मिजोरम विधानसभा में पेश होगा प्रस्ताव, 'रो मिन रेलसक आंग चे' को राज्य गीत का दर्जा दिलाएंगे मुख्यमंत्री लालदुहोमा मुख्यमंत्री लालदुहोमा राज्य विधानसभा में रोकुंगा द्वारा 1947 में रचित गीत 'रो मिन रेलसक आंग चे' को मिजोरम का आधिकारिक राज्य गीत घोषित करने के लिए प्रस्ताव पेश करेंगे। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा गुरुवार को राज्य विधानसभा में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश करने जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य प्रसिद्ध मिजो गीत "रो मिन रेलसक आंग चे" को आधिकारिक राज्य गीत का दर्जा देना है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सदन में सदस्यों के बीच चर्चा के बाद इस प्रस्ताव को अपनाए जाने की पूरी संभावना है। राज्य कैबिनेट पहले ही 10 अगस्त को आयोजित अपनी बैठक में इस गीत को आधिकारिक राज्य गीत के रूप में अपनाने की मंजूरी दे चुकी है। गीत का इतिहास और सांस्कृतिक महत्व वर्ष 1947 में प्रसिद्ध मिजो लेखक और संगीतकार रोकुंगा द्वारा रचित और स्वरबद्ध किए गए इस गीत "रो मिन रेलसक आंग चे" का अर्थ "हमारा मार्गदर्शक बनो" होता है। पूर्व में उग्रवाद के दौर के दौरान मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) ने इसे मिजो राष्ट्रगान घोषित किया था। हालांकि सरकार की ओर से लंबे समय तक इसे औपचारिक आधिकारिक मान्यता नहीं मिली थी, फिर भी यह गीत पूरे मिजोरम में अनौपचारिक रूप से राज्य के राष्ट्रगान के रूप में व्यापक रूप से गाया और माना जाता रहा है। स्कूलों में अनिवार्य गायन और विधानसभा का एजेंडा राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में इस गीत की स्वीकार्यता को मजबूत करने के लिए वर्ष 2022 में तत्कालीन मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया था। उस समय सरकार ने पूरे राज्य के स्कूलों को निर्देश दिया था कि कक्षाओं की शुरुआत से पहले सुबह की प्रार्थना सभा में इस गीत को अनिवार्य रूप से गाया जाए। इसके अलावा, अधिकारियों ने बताया कि जारी सत्र के दौरान विधानसभा में दो संशोधन विधेयकों के साथ एक नया कानून भी पेश किया जाना है। प्रस्तावित नए कानून का नाम 'द मिजोरम (लैंड सर्वे एंड सेटलमेंट ऑपरेशन) बिल, 2026' है। गुरुवार शाम को विधानसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने से पहले सदन द्वारा इन सभी विधेयकों को पारित किए जाने की उम्मीद है। इसका आप पर असर राज्य गीत का आधिकारिक दर्जा मिजोरम की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा और राज्य के सरकारी कार्यक्रमों तथा शैक्षणिक संस्थानों के लिए नियम तय करेगा। • भारत में: यह निर्णय राष्ट्रीय ढांचे के भीतर क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत को औपचारिक रूप से संरक्षित करता है। इससे अंतर-राज्यीय कार्यक्रमों में राज्य के प्रतिनिधित्व के लिए एक मानक प्रोटोकॉल मिलेगा। • मिजोरम में: नागरिकों को 1947 से सांस्कृतिक महत्व रखने वाले इस गीत के लिए आधिकारिक मान्यता मिलेगी। सरकारी आयोजनों में अब इस गीत की तय प्रस्तुति का प्रयोग किया जाएगा। • शैक्षणिक संस्थानों में: राज्य भर के स्कूलों में स्पष्ट सरकारी स्वीकृति के साथ गीत गाया जाना जारी रहेगा। छात्र दैनिक प्रार्थना सभाओं में ऐतिहासिक रचना से जुड़ेंगे। • सरकारी प्रोटोकॉल में: आधिकारिक राज्य समारोहों में तय राष्ट्रगान की प्रस्तुति अनिवार्य होगी। राज्य प्रोटोकॉल अधिकारी गीत के गान के लिए औपचारिक दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। सवाल-जवाब 1. प्रस्तावित मिजोरम राज्य गीत की रचना किसने की थी? गीत 'रो मिन रेलसक आंग चे' की रचना 1947 में प्रसिद्ध मिजो लेखक और संगीतकार रोकुंगा ने की थी। 2. गीत 'रो मिन रेलसक आंग चे' का अर्थ क्या है? इस शीर्षक का अर्थ 'हमारा मार्गदर्शक बनो' है। 3. मिजोरम कैबिनेट ने गीत को अपनाने की मंजूरी कब दी थी? राज्य कैबिनेट ने 10 अगस्त को हुई अपनी बैठक में इस गीत को आधिकारिक राज्य गीत के रूप में अपनाने की मंजूरी दी थी। 4. साल 2022 में इस गीत को लेकर क्या निर्देश जारी किया गया था? साल 2022 में राज्य सरकार ने मिजोरम भर के स्कूलों को निर्देश दिया था कि कक्षाओं की शुरुआत से पहले इस गीत को गाया जाए। 5. विधानसभा सत्र के दौरान कौन से अन्य विधेयक पेश किए जा रहे हैं? विधानसभा में दो संशोधन विधेयकों के साथ 'द मिजोरम (लैंड सर्वे एंड सेटलमेंट ऑपरेशन) बिल, 2026' पेश किया जा रहा है। https://trendkia.com/mizoram/mizoram-vidhanasabha-men-pesha-hoga-prastava-ro-min-relsak-ang-che-ko-rajya-gita-ka-darja-dilaenge-mukhyamntri-lalduhoma-22959 TrendKia — Har trend, sabse pehle.