मिजोरम ने केंद्र के सामने रखी ईएसआईसी अस्पताल की मांग, खेलो इंडिया के तहत फंड बढ़ाने पर भी जोर मिजोरम सरकार ने केंद्र से राज्य में एक ईएसआईसी अस्पताल स्थापित करने और खेलो इंडिया योजना के तहत खेल ढांचे के लिए अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है। मिजोरम सरकार ने नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम, रोजगार और खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान केंद्र के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं। राज्य के श्रम मंत्री लालनघिंगलोवा हमार ने राष्ट्रीय राजधानी में हुई इस उच्च स्तरीय चर्चा के दौरान केंद्र सरकार से पूर्वोत्तर के इस राज्य में कर्मचारियों के लिए एक विशेष ईएसआईसी अस्पताल खोलने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, उन्होंने खेलो इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अधिक केंद्रीय सहायता दिए जाने की भी पुरजोर वकालत की है। बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने इन सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। जनसंख्या के मानदंडों में छूट की अपील चर्चा के दौरान राज्य के मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मिजोरम की कम आबादी के कारण वहां वर्तमान मानदंडों के अनुसार ईएसआईसी अस्पताल के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना काफी कठिन हो जाता है। हालांकि, इसके बावजूद राज्य में लगातार ईएसआईसी लाभार्थियों की संख्या में इजाफा हो रहा है और लगातार नए रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। मंत्री ने केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से आग्रह किया कि वे राज्य की भौगोलिक और जनसांख्यिकीय विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नियमों में आवश्यक छूट दें। केंद्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन देते हुए कहा कि इस मामले को आगामी ईएसआईसी बैठक में उठाया जा सकता है। श्रम कल्याण और खेल विकास पर चर्चा केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्य द्वारा श्रम कल्याण की दिशा में उठाए जा रहे विभिन्न कदमों की सराहना की। इसके साथ ही, खेल और युवा सेवा विभाग का प्रभार संभाल रहे मंत्री ने खेलो इंडिया योजना के तहत अतिरिक्त वित्तीय मदद के लिए अलग से प्रस्ताव भी सौंपे। केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा भेजे गए इन प्रस्तावों पर बजट और फंड आवंटन के समय गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस तरह की पहलों से राज्य के युवाओं और श्रमिकों दोनों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसका आप पर असर यह निर्णय पूर्वोत्तर के इस राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और खेल के मैदानों की स्थिति को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। - भारत में: देश भर के विभिन्न राज्यों में केंद्रीय योजनाओं और श्रम कल्याण कोष के वितरण पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। - मिजोरम में: स्थानीय श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी और युवा एथलीटों को उन्नत खेल प्रशिक्षण बुनियादी ढांचा प्राप्त होगा। - स्वास्थ्य लाभ: ईएसआईसी अस्पताल के निर्माण से बीमित कर्मचारियों को इलाज के लिए अन्य राज्यों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। - खेल प्रोत्साहन: खेलो इंडिया फंड बढ़ने से स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने के नए अवसर पैदा होंगे। ऐसा क्यों हुआ राज्य की विशिष्ट जनसांख्यिकीय स्थिति और बढ़ती औद्योगिक व कामकाजी आबादी के कारण इन प्रस्तावों की आवश्यकता पड़ी है। - जनसंख्या मानदंड: राज्य की छोटी आबादी सामान्यतः सख्त केंद्रीय पात्रता नियमों को पूरा करने में असमर्थ रहती है। - बढ़ते लाभार्थी: निर्धारित मानदंडों के बावजूद राज्य में ईएसआईसी पंजीकरण लगातार बढ़ रहे हैं। - बुनियादी ढांचे की कमी: स्थानीय युवाओं के लिए खेल सुविधाओं के विकास हेतु अतिरिक्त वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। सवाल-जवाब 1. मिजोरम के किस मंत्री ने केंद्र सरकार से मुलाकात की? मिजोरम के श्रम और खेल मंत्री लालनघिंगलोवा हमार ने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। 2. बैठक में कौन से केंद्रीय मंत्री मौजूद थे? केंद्रीय श्रम, रोजगार और खेल मंत्री मनसुख मांडविया इस बैठक में उपस्थित थे। 3. राज्य ने मुख्य रूप से कौन सी दो मांगें रखीं? राज्य ने ईएसआईसी अस्पताल स्थापित करने और खेलो इंडिया फंड बढ़ाने की मांग की। 4. ईएसआईसी अस्पताल की मांग में क्या मुख्य बाधा आ रही थी? राज्य की छोटी आबादी के कारण मौजूदा पात्रता मानदंडों को पूरा करना कठिन हो रहा था। 5. केंद्रीय मंत्री ने इस पर क्या आश्वासन दिया? केंद्रीय मंत्री ने प्रस्तावों की जांच करने और उन्हें अगली ईएसआईसी बैठक में उठाने का आश्वासन दिया। https://trendkia.com/mizoram/mizoram-ne-kendra-ke-samane-rakhi-esic-aspatala-ki-manga-khelo-india-ke-tahata-phnda-barhane-para-bhi-jora-30703 TrendKia — Har trend, sabse pehle.