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  "type": "article",
  "title": "12 लाख तक की इनकम पर जीरो टैक्स, जानिए पुराने और नए दोनों रिजीम में कैसे मिलती है सेक्शन 87ए की रिबेट",
  "summary": "इनकम टैक्स एक्ट की धारा 87ए के तहत पुराने रिजीम में 5 लाख और नए रिजीम में 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर लगने वाला पूरा टैक्स माफ हो जाता है। ITR पोर्टल पर यह रिबेट बिना किसी दस्तावेज के अपने आप लागू हो जाती है।",
  "content": "इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने की डेडलाइन जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, करदाताओं की चिंता भी बढ़ती जा रही है। कुछ लोग पुराने रिजीम में रहकर हिसाब लगा रहे हैं तो कुछ नए रिजीम में जाने की सोच रहे हैं। लेकिन इस उलझन के बीच एक राहत की बात यह है कि इनकम टैक्स कानून में एक ऐसा प्रावधान है जो दोनों रिजीम के करदाताओं को फायदा देता है। यह है सेक्शन 87ए, जिसके तहत सरकार एक तय सीमा तक की कमाई पर लगने वाला पूरा टैक्स माफ कर देती है।\n\nसेक्शन 87ए क्या है और कैसे काम करता है?\nइनकम टैक्स एक्ट की धारा 87ए एक रिबेट प्रावधान है। इसमें आपकी आमदनी पर टैक्स की गणना सामान्य तरीके से होती है, लेकिन अगर कमाई एक तय सीमा के भीतर है तो यह पूरा टैक्स माफ कर दिया जाता है। आपको एक रुपया भी नहीं देना होता। पुराने टैक्स रिजीम में यह सुविधा सीधे धारा 87ए के तहत मिलती है, जबकि नए रिजीम में इसी प्रावधान को अपडेट करके 115BAC(1A) बनाया गया है। दोनों के काम करने का तरीका एक जैसा है, बस छूट की सीमा अलग-अलग है।\n\nपुराने रिजीम में 5 लाख तक की कमाई पर शून्य टैक्स\nपुराने टैक्स रिजीम में रहने वाले करदाताओं के लिए सेक्शन 87ए के तहत 5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी पर कोई टैक्स नहीं देना होता। इस सीमा पर टैक्स की गणना करने पर कुल 12,500 रुपये का टैक्स बनता है, लेकिन सरकार यह पूरी रकम माफ कर देती है। यानी जिनकी सालाना कमाई 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं, उन्हें पुराने रिजीम में एक पैसा भी टैक्स नहीं देना होगा।\n\nहालांकि इस राहत में एक अहम शर्त है। जैसे ही इनकम 5 लाख रुपये से एक रुपया भी ज्यादा हो जाती है, यह रिबेट पूरी तरह खत्म हो जाती है। इसके बाद पूरी कमाई पर टैक्स लगता है और वह चुकाना भी पड़ता है। इसलिए जो लोग इस सीमा के करीब हैं, उन्हें अपनी कुल आमदनी का सही हिसाब रखना बहुत जरूरी है।\n\nनए रिजीम में 12 लाख तक की इनकम पर 60,000 रुपये की माफी\nनए टैक्स रिजीम में यह राहत काफी बड़ी है। धारा 115BAC(1A) के तहत सरकार ने 12 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी पर टैक्स से पूरी राहत दी है। इस सीमा पर टैक्स की गणना होती है जो करीब 60,000 रुपये बनती है, लेकिन यह पूरी रकम माफ हो जाती है। यानी नए रिजीम में 12 लाख रुपये तक कमाने वाले करदाता पर कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती।\n\nयहां भी वही शर्त लागू होती है जो पुराने रिजीम में है। अगर आमदनी 12 लाख रुपये से एक रुपया भी ज्यादा हो जाए, तो पूरी कमाई पर टैक्स की गणना होगी और कोई रिबेट नहीं मिलेगी। उस स्थिति में पूरी टैक्स देनदारी बन जाती है, इसलिए नए रिजीम में भी इस सीमा का खयाल रखना जरूरी है।\n\nकोई कागजात नहीं, पोर्टल अपने आप करता है काम\nइस पूरे प्रावधान की सबसे अच्छी बात यह है कि करदाता को इस छूट के लिए अलग से कोई दस्तावेज पेश करने या आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ती। ITR पोर्टल पर जैसे ही आप अपनी कुल आमदनी दर्ज करते हैं और अपना रिजीम चुनते हैं, सिस्टम खुद टैक्स की गणना के साथ-साथ रिबेट भी लागू कर देता है। इससे आपकी पूरी टैक्स देनदारी शून्य हो सकती है। बिना किसी अतिरिक्त कदम के, सामान्य ITR भरने की प्रक्रिया में ही यह छूट अपने आप जुड़ जाती है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: पुराने रिजीम में 5 लाख रुपये तक और नए रिजीम में 12 लाख रुपये तक सालाना कमाई वाले करदाताओं को एक रुपया भी इनकम टैक्स नहीं देना होगा, क्योंकि पूरा टैक्स सरकार माफ कर देती है।\n• ITR पोर्टल पर यह रिबेट अपने आप लागू होती है, इसलिए अलग से कोई दस्तावेज या आवेदन देने की जरूरत नहीं।\n• ध्यान रखें कि तय सीमा से एक रुपया भी ज्यादा आमदनी होने पर पूरी रिबेट खत्म हो जाती है, इसलिए ITR भरने से पहले अपनी कुल कर योग्य आमदनी जरूर जांच लें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सेक्शन 87ए क्या है?\nयह इनकम टैक्स एक्ट का एक रिबेट प्रावधान है जिसके तहत एक तय आमदनी सीमा तक के पूरे टैक्स को माफ कर दिया जाता है, यानी करदाता को एक रुपया भी नहीं देना होता।\n\n2. पुराने रिजीम में सेक्शन 87ए के तहत कितनी छूट मिलती है?\nपुराने रिजीम में 5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी पर 12,500 रुपये का पूरा टैक्स माफ हो जाता है।\n\n3. नए रिजीम में टैक्स रिबेट की सीमा क्या है?\nनए रिजीम में 115BAC(1A) के तहत 12 लाख रुपये तक की आमदनी पर लगभग 60,000 रुपये का टैक्स पूरी तरह माफ हो जाता है।\n\n4. अगर आमदनी तय सीमा से एक रुपया भी ज्यादा हो जाए तो क्या होगा?\nपुराने रिजीम में 5 लाख और नए रिजीम में 12 लाख की सीमा पार होते ही रिबेट बिल्कुल नहीं मिलती और पूरी कमाई पर टैक्स लग जाता है।\n\n5. 115BAC(1A) और सेक्शन 87ए में क्या फर्क है?\n115BAC(1A) नए टैक्स रिजीम में सेक्शन 87ए का अपडेटेड रूप है। दोनों एक ही तरह काम करते हैं, लेकिन 115BAC(1A) में छूट की सीमा 12 लाख रुपये है जबकि सेक्शन 87ए में 5 लाख रुपये है।\n\n6. क्या इस रिबेट का फायदा उठाने के लिए अलग से कोई दस्तावेज देना होता है?\nनहीं, ITR पोर्टल पर आमदनी और रिजीम चुनते ही सिस्टम अपने आप रिबेट लागू कर देता है, कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं चाहिए।\n\n7. क्या यह रिबेट पुराने और नए दोनों रिजीम में मिलती है?\nहां, दोनों रिजीम में यह छूट मिलती है, लेकिन पुराने रिजीम में सीमा 5 लाख रुपये है और नए रिजीम में 12 लाख रुपये, इसलिए नए रिजीम में ज्यादा राहत है।",
  "url": "https://trendkia.com/money/12-lakha-taka-ki-inakama-para-jiro-taiksa-janie-purane-aura-nae-donon-rijima-men-kaise-milati-hai-sekshana-87e-ki-ribeta-3123",
  "category": "मनी",
  "publishedAt": "2026-06-26",
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    "सेक्शन 87ए",
    "इनकम टैक्स रिबेट",
    "ITR फाइलिंग",
    "नया टैक्स रिजीम",
    "पुराना टैक्स रिजीम",
    "टैक्स छूट",
    "115BAC",
    "इनकम टैक्स"
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  "site": "TrendKia"
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