अक्टूबर पॉलिसी में ब्याज दरों पर ब्रेक लगा सकता है अमेरिकी फेडरल रिजर्व, केविन वॉर्श के संबोधन पर टिकी निगाहें अमेरिकी फेडरल रिजर्व 28 अक्टूबर को अपनी मौद्रिक नीति का ऐलान करेगा, जहां बाजार ब्याज दरों में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहा है। सितंबर में बढ़ी महंगाई के बावजूद ट्रेजरी यील्ड में नरमी के कारण केंद्रीय बैंक फिलहाल दरों को 3.75% से 4% के मौजूदा दायरे में स्थिर रख सकता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक 27 अक्टूबर को शुरू हुई थी, जिसके नीतिगत फैसलों की घोषणा 28 अक्टूबर 2026 को की जाएगी। पिछली समीक्षा में तीन साल के अंतराल के बाद केंद्रीय बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद फेड फंड्स दरें 3.75% से 4% के दायरे में पहुंच गई थीं। वॉल स्ट्रीट और वैश्विक वित्तीय बाजारों का व्यापक अनुमान है कि इस बार फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ब्याज दरों में कोई फेरबदल नहीं करेगी और विराम का रुख अपनाएगी। इस नीतिगत निर्णय के सामने आने से पहले अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में मिलाजुला रुख देखा गया, जहां डाउ जोन्स दबाव में दिखा, वहीं नैस्डैक 100 और एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में मजबूती दर्ज की गई। फैसले और प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय फेडरल रिजर्व की ओर से आधिकारिक नीतिगत बयान 28 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी समयानुसार दोपहर 2:00 बजे जारी किया जाएगा। इसके ठीक बाद दोपहर 2:30 बजे फेड चेयरमैन केविन वॉर्श प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नीतिगत रुख और आर्थिक परिदृश्य की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। भारतीय समय के अनुसार इस घोषणा का समय देर रात का रहेगा। भारतीय मानक समय (IST) के मुताबिक फेडरल रिजर्व का पॉलिसी स्टेटमेंट 28 अक्टूबर 2026 की रात 11:30 बजे सार्वजनिक होगा। वहीं, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस 29 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि ठीक 12:00 बजे शुरू होगी, जिस पर दुनिया भर के करेंसी, बॉन्ड और इक्विटी ट्रेडर्स की नजर रहेगी। महंगाई का दबाव और दर बढ़ोतरी की संभावना सितंबर के दौरान आए मुद्रास्फीति के आंकड़े उम्मीद से अधिक गर्म रहे थे, जिसके चलते केंद्रीय बैंक ने यह संकेत दिया था कि कीमतों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए भविष्य में और कदम उठाने की आवश्यकता पड़ सकती है। इस सख्त रुख और निरंतर मूल्य दबावों के बावजूद, अर्थशास्त्री और बाजार प्रतिभागी 28 अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखे जाने के पक्ष में पूरी तरह एकमत दिखाई दे रहे हैं। आईएनजी के अर्थशास्त्रियों के अनुसार, लगातार बनी हुई ऊंची महंगाई इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि दिसंबर में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। आईएनजी के विश्लेषकों का अनुमान है कि दिसंबर 2026 की आगामी बैठक में दरों में 25 आधार अंकों का इजाफा किया जा सकता है। उनका मानना है कि दिसंबर की इस बढ़ोतरी के साथ फेड फंड्स लक्ष्य दर 4% से 4.25% के दायरे में पहुंच जाएगी, जिसके बाद दिसंबर 2027 तक एक लंबा ठहराव रहेगा। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि दिसंबर 2026 में की जाने वाली यह संभावित वृद्धि दिसंबर 2027 में जाकर वापस ली जाएगी। यह अनुमान मौजूदा आम सहमति के बिल्कुल अनुकूल है, जबकि खुद फेडरल रिजर्व के केंद्रीय अनुमानों के अनुसार इस वर्ष एक बार दर बढ़ोतरी होगी और उसके बाद पूरे 2027 के दौरान ब्याज दरें बिना किसी बदलाव के अपरिवर्तित रहेंगी। अमेरिकी ट्रेजरी बाजार और यील्ड का असर आईएनजी के शोध नोट में रेखांकित किया गया है कि बीते सप्ताह अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में आई मजबूती ने बाजार में पहले से बने सख्त मौद्रिक दबाव को काफी हद तक कम कर दिया है। 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अब 5% के स्तर से नीचे आ चुकी है, जो हाल ही में 5.25% के पार पहुंचे स्तरों के मुकाबले एक बड़ा बदलाव दिखाती है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि वे इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं कि यील्ड में आई यह हालिया गिरावट लंबे समय तक बरकरार रहेगी, लेकिन इसकी उत्पत्ति ने मौजूदा बैठक में एफओएमसी को अपेक्षाकृत नरम दृष्टिकोण अपनाने का पर्याप्त आधार जरूर मुहैया कराया है। बैलेंस शीट में कटौती और तरलता की स्थिति ब्याज दरों के इतर फेडरल रिजर्व की बैलेंस शीट का आकार घटाने की योजना पर भी बाजार की निगाहें टिकी हुई हैं। आईएनजी के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट को सिकोड़ने की स्पष्ट रूपरेखा पेश किए जाने में अभी थोड़ा समय लग सकता है, हालांकि यह एजेंडा चेयरमैन केविन वॉर्श के प्रमुख नीतिगत लक्ष्यों में लगातार शामिल रहा है। विभिन्न आंतरिक समितियों की सिफारिशें वर्ष के अंत तक सामने आने की संभावना जताई गई है। इस बीच वित्तीय प्रणाली में तरलता की परिस्थितियां पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं। अमेरिकी रेपो बाजार एक वर्ष पहले की तुलना में काफी बेहतर और सुगम तरीके से काम कर रहा है, जिससे केंद्रीय बैंक पर वित्तीय तनाव का तत्काल कोई जोखिम नहीं है और उसे अपनी मौद्रिक नीतियों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। इसका आप पर असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले से अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड यील्ड और वैश्विक शेयर बाजारों में तत्काल अस्थिरता थमने की संभावना है। • भारत में प्रभाव: फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में ठहराव रखने से भारतीय शेयर बाजारों और विदेशी संस्थागत निवेश के प्रवाह में स्थिरता बनी रहेगी। भारतीय रिजर्व बैंक पर भी अपनी घरेलू ब्याज दरों में तुरंत बदलाव करने का बाहरी दबाव कम होगा। • घरेलू उधारकर्ताओं और निवेशकों के लिए: अमेरिकी दरों में तत्काल वृद्धि न होने से डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट का जोखिम टल जाएगा। इससे भारतीय आयातकों की लागत स्थिर रहेगी और अंतरराष्ट्रीय यात्रा व विदेशी पढ़ाई पर खर्च की योजना बना रहे लोगों को राहत मिलेगी। • वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए: 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के 5% से नीचे रहने से इक्विटी बाजारों में जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ेगी। तकनीकी कंपनियों और ग्रोथ शेयरों को पूंजी जुटाने में लागत का अतिरिक्त झटका नहीं लगेगा। • भविष्य की उधार लागत पर असर: दिसंबर 2026 में 25 आधार अंकों की संभावित बढ़ोतरी का अनुमान यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर कर्ज की दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं। कंपनियों और व्यक्तिगत कर्जदारों को 2027 के अंत तक सस्ती ब्याज दरों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों में बदलाव न करने का निर्णय ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट और पिछली नीतिगत बढ़ोतरी के प्रभावों के आकलन पर आधारित है। • ट्रेजरी यील्ड में नरमी: हाल के सप्ताहों में 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5.25% के उच्च स्तर से फिसलकर 5% के नीचे आ गई है, जिसने वित्तीय स्थितियों को कुछ हद तक सहज बनाया है। इस गिरावट ने केंद्रीय बैंक को दरों में आक्रामक बढ़ोतरी करने के तात्कालिक दबाव से राहत दी है। • पिछली दर वृद्धि का संचयी प्रभाव: फेडरल रिजर्व ने पिछली नीति समीक्षा में तीन साल में पहली बार दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की थी। नीति निर्माता अब यह देखना चाहते हैं कि इस कदम का अर्थव्यवस्था और उपभोग पर क्या वास्तविक असर पड़ा है। • संतुलित तरलता और रेपो बाजार: अमेरिकी अल्पकालिक फंडिंग और रेपो बाजार एक वर्ष पहले की तुलना में कहीं अधिक सुचारू और स्थिर रूप से काम कर रहे हैं। तरलता का कोई गंभीर संकट न होने के कारण नीति निर्माताओं को जल्दबाजी में नया कदम उठाने की जरूरत महसूस नहीं हुई। • दिसंबर की संभावित तैयारी: सितंबर में महंगाई के ऊंचे आंकड़े आने के बावजूद नीति निर्माता दो बैठकों के बीच पर्याप्त आर्थिक डेटा का इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय बैंक अक्टूबर में ठहराव के बाद दिसंबर 2026 में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी का विकल्प खुला रख रहा है। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति का फैसला कब जारी करेगा? फेडरल रिजर्व का नीतिगत फैसला 28 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी समयानुसार दोपहर 2:00 बजे और भारतीय समयानुसार रात 11:30 बजे घोषित किया जाएगा। 2. फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस किस समय होगी? चेयरमैन केविन वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस अमेरिकी समयानुसार दोपहर 2:30 बजे और भारतीय समयानुसार 29 अक्टूबर 2026 को मध्यरात्रि 12:00 बजे शुरू होगी। 3. वर्तमान में अमेरिकी फेडरल फंड्स ब्याज दरें किस स्तर पर हैं? पिछली बैठक में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद मौजूदा समय में फेड दरें 3.75% से 4% के दायरे में हैं। 4. अक्टूबर 2026 की बैठक में विश्लेषक ब्याज दरों को लेकर क्या अनुमान लगा रहे हैं? बाजार और अर्थशास्त्रियों का व्यापक अनुमान है कि फेडरल रिजर्व 28 अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए विराम का रुख अपनाएगा। 5. आईएनजी के अर्थशास्त्रियों का दिसंबर 2026 की बैठक को लेकर क्या अनुमान है? आईएनजी के अनुसार दिसंबर में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दरें 4% से 4.25% के स्तर पर पहुंच जाएंगी। 6. अमेरिकी ट्रेजरी बाजार और 10 साल की बॉन्ड यील्ड की मौजूदा स्थिति क्या है? बीते सप्ताह में ट्रेजरी बॉन्ड में मजबूती आई है और 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.25% के पार जाने के बाद अब 5% के स्तर से नीचे आ चुकी है। https://trendkia.com/money/aktubara-polisi-men-byaja-daron-para-breka-laga-sakata-hai-ameriki-federal-reserve-kevin-warsh-ke-snbodhana-para-tiki-nigahen-52642 TrendKia — Har trend, sabse pehle.