# अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें स्थिर, सरकार ने नहीं किया कोई बदलाव

> केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही के लिए पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि और केवीपी जैसी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला किया है।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/aktubara-se-disnbara-timahi-ke-lie-chhoti-bachata-yojanaon-para-byaja-daren-sthira-sarakara-ne-nahin-kiya-koi-badalava-40511 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्मॉल सेविंग स्कीम, पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र, ब्याज दरें, डाकघर योजनाएं

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए डाकघर और बैंक की विभिन्न छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के चलते लोक भविष्य निधि यानी पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना और किसान विकास पत्र जैसी लोकप्रिय सरकारी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले आम नागरिकों को आगामी तीन महीनों तक मौजूदा दरों पर ही रिटर्न मिलता रहेगा।

## तीसरी तिमाही के लिए ब्याज दरों की स्थिति
वित्त मंत्रालय द्वारा प्रत्येक तिमाही के शुरू होने से पहले लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है। समीक्षा के बाद यह साफ हो गया है कि 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली नई दरों में कोई फेरबदल नहीं होगा और 31 दिसंबर 2026 तक पुरानी दरें ही प्रभावी रहेंगी। इससे निवेशकों को बिना किसी कटौती के अपनी बचत पर पहले जैसा निश्चित और सुरक्षित प्रतिफल हासिल करने में मदद मिलेगी।

## प्रमुख योजनाओं पर मिलने वाला रिटर्न
छोटी बचत योजनाओं में पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र और राष्ट्रीय बचत पत्र यानी एनएससी शामिल हैं। ये योजनाएं रूढ़िवादी निवेशकों और मध्यम वर्गीय परिवारों के बीच अपनी सरकारी गारंटी और आकर्षक ब्याज दरों के कारण काफी लोकप्रिय हैं। पिछली तिमाहियों की तरह इस बार भी ब्याज दरों को स्थिर रखकर सरकार ने अनिश्चित बाजार परिस्थितियों के बीच निवेशकों की बचत को स्थिरता प्रदान की है।

## इसका आप पर असर
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव न होने से आम जमाकर्ताओं और परिवारों की तय ब्याज आय प्रभावित नहीं होगी।

- **बचतकर्ताओं के लिए:** पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि में जमा राशि पर पहले की तरह ही सुरक्षित ब्याज मिलता रहेगा। किसी भी तरह की दर कटौती न होने से निवेशकों की तिमाही कमाई में कोई कमी नहीं आएगी।
- **नियोजन और बजट:** अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच नए खाते खोलने वाले जमाकर्ताओं को भी यही तय रिटर्न मिलेगा। इससे त्योहारी तिमाही में परिवारों को अपनी बचत और वित्तीय लक्ष्य तय करने में आसानी होगी।
- **बैंक एफडी की तुलना:** सरकारी योजनाओं पर मिलने वाला प्रतिफल बाजार के उतार-चढ़ाव से पूरी तरह सुरक्षित बना रहेगा। निवेशक बिना किसी जोखिम के डाकघर योजनाओं में अपना पैसा लगाना जारी रख सकते हैं।
- **रिटायरमेंट और बेटियों की शिक्षा:** दीर्घकालिक जमा योजनाओं पर निर्भर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों का योजनाबद्ध फंड बिना किसी बाधा के बढ़ता रहेगा। इससे भविष्य की पढ़ाई या शादी के खर्चों की योजना पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
सरकार हर तिमाही की शुरुआत से पहले आर्थिक परिस्थितियों, मुद्रास्फीति और सरकारी प्रतिभूतियों के यील्ड को ध्यान में रखकर छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की नियमित समीक्षा करती है।

- **तिमाही समीक्षा प्रक्रिया:** वित्त मंत्रालय प्रत्येक तीन महीने की अवधि समाप्त होने पर स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की दरों का मूल्यांकन करता है। चालू तिमाही के अंत में 30 सितंबर 2026 को समीक्षा पूरी कर आगामी तिमाही के लिए यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय लिया गया।
- **आर्थिक संतुलन:** बाजार की ब्याज दरों और मुद्रास्फीति के दबाव के बीच आम जनता को बचत पर उचित प्रतिफल देना जरूरी समझा गया। इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए दरों को जस का तस रखा गया है।
- **निवेशक स्थिरता:** पिछली तिमाहियों में भी कई मौकों पर दरों में कोई फेरबदल नहीं किया गया था। सरकार ने त्योहारों के समय वित्तीय अनिश्चितता से बचने के लिए दरों को स्थिर रखना ही उचित माना।

## सवाल-जवाब

### 1. अक्टूबर से दिसंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर क्या फैसला हुआ है?
सरकार ने इस तिमाही के लिए पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि और केवीपी जैसी सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

### 2. यह फैसला किस समयावधि के लिए लागू रहेगा?
यह फैसला वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।

### 3. किन प्रमुख योजनाओं की दरों में बदलाव नहीं हुआ है?
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र और राष्ट्रीय बचत पत्र जैसी योजनाओं की दरें जस की तस रखी गई हैं।

### 4. क्या मौजूदा जमाकर्ताओं की ब्याज आय पर कोई असर पड़ेगा?
नहीं, ब्याज दरों में कोई कटौती न होने के कारण निवेशकों को उनकी जमा पर पहले जैसा ही तय रिटर्न मिलता रहेगा।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._