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  "type": "article",
  "title": "आधार कार्ड में नाम सुधार और सरनेम बदलने की नई प्रक्रिया जारी, जानें केंद्र पर संशोधन के जरूरी नियम",
  "summary": "आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग, उपनाम या क्रम में सुधार के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। आवेदक वैध पहचान प्रमाण लेकर सेवा केंद्र पर जाकर अपना नाम अपडेट करवा सकते हैं।",
  "content": "नागरिकों की पहचान से जुड़े प्राथमिक दस्तावेज में नाम संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया लागू की है। विवाह के उपरांत उपनाम में होने वाले बदलाव, अक्षरों की गलत वर्तनी, आद्यक्षरों के विस्तार अथवा पदवी हटाने जैसे संशोधनों के लिए यह व्यवस्था तय की गई है। इस प्रक्रिया का मुख्य आधार वर्ष 2016 के आधार नामांकन एवं अद्यतन विनियमों का विनियमन 19 है। मूल नामांकन के समय प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर नाम, जन्मतिथि, लिंग और आवासीय पते का जनसांख्यिकीय ब्यौरा दर्ज किया जाता है। नियमों के तहत आधार डेटाबेस में नाम केवल बड़े अक्षरों में दर्ज होना चाहिए, जिसमें किसी उपनाम, उर्फ, सैन्य पदवी, सम्मान, अलंकार अथवा बिंदी और विशेष चिह्नों का प्रयोग प्रतिबंधित रहता है। किसी भी कारणवश विसंगति होने पर धारक निर्धारित अभिलेखों के साथ विवरण में बदलाव करवा सकते हैं।\n\nआधार सेवा केंद्र पर व्यक्तिगत उपस्थिति से नाम संशोधन की विधि\nवर्तमान तकनीकी ढांचे के तहत नाम में संशोधन की यह सुविधा डिजिटल रूप से घर बैठे उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते आवेदक को अधिकृत केंद्र पर स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। संशोधन कराने के इच्छुक नागरिक सबसे पहले अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र अथवा अधिकृत नामांकन केंद्र पर संपर्क करें। वहां जाते समय अपना आधार नंबर या कार्ड और साथ में वह वैध पहचान प्रमाण पत्र अवश्य रखें जिसमें सही नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हो। केंद्र पर पहुंचकर ऑपरेटर को नाम सुधार अथवा अद्यतन से संबंधित अनुरोध पत्र प्रस्तुत करें। इसके बाद ऑपरेटर दस्तावेज की प्रारंभिक जांच करेगा और सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।\n\nसत्यापन चरण में आवश्यकतानुसार नागरिक को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके पश्चात निर्धारित जनसांख्यिकीय अद्यतन शुल्क जमा करना पड़ता है, जो वर्तमान में 50 रुपये निर्धारित है। भुगतान संपन्न होते ही केंद्र से एक पावती पर्ची जारी की जाएगी, जिस पर अद्यतन अनुरोध संख्या यानी यूआरएन अंकित होता है। इस विशिष्ट संख्या की सहायता से नागरिक बाद में अपने आवेदन की स्थिति की डिजिटल ट्रैकिंग कर सकते हैं। जब तक आवेदन स्वीकृत होकर नया विवरण सर्वर पर अद्यतन नहीं हो जाता, तब तक यह पर्ची भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखनी चाहिए।\n\nसंशोधन के मान्य प्रारूप: संक्षेप, विस्तार और क्रम में हेरफेर\nदिशानिर्देशों के अंतर्गत मामूली स्वरूप के बदलावों को मान्यता दी गई है। यदि किसी व्यक्ति के नाम में संक्षिप्त आद्यक्षर हैं, तो उन्हें पूरे अक्षरों में विस्तारित किया जा सकता है या पूरे नाम को संक्षेप में बदला जा सकता है। उदाहरण के लिए, टीआरडी प्रसाद को ताड़ी रामा दुर्गा प्रसाद में बदला जा सकता है। इसी प्रकार राम मोहन नायडू को आरएम नायडू, नायडू आरएम, आर एम नायडू अथवा नायडू आर एम में बदलने की छूट दी गई है।\n\nनाम के मध्य भाग को जोड़ने या हटाने की अनुमति भी दी गई है। यदि किसी का नाम हिमांशु गुप्ता दर्ज है, तो वह प्रमाण पत्र के आधार पर इसे हिमांशु चंद्र गुप्ता या हिमांशु भीमराव केशव गुप्ता करवा सकता है। इसके विपरीत यदि पहले से हिमांशु चंद्र गुप्ता लिखा है, तो मध्य नाम हटाकर केवल हिमांशु गुप्ता भी किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त शब्दों के अनुक्रम में बदलाव का विकल्प भी मिलता है, जैसे दिवाकर आनंद को आनंद दिवाकर अथवा रवि किशन को किशन रवि में परिवर्तित किया जा सकता है। इन संशोधनों के लिए पहचान का वैध प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य है, जबकि नाबालिगों के मामलों में संबंध प्रमाण पत्र भी मांगा जाता है।\n\nवर्तनी की गलतियां और क्षेत्रीय भाषा अनुवाद में सुधार\nअक्सर अंग्रेजी वर्तनी में ध्वन्यात्मक समानता के कारण गलतियां दर्ज हो जाती हैं। जैसे पूजा को अंग्रेजी में स्पेलिंग के अंतर के साथ सुधारना, राम अथवा रामा, सीताराम अथवा सीता राम, सौम्या, संजीव, अभिषेक अथवा वेलायुथम के वर्तनी रूप में सुधार इसी दायरे में आते हैं। जन्म प्रमाण पत्र से मेल न खाने की स्थिति में व्यक्ति संशोधन करा सकता है।\n\nडेटा प्रविष्टि के दौरान होने वाली लिपिकीय त्रुटियों के लिए भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। यदि पूर्व में जमा किए गए पहचान या संबंध प्रमाण में नाम सही था लेकिन ऑपरेटर ने गलत दर्ज कर दिया, तो प्राधिकरण के रिकॉर्ड से मिलान होने पर तत्काल संशोधन स्वीकार कर लिया जाएगा। यदि नया अनुरोध पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता, तो आवेदन अस्वीकृत हो सकता है। इसके लिए एनेक्सचर बी हलफनामा अथवा पहचान और संबंध प्रमाण जमा करना होता है, जबकि नाबालिग के लिए एनेक्सचर सी का प्रावधान है। वहीं यदि अंग्रेजी में नाम सही है परंतु क्षेत्रीय भाषा में लिपि गलत दर्ज हो गई है, जैसे अंग्रेजी में निर्मल सिन्हा के सामने हिंदी में निर्मला सिन्हा अंकित हो गया हो, तो पहचान प्रमाण देकर उसे शुद्ध करवाया जा सकता है।\n\nउपनाम, लिंग, शिशु का नाम और पदवियों का विलोपन\nविवाह अथवा वैवाहिक संबंध विच्छेद के उपरांत महिलाओं को अपना उपनाम बदलने का पूर्ण अधिकार है, जिसके लिए पहचान पत्र के साथ एनेक्सचर डी जमा करना पड़ता है। लिंग परिवर्तन की स्थिति में नाम बदलने की भी व्यवस्था है, जैसे सरिता कुमारी से संतोष कुमार करने के लिए पहचान संबंधी दस्तावेज अनिवार्य होते हैं। शिशुओं के नाम दर्ज कराने अथवा बदलने के लिए अधिकृत संबंध प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।\n\nअनावश्यक पदवियों और उपाधियों को हटाने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। यदि किसी के नाम के साथ लेफ्टिनेंट जनरल, मेजर जनरल, ब्रिगेडियर, कर्नल, लेफ्टिनेंट कर्नल, सूबेदार मेजर, सूबेदार, नायब सूबेदार, हवलदार, नायक या लांस नायक जैसे सैन्य पद जुड़े हैं, तो उन्हें हटाया जा सकता है। इसी तरह जस्टिस, प्रोफेसर, सेवानिवृत्त, डॉक्टर, लर्नड अथवा श्री, श्रीमती, सुश्री, मिस्टर जैसे उपसर्गों को भी पहचान प्रमाण प्रस्तुत कर हटाया जा सकता है। इसके अलावा बेतरतीब बड़े अक्षरों की प्रविष्टि, नाम के बीच लगी अनावश्यक बिंदियों को हटाना या उर्फ और उपनाम वाले शब्दों को विलोपित करने का विकल्प भी उपलब्ध है।\n\nपहचान और पते के सत्यापन हेतु स्वीकार्य आधिकारिक दस्तावेज\nसंशोधन के समय नागरिकों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। पहचान प्रमाण के रूप में पासपोर्ट, पैन कार्ड, राशन या पीडीएस फोटो कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम का सेवा पहचान पत्र, नरेगा जॉब कार्ड और मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान का फोटो आईडी स्वीकार किया जाता है। इसके अलावा शस्त्र लाइसेंस, पेंशनभोगी फोटो कार्ड, स्वतंत्रता सेनानी फोटो कार्ड, किसान फोटो पासबुक, सीजीएचएस या ईसीएचएस फोटो कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, राजपत्र अधिसूचना, फोटोयुक्त विवाह प्रमाण पत्र, फोटोयुक्त एसएसएलसी बुक, जाति प्रमाण पत्र, स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट, बैंक पासबुक तथा ईपीएफओ पहचान पत्र मान्य हैं।\n\nसंबंध एवं निवास के सत्यापन हेतु पीडीएस कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, राज्य अथवा केंद्र सरकार के स्वास्थ्य कार्ड, सेना कैंटीन कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, डाक विभाग द्वारा जारी फोटोयुक्त पता कार्ड, जन-आधार या भामाशाह कार्ड और सरकारी अस्पताल से जारी जन्म पर्ची का उपयोग किया जा सकता है।\n\nइसका आप पर असर\nआधार कार्ड में नाम सुधार की इस नई व्यवस्था से उन नागरिकों को राहत मिलेगी जिनके दस्तावेजों में वर्तनी की गलतियों के कारण बैंकिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ रुक जाता था।\n\n• भारत में: देश भर के नागरिकों को नाम में मामूली सुधार या सरनेम बदलने के लिए नजदीकी आधार केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से जाना होगा। इस जनसांख्यिकीय संशोधन के लिए 50 रुपये का शुल्क देना होगा और आवेदन के बाद यूआरएन पर्ची से स्टेटस ट्रैक किया जा सकेगा।\n• विवाहित महिलाओं के लिए: शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलने की प्रक्रिया को एनेक्सचर डी और पहचान पत्र के साथ स्पष्ट कर दिया गया है। इससे महिलाओं को पासपोर्ट और संयुक्त बैंक खातों में नाम अपडेट कराने में सुविधा होगी।\n• विद्यार्थियों और युवाओं के लिए: शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और आधार के अक्षरों में अंतर होने पर नौकरी व दाखिले में आ रही अड़चनों को दूर किया जा सकेगा। जन्म प्रमाण पत्र अथवा पैन कार्ड के आधार पर वर्तनी को तुरंत सुधारा जा सकता है।\n• पेंशनभोगियों और सैनिकों के लिए: नाम के आगे लगे गैर-जरूरी पद, रैंक या उपसर्ग हटाने की छूट मिलने से आधिकारिक रिकॉर्ड का मिलान आसान हो जाएगा। इससे पेंशन वितरण और स्वास्थ्य योजनाओं के प्रमाणीकरण में होने वाली तकनीकी रुकावटें खत्म होंगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nप्राधिकरण द्वारा यह विस्तृत संचालन प्रक्रिया उन व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए तैयार की गई है, जिनका सामना आम नागरिकों को दस्तावेजों में मामूली विसंगतियों के कारण करना पड़ता था।\n\n• डेटा प्रविष्टि की त्रुटियां: प्रारंभिक नामांकन के समय ऑपरेटरों द्वारा वर्तनी, आद्यक्षरों और क्षेत्रीय भाषाओं के लिप्यंतरण में गलतियां दर्ज कर दी गई थीं। इन लिपिकीय चूकों को सुधारने के लिए स्पष्ट मानक नियम तय करना आवश्यक हो गया था।\n• वैवाहिक और सामाजिक परिवर्तन: विवाह के बाद महिलाओं के सरनेम में बदलाव अथवा लिंग परिवर्तन जैसे संवेदनशील मामलों में दस्तावेजों के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का अभाव था। नए प्रावधानों ने आवश्यक एनेक्सचर और प्रमाणों को औपचारिक रूप से परिभाषित कर दिया है।\n• अभिलेखों का मानकीकरण: आधार डेटाबेस में मनमाने उपसर्ग, सैन्य पदवियां और अनावश्यक विराम चिह्नों के दर्ज होने से डिजिटल सत्यापन में बाधा आती थी। इन अतिरिक्त शब्दों को हटाने से पूरे देश के पहचान तंत्र में एकरूपता सुनिश्चित होगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. क्या आधार कार्ड में नाम सुधार का काम ऑनलाइन किया जा सकता है?\nनहीं, वर्तमान नियमों के अनुसार नाम में किसी भी तरह के सुधार के लिए नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से जाना अनिवार्य है।\n\n2. आधार में जनसांख्यिकीय विवरण अपडेट कराने का शुल्क कितना है?\nआधार केंद्र पर नाम या अन्य जनसांख्यिकीय विवरण में बदलाव कराने के लिए वर्तमान में 50 रुपये का शुल्क निर्धारित है।\n\n3. शादी के बाद सरनेम बदलने के लिए कौन से दस्तावेज लगेंगे?\nमहिलाओं को विवाह के बाद सरनेम बदलने के लिए वैध पहचान पत्र के साथ एनेक्सचर डी फॉर्म जमा करना होगा।\n\n4. आवेदन जमा करने के बाद उसकी स्थिति की जांच कैसे करें?\nकेंद्र से मिलने वाली पावती पर्ची पर दर्ज अद्यतन अनुरोध संख्या यानी यूआरएन की मदद से पोर्टल पर आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।\n\n5. क्या नाम के साथ जुड़ी पुरानी सैन्य रैंक या डॉक्टर जैसी पदवी हटाई जा सकती है?\nहां, नए दिशानिर्देशों के तहत वैध पहचान प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके नाम से सभी प्रकार की रैंक, पदवियां और उपसर्ग हटाए जा सकते हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/money/aadhaar-card-men-nama-sudhara-aura-saranema-badalane-ki-nai-prakriya-jari-janen-kendra-para-snshodhana-ke-jaruri-niyama-43399",
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  "publishedAt": "2026-10-05",
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