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  "type": "article",
  "title": "अगस्त की बढ़त के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में मंदी का खतरा, बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व ने बढ़ाई चिंता",
  "summary": "अगस्त के महीने में अमेरिकी बाजारों ने मिला-जुला प्रदर्शन किया, जहां नैस्डैक लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ आगे रहा। हालांकि, बढ़ती क्रूड ऑयल की कीमतें, 10 साल की ट्रेजरी यील्ड में उछाल और फेडरल रिजर्व की सख्त टिप्पणियों के कारण सितंबर की शुरुआत दबाव के साथ हो रही है।",
  "content": "अमेरिकी शेयर बाजार सितंबर 2026 के अपने पहले कारोबारी सत्र में प्रवेश कर रहे हैं। अगस्त महीने का समापन प्रमुख सूचकांकों के लिए हरे निशान में हुआ था, लेकिन बाजार के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन का काफी अंतर देखने को मिला। अगस्त में जहां तकनीक-प्रधान नैस्डैक कंपोजिट ने लगभग 2 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया, वहीं डाउ जोंस अपने साथी सूचकांकों की तुलना में काफी पीछे छूट गया। अब निवेशक सितंबर महीने की ऐतिहासिक चुनौतियों और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो आने वाले दिनों में वॉल स्ट्रीट की दिशा तय करेंगे।\n\nअगस्त का प्रदर्शन: नैस्डैक की बढ़त और डाउ जोंस का सुस्त रुख\nअगस्त 2026 के अंतिम कारोबारी दिन यानी 31 अगस्त को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी। उस सत्र में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 374.09 अंक यानी 0.70 प्रतिशत टूटकर 53,185.90 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट में 31.54 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई और वह 26,370.89 पर सिमट गया। वहीं एसएंडपी 500 सूचकांक 25.62 अंक यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 7,686.14 पर बंद हुआ था।\n\nपूरे अगस्त महीने की बात करें तो तीनों मुख्य सूचकांक बढ़त बनाने में सफल रहे। नैस्डैक 456.99 अंक यानी 1.8 प्रतिशत की मजबूती के साथ सबसे आगे रहा। एसएंडपी 500 ने 85.64 अंक यानी 1.13 प्रतिशत की तेजी दर्ज की। इसके विपरीत डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज केवल 7.49 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त ही हासिल कर सका।\n\nसितंबर के पहले कारोबारी दिन से ठीक पहले अमेरिकी फ्यूचर्स बाजार में मिला-जुला और सीमित दायरा देखा गया। डाउ जोंस फ्यूचर्स 19 अंक ऊपर 53,259 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 13.25 अंक की बढ़त के साथ 29,526.25 पर पहुंचा, जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 7,698.50 के स्तर पर स्थिर बना रहा।\n\nकच्चे तेल की ऊंची कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितता\nऊर्जा बाजार में जारी तेजी ने वैश्विक इक्विटी बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। यूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड और ब्रेंट क्रूड दोनों 1 प्रतिशत की तेजी के साथ क्रमशः 87 डॉलर प्रति बैरल और 91.4 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहे हैं। डब्ल्यूटीआई के लिए 86 से 87 डॉलर प्रति बैरल का दायरा एक महत्वपूर्ण निगरानी क्षेत्र बन गया है।\n\nचॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता ने बाजार की स्थिति पर कहा, \"कच्चे तेल की कीमतों में युद्ध-संबंधी उछाल ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है, जिससे सख्त मौद्रिक नीति की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।\" वहीं एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने उल्लेख किया कि मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव ऊर्जा आपूर्ति की चिंताओं को बनाए रखेगा।\n\nट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड उछाल और मजबूत होता डॉलर\nऋण बाजार यानी बॉन्ड मार्केट से मिल रहे संकेत शेयर बाजार के लिए अनुकूल नहीं दिख रहे हैं। अमेरिका की 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.78 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो जनवरी 2025 के बाद का सर्वोच्च स्तर है। वहीं 30 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड चढ़कर 5.27 प्रतिशत पर पहुंच गई। अगस्त के दौरान 30 वर्षीय यील्ड ने 5.31 प्रतिशत का स्तर भी छुआ था, जो 2007 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।\n\nअमेरिकी डॉलर भी 99.5 के स्तर के आसपास मजबूत बना हुआ है। डॉलर और बॉन्ड यील्ड में यह तेजी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल सम्मेलन में दिए गए बयानों के बाद आई है। केविन वॉर्श ने स्पष्ट किया कि यदि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति को 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक लाने का विश्वास नहीं बनता है, तो केंद्रीय बैंक को सख्त कदम उठाने होंगे।\n\nकेविन वॉर्श की टिप्पणियों के बाद सितंबर 2026 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़कर 65 प्रतिशत हो गई है, जो इस बयान से पहले महज 36 प्रतिशत के आसपास थी। उच्च बॉन्ड यील्ड कंपनियों के लिए कर्ज की लागत बढ़ाती है और निवेशकों को शेयरों की तुलना में सुरक्षित बॉन्ड की ओर आकर्षित करती है।\n\nमुद्रास्फीति का दबाव और आगामी आर्थिक आंकड़े\nअमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का दबाव लगातार बना हुआ है। जुलाई महीने के लिए हेडलाइन पीसीई (PCE) दर 3.7 प्रतिशत दर्ज की गई, जो बाजार के 3.6 प्रतिशत के अनुमान से अधिक थी। जुलाई की फेड बैठक में तीन क्षेत्रीय फेड अध्यक्षों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी के पक्ष में अपना असहमति व्यक्त की थी।\n\nश्वाब सेंटर फॉर फाइनेंशियल रिसर्च के डेरिवेटिव्स रिसर्च निदेशक नेथन पीटरसन ने कहा कि निवेशक सितंबर में संभावित दर वृद्धि से ज्यादा बॉन्ड मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को लेकर संवेदनशील हो सकते हैं। इसी संस्थान के मैक्रो रिसर्च प्रमुख केविन गॉर्डन ने कहा, \n \"अगर बीते कुछ महीनों से कोई एक सीख मिली है, तो वह यह है कि बॉन्ड मार्केट ही असली निर्णायक भूमिका में है।\"\n\nएप्रिशिएट के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी श्लोक श्रीवास्तव ने विश्लेषण किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ली जा रही फंडिंग पर बॉन्ड मार्केट की बढ़ती यील्ड का सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय निवेशकों के लिए अमेरिकी बाजार इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे सेमीकंडक्टर, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक सॉफ्टवेयर कंपनियों में निवेश का मौका देते हैं। इन कंपनियों के नतीजे मजबूत रहे हैं, लेकिन उच्च यील्ड भविष्य के मुनाफे का मूल्यांकन कम कर देती है।\n\nचालू सप्ताह के आर्थिक कैलेंडर में मंगलवार को विनिर्माण और सेवाओं के पीएमआई आंकड़े जारी होंगे। वहीं शुक्रवार को अगस्त महीने की बहुप्रतीक्षित पेरोल रिपोर्ट आएगी। विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त में लगभग 45,000 नई नौकरियां जुड़ेंगी, जबकि जुलाई में 23,000 नौकरियों की अप्रत्याशित गिरावट दर्ज की गई थी।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय और वैश्विक दोनों तरह के निवेशकों पर सीधा पड़ेगा।\n\n• भारत में निवेशकों के लिए: अमेरिकी बाजारों में गिरावट और डॉलर की मजबूती से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव आ सकता है। आईटी और एआई सेक्टर से जुड़ी अमेरिकी कंपनियों में निवेश करने वाले भारतीयों को पोर्टफोलियो रिटर्न में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।\n• वैश्विक स्तर पर: कच्चे तेल के 91 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से ईंधन की लागत बढ़ेगी। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई दर बढ़ने का खतरा पैदा होगा।\n• ऋण और होम लोन पर: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 65% संभावना के कारण वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें ऊंची रहेंगी। इससे कंपनियों और आम कर्जदारों दोनों के लिए कर्ज महंगा हो जाएगा।\n• बाजार रणनीतियाँ: निवेशकों को सितंबर महीने में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि ऐतिहासिक रूप से सितंबर एसएंडपी 500 के लिए सबसे कमजोर महीना माना जाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अगस्त 2026 में नैस्डैक का प्रदर्शन कैसा रहा?\nअगस्त 2026 में नैस्डैक 456.99 अंक यानी 1.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ अमेरिकी शेयर बाजारों में सबसे आगे रहा।\n\n2. सितंबर 2026 में फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की कितनी संभावना है?\nकेविन वॉर्श के बयानों के बाद सितंबर 2026 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़कर 65 प्रतिशत हो गई है।\n\n3. वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतें क्या हैं?\nयूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल के पास और ब्रेंट क्रूड 91.4 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।\n\n4. 30 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड किस स्तर पर पहुंची?\n30 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.27 प्रतिशत हो गई और अगस्त में 5.31 प्रतिशत के स्तर को छुआ, जो 2007 के बाद सबसे ज्यादा है।\n\n5. शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट से क्या उम्मीदें हैं?\nविश्लेषकों को उम्मीद है कि अगस्त महीने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में लगभग 45,000 नई नौकरियां जुड़ेंगी।",
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  "category": "मनी",
  "publishedAt": "2026-09-01",
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    "अमेरिकी शेयर बाजार",
    "एसएंडपी 500",
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