय संपर्क को लेकर कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KMMTTP) का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अधिकारियों के अनुसार, इस विशाल परियोजना के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद राज्य को म्यांमार के पलेतवा और सितवे बंदरगाह से जोड़ने वाला एक वैकल्पिक मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी मार्ग मिलेगा। बैठक में इस बात पर विचार हुआ कि इस मार्ग के तैयार होने के बाद मिजोरम व्यापारिक और परिवहन लाभों को किस तरह अधिकतम कर सकता है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के इस खूबसूरत राज्य में बाहरी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक सुविधाओं और प्रचार तंत्र पर भी बात हुई।

## स्कूली शिक्षा और क्षेत्रीय कार्यशाला में भागीदारी
युवाओं के बौद्धिक विकास और तकनीकी कौशल को निखारने के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स के विस्तार पर भी चर्चा की गई। राज्य सरकार चाहती है कि मिजोरम के अधिक से अधिक स्कूलों में ये प्रयोगशालाएं खोली जाएं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी विज्ञान और नवाचार से जुड़ सकें। डॉ. जोराम अनिया नीति आयोग की पूर्वोत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला में भाग लेने के लिए आइजोल के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को गति देने के उद्देश्य से अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा सहित कई राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों से भी संपर्क साधा है। मुख्यमंत्री ने मिजोरम के मुद्दों को प्राथमिकता देने के लिए आयोग का आभार जताया, जबकि डॉ. अनिया ने राज्य के विकास में सक्रिय साझेदारी जारी रखने का भरोसा दिया।

## इसका आप पर असर
इस द्विपक्षीय बातचीत से मिजोरम के किसानों, विद्यार्थियों और कारोबारियों के लिए बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे।

- **भारत में:** पूर्वोत्तर क्षेत्र में कलादान प्रोजेक्ट और आधुनिक लॉजिस्टिक्स विकसित होने से म्यांमार के रास्ते वैकल्पिक व्यापारिक पहुंच आसान होगी। इससे शेष भारत के साथ पूर्वोत्तर राज्यों की आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी।
- **मिजोरम में:** अदरक प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन संयंत्रों के विस्तार से स्थानीय किसानों को अपनी फसल का उचित दाम बाजार में मिलेगा। साथ ही, अधिक स्कूलों में अटल टिंकरing लैब्स खुलने से राज्य के ग्रामीण व शहरी छात्रों को वैज्ञानिक प्रयोगों का सीधा अवसर प्राप्त होगा।
- **पर्यटन क्षेत्र में:** मिजोरम को पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ावा देने की नीति से स्थानीय होमस्टे संचालकों, गाइडों और परिवहन व्यवसायों के लिए कमाई के नए साधन तैयार होंगे। राज्य में आने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा देगी।
- **परिवहन और व्यापार में:** कलादान मल्टी-मॉडल परियोजना के पूरी तरह तैयार होने के बाद सितवे पोर्ट से सीधा जुड़ाव मिलेगा, जिससे माल ढुलाई में समय और खर्च दोनों घटेंगे। इससे स्थानीय व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों तक सीधी पहुंच उपलब्ध हो जाएगी।

## ऐसा क्यों हुआ
नीति आयोग की पूर्वोत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला के सिलसिले में आयोग की प्रतिनिधिमंडल प्रमुख आइजोल पहुंची थीं, जहां राज्य सरकार ने लंबित प्राथमिकताओं पर औपचारिक समर्थन मांगा।

- **सीधा कारण:** डॉ. जोराम अनिया नीति आयोग की पूर्वोत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला में शिरकत करने आइजोल पहुंची थीं, जिसके दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री लालदुहोमा के साथ राज्य की प्राथमिकताओं पर औपचारिक चर्चा की।
- **कृषि पृष्ठभूमि:** मिजोरम में बड़े पैमाने पर होने वाली अदरक की पैदावार को देखते हुए नीति आयोग ने 2025 में इसे देश की अदरक राजधानी घोषित किया था, जिससे प्रसंस्करण ढांचे को तत्काल मजबूत करने की जरूरत पैदा हुई।
- **रणनीतिक संपर्क:** कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट को म्यांमार के सितवे बंदरगाह से जोड़कर पूर्वोत्तर के लिए वैकल्पिक परिवहन लाइफलाइन तैयार करने की योजना पर लंबे समय से काम चल रहा है।
- **क्षेत्रीय समीक्षा अभियान:** नीति आयोग की सदस्य पूर्वोत्तर के कई राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में भी मुख्यमंत्रियों व राज्यपालों से मिलकर विकास रणनीतियों की निरंतर समीक्षा कर रही हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने नीति आयोग के किस सदस्य से मुलाकात की?
उन्होंने आइजोल में नीति आयोग की सदस्य डॉ. जोराम अनिया से मुलाकात की।

### 2. मिजोरम को नीति आयोग ने किस वर्ष 'अदरक राजधानी' घोषित किया था?
नीति आयोग ने बड़े पैमाने पर अदरक उत्पादन के लिए साल 2025 में मिजोरम को देश की 'जिंजर कैपिटल' घोषित किया था।

### 3. कलादान मल्टी-मॉडल प्रोजेक्ट से मिजोरम को क्या लाभ मिलेगा?
यह परियोजना पूरी होने पर मिजोरम को म्यांमार के पलेतवा और सितवे बंदरगाह से जोड़ने वाला एक वैकल्पिक मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी मार्ग प्रदान करेगी।

### 4. बैठक में स्कूली शिक्षा से जुड़े किस कार्यक्रम के विस्तार पर बात हुई?
राज्य के अधिक से अधिक स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स के विस्तार पर चर्चा की गई।

### 5. डॉ. जोराम अनिया किन अन्य राज्यों के नेतृत्व से विकास मुद्दों पर चर्चा कर चुकी हैं?
उन्होंने अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा सहित अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठकें की हैं।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._