चक्रवात प्रभावित आंध्र प्रदेश के 13 जिलों में रसोई गैस डिलीवरी पर ओटीपी की अनिवार्यता हटी लगातार आए गंभीर चक्रवाती तूफानों के संकट को देखते हुए 13 जिलों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए ओटीपी सत्यापन की शर्त अस्थायी रूप से हटा दी गई है। उपभोक्ता अब डिस्ट्रीब्यूटर से सीधे कैश एंड कैरी सुविधा के तहत गैस सिलेंडर खरीद सकते हैं। प्राकृतिक आपदाओं और गंभीर चक्रवाती तूफानों की मार झेल रहे तटीय क्षेत्रों में आम जनता को बड़ी प्रशासनिक राहत प्रदान की गई है। आंध्र प्रदेश के चक्रवात प्रभावित इलाकों में रसोई गैस वितरण को सुगम बनाने के लिए सरकार ने डिलीवरी के समय अनिवार्य वन-टाइम पासवर्ड सत्यापन की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से हटाने का निर्णय लिया है। राज्य के जिन हिस्सों में तूफान अर्नब और उसके तुरंत बाद आए चक्रवात मुरासु के कारण व्यापक नुकसान हुआ है, वहां उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की आपूर्ति निर्बाध बनाए रखना इस छूट का मुख्य उद्देश्य है। देश के अन्य सभी राज्यों और आंध्र प्रदेश के गैर-प्रभावित जिलों में डिलीवरी प्रमाणीकरण की सामान्य प्रक्रिया पहले की तरह ही लागू रहेगी। राहत के दायरे में शामिल 13 जिले और कैश एंड कैरी सुविधा नियमों में दी गई इस विशेष छूट के तहत चिन्हित जिलों के घरेलू गैस उपभोक्ता अब बिना किसी ओटीपी के अपना सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रभावित नागरिक स्थानीय एलपीजी वितरकों के पास जाकर कैश एंड कैरी सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इस सुविधा के अंतर्गत उपभोक्ता गैस एजेंसी पर सीधे भुगतान करके तुरंत भरा हुआ सिलेंडर अपने साथ ले जा सकते हैं, जिससे संचार नेटवर्क या तकनीकी बाधाओं के चलते आपूर्ति रुकने की समस्या नहीं आएगी। यह अंतरिम छूट अगले आदेश तक प्रभावी की गई है। इसके अंतर्गत आने वाले 13 जिलों की सूची निम्नलिखित है • श्रीकाकुलम • विजयनगरम • पार्वतीपुरम मान्यम • अल्लूरी सीताराम राजू • विशाखापट्टनम • अनकापल्ली • पोलावरम • डॉ. बी. आर. आंबेडकर कोनसीमा • काकीनाडा • पूर्वी गोदावरी • पश्चिमी गोदावरी • एलुरु • कृष्णा इन 13 चिन्हित क्षेत्रों के अलावा आंध्र प्रदेश के शेष सभी शहरों और जिलों के साथ-साथ पूरे भारत में डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड अथवा ओटीपी सत्यापन अनिवार्य बना रहेगा। चक्रवाती तूफानों से उपजी तबाही और जमीनी हालात आंध्र प्रदेश में यह आपातकालीन छूट हाल ही में आए गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब द्वारा मचाई गई व्यापक तबाही के मद्देनजर दी गई है। चक्रवात अर्नब के भीषण लैंडफॉल के कारण राज्य में 4,891 पक्के मकानों को क्षति पहुंची और 3,046 झुग्गियां तबाह हो गईं। प्राकृतिक आपदा के दौरान राज्य में कम से कम 3 लोगों की जान चली गई। कृषि और बागवानी क्षेत्र पर भी इसका विनाशकारी प्रभाव पड़ा, जहां कम से कम 351,724 हेक्टेयर फसली क्षेत्र और 23,211.5 हेक्टेयर बागवानी क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ। एक विवरण के मुताबिक लगभग 79,000 एकड़ फसलें तबाह होने की बात सामने आई है। सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर भी तूफान का गहरा असर पड़ा, जिसमें 264 स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अतिरिक्त, विस्थापित और संकटग्रस्त नागरिकों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के लिए 795 स्कूलों को अस्थायी राहत शिविरों में तब्दील किया गया। राज्य अभी इन मुश्किलों से उबर ही रहा था कि 2 से 4 नवंबर के दौरान एक और गंभीर चक्रवात मुरासु के टकराने की आशंका उत्पन्न हो गई, जिसके चलते प्रशासन को राहत उपायों में तेजी लानी पड़ी। ओटीपी सत्यापन का नियम और इसका महत्व सामान्य परिस्थितियों में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर प्राप्त करते समय उपभोक्ताओं के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड या ओटीपी दर्ज कराना अनिवार्य होता है। यह व्यवस्था पश्चिम एशिया संघर्ष के समय से अधिक कड़े रूप में लागू की गई थी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा यह स्पष्ट किया गया था कि बिना वैध ओटीपी के एलपीजी की डिलीवरी संभव नहीं होगी। इस सत्यापन प्रणाली का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी अथवा सामान्य घरेलू सिलेंडर केवल वास्तविक और पंजीकृत उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे। यह नियम कालाबाजारी, सिलेंडरों की अनधिकृत जमाखोरी और वितरण में होने वाली अनियमितताओं को पूरी तरह रोकने के लिए तैयार किया गया है, ताकि पारदर्शी डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके। प्रमुख तेल कंपनियों के सिलेंडर रिफिल बुक करने का सामान्य तरीका देशभर में इंडेन, भारत गैस अथवा एचपी गैस के उपभोक्ता अपनी सुविधा अनुसार डिजिटल अथवा फोन आधारित माध्यमों से सिलेंडर बुक कर सकते हैं। इसके छह मुख्य चरण इस प्रकार हैं • प्रथम चरण: संबंधित गैस प्रदाता कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप अथवा आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। • द्वितीय चरण: अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर अथवा 16 अंकों की एलपीजी उपभोक्ता पहचान संख्या की सहायता से लॉगिन करें। • तृतीय चरण: रिफिल बुकिंग विकल्प का चयन करें और ऑर्डर सबमिट करने से पहले अपने विवरण की जांच करें। • चतुर्थ चरण: बुकिंग सफल होने पर सिस्टम द्वारा एक पुष्टिकरण संदेश जारी होगा जिसमें बुकिंग संदर्भ संख्या दर्ज होगी। • पंचम चरण: इसके पश्चात डिलीवरी की प्रगति से जुड़े अपडेट एसएमएस और नोटिफिकेशन के जरिए प्राप्त होते रहेंगे। • षष्ठम चरण: डिलीवरी वाले दिन आपके पंजीकृत नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे डिलीवरी कर्मी को सत्यापन के लिए देना होता है। एचपी गैस सिलेंडर रिफिल कराने के विकल्प एचपी गैस के उपभोक्ता कई त्वरित तरीकों से अपनी गैस रिफिल दर्ज करा सकते हैं • एचपी पे मोबाइल ऐप: गूगल प्ले स्टोर अथवा ऐपल ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड करके सीधे बुकिंग की जा सकती है। • आईवीआरएस टेलीफोन प्रणाली: पंजीकृत मोबाइल नंबर से 88888 23456 पर कॉल करके बुकिंग दर्ज करें। • मिस्ड कॉल सुविधा: अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से 94936 02222 पर केवल एक मिस्ड कॉल दें। • वेबसाइट पोर्टल: उपभोक्ता www.myhpgas.in पर जाकर ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं। • उमंग ऐप: केंद्र सरकार के उमंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। • व्हाट्सएप सेवा: पंजीकृत नंबर से 92222 01122 पर 'Hi' लिखकर संदेश भेजें। • डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म: अमेज़न, पेटीएम, फोनपे या भारत बिल पेमेंट सिस्टम समर्थित बैंकिंग ऐप के यूटिलिटी बिल पेमेंट सेक्शन से बुकिंग करें। • ग्राहक सेवा केंद्र: नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर से संपर्क करके सहायता लें। • स्थानीय गैस वितरक: अपनी नजदीकी गैस एजेंसी पर व्यक्तिगत रूप से जाकर सिलेंडर बुक कराएं। भारत गैस रिफिल बुकिंग की प्रक्रिया भारत गैस के ग्राहकों के लिए रिफिल प्राप्त करने के सुगम साधन निम्नलिखित हैं • आईवीआरएस सेवा: अपने पंजीकृत नंबर से 77150 12345 या 77180 12345 पर कॉल करें। • व्हाट्सएप बुकिंग: बीपीसीएल स्मार्टलाइन नंबर 1800 22 4344 पर 'Hi' लिखकर भेजें। • एसएमएस माध्यम: अपने फोन से 77150 12345 अथवा 77180 12345 पर 'LPG' लिखकर मैसेज भेजें। • भारतगैस मोबाइल ऐप: आधिकारिक ऐप को प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से डाउनलोड करके इस्तेमाल करें। • बुकिंग संदेश: ऑर्डर पूरा होते ही एसएमएस के जरिए बुकिंग संदर्भ संख्या और डिलीवरी की संभावित तारीख प्राप्त होगी। इंडेन गैस रिफिल बुकिंग के उपलब्ध साधन इंडियन ऑयल के इंडेन गैस उपभोक्ता इन माध्यमों से नया सिलेंडर मंगवा सकते हैं • वेब पोर्टल: इंडियन ऑयल के ऑनलाइन उपभोक्ता पोर्टल पर जाकर रिफिल बुक करें। • इंडियन ऑयल वन मोबाइल ऐप: आधिकारिक एप्लिकेशन के जरिए ऑर्डर दर्ज करें। • एसएमएस बुकिंग: 77189 55555 पर निर्धारित प्रारूप में संदेश भेजें। पहली बार उपयोग करने वाले ग्राहकों को तय प्रक्रिया से नंबर रजिस्टर कराना होगा। • आईवीआरएस कॉलिंग: अपने पंजीकृत नंबर से 77189 55555 पर फोन करें और 16 अंकों की कंज्यूमर आईडी दर्ज करें। • व्हाट्सएप संदेश: पंजीकृत फोन नंबर से 75888 88824 पर 'REFILL' लिखकर भेजें। • मिस्ड कॉल सेवा: पंजीकृत मोबाइल नंबर से 84549 55555 पर मिस्ड कॉल देकर बुकिंग पूर्ण करें। इसका आप पर असर आंध्र प्रदेश के चक्रवात प्रभावित इलाकों में रहने वाले परिवारों को बिना किसी तकनीकी या नेटवर्क अड़चन के तुरंत रसोई गैस सिलेंडर मिल सकेगा। • आंध्र प्रदेश में: चिन्हित 13 जिलों के निवासी अब ओटीपी के बिना सीधे स्थानीय गैस एजेंसी पर जाकर कैश एंड कैरी के जरिए सिलेंडर खरीद सकते हैं। इससे तूफान और नेटवर्क खराबी के समय फोन पर ओटीपी न आने की दशा में भी खाना पकाने के ईंधन की आपूर्ति नहीं रुकेगी। • भारत के अन्य राज्यों में: बाकी सभी राज्यों और शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर लेते समय डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड अथवा ओटीपी देना पूर्ववत अनिवार्य रहेगा। अन्य क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को डिलीवरी कर्मी के आने पर अपने पंजीकृत मोबाइल पर आया गुप्त कोड साझा करना जारी रखना होगा। • गैस बुकिंग प्रक्रिया पर: बुकिंग के सभी डिजिटल माध्यम जैसे व्हाट्सएप, मिस्ड कॉल और मोबाइल ऐप पहले की तरह सामान्य रूप से चालू रहेंगे। उपभोक्ताओं को अपने संबंधित गैस प्रदाता के आधिकारिक नंबरों और ऐप के जरिए बुकिंग दर्ज कराने में कोई बदलाव नहीं करना होगा। • कालाबाजारी रोकथाम पर: देशव्यापी स्तर पर ओटीपी व्यवस्था लागू रहने से घरेलू सिलेंडरों की अवैध बिक्री और जमाखोरी पर कड़ी निगरानी बनी रहेगी। केवल प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय राहत के लिए इस नियम में अस्थाई तौर पर ढील दी गई है। ऐसा क्यों हुआ लगातार दो भीषण चक्रवाती तूफानों की मार और संचार तंत्र को पहुंचे नुकसान के कारण तटीय आंध्र प्रदेश में ओटीपी व्यवस्था को अस्थायी रूप से हटाने का फैसला किया गया। • चक्रवात अर्नब से तबाही: भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब के लैंडफॉल से 4,891 घरों और 3,046 झुग्गियों को भारी क्षति पहुंची तथा 3 लोगों की जान चली गई। भारी विनाश और 795 स्कूलों को राहत शिविर बनाने के चलते सामान्य नागरिक व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई। • आगामी चक्रवात मुरासु का खतरा: राज्य अभी अर्नब के नुकसान से संभल भी नहीं पाया था कि 2 से 4 नवंबर के बीच एक और गंभीर चक्रवात मुरासु के टकराने का पूर्वानुमान सामने आ गया। आने वाले नए तूफान से बुनियादी ढांचे और बिजली-मोबाइल नेटवर्क के और अधिक बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई। • नेटवर्क खराबी में ईंधन सुनिश्चित करना: चक्रवाती तूफानों के दौरान मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त होने से लोगों तक ओटीपी पहुंचना मुश्किल हो जाता है। अनिवार्य ओटीपी नियम के कारण प्रभावित परिवारों को बिना गैस के न रहना पड़े, इसलिए सीधे डिस्ट्रीब्यूटर से कैश एंड कैरी की अनुमति दी गई। सवाल-जवाब 1. किन 13 जिलों में एलपीजी डिलीवरी पर ओटीपी की शर्त हटाई गई है? यह छूट आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम, पार्वतीपुरम मान्यम, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापट्टनम, अनकापल्ली, पोलावरम, डॉ. बी. आर. आंबेडकर कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एलुरु और कृष्णा जिलों में दी गई है। 2. प्रभावित जिलों के उपभोक्ता गैस सिलेंडर कैसे प्राप्त कर सकते हैं? इन 13 जिलों के उपभोक्ता कैश एंड कैरी सुविधा का लाभ उठाकर सीधे अपने स्थानीय एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर से सिलेंडर खरीद सकते हैं। 3. क्या यह छूट पूरे देश में या हमेशा के लिए लागू रहेगी? नहीं, यह छूट केवल आंध्र प्रदेश के चिन्हित 13 चक्रवात प्रभावित जिलों में अगले आदेश तक के लिए अस्थायी रूप से लागू की गई है। 4. सामान्य दिनों में डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड या ओटीपी क्यों अनिवार्य किया गया था? यह नियम पश्चिम एशिया संघर्ष के समय लागू हुआ था, जिसका उद्देश्य सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध जमाखोरी रोकना और केवल वास्तविक उपभोक्ताओं तक आपूर्ति पहुंचाना है। 5. चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश में कितना नुकसान हुआ था? चक्रवात अर्नब से 4,891 मकान और 3,046 झुग्गियां क्षतिग्रस्त हुईं, 3 लोगों की मृत्यु हुई, 264 स्कूल टूटे तथा 351,724 हेक्टेयर फसल क्षेत्र और 23,211.5 हेक्टेयर बागवानी प्रभावित हुई। 6. एचपी गैस रिफिल मिस्ड कॉल से बुक करने का नंबर क्या है? एचपी गैस के पंजीकृत उपभोक्ता 94936 02222 पर मिस्ड कॉल देकर अपना सिलेंडर बुक कर सकते हैं। 7. इंडेन गैस उपभोक्ता व्हाट्सएप के माध्यम से सिलेंडर कैसे बुक कर सकते हैं? इंडेन के ग्राहक अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से 75888 88824 पर 'REFILL' लिखकर व्हाट्सएप संदेश भेज सकते हैं। 8. भारत गैस रिफिल बुक करने के लिए आईवीआरएस नंबर कौन से हैं? भारत गैस के उपभोक्ता 77150 12345 या 77180 12345 पर कॉल करके रिफिल दर्ज करा सकते हैं। https://trendkia.com/money/chakravata-prabhavita-andhra-pradesh-ke-13-jilon-men-rasoi-gaisa-dilivari-para-otp-ki-anivaryata-hati-54853 TrendKia — Har trend, sabse pehle.