# मिजोरम में आंखें दान करने का संकल्प लेने वालों की संख्या 9,345 हुई, 33 छात्र जुड़े

> मिजोरम में मरने के बाद आंखें दान करने का संकल्प लेने वालों की संख्या अब 9,345 हो गई है, हाल ही में हुए एक कार्यक्रम में 33 छात्र इस सूची में शामिल हुए।

**Type:** article · **Category:** मिजोरम · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/mizoram/mizoram-men-ankhen-dana-karane-ka-snkalpa-lene-valon-ki-snkhya-9-345-hui-33-chhatra-jure-29577 · **Language:** Hindi
**Tags:** नेत्रदान, मिजोरम, आइजोल, कॉर्निया प्रत्यारोपण, आई बैंक, कॉर्नियल ब्लाइंडनेस, स्वास्थ्य विभाग

मिजोरम में मरने के बाद आंखें दान करने का संकल्प लेने वालों की सूची में 33 और छात्रों के नाम जुड़ गए हैं, जिससे राज्य में कुल संकल्पित नेत्रदाताओं की संख्या 9,345 पर पहुंच गई है।

## नेत्रदान पखवाड़े के दौरान लिया संकल्प
यह नए संकल्प सोमवार को आइजोल में आयोजित 41वें नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम के दौरान लिए गए, जहां छात्रों के एक समूह ने मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने के लिए औपचारिक रूप से पंजीकरण कराया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रधान निदेशक डॉ. लालथलेंगलियानी ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि इन छात्रों के जुड़ने से राज्य में संकल्पित दाताओं की संख्या बढ़कर 9,345 हो गई है।

## जागरूकता बढ़ने से बढ़ रहे हैं संकल्प
डॉ. लालथलेंगलियानी के मुताबिक, कॉर्निया दान की प्रक्रिया और इससे कॉर्नियल ब्लाइंडनेस से जूझ रहे मरीजों को नई रोशनी मिलने की संभावना को लेकर लोगों में जागरूकता लगातार बढ़ रही है, और यही वजह है कि संकल्प लेने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मृत्यु के बाद निकाली गई कॉर्निया को सीमित समय के भीतर मरीज में प्रत्यारोपित किया जाए तो उसकी खोई हुई नजर वापस लौटाई जा सकती है।

## आई बैंक की शुरुआत से अब तक के आंकड़े
मिजोरम में आई बैंक की शुरुआत 31 जुलाई 2008 को हुई थी, और इसके करीब सवा साल बाद यानी 25 सितंबर 2009 को राज्य में पहली सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण सर्जरी हुई। तब से लेकर अब तक 632 लोग मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान कर चुके हैं, जबकि फिलहाल 400 मरीज कॉर्निया पाने के लिए आई बैंक में प्राप्तकर्ता के रूप में पंजीकृत हैं। मौजूदा वित्त वर्ष में जुलाई तक आई बैंक ने 42 कॉर्निया प्राप्त कीं, वहीं इस दौरान 23 कॉर्निया प्रत्यारोपण सर्जरी भी पूरी की जा चुकी हैं।

## दानदाता परिवारों को किया गया सम्मानित
इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में वर्ष 2025-26 के दौरान अपने परिजनों की आंखें दान करने वाले 67 परिवारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अधिकारियों के मुताबिक कॉर्निया दान एक समय की पाबंदी वाली मेडिकल प्रक्रिया है, क्योंकि मृतक दाता की कॉर्निया को जल्द से जल्द निकालकर कॉर्नियल ब्लाइंडनेस से पीड़ित पात्र मरीज को प्रत्यारोपित करना जरूरी होता है, तभी उसकी नजर लौटने की उम्मीद बनती है।

## इसका आप पर असर
अगर आपके परिवार में कोई कॉर्नियल ब्लाइंडनेस से जूझ रहा है या आप खुद नेत्रदान का संकल्प लेना चाहते हैं, तो यह खबर सीधे आपसे जुड़ी है।

- **भारत में:** कॉर्नियल ब्लाइंडनेस के मरीजों के लिए नेत्रदान ही एकमात्र रास्ता है जिससे उनकी रोशनी लौट सकती है। जितने ज्यादा लोग संकल्प लेंगे, उतनी ही जल्दी जरूरतमंद मरीजों को कॉर्निया मिल पाएगी।
- **मिजोरम में:** राज्य में अभी 400 मरीज कॉर्निया पाने के इंतजार में पंजीकृत हैं, जबकि इस वित्त वर्ष में जुलाई तक सिर्फ 42 कॉर्निया ही मिल पाई हैं। मिजोरम में रहने वाले परिवार अपने नजदीकी आई बैंक में संपर्क कर नेत्रदान का संकल्प ले सकते हैं और मृत्यु के तुरंत बाद परिजनों को यह प्रक्रिया शुरू करानी होती है।
- **समय की पाबंदी:** कॉर्निया दान मृत्यु के तुरंत बाद ही संभव है, इसलिए परिवार को पहले से इस बारे में जानकारी और सहमति होना जरूरी है ताकि सही समय पर अस्पताल या आई बैंक को सूचित किया जा सके।

## ऐसा क्यों हुआ
संकल्प लेने वालों की संख्या में यह बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे कुछ ठोस वजहें हैं जिनका जिक्र खुद स्वास्थ्य विभाग की अधिकारी ने किया।

- **जागरूकता अभियान:** हर साल आयोजित होने वाला नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम लोगों, खासकर छात्रों तक कॉर्निया दान की जानकारी पहुंचाने का बड़ा जरिया बन रहा है। इसी कार्यक्रम के दौरान इस बार 33 छात्रों ने संकल्प लिया।
- **राज्य का ट्रैक रिकॉर्ड:** मिजोरम में 2008 से आई बैंक काम कर रहा है और 2009 से कॉर्निया प्रत्यारोपण हो रहे हैं, इसलिए लोगों को इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता और सफलता के उदाहरण पहले से दिखते आए हैं।
- **मरीजों की जरूरत:** राज्य में 400 मरीज कॉर्निया के इंतजार में हैं, जबकि दान मिलने की रफ्तार अभी भी सीमित है, यही अंतर लोगों को संकल्प लेने के लिए प्रेरित कर रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. मिजोरम में अब तक कितने लोगों ने नेत्रदान का संकल्प लिया है?
33 छात्रों के हाल ही में जुड़ने के बाद राज्य में संकल्पित नेत्रदाताओं की संख्या 9,345 हो गई है।

### 2. छात्रों ने संकल्प कहां और कब लिया?
सोमवार को आइजोल में आयोजित 41वें नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने संकल्प लिया।

### 3. मिजोरम में अब तक वास्तव में कितने लोग मृत्यु के बाद आंखें दान कर चुके हैं?
अब तक 632 लोग मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान कर चुके हैं।

### 4. राज्य में कितने मरीज कॉर्निया पाने के इंतजार में हैं?
फिलहाल 400 मरीज आई बैंक में प्राप्तकर्ता के रूप में पंजीकृत हैं।

### 5. मिजोरम का आई बैंक कब शुरू हुआ और पहला प्रत्यारोपण कब हुआ था?
आई बैंक की शुरुआत 31 जुलाई 2008 को हुई थी और पहली सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण सर्जरी 25 सितंबर 2009 को हुई थी।

### 6. इस वित्त वर्ष में अब तक कितने कॉर्निया प्रत्यारोपण हुए हैं?
जुलाई तक 42 कॉर्निया प्राप्त की गई हैं और 23 कॉर्निया प्रत्यारोपण सर्जरी पूरी की जा चुकी हैं।

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