मिजोरम में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, मंत्री लालनिलावमा ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील मिजोरम के आपदा प्रबंधन मंत्री लालनिलावमा ने भारी बारिश के बीच लोगों से आपात स्थिति में तुरंत अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है। मिजोरम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसके मद्देनजर आपदा प्रबंधन और पुनर्वास मंत्री लालनिलावमा ने नागरिकों से पूरी तरह सतर्क रहने और किसी भी तरह की आपदा या संकट की स्थिति में तुरंत अधिकारियों को इसकी जानकारी देने का आग्रह किया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में जलप्रलय जैसी स्थिति और भूस्खलन के कारण लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे देखते हुए सरकार ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। वीडियो संदेश के जरिए हालात की जानकारी बुधवार को जारी एक वीडियो संदेश में मंत्री लालनिलावमा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश के कारण राज्य के कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे मुख्य सड़कों और मार्गों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। उन्होंने आम जनता को आश्वस्त किया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संकट से निपटने के लिए तमाम जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। जमीनी स्तर पर तैनात किए गए अधिकारी प्रभावित नागरिकों की मदद करने और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए विभिन्न इलाकों में जोनल अधिकारियों को तैनात किया गया है, जो मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। इसके अलावा संबंधित उपायुक्तों की सीधी निगरानी में गांवों और स्थानीय स्तरों पर विशेष आपदा प्रबंधन समितियों का गठन किया गया है, ताकि स्थानीय लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। खुआरेल ऐप के इस्तेमाल पर जोर मंत्री ने आपात स्थिति का सामना कर रहे लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी देरी के तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें, क्योंकि आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने नागरिकों से स्मार्टफोन के माध्यम से आपदाओं की रिपोर्टिंग के लिए विभाग द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए खुआरेल ऐप का उपयोग करने का भी आग्रह किया, जो एक आपदा घटना और रिपोर्टिंग प्रबंधन प्रणाली है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर या गांवों के बीच सड़क मार्ग को बाधित करने वाले भूस्खलन और रास्तों के अवरोधों की सूचना तुरंत संबंधित तंत्र तक पहुंचाने में बेहद मददगार साबित हो रहा है। पेयजल आपूर्ति में भारी व्यवधान की आशंका सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग का प्रभार संभाल रहे मंत्री लालनिलावमा ने यह भी चेतावनी दी है कि जल संरचनाओं को नुकसान पहुंचने के कारण राजधानी आइजोल में पेयजल आपूर्ति बुरी तरह बाधित हो सकती है। उन्होंने बताया कि ग्रेटर आइजोल वाटर सप्लाई स्कीम फेज तीन को एक भूस्खलन ने पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया है, जो राजधानी के लिए पानी के प्रमुख स्रोतों में से एक है और इस व्यवधान के कारण वहां पानी पंपिंग का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। सड़क निर्माण कार्य और पानी का संकट इसके साथ ही सेतलक क्षेत्र से होने वाली गुरुत्वाकर्षण-आधारित पानी की आपूर्ति भी उस समय प्रभावित हुई जब चल रहे आइजोल वेस्टर्न बाइपास रोड निर्माण कार्य के दौरान भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा इस प्रणाली पर आ गिरा। मंत्री लालनिलावमा ने इस संकट की घड़ी में नागरिकों से प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करने की अपील की है और लोगों से अनुरोध किया है कि वे इस व्यवधान के बीच संभावित पानी की भारी किल्लत के लिए पहले से ही तैयार रहें। इसका आप पर असर मिजोरम में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण आम जनजीवन और दैनिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा है, जिससे लोगों को कई तरह की व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। • भारत में: देश के पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में मानसून के दौरान होने वाली ऐसी आपदाएं परिवहन और सड़क तंत्र को पूरी तरह से बाधित कर देती हैं, जिससे आवागमन और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है। • मिजोरम में: आइजोल और आसपास के इलाकों में रहने वाले नागरिकों को जल संरचनाओं के क्षतिग्रस्त होने के कारण गंभीर पेयजल संकट और सड़कों के बंद होने से यात्रा संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। • नागरिक सुरक्षा: लोगों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत खुआरेल ऐप का उपयोग करने और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी सख्ती से पालन करने की सलाह दी जाती है। • आगामी तैयारियां: संभावित पानी की किल्लत को देखते हुए स्थानीय居民30 को पानी का संचय करने और प्रशासन के साथ पूरा सहयोग बनाए रखने की आवश्यकता है। ऐसा क्यों हुआ मिजोरम में उत्पन्न यह संकट लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश और उसके कारण बुनियादी ढांचे को हुए गंभीर नुकसान का परिणाम है। • भारी मानसूनी वर्षा: पिछले कुछ दिनों से राज्यभर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने मिट्टी को कमजोर कर दिया है, जिससे पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हो रहा है। • बुनियादी ढांचे को क्षति: ग्रेटर आइजोल वाटर सप्लाई स्कीम और सेतलक क्षेत्र की जल आपूर्ति प्रणालियों पर भारी मात्रा में मलबा गिरने से पेयजल का मुख्य तंत्र ठप हो गया है। • सड़क निर्माण का प्रभाव: आइजोल वेस्टर्न बाइपास रोड के चल रहे निर्माण कार्य के दौरान खिसकी मिट्टी ने जल स्रोतों और रास्तों को और अधिक अवरुद्ध कर दिया है। • प्रशासनिक प्रतिक्रिया: स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने जोनल अधिकारियों की तैनाती और खुआरेल ऐप के जरिए डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली को सक्रिय किया है। सवाल-जवाब 1. मिजोरम में भारी बारिश के बाद किसने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है? मिजोरम के आपदा प्रबंधन और पुनर्वास मंत्री लालनिलावमा ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। 2. मंत्री लालनिलावमा ने आपात स्थिति की रिपोर्टिंग के लिए किस ऐप का उपयोग करने को कहा है? उन्होंने स्मार्टफोन के माध्यम से आपात स्थितियों की रिपोर्ट करने के लिए खुआरेल ऐप का उपयोग करने को कहा है। 3. राजधानी आइजोल में पेयजल आपूर्ति क्यों बाधित हुई है? भूस्खलन के कारण ग्रेटर आइजोल वाटर सप्लाई स्कीम फेज तीन अवरुद्ध हो गई है, जिससे पंपिंग का काम रुक गया है। 4. सेतलक क्षेत्र की जल आपूर्ति प्रणाली में किस कारण से बाधा आई है? आइजोल वेस्टर्न बाइपास रोड के निर्माण कार्य के दौरान गिरी मिट्टी के कारण सेतलक क्षेत्र की जल आपूर्ति प्रभावित हुई है। 5. संकट से निपटने के लिए सरकार ने जमीनी स्तर पर क्या व्यवस्था की है? सरकार ने विभिन्न इलाकों में जोनल अधिकारियों को तैनात किया है और उपायुक्तों की देखरेख में आपदा प्रबंधन समितियों का गठन किया है। https://trendkia.com/mizoram/mizoram-men-bhari-barisha-se-janajivana-prabhavita-mntri-lalnilawma-ne-logon-se-ki-satarka-rahane-ki-apila-30990 TrendKia — Har trend, sabse pehle.