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  "title": "मिजोरम विधानसभा में सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव, 'रो मिन रेल सक अंग चे' बना आधिकारिक राज्य गीत",
  "summary": "मिजोरम विधानसभा ने 1947 में रोकुंगा द्वारा रचित देशभक्ति गीत 'रो मिन रेल सक अंग चे' को सर्वसम्मति से राज्य का आधिकारिक गीत घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री लालदुहोमा द्वारा पेश प्रस्ताव के बाद जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट इसके गायन के नियम तय करेगा।",
  "content": "मिजोरम विधानसभा ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित करते हुए लोकप्रिय देशभक्ति गीत 'रो मिन रेल सक अंग चे' को राज्य के आधिकारिक गीत के रूप में सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। सदन में इस प्रस्ताव को पेश करते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा कि भारत के कई राज्यों के पास पहले से ही अपने आधिकारिक राज्य गीत मौजूद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सांस्कृतिक गीत को अपनाना भारत के राष्ट्रगान या राष्ट्रीय गीत के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का टकराव पैदा नहीं करता है, बल्कि यह मिजोरम की वर्षों पुरानी जनभावना को औपचारिक वैधानिक मान्यता प्रदान करता है।\n\nकैबिनेट का फैसला और प्रशासनिक दिशा निर्देश\nइस फैसले की विस्तृत पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने विधानसभा को बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने 10 अगस्त को हुई अपनी बैठक के दौरान मिजोरम के लिए एक आधिकारिक राज्य गीत अपनाने का फैसला किया था। कैबिनेट ने प्रसिद्ध मिजो लेखक और संगीतकार रोकुंगा द्वारा रचित गीत 'रो मिन रेल सक अंग चे' का चयन सर्वसम्मति से किया था। विधानसभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद अब जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (जीएडी) इसके इस्तेमाल को लेकर विस्तृत नियम और कोड ऑफ कंडक्ट तैयार करेगा। यह विभाग निर्धारित करेगा कि सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस गीत का गायन और बजाना किस प्रकार किया जाएगा।\n\nगीत का धार्मिक महत्व और गायन का नियम\n'रो मिन रेल सक अंग चे' शब्द का अर्थ \"आप हमारे सलाहकार बनें\" होता है। यह रचना मिजोरम के लोगों के लिए गहरे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मायने रखती है। मुख्यमंत्री ने गीत के भाव को समझाते हुए कहा कि इसमें ईश्वर को सर्वोच्च शासक और राजाओं का राजा माना गया है, जो मिजोरम और इसके नागरिकों के लिए दैवीय मार्गदर्शन, सुरक्षा और न्यायपूर्ण शासन की कामना करता है। आधिकारिक अवसरों पर इसके गायन के लिए मुख्यमंत्री ने कड़े नियमों की घोषणा की। जब भी यह गीत आधिकारिक रूप से गाया जाएगा, सभी उपस्थित लोगों को सम्मानपूर्वक खड़े होना होगा, अपना दाहिना हाथ छाती के बाएं हिस्से पर रखना होगा और इसे पूरी श्रद्धा तथा प्रार्थना की भावना के साथ गाना होगा।\n\n1947 से शुरू हुआ सफर और राजकीय मान्यता\nइस कालजयी गीत की रचना 1947 में मिजोरम के जाने माने लेखक और संगीतकार रोकुंगा ने की थी। उग्रवाद के दौर के दौरान मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने इसे मिजो राष्ट्रगान घोषित किया था। भले ही लंबे समय तक इसे सरकार से औपचारिक कानूनी मान्यता नहीं मिली थी, लेकिन मिजोरम की जनता हमेशा से इसे राज्य के गान के रूप में गाती आ रही थी। साल 2022 में तत्कालीन एमएनएफ नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य भर के सभी स्कूलों को निर्देश दिया था कि वे कक्षाओं की शुरुआत से पहले रोजाना इस गीत का गायन अनिवार्य रूप से करें। गुरुवार को विधानसभा में लंबी चर्चा के बाद सभी सदस्यों ने एकजुट होकर इसे राज्य के आधिकारिक गीत का दर्जा दे दिया।\n\nइसका आप पर असर\nमिजोरम विधानसभा द्वारा 'रो मिन रेल सक अंग चे' को राज्य गीत घोषित किए जाने से राज्य के सांस्कृतिक परिदृश्य और प्रशासनिक आयोजनों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।\n\n• भारत में: यह निर्णय भारत के विभिन्न राज्यों द्वारा अपनी विशिष्ट भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के राष्ट्रीय रुझान को मजबूत करता है। इससे अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी अपने आधिकारिक प्रतीकों को वैधानिक मान्यता देने की चर्चा को बल मिल सकता है।\n• मिजोरम में: राज्य के सभी सरकारी आयोजनों, शैक्षणिक संस्थानों और आधिकारिक कार्यक्रमों में अब इस गीत को राष्ट्रगान के साथ सम्मानपूर्वक गाया जाएगा। नागरिकों और छात्रों को अब इस गीत के गायन के समय निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा।\n• सांस्कृतिक महत्व: 1947 से चले आ रहे इस देशभक्ति गीत को औपचारिक दर्जा मिलने से स्थानीय साहित्य और मिजो पहचान को नई मजबूती मिलेगी। इससे आने वाली पीढ़ियों में राज्य के सांस्कृतिक इतिहास के प्रति गौरव बढ़ेगा।\n• आधिकारिक नियम: जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट द्वारा जल्द ही एक नया कोड ऑफ कंडक्ट जारी किया जाएगा। इसके तहत सरकारी अधिकारियों और संस्थानों को इसके उपयोग के समय और तरीके का कड़ाई से पालन करना होगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मिजोरम का नया आधिकारिक राज्य गीत कौन सा है?\nमिजोरम विधानसभा ने सर्वसम्मति से 'रो मिन रेल सक अंग चे' को राज्य का आधिकारिक गीत घोषित किया है।\n\n2. इस गीत की रचना किसने और कब की थी?\nइस गीत की रचना प्रसिद्ध मिजो लेखक और संगीतकार रोकुंगा ने वर्ष 1947 में की थी।\n\n3. गीत 'रो मिन रेल सक अंग चे' का अर्थ क्या है?\nइस गीत का अर्थ 'आप हमारे सलाहकार बनें' होता है, जो ईश्वर से मार्गदर्शन और न्यायपूर्ण शासन की प्रार्थना करता है।\n\n4. इस गीत को गाते समय किन नियमों का पालन करना होगा?\nगीत गाते समय सभी को खड़े होकर अपना दाहिना हाथ छाती के बाएं हिस्से पर रखना होगा और इसे श्रद्धापूर्वक गाना होगा।\n\n5. गीत के इस्तेमाल के नियम कौन तैयार करेगा?\nजनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (जीएडी) इसके उपयोग और प्रोटोकॉल के लिए दिशानिर्देश तथा कोड ऑफ कंडक्ट तैयार करेगा।",
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  "category": "मिजोरम",
  "publishedAt": "2026-08-28",
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