मिजोरम में दर्दनाक सड़क हादसा, पीआईबी और दूरदर्शन के शीर्ष अधिकारियों सहित तीन की मौत मिजोरम के आइजोल जिले में अधिकारियों की गाड़ी गहरी खाई में गिरने से तीन केंद्रीय कर्मचारियों की जान चली गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। मिजोरम की राजधानी आइजोल के समीप एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीन केंद्रीय सरकारी अधिकारियों की दुखद मौत हो गई, जबकि वाहन चालक इस हादसे में बुरी तरह घायल हो गया। अधिकारियों की कार एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल से वापस लौटते समय अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में जान गंवाने वाले अधिकारियों में प्रेस सूचना ब्यूरो और दूरदर्शन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। शवों का पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद उन्हें उनके पैतृक आवास भेजने की तैयारी की जा रही है। पर्यटन स्थल से लौटते समय हुआ हादसा यह दुर्घटना आइजोल जिले में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सियालसुक के पास घटी। यह पर्यटन केंद्र राज्य की राजधानी से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित है। सभी अधिकारी सियालसुक का दौरा करने के बाद कार से वापस आइजोल लौट रहे थे। इसी दौरान राज्य की राजधानी से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण में स्थित सतैक गांव के पास उनका वाहन अचानक सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरा। मृतकों और घायल चालक की पहचान हादसे में जान गंवाने वाले तीनों अधिकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से जुड़े विभिन्न विभागों में कार्यरत थे। इनमें इम्फाल स्थित पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) और केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) के क्षेत्रीय कार्यालय के अपर महानिदेशक डॉ. एनगम पामे शामिल हैं। उनके साथ दूरदर्शन केंद्र आइजोल के निदेशक (समाचार) नाम्पीबाउ मारिनमाई और आइजोल में केंद्रीय संचार ब्यूरो के फील्ड कार्यालय के मल्टी-टास्किंग स्टाफ सदस्य एच लियनवेला की भी इस दुर्घटना में जान चली गई। वाहन चला रहे सीबीसी आइजोल के चालक गोजेंद्रो डे इस भीषण दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के फौरन बाद उन्हें आइजोल के पास फलकावन स्थित जोराम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जेडएमसीएच) में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। पीआईबी के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद डॉ. एनगम पामे और नाम्पीबाउ मारिनमाई के पार्थिव शरीर शुक्रवार को मणिपुर स्थित उनके पैतृक स्थानों पर भेजे जाएंगे। कठिन पहाड़ी इलाके में चला बचाव अभियान हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और स्थानीय नागरिक फौरन हरकत में आए। घटना स्थल पर खड़ी ढलान और बेहद कठिन पहाड़ी इलाका होने के कारण बचाव और राहत कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सियालसुक पुलिस के जवानों और यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) के स्वयंसेवकों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला और गहरी खाई से शवों तथा घायल चालक को बाहर निकाला। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वाहन के खाई में गिरने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। राज्यपाल ने जताया गहरा शोक मिजोरम के राज्यपाल जनरल (सेवानिवृत्त) विजय कुमार सिंह ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने इसे मीडिया और संचार जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में डॉ. एनगम पामे, नाम्पीबाउ मारिनमाई और एच लियनवेला के योगदान को याद करते हुए उनके परिजनों, सहयोगियों और पीआईबी, सीबीसी तथा दूरदर्शन परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। पुलिस के अनुसार डॉ. एनगम पामे इंटर मीडिया पब्लिसिटी कोऑर्डिनेशन कमेटी (आईएमपीसीसी) की महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेने और पीआईबी आइजोल के लिए एक अनुवादक की भर्ती से संबंधित सरकारी कार्य के सिलसिले में मिजोरम के दौरे पर आए हुए थे। इसका आप पर असर इस भीषण हादसे ने पहाड़ी क्षेत्रों में सफर के दौरान सड़क सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। • भारत में: केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने दो वरिष्ठ अधिकारियों और एक सहयोगी कर्मचारी को खो दिया है, जिससे क्षेत्रीय मीडिया समन्वय का काम प्रभावित होगा। उत्तर-पूर्वी राज्यों में अंतर-विभागीय प्रचार बैठकों और अनुवादक भर्ती की आधिकारिक प्रक्रियाओं में कुछ समय के लिए देरी हो सकती है। • मिजोरम में: आइजोल और सियालसुक मार्ग पर यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को संकरी पहाड़ी सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। सतैक और आसपास के इलाकों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण स्थानीय प्रशासन को तीव्र मोड़ों पर क्रैश बैरियर और चेतावनी संकेत बढ़ाने की आवश्यकता सामने आई है। ऐसा क्यों हुआ अधिकारियों का वाहन एक पर्यटन स्थल से लौटते समय अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गया और गहरी खाई में गिर गया। पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां और वाहन के असंतुलन की जांच की जा रही है। • दुर्घटना का तात्कालिक कारण: वाहन के खाई में गिरने का निश्चित कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और इसकी जांच जारी है। चालक के वाहन पर नियंत्रण खो देने या तीखे मोड़ पर फिसलन होने की संभावनाओं की पुलिस पड़ताल कर रही है। • भौगोलिक परिस्थितियां: सतैक गांव के आसपास का पहाड़ी इलाका बेहद ढलानदार और खतरनाक है, जहां सड़क से मामूली विचलन भी वाहन को गहरी खाई में गिरा सकता है। बचाव कार्य के दौरान भी जवानों और स्वयंसेवकों को इसी दुर्गम भूभाग की वजह से कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। • आधिकारिक पृष्ठभूमि: डॉ. पामे अंतर-मीडिया प्रचार समन्वय समिति की बैठकों और अनुवादक चयन के सरकारी काम से मिजोरम पहुंचे थे, जिसके बाद अधिकारी पर्यटन स्थल देखने गए थे। वहां से राजधानी लौटते वक्त यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा पेश आया। सवाल-जवाब 1. मिजोरम में सड़क हादसा कहां और कब हुआ? यह हादसा गुरुवार को आइजोल से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण में स्थित सतैक गांव के पास हुआ, जब अधिकारी सियालसुक पर्यटन स्थल से लौट रहे थे। 2. इस दुर्घटना में किन अधिकारियों की मृत्यु हुई? हादसे में पीआईबी व सीबीसी इम्फाल के अपर महानिदेशक डॉ. एनगम पामे, दूरदर्शन आइजोल के निदेशक (समाचार) नाम्पीबाउ मारिनमाई और सीबीसी के कर्मचारी एच लियनवेला की मौत हुई। 3. घायल चालक की स्थिति क्या है और उसका इलाज कहां चल रहा है? सीबीसी के चालक गोजेंद्रो डे गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें आइजोल के पास स्थित जोराम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 4. बचाव अभियान में किन दलों ने भाग लिया? कठिन पहाड़ी इलाके में सियालसुक पुलिस के जवानों और यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) के सदस्यों ने बचाव अभियान चलाकर पीड़ितों को बाहर निकाला। https://trendkia.com/mizoram/mizoram-men-dardanaka-saraka-hadasa-pib-aura-doordarshan-ke-shirsha-adhikariyon-sahita-tina-ki-mauta-41756 TrendKia — Har trend, sabse pehle.