# मिजोरम में कोडीन कफ सिरप के अवैध धंधे पर नकेल, स्वास्थ्य मंत्री ने दी दवा लाइसेंस रद्द करने की कड़ी चेतावनी

> मिजोरम में हेरोइन की कमी के बाद कोडीन कफ सिरप के बढ़ते नशे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने दवा विक्रेताओं को नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी है।

**Type:** article · **Category:** मिजोरम · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/mizoram/mizoram-men-kodina-kapha-sirapa-ke-avaidha-dhndhe-para-nakela-svasthya-mntri-ne-di-dava-laisensa-radda-karane-ki-kari-chetavani-44612 · **Language:** Hindi
**Tags:** मिजोरम, कोडीन सिरप, लालरिनपुई, आइजोल, ड्रग लाइसेंस, नशा मुक्ति

मिजोरम में मेडिकल दवाओं के गलत इस्तेमाल और अवैध खरीद-फरोख्त पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने दवा कारोबारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वे नियमों का उल्लंघन करते पाए गए तो उनके लाइसेंस सीधे रद्द कर दिए जाएंगे। यह कदम राज्य के विभिन्न हिस्सों में कफ सिरप और अन्य फॉर्मूलेशन के बढ़ते गैर-चिकित्सीय उपयोग को देखते हुए उठाया गया है।

## आइजोल में बुलाई गई उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक
दवाओं के दुरुपयोग की गंभीर स्थिति पर विचार करने के लिए मंगलवार को आइजोल में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई के साथ आबकारी एवं नारकोटिक्स मंत्री लालंगहिंगलोवा हमार भी शामिल हुए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग, आबकारी एवं नारकोटिक्स विभाग के आला अधिकारियों और सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में भाग लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नशे के नए चलन को समझना और आपूर्ति तंत्र को पूरी तरह तोड़ना था।

## हेरोइन की किल्लत बनी सिरप के नशे की मुख्य वजह
बैठक के दौरान सामने आए तथ्यों की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मिजोरम में लंबे समय से हेरोइन सबसे बड़ा खतरा बनी हुई थी। हालांकि हाल के दिनों में हेरोइन की आपूर्ति में भारी गिरावट आई है। आपूर्ति घटने के कारण नशे के आदी कई लोग अब फार्मास्यूटिकल दवाओं और विशेष रूप से कोडीन सिरप की ओर मुड़ गए हैं। इस बदलाव ने सुरक्षा एजेंसियों और स्वास्थ्य तंत्र के सामने एक नई और जटिल चुनौती खड़ी कर दी है।

## फर्जी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और लाइसेंसी डीलरों की सांठगांठ
अवैध कारोबार की जांच के दौरान कुछ चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। कई लाइसेंसी दवा विक्रेताओं और खुद को मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बताकर काम करने वाले लोगों की इस काले कारोबार में संलिप्तता पाई गई है। दवाओं की खरीद और बिक्री में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उन पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने गहरी चिंता जताई कि नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं राज्य के बेहद दूरदराज और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाई जा रही हैं। भारी मात्रा में यह सिरप राज्य में लाया जा रहा है और बिना डॉक्टर के पर्चे के खुलेआम बेचा जा रहा है।

## असली मरीजों के लिए दवा मिलना हुआ मुश्किल
स्वास्थ्य मंत्री ने इस पूरे संकट के एक विडंबनापूर्ण पहलू की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सख्ती बढ़ने से उन वास्तविक मरीजों को परेशानी हो रही है जिन्हें इलाज के लिए कोडीन आधारित दवाओं की सख्त जरूरत है। सामान्य मरीजों के लिए यह दवा हासिल करना कठिन हो गया है, जबकि दूसरी ओर मुनाफाखोरों का अवैध नेटवर्क कई इलाकों में अब भी सक्रिय है।

## लाइसेंस रद्द करने और कड़ी निगरानी के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार भरोसे के आधार पर दवा लाइसेंस जारी करती है, लेकिन अगर कोई इसका दुरुपयोग कर अवैध कमाई करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के लाइसेंस तुरंत वापस लिए जाएंगे और भविष्य में नए लाइसेंस बेहद सावधानी तथा कड़ी जांच के बाद ही मंजूर होंगे। इसके साथ ही उन्होंने आबकारी एवं नारकोटिक्स विभाग को जांच तेज करने, खाद्य एवं औषधि प्रशासन को निगरानी बढ़ाने और सेंट्रल वाईएमए को जमीनी स्तर पर अभियान जारी रखने का आह्वान किया।

## इसका आप पर असर
मिजोरम में दवा बिक्री के नियमों में भारी सख्ती से आम नागरिकों और मरीजों पर सीधा असर पड़ेगा।

- **मिजोरम में:** अब किसी भी मरीज को कोडीन युक्त कफ सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर का वैध पर्चा दिखाना अनिवार्य होगा। बिना पर्चे के दवा दुकानों से यह सिरप बिल्कुल नहीं मिल सकेगा।
- **लाइसेंसी दवा कारोबारियों पर:** दवा विक्रेताओं को अपने स्टॉक, खरीद बिल और बिक्री रिकॉर्ड का कड़ा हिसाब-किताब रखना होगा। नियमों में थोड़ी सी भी चूक पाए जाने पर दुकान का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
- **गंभीर मरीजों की स्थिति:** सांस और खांसी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे वास्तविक मरीजों को दवा मिलने में अस्थायी रूप से थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। मरीजों को केवल पंजीकृत चिकित्सकों के परामर्श के बाद ही अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से दवा प्राप्त करने की सलाह दी जाती है।
- **दूरदराज के इलाकों में निगरानी:** राज्य के सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में प्रशासन व सामाजिक संगठनों की चेकिंग तेज रहेगी। अवैध रूप से सिरप बेचने वालों की सूचना स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग को दी जा सकेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
मिजोरम में कोडीन कफ सिरप के बढ़ते दुरुपयोग के पीछे राज्य के परंपरागत नशा तस्करी नेटवर्क में आए बड़े बदलाव और दवा वितरण प्रणाली की कमजोरियां जिम्मेदार हैं।

- **हेरोइन की आपूर्ति में भारी कमी:** राज्य में हेरोइन की आवक पर पुलिस और एजेंसियों की सख्ती के कारण इसकी आपूर्ति अचानक घट गई। इसके चलते नशे के आदी लोगों ने सस्ते और आसानी से उपलब्ध होने वाले कफ सिरप को विकल्प बना लिया।
- **लाइसेंसी नेटवर्क और फर्जीवाड़े की मिलीभगत:** कुछ अधिकृत दवा व्यापारियों और फर्जी मेडिकल प्रतिनिधियों ने लालच में आकर गैरकानूनी तरीके से भारी खेप मंगवाई। उन्होंने जरूरी नियमों को दरकिनार कर बिना डॉक्टर के पर्चे के खुले बाजार में सिरप खपाना शुरू किया।
- **दूरदराज क्षेत्रों तक अवैध पहुंच:** राज्य के अंदरूनी इलाकों में सख्त निगरानी तंत्र की कमी का फायदा उठाकर तस्करों ने ग्रामीण इलाकों तक जाल फैला दिया। सरकारी समीक्षा में पाया गया कि यह नशा अब दूरदराज के युवाओं तक भी पहुंच चुका है।

## सवाल-जवाब

### 1. मिजोरम की स्वास्थ्य मंत्री ने दवा डीलरों को क्या चेतावनी दी है?
स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने और दवाओं का दुरुपयोग कराने वाले कारोबारियों का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

### 2. मिजोरम में कोडीन सिरप के दुरुपयोग में अचानक वृद्धि क्यों देखी गई?
बैठक में सामने आया कि राज्य में हेरोइन की आपूर्ति में भारी गिरावट आने के बाद नशे के आदी लोग कोडीन कफ सिरप की ओर मुड़ गए हैं।

### 3. इस समस्या की समीक्षा के लिए आइजोल में हुई बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई, आबकारी एवं नारकोटिक्स मंत्री लालंगहिंगलोवा हमार, विभागीय अधिकारी और सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन (वाईएमए) के प्रतिनिधि शामिल हुए।

### 4. अवैध दवा व्यापार में किन लोगों की संलिप्तता सामने आई है?
अधिकारियों के अनुसार कुछ लाइसेंसी दवा विक्रेताओं और फर्जी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बनकर काम करने वाले लोगों की इस अवैध कारोबार में भूमिका पाई गई है।

### 5. सख्ती बढ़ने से वास्तविक मरीजों पर क्या असर पड़ रहा है?
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार कड़े नियमों और पाबंदियों के कारण उन जरूरतमंद मरीजों के लिए कोडीन दवा हासिल करना मुश्किल हो गया है जिन्हें इसकी चिकित्सकीय जरूरत है।

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