आठवें वेतन आयोग की बैठकें शुरू: जानिए सैलरी हाइक, डीए और फिटमेंट फैक्टर पर क्या मिल सकती है राहत आठवें वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगों को सुनने के लिए बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। चेन्नई से शुरू हुई इन बैठकों में फिटमेंट फैक्टर, डीए और बोनस जैसी कई बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं। आठवें वेतन आयोग ने देश भर में कर्मचारी यूनियनों की मांगों और सुझावों की समीक्षा के लिए बैठकों की एक श्रृंखला शुरू कर दी है। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य आगामी वेतन मैट्रिक्स की सिफारिशों को अंतिम रूप देना है, जिससे करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। पहली बैठक 7 सितंबर को चेन्नई में आयोजित की गई थी, जिसके बाद आगे की बैठकें अन्य प्रमुख शहरों में तय की गई हैं। इन बैठकों के क्रम में 9 सितंबर को पुडुचेरी, 16 सितंबर को चंडीगढ़ और 7 अक्टूबर को बेंगलुरु में विचार-विमर्श किया जाएगा। कर्मचारी संगठनों को पूरी उम्मीद है कि इन बैठकों के बाद लंबे समय से प्रतीक्षित सिफारिशों का ऐलान किया जाएगा, जिससे कुल मिलाकर 1.13 करोड़ से अधिक केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को आर्थिक लाभ मिलेगा। फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हैं सबसे बड़ी उम्मीदें आठवें वेतन आयोग के तहत सबसे महत्वपूर्ण घटक फिटमेंट फैक्टर तय होना है, जिसके आधार पर ही सैलरी और पेंशन में बड़ा इजाफा तय होगा। पिछले कुछ महीनों में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशन निकायों के साथ-साथ वित्तीय विशेषज्ञों ने अपने-अपने सुझाव सौंपे हैं, जिसमें फिटमेंट फैक्टर को 1.92 से लेकर अधिकतम 3.83 तक रखने की सिफारिश की गई है। इस पर अभी अंतिम निर्णय आना बाकी है। यदि आयोग 1.92 के फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देता है, तो लेवल 1 के कर्मचारियों का मूल वेतन मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़कर 34,500 रुपये के बजाय 34,560 रुपये प्रति माह हो जाएगा। वर्तमान में सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत न्यूनतम मूल वेतन 9,000 रुपये और न्यूनतम पेंशन 18,000 रुपये है, जो नए आयोग के लागू होने पर काफी बढ़ जाएगी। दूसरी तरफ, यदि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.83 तय किया जाता है, तो इसी श्रेणी के कर्मचारियों का मूल वेतन 18,000 रुपये से छलांग लगाकर 68,940 रुपये प्रति माह तक पहुंच सकता है, जिससे कर्मचारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। महंगाई भत्ते और राहत में संशोधन की संभावना आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के बीच महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में भी बड़े संशोधन की पूरी संभावना जताई जा रही है। औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और सातवें वेतन आयोग के मौजूदा फॉर्मूले के मुताबिक, डीए बढ़कर 66 प्रतिशत से 67 प्रतिशत के बीच पहुंच सकता है, जिसे 1 जनवरी 2027 से प्रभावी किया जा सकता है। इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है। डीए वह प्रोत्साहन राशि है जो सरकार अपने कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों को बढ़ती महंगाई के दौर में जीवन स्तर को संतुलित रखने के लिए देती है। इसकी गणना मूल वेतन के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में की जाती है और साल में दो बार इसमें संशोधन किया जाता है। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए डीए का फॉर्मूला पिछले 12 महीनों के औसत सूचकांक पर आधारित होता है। इस साल जनवरी में सूचकांक 148.6 था जो जुलाई में बढ़कर 153.2 पर पहुंच गया। यदि यह आंकड़ा आने वाले महीनों में भी इसी स्तर पर बना रहता है, तो औसत सूचकांक लगभग 151.5 तक पहुंच जाएगा, जिससे डीए में लगभग 3.91 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी और अंतिम दर 66 या 67 प्रतिशत निर्धारित हो सकती है। बोनस गणना की सीमा और अन्य प्रमुख मांगें वेतन आयोग के सामने एक अन्य प्रमुख मांग बोनस गणना की सीमा को बढ़ाने को लेकर भी है। राष्ट्रीय परिषद के स्टाफ पक्ष ने सरकार को पत्र लिखकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बोनस गणना की ऊपरी सीमा को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की जोरदार मांग की है। हाल ही में श्रम और रोजगार मंत्रालय ने पिछले महीने 25 अगस्त 2026 को एक अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया था कि बोनस अधिनियम के तहत जिन कर्मचारियों का मासिक वेतन तय सीमा से अधिक है, उनके लिए गणना मौजूदा नियमों या न्यूनतम वेतन के आधार पर की जाती है। इसके अलावा, पेंशनभोगियों का एक वर्ग पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन को मूल वेतन के 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 67 प्रतिशत करने की वकालत कर रहा है। वर्तमान में पेंशन की गणना अंतिम मूल वेतन और सेवा की अवधि के आधार पर होती है, जिसकी अधिकतम सीमा सर्वोच्च वेतन का 50 प्रतिशत तय की गई है। आगे की समयसीमा और त्योहारों पर नजर कर्मचारी यूनियनों और आयोग के बीच यह दौर अगले महीने तक जारी रहने की उम्मीद है। ऐसे में लाखों कर्मचारियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस साल दशहरा या दिवाली के त्योहारी सीजन से पहले सरकार की तरफ से कोई बड़ी राहत की घोषणा की जा सकती है। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को साल 2027 की पहली छमाही में पूरी तरह से लागू किए जाने की संभावना है। तब तक सभी यूनियनें अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए इन बैठकों में हिस्सा ले रही हैं। इसका आप पर असर आठवें वेतन आयोग की बैठकों और सिफारिशों का असर देश भर के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की वित्तीय स्थिति पर सीधा पड़ेगा। • भारत में: देश के 1.13 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के न्यूनतम वेतन, पेंशन और महंगाई भत्ते में ऐतिहासिक बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। • वित्तीय मामलों पर: फिटमेंट फैक्टर और डीए में संशोधन से कर्मचारियों की मासिक टेक-होम सैलरी में सीधे तौर पर हजारों रुपये की वृद्धि होगी। • त्योहारी घोषणाएं: आगामी महीनों में दशहरा या दिवाली के आसपास सरकार की ओर से बड़ी घोषणाएं होने की उम्मीद है। • समय सीमा: इन सभी सिफारिशों और नए वेतन ढांचे को साल 2027 की पहली छमाही में पूरी तरह से लागू किए जाने की संभावना है। • बोनस सीमा: कर्मचारी यूनियनों द्वारा बोनस गणना की सीमा को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग पर भी विचार चल रहा है। सवाल-जवाब 1. आठवें वेतन आयोग की पहली बैठक कहाँ और कब शुरू हुई? आठवें वेतन आयोग की पहली बैठक 7 सितंबर को चेन्नई में शुरू हुई। 2. आठवें वेतन आयोग से कितने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलने की उम्मीद है? इससे 1.13 करोड़ से अधिक केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। 3. फिटमेंट फैक्टर के लिए क्या अनुमान लगाए जा रहे हैं? विभिन्न विशेषज्ञों और यूनियनों द्वारा फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 3.83 के बीच सुझाया गया है जिस पर निर्णय आना बाकी है। 4. महंगाई भत्ता (DA) कितना बढ़ने की संभावना है? औद्योगिक श्रमिकों के सूचकांक के आधार पर डीए बढ़कर 66 से 67 प्रतिशत तक होने की संभावना जताई जा रही है। 5. बोनस गणना की सीमा के लिए क्या मांग की गई है? कर्मचारी निकाय ने बोनस गणना की सीमा को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग की है। 6. आठवें वेतन आयोग को कब तक लागू किया जा सकता है? आठवें वेतन आयोग को वर्ष 2027 की पहली छमाही में लागू किए जाने की संभावना है। https://trendkia.com/money/8th-pay-commission-meetings-underway-what-central-employees-can-expect-on-salary-hike-da-and-fitment-factor-29055 TrendKia — Har trend, sabse pehle.