मिजोरम में सौर और पनबिजली परियोजनाओं से रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को मिल रही नई रफ्तार मिजोरम सरकार राज्य में सौर और पनबिजली क्षमताओं को लगातार बढ़ा रही है, जिसके तहत कई नई परियोजनाओं पर काम चल रहा है और रूफटॉप सोलर योजनाओं को भी तेजी से लागू किया जा रहा है। मिजोरम में हरित ऊर्जा के दायरे को विस्तृत करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है, और कई सौर तथा पनबिजली परियोजनाओं पर काम को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का मकसद राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देना है। उत्पादन के आंकड़े और सोलर प्लांट आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य में सौर ऊर्जा से 41.86 मिलियन यूनिट और छोटे पनबिजली संयंत्रों से 31.04 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन दर्ज किया गया। राज्य भर में कई सोलर प्लांट पहले ही चालू किए जा चुके हैं। इनमें ख्वाजावल जिले के वांकाल में 20 मेगावाट पीक की परियोजना, आइजोल जिले के तुलुंगवेल में 2 मेगावाट पीक की सुविधा और सेरछिप जिले के थेनजवाल में 10 मेगावाट पीक की परियोजना शामिल है। इसके अलावा, आइजोल के सुम्सुइह में 5 मेगावाट पीक का ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट वर्तमान में निर्माणाधीन है। नई साइटें और रूफटॉप योजना सरकार ने मिजोरम में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए कई अन्य स्थानों की भी पहचान की है। विभिन्न स्थानों पर लगने वाली इन परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया और पावर परचेस एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने का काम प्रगति पर है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत, 14 अगस्त तक राज्य में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के लिए 1,532 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,417 घरों में इंस्टॉलेशन का काम पूरा भी किया जा चुका है। इसके साथ ही सरकार सरकारी बिल्डिंग सोलराइजेशन पर भी काम कर रही है, जिसके अंतर्गत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए सरकारी इमारतों की पहचान कर उनका आकलन किया जा रहा है। पनबिजली परियोजनाओं का विस्तार पनबिजली के मोर्चे पर, राज्य सरकार आइजोल जिले में 24 मेगावाट की तुइरिनी स्मॉल हाइडेल प्रोजेक्ट और मणिपुर सीमा के पास सैतुआल जिले में 132 मेगावाट की बड़ी तुइवाई हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना पर काम कर रही है। तुइरिनी परियोजना के लिए आधारशिला पहले ही रखी जा चुकी है और 9 किलोमीटर लंबी एप्रोच रोड के लिए फॉर्मेशन कटिंग का काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना के संबंध में वन मंजूरी, सामाजिक प्रभाव आकलन और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाएं जारी हैं। एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट की मदद से टेंडर संबंधी तैयारियां भी पूरी की जा रही हैं। इस योजना को 676.98 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। राज्य को अब तक 10.50 करोड़ रुपये की व्यय मंजूरी और 50 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है, तथा अतिरिक्त व्यय मंजूरी हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसका आप पर असर मिजोरम में रिन्यूएबल एनर्जी और सोलर रूफटॉप योजनाओं के विस्तार से स्थानीय निवासियों को बिजली आपूर्ति में सुधार और कम लागत वाले ऊर्जा विकल्पों का लाभ मिल रहा है। • भारत में: देश भर में हरित ऊर्जा और रूफटॉप सोलर योजनाओं के प्रसार से उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में कमी आती है और कार्बन उत्सर्जन घटता है। • मिजोरम में: राज्य के निवासियों और सरकारी भवनों के लिए सौर ऊर्जा तथा पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप इंस्टॉलेशन से बिजली की उपलब्धता अधिक सुगम हो रही है। सवाल-जवाब 1. मिजोरम में 2024-25 के दौरान सौर ऊर्जा का कुल उत्पादन कितना रहा? वर्ष 2024-25 के दौरान मिजोरम में सौर ऊर्जा का कुल उत्पादन 41.86 मिलियन यूनिट दर्ज किया गया। 2. राज्य में छोटे पनबिजली संयंत्रों से कितना उत्पादन हुआ? छोटे पनबिजली संयंत्रों से इस अवधि के दौरान 31.04 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। 3. ख्वाजावल जिले के वांकाल में स्थापित सोलर प्रोजेक्ट की क्षमता कितनी है? वांकाल में स्थापित सोलर प्रोजेक्ट की क्षमता 20 मेगावाट पीक है। 4. पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मिजोरम में कितने आवेदन मिले? इस योजना के तहत 14 अगस्त तक 1,532 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 1,417 घरों में इंस्टॉलेशन पूरा हो चुका है। 5. तुइरिनी स्मॉल हाइडेल प्रोजेक्ट किस जिले में स्थित है? तुइरिनी स्मॉल हाइडेल प्रोजेक्ट आइजोल जिले में स्थित है और इसकी क्षमता 24 मेगावाट है। 6. तुइवाई हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना कितने मेगावाट की है? तुइवाई हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना 132 मेगावाट की है और यह सैतुआल जिले में स्थित है। https://trendkia.com/mizoram/mizoram-men-saura-aura-panabijali-pariyojanaon-se-rinyuebala-enarji-kshamata-ko-mila-rahi-nai-raphtara-25314 TrendKia — Har trend, sabse pehle.