# अमेरिकी व्यापार युद्ध के बीच कनाडा और यूरोपीय संघ ने मॉन्ट्रियल में बढ़ाई रणनीतिक साझेदारी

> मॉन्ट्रियल में आयोजित दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा और यूरोपीय संघ ने रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, सुपरकंप्यूटिंग और व्यापार में अपनी निर्भरता वॉशिंगटन से घटाने की दिशा में अहम बातचीत की है।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-10-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/canada-aura-european-union-ne-montreal-men-barhai-rananitika-sajhedari-53173 · **Language:** Hindi
**Tags:** कनाडा, यूरोपीय संघ, मार्क कार्नी, उर्सुला वॉन डेर लेयेन, डोनाल्ड ट्रंप, व्यापार युद्ध, महत्वपूर्ण खनिज, सुपरकंप्यूटर

मॉन्ट्रियल के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में कनाडा और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं ने आपसी आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने की मजबूत पहल की है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती व्यापारिक तनातनी और आर्थिक दबावों के बीच दोनों पक्षों ने अपने संप्रभु हितों की सुरक्षा के लिए साझा मोर्चेबंदी शुरू कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा छेड़े गए व्यापार युद्ध की पृष्ठभूमि में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार अब महज वस्तुओं के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसका इस्तेमाल रणनीतिक दबाव बनाने के हथियार के रूप में किया जा रहा है। इसी भू-राजनीतिक उथल-पुथल को देखते हुए दोनों शक्तियों ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने और वॉशिंगटन पर अपनी अत्यधिक निर्भरता को सीमित करने की योजना तैयार की है।

## संप्रभुता की रक्षा और आर्थिक जोखिमों पर सीधी बातचीत

सम्मेलन के दौरान दोनों ही नेताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जब वैश्विक व्यापारिक रिश्तों में व्यवधान पैदा होता है, तो उसका सीधा असर आम परिवारों की जेब और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि जब व्यापार को आर्थिक दबाव के एक औजार के रूप में बदला जाता है, तब इसका खामियाजा सुपरमार्केट के राशन से लेकर नई कार की खरीद तक आम परिवारों को चुकाना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समय वास्तविक धरातल पर संप्रभुता को चुनौती मिल रही है। वहीं प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने तर्क दिया कि एक मजबूत और भरोसेमंद रणनीतिक गठबंधन ही भविष्य में आने वाले वैश्विक आर्थिक झटकों के असर को कम कर सकता है। खतरनाक और विभाजित होती दुनिया में संप्रभुता राष्ट्रों को बाहरी दबावों के आगे घुटने टेकने के बजाय दृढ़ता से खड़े रहने का सामर्थ्य प्रदान करती है।

## एसोसिएट मेंबरशिप के प्रस्ताव पर मतभेद और व्यावहारिक दृष्टिकोण

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस सम्मेलन में कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला एसोसिएट सदस्य बनाने की औपचारिक पेशकश रखी। हालांकि, यूरोपीय संघ के कुछ सदस्य देशों ने इस नए दर्जे और शब्दावली पर एतराज जताया है। दूसरी ओर, कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने स्पष्ट किया कि उनके लिए औपचारिक नाम या पदवी की तुलना में व्यावहारिक नतीजे ज्यादा मायने रखते हैं। कार्नी ने जोर देकर कहा कि यह नई साझेदारी कोई मार्केटिंग अभ्यास नहीं है और नाम से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। इस प्रस्तावित योजना पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे शत्रुतापूर्ण कदम का संकेत माना और नए शुल्क लगाने की चेतावनी जारी की। बुधवार को कनाडाई सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया कि मॉन्ट्रियल में हो रही यह बातचीत किसी भी रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका को निशाना बनाकर नहीं की जा रही है, बल्कि यह समय के साथ विकसित हुए साझा हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों का स्वाभाविक विस्तार है।

## भविष्य के गठबंधन की रूपरेखा और सुपरकंप्यूटिंग नेटवर्क समझौता

मॉन्ट्रियल बैठक से 'एलायंस फॉर द फ्यूचर' नामक एक व्यापक ढांचे की शुरुआत की उम्मीद बंधी है। यह पूरा ढांचा रक्षा, प्रौद्योगिकी, शोध, व्यापार और महत्वपूर्ण खनिजों के इर्द-गिर्द केंद्रित रखा गया है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने स्पष्ट किया कि यह व्यापक गठबंधन एसोसिएट सदस्यता से अलग प्रकृति का है। एसोसिएट दर्जे के तहत साझा नीतियों, कार्यक्रमों और प्रशासनिक संचालन में बेहद करीबी तालमेल स्थापित करना होता है, जिसमें भविष्य में अन्य भरोसेमंद साझेदार देशों को भी शामिल किया जा सकता है। इसी कड़ी में शुक्रवार को कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच एक महत्वपूर्ण तकनीकी समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की घोषणा की गई। इस समझौते के जरिए कनाडाई कंपनियों और शोधकर्ताओं को यूरोप के 12 उन्नत सुपरकंप्यूटरों के विशाल नेटवर्क तक सीधी पहुंच प्राप्त होगी। इसके साथ ही दोनों पक्ष मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं और संयुक्त निवेश पर काम आगे बढ़ाएंगे, जिसे वर्ष 2027 में अंतिम मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है।

## वॉशिंगटन पर घटती निर्भरता और रक्षा खरीद का पेच

इस दो दिवसीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी विशेष रूप से मॉन्ट्रियल पहुंचे। बैठक का प्राथमिक उद्देश्य अहम रणनीतिक क्षेत्रों में अमेरिकी प्रशासन पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस साल जनवरी में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर कहा था कि अमेरिकी नेतृत्व वाली पुरानी वैश्विक व्यवस्था अब बिखर रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि विदेशी सरकारों और विशाल तकनीकी कंपनियों को कनाडा के घरेलू फैसलों और नीतियों को निर्देशित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और दुर्लभ खनिजों के लिए एकल स्रोतों पर अत्यधिक निर्भरता को एक बड़ी कमजोरी करार दिया।

सैन्य साजो-सामान के क्षेत्र में कनाडा पहले से ही सेफ (SAFE) कार्यक्रम के जरिए यूरोपीय संघ की रक्षा खरीद में भागीदारी कर रहा है। कनाडा इस 150 अरब यूरो यानी करीब 167 अरब डॉलर के विशाल कार्यक्रम में शामिल होने वाला एकमात्र गैर-यूरोपीय देश है। इस व्यवस्था से कनाडाई रक्षा कंपनियों को संयुक्त यूरोपीय सैन्य खरीद में हिस्सा लेने की अनुमति मिलती है। हालांकि, गहरे रक्षा तालमेल की अपनी सीमाएं भी सामने आ रही हैं। आनंद सुंदर के अनुसार फ्रांस यूरोपीय संघ के भीतर 'मेड इन यूरोप' के सख्त नियमों को लागू करने पर अड़ा हुआ है, जबकि जर्मनी फ्रांस की तुलना में कहीं अधिक व्यापक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का समर्थन कर रहा है। आनंद सुंदर ने यह भी बताया कि यूरोपीय सदस्य देशों द्वारा एसोसिएट सदस्यता के ढांचे को खारिज किया जाना वॉन डेर लेयेन के लिए असहज स्थिति पैदा करता है। वहीं कार्नी ने यूरोपीय संघ में पूर्ण रूप से शामिल होने की संभावना को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी भी तरह के अपग्रेड के लिए मतदान कराया जाएगा।

## महत्वपूर्ण खनिजों की बढ़ती आपूर्ति और निर्यात में विविधता लाने का लक्ष्य

कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता, जिसे सेटा (CETA) कहा जाता है, पहले से प्रभावी है। इस समझौते ने दोनों पक्षों के बीच लगने वाले अधिकांश शुल्कों को हटा दिया है। इसके बावजूद कनाडा की अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर अमेरिकी बाजार से बंधी हुई है। वर्ष 2025 में कनाडा के कुल वस्तुगत निर्यात में संयुक्त राज्य अमेरिका की हिस्सेदारी 71.7 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस एकतरफा निर्भरता को संतुलित करने के लिए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने आगामी एक दशक के भीतर अमेरिका के अलावा अन्य देशों को किए जाने वाले कनाडाई निर्यात को दोगुना करने का रणनीतिक लक्ष्य तय किया है।

आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति एक बेहद अहम कड़ी बनकर उभरी है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष यूरोपीय संघ द्वारा कनाडा से आयात किए जाने वाले महत्वपूर्ण कच्चे माल में 62 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। यह कुल व्यापार 3.3 अरब यूरो यानी करीब 3.7 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच गया, जिसमें लिथियम, कोबाल्ट, निकल और ग्रेफाइट जैसे उच्च तकनीकी धातुएं शामिल हैं। दोनों पक्षों का मानना है कि महत्वपूर्ण संसाधनों के स्रोतों में विविधता लाना ही आर्थिक सुरक्षा का एकमात्र रास्ता है। विश्लेषक टोबियास गेहर्के के अनुसार शब्दावली को लेकर खड़ा हुआ विवाद व्यावहारिक कदमों को रोकने वाला नहीं है। गेहर्के ने यह भी रेखांकित किया कि यूरोप और कनाडा की अमेरिकी अर्थव्यवस्था और सेना पर निर्भरता को रातों-रात कम करने का कोई जादुई शॉर्टकट नहीं है, विशेषकर तब जब वॉशिंगटन जवाबी कार्रवाई कर सकता है, फिर भी इस समय राजनीतिक दरवाजे पहले की तुलना में कहीं अधिक खुले हुए हैं।

## इसका आप पर असर
कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ता यह रणनीतिक और व्यापारिक गठजोड़ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की दिशा बदलने वाला साबित हो सकता है।

- **वैश्विक उपभोक्ताओं पर असर:** आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधीकरण आने से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में आने वाले अप्रत्याशित उछाल को रोकने में मदद मिलेगी। जब देश किसी एक ही महाशक्ति पर निर्भर रहने के बजाय कई विश्वसनीय भागीदारों से माल खरीदते हैं, तो व्यापार युद्ध के दौरान भी बाजार में स्थिरता बनी रहती है।
- **कनाडाई और यूरोपीय व्यवसायों के लिए:** दोनों क्षेत्रों की प्रौद्योगिकी, रक्षा और खनन कंपनियों के लिए नए साझा अनुबंधों और 12 उन्नत सुपरकंप्यूटरों के इस्तेमाल का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे संयुक्त अनुसंधान को गति मिलेगी और व्यवसायों को अमेरिकी बाजार के एकाधिकार वाले जोखिम से राहत मिलेगी।
- **महत्वपूर्ण खनिजों के खरीदारों के लिए:** लिथियम, कोबाल्ट, निकल और ग्रेफाइट के नए स्रोतों के जुड़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी निर्माताओं को स्थिर कच्चा माल उपलब्ध होगा। इस समझौते से आपूर्ति में किसी एक देश का दबदबा कम होगा और वैश्विक तकनीकी उद्योग को मजबूती मिलेगी।
- **व्यापार नीति और वैश्विक निर्यातकों के लिए:** कनाडा का अपने 71.7 प्रतिशत अमेरिकी निर्यात निर्भरता को घटाकर अन्य देशों के साथ व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य नए वैश्विक व्यापार समझौतों को प्रेरित करेगा। इससे बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्थाओं को नया बल मिलेगा और टैरिफ की धमकियों के खिलाफ रक्षात्मक संतुलन बनेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी प्रशासन द्वारा शुरू किए गए व्यापार युद्ध और संरक्षणवादी आर्थिक नीतियों के चलते कनाडा और यूरोपीय संघ अपनी संप्रभुता और आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने के लिए करीब आए हैं।

- **अमेरिकी व्यापार युद्ध का दबाव:** अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने की चेतावनियों और आक्रामक व्यापारिक रुख ने दोनों पक्षों को अपनी आर्थिक कमजोरियों का पुनर्मूल्यांकन करने पर मजबूर किया। जब एकतरफा व्यापारिक प्रतिबंधों से घरेलू संप्रभुता प्रभावित होने लगी, तो विकल्प तलाशना अनिवार्य हो गया।
- **एकल आपूर्ति स्रोतों का रणनीतिक जोखिम:** ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के लिए एकल स्रोतों या एकाधिकार पर निर्भरता ने दोनों अर्थव्यवस्थाओं को भारी झटकों के प्रति संवेदनशील बना दिया था। इस जोखिम को घटाने के लिए कनाडा के प्राकृतिक संसाधनों और यूरोप की तकनीकी क्षमता का विलय किया गया।
- **पारंपरिक वैश्विक व्यवस्था में बिखराव:** कनाडाई नेतृत्व ने दावोस में ही रेखांकित किया था कि वाशिंगटन के नेतृत्व वाली पुरानी विश्व व्यवस्था तेजी से चरमरा रही है। विदेशी सरकारों और टेक कंपनियों के बढ़ते प्रभाव से अपने नीतिगत फैसलों को बचाने के लिए नए गठबंधनों का निर्माण जरूरी हो गया था।
- **आंतरिक मतभेदों के बावजूद साझा जरूरत:** यूरोपीय संघ के भीतर एसोसिएट सदस्यता की शब्दावली और फ्रांस की 'मेड इन यूरोप' नीतियों को लेकर कुछ मतभेद जरूर रहे, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर दोनों पक्षों को रक्षा और व्यापार सहयोग की तत्काल आवश्यकता है। यही कारण है कि औपचारिक असहमतियों के बावजूद तकनीकी और खनिज समझौतों पर तेजी से काम आगे बढ़ा।

## सवाल-जवाब

### 1. कनाडा और यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठक कहां और किनके बीच आयोजित हुई?
यह दो दिवसीय बैठक मॉन्ट्रियल में आयोजित हुई, जिसमें कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा शामिल हुए।

### 2. इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार युद्ध के जवाब में वॉशिंगटन पर निर्भरता कम करना और संप्रभुता तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं की रक्षा करना था।

### 3. एसोसिएट मेंबरशिप के प्रस्ताव को लेकर क्या स्थिति बनी?
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कनाडा को पहला एसोसिएट सदस्य बनाने का प्रस्ताव दिया, लेकिन कुछ यूरोपीय सदस्य देशों के विरोध के बीच मार्क कार्नी ने कहा कि नाम से ज्यादा व्यावहारिक लाभ महत्वपूर्ण हैं।

### 4. सुपरकंप्यूटिंग को लेकर दोनों पक्षों के बीच क्या समझौता तय हुआ?
शुक्रवार को होने वाले समझौते के तहत कनाडाई कंपनियों और शोधकर्ताओं को यूरोप के 12 उन्नत सुपरकंप्यूटरों के विशाल नेटवर्क तक पहुंच मिलेगी।

### 5. रक्षा खरीद में कनाडा की क्या भागीदारी है और इसमें क्या अड़चन है?
कनाडा 150 अरब यूरो के सेफ (SAFE) कार्यक्रम में शामिल एकमात्र गैर-यूरोपीय देश है, लेकिन फ्रांस द्वारा सख्त 'मेड इन यूरोप' नियमों की मांग से गहरे रक्षा संबंधों में सीमाएं आ रही हैं।

### 6. कनाडा की अमेरिकी बाजार पर वर्तमान में कितनी निर्भरता है?
वर्ष 2025 में कनाडा के कुल वस्तुगत निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 71.7 प्रतिशत रही, जिसे कनाडा एक दशक में अन्य देशों के साथ व्यापार दोगुना करके घटाना चाहता है।

### 7. महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में यूरोपीय संघ और कनाडा का व्यापार कितना बढ़ा है?
पिछले वर्ष यूरोपीय संघ द्वारा कनाडा से महत्वपूर्ण कच्चे माल का आयात 62 प्रतिशत बढ़कर 3.3 अरब यूरो (लगभग 3.7 अरब डॉलर) तक पहुंच गया।

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