{
  "type": "article",
  "title": "भागलपुर में सावन के लिए सजीं 50 से अधिक हरी साड़ियां, 500 रुपये से लेकर 12 हजार तक की वैरायटी उपलब्ध",
  "summary": "सावन के पावन महीने को देखते हुए सिल्क सिटी भागलपुर के कपड़ा बाजार में 50 से अधिक किस्मों की हरी साड़ियां उतारी गई हैं, जहां 500 रुपये से लेकर 12,000 रुपये तक के परिधान मिल रहे हैं।",
  "content": "सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही पारंपरिक परिधानों की खरीदारी में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। इस मौसम में हरे रंग के कपड़ों, विशेष रूप से साड़ियों की मांग महिलाओं के बीच सबसे अधिक रहती है। इस मांग को पूरा करने के लिए बिहार के भागलपुर में बुनकरों और कपड़ा व्यापारियों ने सावन के मद्देनजर 50 से अधिक तरह की हरे रंग की साड़ियां तैयार की हैं। सिल्क नगरी के नाम से मशहूर इस शहर के बाजारों में इन दिनों ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।\n\nसिल्क के साथ कॉटन और लीलन पर भी बेहतरीन बुनावट\nभागलपुर लंबे समय से अपने खास सिल्क उद्योग के लिए पहचाना जाता रहा है, लेकिन अब यहां का कपड़ा कारोबार केवल पारंपरिक रेशम तक सीमित नहीं है। स्थानीय स्तर पर अब हर तरह के कपड़ों का निर्माण और व्यापार तेजी से बढ़ा है। सूती यानी कॉटन और लीलन जैसे कपड़ों पर भी कारीगर अनोखी बुनावट कर रहे हैं। जब भी उम्दा सिल्क और धागों के काम की चर्चा होती है, तो भागलपुर का नाम सबसे पहले लिया जाता है, और अब यहां आधुनिक जरूरत के अनुसार हर फैब्रिक उपलब्ध कराया जा रहा है।\n\nकांजीवरम से लेकर मधुबनी और मंजूषा प्रिंट का संगम\nकपड़ा कारोबारी संजीव कुमार के अनुसार बाजार में हर वर्ग और पसंद के खरीदारों के लिए डिजाइन उपलब्ध कराए गए हैं। सिल्क पर कांजीवरम का काम करने के अलावा शादी-ब्याह के लिए दुल्हन की साड़ियां, डोली की विशेष साड़ियां और स्टोन वर्क वाली साड़ियां तैयार की गई हैं। इसके अलावा बिहार की समृद्ध लोक कला का प्रतिनिधित्व करने वाली मंजूषा प्रिंट और मधुबनी प्रिंट की साड़ियों की भी भारी मांग है। आधुनिक लुक चाहने वाली महिलाओं के लिए डिजिटल प्रिंटिंग वाली साड़ियां भी प्रचुर मात्रा में बनाई गई हैं।\n\nकिफायती बजट और करोड़ों का कारोबार\nसंजीव कुमार ने बताया कि भागलपुर के बाजार में आम आदमी के बजट का पूरा ध्यान रखा गया है। यहां साड़ियों की शुरुआती कीमत मात्र 500 रुपये रखी गई है, जबकि विशेष कारीगरी वाली प्रीमियम साड़ियां 12 हजार रुपये तक की कीमत में बिक रही हैं। त्योहारों के इस दौर में बिहार और वेस्ट बंगाल के व्यापारी भारी तादाद में खरीदारी कर रहे हैं। इन दोनों राज्यों से इस सीजन में करीब 3 करोड़ रुपये के साड़ियों के ऑर्डर स्थानीय कारोबारियों को प्राप्त हुए हैं, जिससे क्षेत्र के हथकरघा उद्योग को नई ऊर्जा मिली है।\n\nइसका आप पर असर\nसावन के दौरान पारंपरिक हरी साड़ियों की खरीदारी करने वाले ग्राहकों और व्यापारियों दोनों के लिए बाजार में बड़े विकल्प मौजूद हैं।\n\n• किफायती बजट: आम खरीदार मात्र 500 रुपये की शुरुआती कीमत में आकर्षक साड़ियां खरीद सकते हैं। उच्च वर्ग और विशेष अवसरों के लिए 12 हजार रुपये तक की प्रीमियम साड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं।\n• वैरायटी का चयन: ग्राहकों को 50 से अधिक किस्मों के हरे शेड्स और प्रिंट्स में से अपनी पसंद का परिधान चुनने का अवसर मिल रहा है। पारंपरिक मंजूषा और मधुबनी कला से लेकर डिजिटल प्रिंट तक के विकल्प मौजूद हैं।\n• बिहार और वेस्ट बंगाल के व्यापारियों के लिए: सावन सीजन के दौरान लगभग 3 करोड़ रुपये का थोक व्यापार होने से स्थानीय खुदरा विक्रेताओं को नया स्टॉक आसानी से मिल रहा है। समय रहते ऑर्डर देने पर व्यापारियों को अच्छी मार्जिन और वैरायटी मिल सकती है।\n• कपड़ा कारीगरों के लिए: सूती, लीलन और सिल्क जैसे सभी वस्त्रों पर काम मिलने से स्थानीय बुनकरों की आय में सावन के दौरान बड़ा सुधार हुआ है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसावन मास में हरे रंग के परिधान पहनने की धार्मिक और सामाजिक परंपरा के कारण इस समय हरी साड़ियों की मांग चरम पर पहुंच जाती है। इसी मौसमी मांग को भुनाने के लिए भागलपुर के कपड़ा निर्माताओं ने विस्तृत तैयारी की है।\n\n• धार्मिक परंपरा और मौसमी मांग: सावन में महिलाएं पारंपरिक रूप से हरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ मानती हैं। इस वजह से हर साल इस महीने में हरे परिधानों की मांग कई गुना बढ़ जाती है।\n• उत्पादन का विविधीकरण: भागलपुर पहले केवल सिल्क तक सीमित था, लेकिन अब बुनकरों ने कॉटन, लीलन और डिजिटल प्रिंटिंग जैसे माध्यमों को अपना लिया है। इस तकनीकी और कलात्मक विस्तार ने बाजार की हर जरूरत को पूरा करना संभव बनाया है।\n• मजबूत क्षेत्रीय आपूर्ति नेटवर्क: बिहार और पड़ोसी राज्य वेस्ट बंगाल के व्यापारियों से मिलने वाले लगभग 3 करोड़ रुपये के अग्रिम ऑर्डरों ने इस बड़े पैमाने के उत्पादन को सहारा दिया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. भागलपुर में सावन के लिए कितनी तरह की हरी साड़ियां तैयार की गई हैं?\nभागलपुर के कपड़ा बाजार में सावन को देखते हुए 50 से अधिक किस्मों की हरे रंग की साड़ियां तैयार की गई हैं।\n\n2. भागलपुर बाजार में साड़ियों की कीमत क्या रखी गई है?\nयहां साड़ियों की शुरुआती कीमत 500 रुपये है, जबकि सबसे महंगी वैरायटी 12,000 रुपये तक उपलब्ध है।\n\n3. भागलपुर में किन-किन प्रिंट्स और डिजाइनों की साड़ियां मिल रही हैं?\nयहां सिल्क पर कांजीवरम काम, दुल्हन और डोली की साड़ियां, स्टोन वर्क, मंजूषा प्रिंट, मधुबनी प्रिंट और डिजिटल प्रिंट वाली साड़ियां उपलब्ध हैं।\n\n4. इस सावन सीजन में भागलपुर के कपड़ा कारोबार को कितने रुपये के ऑर्डर मिले हैं?\nकारोबारी संजीव कुमार के अनुसार बिहार और वेस्ट बंगाल से लगभग 3 करोड़ रुपये के साड़ियों के ऑर्डर मिले हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/money/bhagalpur-men-savana-ke-lie-sajin-50-se-adhika-hari-sariyan-500-rupaye-se-lekara-12-hajara-taka-ki-vairayati-upalabdha-50025",
  "category": "मनी",
  "publishedAt": "2026-10-21",
  "tags": [
    "भागलपुर",
    "सावन साड़ी",
    "सिल्क नगरी",
    "मधुबनी प्रिंट",
    "मंजूषा साड़ी",
    "संजीव कुमार",
    "बिहार कपड़ा उद्योग"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}