छह महीने में 214 फीसदी रिटर्न के बाद रेमंड में मुनाफावसूली, डिफेंस इंडेक्स की बढ़त के बीच गिरा शेयर रेमंड के शेयरों में छह महीने के दौरान 214 फीसदी की जबर्दस्त तेजी के बाद शुक्रवार को मुनाफावसूली देखी गई, जिससे शेयर 1.73 फीसदी गिरकर 1,183 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि व्यापक डिफेंस इंडेक्स में मजबूती का रुख बना रहा। घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार, 25 सितंबर को रेमंड के शेयरों में तेज मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसके चलते स्टॉक गिरावट के साथ बंद हुआ। व्यापक स्तर पर रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में मजबूती दर्ज की जा रही थी, लेकिन इसके उलट रेमंड के शेयरों पर बिकवाली का दबाव हावी रहा। बाजार बंद होने पर कंपनी का शेयर 20.85 रुपये यानी 1.73 प्रतिशत टूटकर 1,183 रुपये के भाव पर आ गया। कारोबार के दौरान शेयर ने एक समय 1,223.85 रुपये के उच्च स्तर को छुआ था। पिछले कुछ महीनों में जोरदार तेजी दर्ज करने के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफा भुनाए जाने और कंपनी के एयरोस्पेस तथा डिफेंस कारोबार में हो रहे विस्तार पर पैनी नजर रखे जाने के बीच यह उतार-चढ़ाव सामने आया है। डिफेंस इंडेक्स के मुकाबले शेयर की अलग चाल शुक्रवार के कारोबारी सत्र में रेमंड की गिरावट व्यापक रक्षा क्षेत्र से बिल्कुल जुदा रही। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स कारोबार के दौरान करीब 0.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 9,401.65 के आसपास बना हुआ था। पूरे डिफेंस सेक्टर में गिरावट न होने और अकेले रेमंड में कमजोरी आने से साफ संकेत मिलता है कि यह पूरे रक्षा उद्योग की बिकवाली नहीं, बल्कि भारी बढ़त के बाद शेयर विशेष में आई मुनाफावसूली है। बाजार विश्लेषक इस अंतर को अहम मान रहे हैं क्योंकि हाल के समय में निवेशकों ने इस कंपनी को केवल कपड़ा निर्माता के रूप में नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग और एयरोस्पेस सेक्टर की उभरती ताकत के तौर पर आंका है। सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव भरा कारोबार कारोबारी दिन की शुरुआत में रेमंड का शेयर 1,208.90 रुपये पर खुला था। शुरुआती कारोबार में खरीदारी का रुझान दिखा और शेयर चढ़कर 1,223.85 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि जैसे-जैसे कारोबारी दिन आगे बढ़ा, ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ता चला गया। दोपहर बाद के सत्र में बिकवाली तेज होने से स्टॉक गिरकर 1,172 रुपये के इंट्राडे निचले स्तर तक लुढ़क गया। अंततः कुछ संभलकर यह 1,183 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस प्रकार दिन के उच्च स्तर से शेयर में 40 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। लंबी अवधि में निवेशकों को शानदार रिटर्न शुक्रवार को आई दैनिक गिरावट के बावजूद रेमंड ने विभिन्न समयावधियों में निवेशकों को असाधारण रिटर्न देकर मल्टीबैगर का दर्जा हासिल किया है। अगर हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले एक हफ्ते में यह शेयर करीब 10 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं बीते एक महीने में निवेशकों को लगभग 70 प्रतिशत का मुनाफा मिला है। तीन महीने के दायरे में स्टॉक ने 84 प्रतिशत की छलांग लगाई है, जबकि पिछले छह महीनों में इसने 214 प्रतिशत का जबर्दस्त रिटर्न दिया है। एक साल के आधार पर भी शेयर लगभग 74 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज कर चुका है। इस लगातार तेजी की वजह से ही अब निवेशक थोड़े सतर्क होकर मुनाफावसूली करते दिख रहे हैं। एयरोस्पेस और डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट से मिला सहारा कंपनी के प्रति निवेशकों के भारी आकर्षण की मुख्य वजह रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में इसका तेजी से बढ़ता दखल है। रेमंड की एयरोस्पेस और डिफेंस सब्सिडियरी कंपनी जेके मैनी ग्लोबल एयरोस्पेस लिमिटेड ने भारत के एक प्रमुख मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) से जुड़े टेंडर में सफलता हासिल की है। इस प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत यह सब्सिडियरी एक प्रमुख स्वदेशी लड़ाकू विमान के लिए विंग स्ट्रक्चर और सेंटर फ्यूजलेज स्ट्रक्चर की असेंबलिंग का काम करेगी। यह अनुबंध रेमंड के एयरोस्पेस बिजनेस को एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग के उच्च मूल्य वर्ग में ले जाने की क्षमता रखता है। पहले कंपनी मुख्य रूप से प्रिसिजन कंपोनेंट्स तक सीमित थी, लेकिन अब यह बड़े विमान स्ट्रक्चर की असेंबली की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। यह विस्तार मैनी प्रिसिजन प्रोडक्ट्स के अधिग्रहण के बाद संभव हुआ है, जिसने समूह की मौजूदगी को एयरोस्पेस, डिफेंस, टूल्स और ऑटो कंपोनेंट्स तक व्यापक बना दिया है। मूल्यांकन और भविष्य की चुनौतियों पर विश्लेषकों की राय विभवंगल अनुकूलकर प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ मौर्य ने कहा, "रेमंड की आक्रामक वापसी इंजीनियरिंग और एयरोस्पेस में इसकी संभावनाओं पर बाजार के बढ़ते भरोसे की बदौलत हुई है। हालांकि सकारात्मक आय और विकास क्षमता कहानी को समर्थन देती है, लेकिन इतनी बड़ी बढ़त के बाद अल्पावधि में अर्निंग्स बुकिंग और अस्थिरता की संभावना पूरी तरह वाजिब है।" कंपनी के मौजूदा मूल्यांकन को लेकर सिद्धार्थ मौर्य ने आगे कहा, "मौजूदा मूल्यांकन को देखते हुए यह देखना बाकी है कि क्या कंपनी अपने वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए पर्याप्त कमाई और नकदी प्रवाह वृद्धि पैदा कर सकती है। मध्यम अवधि में, एयरोस्पेस में सफल निष्पादन और ऑर्डर स्केलिंग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।" विश्लेषकों का मानना है कि ऑर्डर हासिल करने के बाद अब समय पर डिलीवरी और मार्जिन बनाए रखना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसका आप पर असर रेमंड के शेयरों में हालिया गिरावट भारी मुनाफे के बाद सामान्य तकनीकी सुधार है, जिससे खुदरा निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है। • खुदरा निवेशकों के लिए: जिन्होंने पिछले छह महीनों में खरीदारी की है, वे 214 फीसदी तक के मुनाफे पर बैठे हैं। अल्पावधि में शेयर में उतार-चढ़ाव रह सकता है, इसलिए आंशिक मुनाफावसूली या सख्त स्टॉपलॉस रखना समझदारी हो सकती है। • नए खरीदारों के लिए: वर्तमान मूल्यांकन काफी बढ़ चुका है और हाल ही में शेयर ने भारी तेजी दिखाई है। नए निवेशकों को एकमुश्त निवेश के बजाय मूल्य में स्थिरता आने का इंतजार करना चाहिए। • डिफेंस सेक्टर के निवेशकों के लिए: निफ्टी डिफेंस इंडेक्स में 0.43 फीसदी की बढ़त बनी रही, जिससे सेक्टर का रुझान मजबूत दिख रहा है। रेमंड में आई गिरावट कंपनी विशेष की मुनाफावसूली है, न कि पूरे डिफेंस सेक्टर की मंदी। • लंबी अवधि के नजरिए से: लड़ाकू विमान के विंग और फ्यूजलेज असेंबलिंग से कंपनी का राजस्व मॉडल बदल रहा है। मध्यम से लंबी अवधि में ऑर्डर एग्जीक्यूशन और कैश फ्लो पर ध्यान रखना जरूरी होगा। ऐसा क्यों हुआ रेमंड के शेयर में आई हालिया गिरावट मुख्य रूप से भारी तकनीकी तेजी के बाद हुई स्वाभाविक मुनाफावसूली का नतीजा है। विभिन्न अवधियों में मल्टीबैगर रिटर्न देने के बाद ट्रेडर्स ने ऊंचे स्तरों पर लाभ काटना बेहतर समझा। • अति-तेज रैली के बाद मुनाफावसूली: शेयर ने एक महीने में 70 प्रतिशत और छह महीने में 214 प्रतिशत की असाधारण छलांग लगाई थी। इतने बड़े उछाल के बाद इंट्राडे स्तर पर ट्रेडर्स द्वारा प्रॉफिट बुक करना सबसे तात्कालिक कारण बना। • ऊंचे मूल्यांकन को लेकर चिंताएं: बाजार में यह सवाल उठ रहा है कि क्या वर्तमान अर्निंग्स और कैश फ्लो बढ़े हुए वैल्यूएशन को सही ठहरा पाएंगे। इस असमंजस के कारण ऊपरी स्तरों पर नए खरीदारों का समर्थन कमजोर पड़ गया। • एयरोस्पेस निष्पादन की समयसीमा: लड़ाकू विमानों के असेंबली कॉन्ट्रैक्ट से वास्तविक आमदनी मध्यम अवधि में ही नजर आएगी। अल्पावधि में तत्काल कमाई न बढ़ने की आशंका ने भी बिकवाली को प्रेरित किया। सवाल-जवाब 1. शुक्रवार, 25 सितंबर को रेमंड का शेयर किस भाव पर बंद हुआ? रेमंड का शेयर 20.85 रुपये या 1.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,183 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। 2. सत्र के दौरान रेमंड के शेयर का उच्च और निम्न स्तर क्या रहा? सत्र के दौरान शेयर ने 1,223.85 रुपये का इंट्राडे हाई और 1,172 रुपये का इंट्राडे लो स्तर छुआ। 3. रेमंड ने पिछले छह महीनों और एक साल में कितना रिटर्न दिया है? रेमंड ने पिछले छह महीनों में 214 प्रतिशत और एक साल की अवधि में लगभग 74 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। 4. रेमंड की गिरावट के दौरान निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स का क्या प्रदर्शन था? ट्रेडिंग सेशन के दौरान निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स करीब 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 9,401.65 के आसपास ट्रेड कर रहा था। 5. रेमंड की एयरोस्पेस सब्सिडियरी को कौन सा बड़ा काम मिला है? जेके मैनी ग्लोबल एयरोस्पेस लिमिटेड को एक प्रमुख स्वदेशी लड़ाकू विमान के लिए विंग और सेंटर फ्यूजलेज स्ट्रक्चर असेंबल करने का टेंडर मिला है। https://trendkia.com/money/chhaha-mahine-men-214-phisadi-ritarna-ke-bada-raymond-men-munaphavasuli-defence-index-ki-barhata-ke-bicha-gira-sheyara-38577 TrendKia — Har trend, sabse pehle.