# जनगणना 2027 को सबसे पहले पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा मिजोरम

> मिजोरम ने राष्ट्रीय स्तर पर आगामी जनगणना को समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से सबसे पहले पूरा करने की व्यापक प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी है।

**Type:** article · **Category:** मिजोरम · **Published:** 2026-10-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/mizoram/mizoram-sets-sight-on-becoming-earliest-state-to-wrap-up-census-2027-46060 · **Language:** Hindi
**Tags:** मिजोरम, जनगणना 2027, खिल्ली राम मीणा, आइजोल, जनसांख्यिकी, प्रशासनिक तैयारी

पूर्वोत्तर का राज्य मिजोरम आगामी जनगणना 2027 की प्रक्रिया को देश भर में सबसे पहले संपन्न कराने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। आइजोल में आयोजित एक राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव खिल्ली राम मीणा ने इस वृहद अभियान के दूसरे चरण की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने रेखांकित किया कि समय पर और सटीक आबादी का ब्योरा जुटाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह नीति निर्माण को दिशा देने के साथ विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्यों को हासिल करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है।

## शरणार्थियों की गिनती और आधार की अनिवार्यता पर स्पष्टीकरण
प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक में स्पष्ट किया कि इस गणना के दायरे में राज्य की सभी 16 अनुसूचित जातियों के साथ वहां रह रहे शरणार्थियों को भी शामिल किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि जनगणना रजिस्टर में दर्ज होने मात्र से किसी भी शरणार्थी को भारत की नागरिकता का कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं होगा। इसके अलावा, नागरिकों की प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए यह नियम तय किया गया है कि जो लोग अपना आधार विवरण साझा करने के अनिच्छुक हैं, उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाएगा। साथ ही, जिन निवासियों के नाम मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया में छूट गए थे, उन्हें भी गणना से बाहर नहीं रखा जाएगा।

## प्रशिक्षण का ढांचा, कार्यभार और केंद्रीय बजट
जमीनी स्तर पर काम को सुचारु रूप से चलाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणकों (इन्यूमरेटर्स) और सुपरवाइजर्स का व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम नवंबर तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। तय कार्ययोजना के तहत प्रत्येक प्रगणक को औसतन लगभग 800 व्यक्तियों का डेटा दर्ज करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। केंद्र सरकार ने जनगणना के दूसरे चरण की गतिविधियों को समय पर पूरा करने के लिए राज्य को 19.19 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी कर दी है।

## इसका आप पर असर
आगामी जनगणना से क्षेत्र में विकास योजनाओं और जनसांख्यिकी से जुड़े आंकड़ों का समय पर सटीक संकलन सुनिश्चित होगा।

- **मिजोरम में:** राज्य के सभी निवासियों और 16 अनुसूचित जातियों का डेटा समय पर दर्ज किया जाएगा। मतदाता सूची से बाहर रहे लोग भी इस गणना में शामिल होंगे जिससे कल्याणकारी योजनाओं की सटीक योजना बन सकेगी।
- **भारत में:** सटीक जनगणना आंकड़े राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक नीतियों और विकास रणनीतियों के बेहतर क्रियान्वयन में मदद करेंगे। विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए यह डेटा प्रमुख आधार बनेगा।
- **नागरिकों की निजता:** आधार विवरण देना पूरी तरह से स्वैच्छिक रहेगा। किसी भी नागरिक पर अपनी पहचान संख्या साझा करने का अनिवार्य दबाव नहीं रहेगा।
- **शरणार्थियों के लिए स्थिति:** राज्य में मौजूद शरणार्थियों की गणना तो होगी लेकिन यह स्पष्ट किया गया है कि इससे उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिलेगी। इससे जनसांख्यिकीय डेटा स्पष्ट रहेगा बिना किसी कानूनी बदलाव के।

## ऐसा क्यों हुआ
यह प्रशासनिक पहल आगामी राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया को त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से संचालित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

- **विकास नीतियों का आधार:** सटीक जनसंख्या आंकड़े सरकारी नीतियों और योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए जरूरी हैं। इसी वजह से प्रशासन ने समय पर डेटा संकलन को प्राथमिकता दी है।
- **राष्ट्रीय लक्ष्य का जुड़ाव:** विकसित भारत 2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए ठोस और अद्यतन आंकड़ों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। मिजोरम इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सबसे पहले प्रक्रिया पूरी करना चाहता है।
- **प्रशासनिक समन्वय:** केंद्र सरकार की ओर से फंड जारी होने के बाद राज्य में फील्ड स्तर के कार्यकर्ताओं को तैयार करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. जनगणना 2027 को लेकर मिजोरम का क्या लक्ष्य है?
मिजोरम देश में सबसे पहले जनगणना 2027 की प्रक्रिया को पूरा करने वाला राज्य बनने का लक्ष्य लेकर काम कर रहा है।

### 2. जनगणना के दूसरे चरण के लिए केंद्र सरकार ने कितना बजट जारी किया है?
केंद्र सरकार ने मिजोरम को दूसरे चरण के संचालन के लिए 19.19 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।

### 3. क्या जनगणना में आधार नंबर देना अनिवार्य है?
नहीं, आधार नंबर साझा करना पूरी तरह से स्वैच्छिक है और किसी को भी इसे देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

### 4. क्या शरणार्थियों की गणना से उन्हें भारतीय नागरिकता मिल जाएगी?
नहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शरणार्थियों की गिनती करने से उन्हें भारतीय नागरिकता का अधिकार नहीं मिलता।

### 5. प्रत्येक प्रगणक को कितने लोगों की गणना का काम सौंपा जाएगा?
प्रत्येक प्रगणक द्वारा लगभग 800 व्यक्तियों का डेटा दर्ज किए जाने की उम्मीद है।

### 6. प्रगणकों और सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण कब तक पूरा होगा?
मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणकों और सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण नवंबर तक समाप्त होने की संभावना है।

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