मिजोरम में ट्रैक पर मलबा आने से बैराबी-सैरांग रेल सेवा ठप, कई ट्रेनें रद्द मिजोरम के कौनपुई और मुआलखांग के बीच भारी बारिश से रेल पटरी पर कीचड़ और पानी भरने के कारण ट्रेन संचालन रोक दिया गया है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कई प्रमुख ट्रेनों को रद्द और आंशिक रूप से समाप्त कर यात्रियों के लिए 20 बसों की व्यवस्था की है। मिजोरम को देश के मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने वाले बैराबी-सैरांग रेलखंड पर बुधवार को ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के चलते कौनपुई और मुआलखांग रेलवे स्टेशनों के बीच पटरियों पर भारी मात्रा में पानी और कीचड़ जमा हो गया। रेल पटरियों पर आए इस अवरोध को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर इस प्रभावित हिस्से पर ट्रेनों का परिचालन अस्थाई तौर पर रोक दिया है। सुरक्षा के तहत परिचालन रोका, बहाली का काम शुरू पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ट्रैक पर मलबा आने के तुरंत बाद यह कदम उठाया गया। रेलवे के तकनीकी और ग्राउंड कर्मचारी मौके पर स्थिति का मुआयना कर रहे हैं और पटरियों से कीचड़ तथा पानी हटाने का मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। ट्रैक पूरी तरह साफ और सुरक्षित घोषित होने के बाद ही सामान्य परिचालन बहाल किया जाएगा। फंसे मुसाफिरों के लिए बैराबी में 20 बसों का इंतजाम मार्ग बाधित होने से सफर के बीच फंसे रेल यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने राहत कदम उठाए हैं। अधिकारियों ने बैराबी स्टेशन पर 20 विशेष बसों की तैनाती की है। इन बसों के जरिए कोलकाता-सैरांग एक्सप्रेस और सिलचर-सैरांग एक्सप्रेस से आए यात्रियों को सड़क मार्ग से उनके गंतव्य सैरांग और राजधानी आइजोल तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। रद्द और बदले हुए रूट से चलने वाली ट्रेनों की सूची रेलवे प्रशासन द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, सैरांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस जिसे 30 सितंबर को रवाना होना था, और 1 अक्टूबर को चलने वाली सैरांग-सिलचर एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा कई ट्रेनों के संचालन को बीच रास्ते में ही समाप्त या शुरू करने का निर्णय लिया गया है • बुधवार को अपनी यात्रा शुरू करने वाली सिलचर-सैरांग एक्सप्रेस अब केवल बैराबी तक ही जाएगी, और बैराबी से सैरांग के बीच की सेवा रद्द रहेगी। • 29 सितंबर को रवाना हुई कोलकाता-सैरांग एक्सप्रेस भी बैराबी में ही यात्रा समाप्त करेगी, जबकि इसका बैराबी-सैरांग हिस्सा निरस्त रहेगा। • 1 अक्टूबर को चलने वाली सैरांग-कोलकाता एक्सप्रेस अब सैरांग के बजाय हैलाकांडी से अपनी यात्रा शुरू करेगी, जिसका सैरांग और हैलाकांडी के बीच का सफर रद्द किया गया है। • बुधवार को शुरू हुई गुवाहाटी-सैरांग एक्सप्रेस को हैलाकांडी में समाप्त किया जाएगा, और हैलाकांडी से सैरांग के बीच इसका संचालन नहीं होगा। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले संशोधित समय सारिणी और बदले हुए नियमों की जानकारी अवश्य ले लें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके। इसका आप पर असर मिजोरम की राजधानी आइजोल और पड़ोसी राज्यों के बीच रेल यात्रा करने वाले मुसाफिरों की दैनिक आवाजाही इस रुकावट से सीधे प्रभावित हुई है। • मिजोरम में: आइजोल और सैरांग जाने वाले यात्रियों को बैराबी में ट्रेन से उतरकर सड़क मार्ग लेना होगा। रेलवे द्वारा तैनात 20 विशेष बसों से ही आगे का सफर पूरा किया जा सकेगा। • असम और बंगाल के यात्रियों के लिए: सिलचर, गुवाहाटी और कोलकाता से चलने वाली ट्रेनों को हैलाकांडी और बैराबी पर ही रोक दिया गया है। इन रूटों पर यात्रा करने वाले लोगों को टिकट रिफंड अथवा वैकल्पिक साधनों की योजना बनानी होगी। • रद्द ट्रेनों के यात्रियों पर असर: 30 सितंबर और 1 अक्टूबर की कई निर्धारित एक्सप्रेस सेवाएं रद्द रहने से रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों का सफर टल गया है। प्रभावित यात्रियों को रेलवे नियमों के तहत ऑटोमैटिक रिफंड या रीशेड्यूलिंग की सुविधा मिलेगी। • दैनिक संपर्क व्यवस्था: मिजोरम को देश के मुख्य रेल संजाल से जोड़ने वाली इस प्रमुख लाइन के बंद रहने से माल और जरूरी आपूर्ति सड़क मार्ग पर निर्भर हो सकती है। बहाली का काम पूरा होने तक निजी वाहनों और टैक्सियों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। ऐसा क्यों हुआ मिजोरम के पहाड़ी इलाकों में हुई भारी मानसूनी बारिश के कारण पटरियों पर कीचड़ और मलबा बहकर आ गया, जिससे सुरक्षित रेल संचालन नामुमकिन हो गया। • प्राकृतिक कारण: कौनपुई और मुआलखांग स्टेशनों के बीच तेज बारिश के चलते आसपास की ढलानों से पानी और गाद बहकर पटरियों पर जमा हो गई। रेलवे ट्रैक पर जमा इस भारी मलबे के कारण पहियों की फिसलन और दुर्घटना का गंभीर जोखिम बन गया था। • सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए तत्काल प्रभाव से ट्रेनों के पहिए थाम दिए। रेलवे संचालन में ट्रैक पर अवरोध दिखने पर क्लीयरेंस मिलने तक परिचालन रोकना अनिवार्य नियम है। • बहाली की वर्तमान स्थिति: रेलवे के इंजीनियरिंग और आपदा प्रबंधन दल ट्रैक से मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेनों को दोबारा अनुमति दी जाएगी। सवाल-जवाब 1. बैराबी-सैरांग रेलखंड पर ट्रेनें क्यों रोकी गई हैं? भारी बारिश के कारण कौनपुई और मुआलखांग के बीच पटरियों पर भारी मात्रा में पानी और कीचड़ जमा हो गया था, जिससे सुरक्षा कारणों से परिचालन रोकना पड़ा। 2. फंसे हुए यात्रियों के लिए रेलवे ने क्या प्रबंध किया है? रेलवे ने बैराबी स्टेशन पर 20 बसें तैनात की हैं ताकि कोलकाता-सैरांग और सिलचर-सैरांग एक्सप्रेस के यात्रियों को सैरांग और आइजोल पहुंचाया जा सके। 3. कौन-कौन सी ट्रेनें पूरी तरह रद्द की गई हैं? 30 सितंबर की सैरांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस और 1 अक्टूबर की सैरांग-सिलचर एक्सप्रेस को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। 4. कोलकाता-सैरांग और सिलचर-सैरांग एक्सप्रेस कहां तक जाएंगी? ये दोनों ट्रेनें अपनी सामान्य मंजिल के बजाय बैराबी स्टेशन पर ही समाप्त कर दी गई हैं, और आगे का हिस्सा रद्द है। 5. गुवाहाटी-सैरांग और सैरांग-कोलकाता एक्सप्रेस के रूट में क्या बदलाव हुआ है? गुवाहाटी-सैरांग एक्सप्रेस हैलाकांडी पर समाप्त होगी, जबकि 1 अक्टूबर की सैरांग-कोलकाता एक्सप्रेस सैरांग के बजाय हैलाकांडी से रवाना होगी। https://trendkia.com/mizoram/mizoram-men-traika-para-malaba-ane-se-bairabi-sairang-rela-seva-thapa-kai-trenen-radda-41064 TrendKia — Har trend, sabse pehle.