अमेरिका की विमानन कंपनियों का जेट ईंधन पर खर्च मई में 6.66 अरब डॉलर तक पहुंचा मई महीने में अमेरिकी एयरलाइंस का जेट ईंधन खर्च 6.66 अरब डॉलर रहा, जो लगातार दूसरे महीने 6 अरब डॉलर के स्तर से ऊपर बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह बढ़ोतरी ईंधन की खपत के बजाय मुख्य रूप से वैश्विक कीमतों में उछाल के कारण हुई है। अमेरिकी एयरलाइंस द्वारा मई महीने के दौरान जेट ईंधन पर कुल 6.66 अरब डॉलर का खर्च किया गया। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि लगातार दूसरे महीने यह आंकड़ा 6 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया है। ट्रांसपोर्टेशन स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो के मुताबिक, मई का यह खर्च पिछले साल यानी मई 2025 के मुकाबले 84 फीसदी अधिक रहा। विमानन कंपनियों के लिए परिचालन व्यय के सबसे बड़े घटकों में ईंधन शामिल है, इसलिए वैश्विक ऊर्जा कीमतों में मामूली बदलाव भी उनके वित्तीय सेहत को सीधे प्रभावित करते हैं। कीमतों का दबाव और खपत का रुझान अमेरिकी विमानन कंपनियों ने मई में औसतन 4.09 डॉलर प्रति गैलन की दर से ईंधन खरीदा। हालांकि यह अप्रैल के 4.11 डॉलर के स्तर से थोड़ा कम था, लेकिन साल-दर-साल तुलना करने पर यह मई 2025 के 2.21 डॉलर के मुकाबले 85 फीसदी महंगा साबित हुआ। इस खर्च का मुख्य कारण ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं, न कि खपत में वृद्धि। वास्तव में, मई में विमानन कंपनियों ने 1.627 अरब गैलन ईंधन का उपयोग किया, जो मई 2025 की तुलना में 0.6 फीसदी कम है। अप्रैल के आंकड़े भी पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में कम खपत दर्शाते हैं, जो यह संकेत देता है कि हवाई यात्रा की मांग और उड़ानों की अनुसूची स्थिर बनी हुई है। वैश्विक संघर्ष और बाजार अनिश्चितता ऊर्जा लागत में यह हालिया उछाल मध्य पूर्व में इस साल शुरू हुए संघर्ष के कारण आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले तेल और ईंधन की आपूर्ति में व्यवधान का सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम संघर्ष विराम समझौते के बाद वसंत ऋतु के चरम से कीमतों में थोड़ी नरमी जरूर आई थी, लेकिन यह स्थिति अभी भी अस्थिर है। हाल ही में ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की कि मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों पर हमले किए गए। इसके साथ ही, अमेरिका द्वारा ईरान के तेल बिक्री को अनुमति देने वाले लाइसेंस को रद्द करने से बाजार में नई अनिश्चितता पैदा हो गई है। कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर असर विमानन कंपनियां इन भू-राजनीतिक गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रही हैं क्योंकि ईंधन लागत में होने वाले बड़े बदलाव उनके मुनाफे को प्रभावित करते हैं। इस दिशा में शुक्रवार को आने वाली डेल्टा एयर लाइन्स की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। विश्लेषक और निवेशक इस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि ईंधन की हालिया कीमतों का एयरलाइंस के वित्तीय मार्जिन पर क्या असर पड़ा है। इस बीच, आर्गस यूएस जेट फ्यूल इंडेक्स के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, शिकागो, ह्यूस्टन, लॉस एंजिल्स और न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख शहरों में सोमवार को जेट ईंधन की औसत कीमत 2.90 डॉलर प्रति गैलन दर्ज की गई। इसका आप पर असर भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की बढ़ती कीमतें हवाई यात्रा के टिकटों के दाम और एयरलाइंस की परिचालन लागत पर दबाव बढ़ा सकती हैं। सामान्य यात्रियों के लिए: बढ़ती ईंधन लागत के कारण एयरलाइंस द्वारा टिकट किराए में बढ़ोतरी या अतिरिक्त शुल्क लगाने की संभावना बनी रहती है, जिससे यात्रियों की जेब पर असर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. मई महीने में अमेरिकी एयरलाइंस का जेट ईंधन पर कुल खर्च कितना रहा? मई महीने में अमेरिकी एयरलाइंस ने जेट ईंधन पर कुल 6.66 अरब डॉलर खर्च किए। 2. क्या ईंधन की अधिक खपत के कारण खर्च बढ़ा है? नहीं, ईंधन की खपत में वृद्धि नहीं हुई है, बल्कि खर्च बढ़ने का मुख्य कारण बाजार में जेट ईंधन की ऊंची कीमतें हैं। 3. होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया घटना क्या थी? ब्रिटिश सैन्य रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों पर हमले किए गए। 4. अगला बड़ा घटनाक्रम क्या होने वाला है? शुक्रवार को डेल्टा एयर लाइन्स द्वारा दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए जाएंगे, जो अन्य अमेरिकी एयरलाइंस की कमाई की रिपोर्ट की शुरुआत होगी। https://trendkia.com/money/amerika-ki-vimanana-knpaniyon-ka-jeta-indhana-para-kharcha-mai-men-6-66-araba-dolara-taka-pahuncha-5622 TrendKia — Har trend, sabse pehle.