बीएसई के शेयरों पर विश्लेषकों का जबरदस्त भरोसा, किसी ने नहीं दी बिकवाली की सलाह जून तिमाही के नतीजों के बाद 18 में से 11 विश्लेषकों ने बीएसई में खरीदारी और 7 ने होल्ड की राय दी है। 5 वर्षों में 2500 प्रतिशत का मुनाफा दे चुके इस शेयर के लिए 5,250 रुपये तक के टारगेट तय किए गए हैं। भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड इकलौते स्टॉक एक्सचेंज प्लेटफॉर्म बीएसई लिमिटेड के शेयरों पर वित्तीय बाजार के विश्लेषक बेहद सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं। जून तिमाही के वित्तीय परिणाम सामने आने के बाद बाजार के जानकारों की दिलचस्पी इस काउंटर में काफी बढ़ गई है। इस एक्सचेंज को ट्रैक करने वाले कुल 18 विश्लेषकों में से किसी एक ने भी इसमें बिकवाली करने का मशविरा नहीं दिया है। इनमें से 11 विश्लेषकों ने स्पष्ट रूप से नई खरीदारी करने का सुझाव दिया है, जबकि अन्य 7 विश्लेषकों ने निवेशकों को अपने मौजूदा शेयर बनाए रखने की सलाह दी है। रिटर्न का ट्रैक रिकॉर्ड और मौजूदा भाव की स्थिति ऐतिहासिक रिटर्न के पैमाने पर देखा जाए तो इस मल्टीबैगर स्टॉक ने निवेशकों की पूंजी में असाधारण वृद्धि कराई है। बीते 5 वर्षों के सफर में इस शेयर ने लगभग 2500 प्रतिशत का भारी रिटर्न दिया है, जिसका अर्थ है कि इसने निवेशकों के निवेश को करीब 26 गुना तक बढ़ा दिया। वहीं पिछले एक वर्ष की अवधि में भी इसने 48 फीसदी की मजबूत बढ़त दर्ज कराई है। ताजा कारोबारी सत्र के दौरान मामूली मुनाफावसूली के चलते शेयर में लगभग तीन प्रतिशत की नरमी देखने को मिली और यह 3,494 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। प्रतिस्पर्धा और कारोबारी विस्तार के नए आयाम भारत के एकमात्र लिस्टेड एक्सचेंज के रूप में बीएसई का सीधा मुकाबला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के साथ बना हुआ है। एनएसई भी आने वाले समय में अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ पेश करने की तैयारी में जुटा है। इस प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बीएसई लगातार नए और इनोवेटिव वित्तीय उत्पाद पेश कर रहा है। मंच पर सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े आईटी डेरिवेटिव्स, अतिरिक्त इंडेक्स आधारित डेरिवेटिव्स और कॉरपोरेट बॉन्ड से जुड़े नए उत्पादों को सक्रिय रूप से उतारा जा रहा है। इन नए सेगमेंट के सहारे कंपनी बाजार में अपनी हिस्सेदारी का दायरा लगातार बढ़ा रही है, जिससे लंबी अवधि में इसके मूल्यांकन में सकारात्मक री-रेटिंग की ठोस संभावनाएं तैयार हो रही हैं। विभिन्न ब्रोकरेज फर्म्स के टारगेट और रेटिंग का विवरण विभिन्न वित्तीय फर्म्स ने कंपनी की भविष्य की विकास दर को ध्यान में रखते हुए अपने अलग-अलग मूल्य लक्ष्य साझा किए हैं। ईस्ट इंडिया सिक्योरिटीज ने इस काउंटर पर सबसे ऊंचा 5,250 रुपये का टारगेट प्राइस तय करते हुए बाय रेटिंग दी है। वहीं घरेलू ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने भी खरीदारी की सिफारिश करते हुए 4,850 रुपये का मूल्य लक्ष्य निर्धारित किया है। वैश्विक वित्तीय संस्थानों ने भी इस शेयर को लेकर अपनी राय सार्वजनिक की है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय फर्म यूबीएस ने शेयर को न्यूट्रल रुख के साथ 4,500 रुपये का टारगेट सौंपा है। इसके अलावा जेपी मॉर्गन ने इसके लिए 4,090 रुपये का स्तर तय किया है। दूसरी तरफ जेफरीज ने एवरेज डेली टर्नओवर में संभावित हल्की नरमी का हवाला देते हुए होल्ड की सिफारिश रखी है और इसके लिए 3,520 रुपये का टारगेट प्राइस बताया है। इसका आप पर असर इस शेयर पर विश्लेषकों की सर्वसम्मत सकारात्मक राय से खुदरा और संस्थागत निवेशकों की धारणा पर सीधा प्रभाव पड़ता है। • पोर्टफोलियो धारकों पर: जिन निवेशकों के पास पहले से यह शेयर है, उनके लिए विशेषज्ञों की यह राय बने रहने का संकेत देती है। विश्लेषकों के ऊंचे टारगेट मौजूदा 3,494 रुपये के भाव से आगे की संभावित बढ़त का अनुमान दर्शाते हैं। • नए खरीदारों के लिए: किसी भी विश्लेषक द्वारा बिकवाली की सलाह न होने से नई पूंजी लगाने वालों का विश्वास बढ़ता है। हालांकि एकमुश्त खरीदारी के बजाय गिरावट के मौकों पर चरणबद्ध निवेश की योजना बनाना अधिक व्यावहारिक रणनीति हो सकती है। • एक्सचेंज सेक्टर के प्रतिस्पर्धियों पर: आगामी एनएसई आईपीओ से पहले बीएसई की मजबूत स्थिति पूंजी बाजार के विस्तार को रेखांकित करती है। इससे वित्तीय मंचों और ब्रोकिंग क्षेत्र से जुड़े कारोबारों की दृश्यता में सुधार देखने को मिल सकता है। • जोखिम प्रबंधन: जेफरीज द्वारा ट्रेडिंग वॉल्यूम में संभावित सुस्ती की चेतावनी बाजार में उतार-चढ़ाव की ओर इशारा करती है। इसलिए निवेशकों को केवल टारगेट के भरोसे न रहकर अपने स्टॉप-लॉस और व्यक्तिगत वित्तीय सलाह का ध्यान रखना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ जून तिमाही के प्रदर्शन के बाद विश्लेषकों का रुझान इस स्टॉक की तरफ तेजी से सकारात्मक हुआ है। इसके पीछे मजबूत ऐतिहासिक प्रदर्शन और प्लेटफॉर्म पर लगातार हो रहा कारोबारी विस्तार प्रमुख वजहें हैं। • उत्पाद विविधीकरण: एक्सचेंज ने केवल परंपरागत इक्विटी तक सीमित न रहकर नए वित्तीय सेगमेंट्स पर तेजी से फोकस किया है। प्लेटफॉर्म पर आईटी डेरिवेटिव्स, इंडेक्स डेरिवेटिव्स और कॉरपोरेट बॉन्ड उत्पादों के आने से बाजार हिस्सेदारी में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। • असाधारण वित्तीय ट्रैक रिकॉर्ड: 5 वर्षों में 2500 प्रतिशत का मुनाफा और पूंजी को 26 गुना करने की क्षमता ने विश्लेषकों के विश्वास को मजबूत किया है। वित्तीय नतीजों की निरंतरता के कारण ब्रोकरेज कंपनियां इसके मूल्यांकन को नए सिरे से आंक रही हैं। • प्रतिस्पर्धी माहौल में मजबूती: एनएसई के आगामी आईपीओ की तैयारियों के बीच इस प्लेटफॉर्म ने अपने कारोबारी तंत्र को लगातार आधुनिक बनाया है। इससे प्लेटफॉर्म की कारोबारी क्षमता और राजस्व स्रोतों को लेकर संस्थागत धारणा काफी मजबूत हुई है। सवाल-जवाब 1. बीएसई के शेयर को कवर करने वाले विश्लेषकों की क्या राय है? इस शेयर को कवर करने वाले 18 में से 11 विश्लेषकों ने इसे खरीदने (Buy) और 7 विश्लेषकों ने होल्ड (Hold) करने की सलाह दी है। किसी भी विश्लेषक ने इसे बेचने की राय नहीं दी है। 2. इस शेयर के लिए सबसे ऊंचा टारगेट प्राइस किस ब्रोकरेज ने दिया है? ईस्ट इंडिया सिक्योरिटीज ने सबसे ऊंचा 5,250 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है और शेयर पर बाय रेटिंग बरकरार रखी है। 3. पिछले 5 वर्षों में इस शेयर ने कितना रिटर्न दिया है? बीते 5 वर्षों में इस मल्टीबैगर स्टॉक ने लगभग 2500 प्रतिशत का रिटर्न देकर निवेशकों का पैसा करीब 26 गुना बढ़ाया है। 4. विदेशी ब्रोकरेज फर्म्स यूबीएस और जेपी मॉर्गन ने क्या लक्ष्य निर्धारित किए हैं? यूबीएस ने न्यूट्रल रेटिंग के साथ 4,500 रुपये और जेपी मॉर्गन ने 4,090 रुपये का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। 5. जेफरीज ने इस शेयर पर होल्ड रेटिंग क्यों दी है? जेफरीज ने एवरेज डेली टर्नओवर में थोड़ी सुस्ती आने की आशंका को देखते हुए 3,520 रुपये के टारगेट के साथ होल्ड रेटिंग दी है। 6. ताजा सत्र में यह शेयर किस स्तर पर कारोबार कर रहा था? हल्की मुनाफावसूली के चलते करीब तीन प्रतिशत की नरमी के साथ यह 3,494 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। https://trendkia.com/money/bse-ke-sheyaron-para-vishleshakon-ka-jabaradasta-bharosa-kisi-ne-nahin-di-bikavali-ki-salaha-40126 TrendKia — Har trend, sabse pehle.