# छोटे कारोबारियों के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: बैंकों से कहा, दोगुना करें ME-कार्ड जारी करने का लक्ष्य

> सूक्ष्म और छोटे उद्यमों को आसानी से वर्किंग कैपिटल लोन मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने बैंकों को चालू वित्त वर्ष में एमई-कार्ड जारी करने का लक्ष्य 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने का निर्देश दिया है।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-10-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/chhote-karobariyon-ke-lie-kendra-sarakara-ka-bara-phaisala-bainkon-se-kaha-doguna-karen-me-card-jari-karane-ka-lakshya-53297 · **Language:** Hindi
**Tags:** एमई-कार्ड, एमएसएमई ऋण, उद्यम पोर्टल, बैंकिंग समाचार, छोटे कारोबार, वर्किंग कैपिटल

केंद्र सरकार ने देश भर के बैंकिंग संस्थानों को सूक्ष्म उद्यमों के लिए विशेष रूप से बनाए गए माइक्रो एंटरप्राइज कार्ड (ME-Card) के वितरण में तेजी लाने और इसके दायरे को व्यापक बनाने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार की मंशा है कि छोटे व्यवसायों को अपनी रोजमर्रा की व्यावसायिक जरूरतों और वर्किंग कैपिटल के लिए बैंक से क्रेडिट हासिल करने में किसी जटिल प्रक्रिया का सामना न करना पड़े। चालू वित्त वर्ष के लिए पहले 10 लाख एमई-कार्ड जारी करने का शुरुआती लक्ष्य रखा गया था, लेकिन स्थिति की समीक्षा के बाद अब सरकार ने बैंकों से इस संख्या को बढ़ाकर दोगुना करने का आग्रह किया है।

## दोगुना हुआ वितरण लक्ष्य और बजटीय प्रावधान
वित्त वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में घोषित इस योजना का मुख्य उद्देश्य उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को आसान क्रेडिट सुविधा देना है। सरकार के इस कदम से बैंकों द्वारा पात्र उधारकर्ताओं का मूल्यांकन नए सिरे से शुरू कर दिया गया है। पहले चरण में जहां केवल 10 लाख कार्ड जारी करने की योजना थी, वहीं अब 20 लाख कार्ड बांटने की तैयारी है। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक एमई-कार्ड धारक को ₹5 लाख तक की क्रेडिट सीमा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी तात्कालिक वित्तीय जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी।

## छोटे उद्योगों को मिलेगा ₹30,000 करोड़ का अतिरिक्त क्रेडिट
इस नई क्रेडिट पहल से एमएसएमई क्षेत्र में लगभग ₹25,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ के अतिरिक्त ऋण प्रवाह की उम्मीद जताई जा रही है। प्रक्रिया को गति देने के लिए बैंकिंग अधिकारियों को स्पष्ट दिशानिर्देश प्राप्त हुए हैं, जिसके तहत सभी वित्तीय संस्थानों में पात्रता मापदंडों और सुविधाओं को एकसमान बनाया जा रहा है। ऋण आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से एक सामान्य आवेदन पत्र (कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म) तैयार किया जा रहा है, ताकि किसी भी बैंक से लोन लेने पर कारोबारियों को एक जैसे नियमों का पालन करना पड़े।

## डिजिटल मूल्यांकन और बिना गारंटी के लोन की सुविधा
नवीनतम क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल के लागू होने से बैंकों को कम से कम 2 करोड़ (20 मिलियन) ग्राहकों तक पहुँच बनाने में मदद मिलने का अनुमान है। पारंपरिक क्रेडिट मूल्यांकन विधियों के बजाय, यह योजना डिजिटल प्रक्रियाओं जैसे यूपीआई (UPI) लेनदेन, बैंक स्टेटमेंट और अकाउंट एग्रीगेटर (AA) ढाँचे का उपयोग करके फर्म के वास्तविक राजस्व का पारदर्शी आकलन करती है। डिजिटल मूल्यांकन के कारण उद्यम-पंजीकृत इकाइयों को भारी-भरकम वित्तीय विवरण जमा करने या कोई संपत्ति गिरवी (कोलैटरल) रखने की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदन की स्वीकृति से लेकर लोन की राशि खाते में स्थानांतरित करने तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप दिया गया है।

## पुनर्नवीनीकरण योग्य क्रेडिट और योजना की शर्तें
एमई-कार्ड योजना में एक रिवॉल्विंग क्रेडिट खाता सुविधा शामिल है, जिसकी वैधता एक वर्ष के लिए होती है। यदि संबंधित व्यावसायिक फर्म का पुनर्भुगतान रिकॉर्ड और परिचालन प्रदर्शन संतोषजनक रहता है, तो इस क्रेडिट सीमा को अगले वर्ष के लिए फिर से नवीनीकृत (रिन्यू) किया जा सकता है। इसके अलावा, जिन एमएसएमई इकाइयों ने पहले किसी अन्य सरकारी गारंटी योजना के तहत ऋण सुविधा का लाभ उठाया है, वे भी इस योजना के तहत पात्र मानी जाएँगी, बशर्ते वे अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करती हों।

## इसका आप पर असर
इस फैसले से देश के लाखों छोटे और सूक्ष्म व्यवसायियों को आसानी से काम-काज चलाने के लिए फंड मिल सकेगा।

- **भारत में:** देश भर के पंजीकृत छोटे उद्यमों को बैंक चक्कर काटे बिना ₹5 लाख तक का लोन आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। इससे छोटे उद्योगों की लिक्विडिटी में बड़ा सुधार आएगा।
- **बिना कोलैटरल लोन:** सूक्ष्म कारोबारियों को संपत्ति गिरवी रखने या जटिल कागजी कार्रवाई करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे छोटे स्तर पर नया व्यवसाय या विस्तार करना आसान होगा।
- **डिजिटल प्रक्रिया:** यूपीआई और बैंक स्टेटमेंट के आधार पर क्रेडिट तय होने से उन नए छोटे उद्यमियों को फायदा मिलेगा जिनके पास लंबा आईटीआर इतिहास नहीं है।
- **नवीनीकरण सुविधा:** समय पर भुगतान करने वाले कारोबारियों को हर साल यह क्रेडिट लाइन रिन्यू कराने का मौका मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
केंद्र सरकार द्वारा एमई-कार्ड जारी करने का लक्ष्य दोगुना करने के पीछे छोटे उद्योगों की नकदी समस्या को दूर करने का मुख्य कारण है।

- **बजट घोषणा का क्रियान्वयन:** वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में घोषित एमई-कार्ड योजना को धरातल पर उतारने और इसका दायरा बढ़ाने के लिए सरकार ने बैंकों को निर्देश दिए हैं।
- **क्रेडिट गैप समाप्त करना:** देश के लाखों सूक्ष्म उद्यमों को समय पर वर्किंग कैपिटल नहीं मिल पाता है, जिसे खत्म करने के लिए डिजिटल क्रेडिट मॉडल की जरूरत महसूस की गई।
- **उद्यम पोर्टल का बढ़ता उपयोग:** उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म इकाइयों की बड़ी संख्या को देखते हुए सरकार 20 लाख कार्डों के जरिए ₹30,000 करोड़ का अतिरिक्त लोन वितरित करना चाहती है।

## सवाल-जवाब

### 1. एमई-कार्ड (ME-Card) की क्रेडिट लिमिट कितनी रखी गई है?
एमई-कार्ड योजना के तहत प्रत्येक पात्र सूक्ष्म उद्यम को ₹5 लाख तक की क्रेडिट सीमा दी जाती है।

### 2. सरकार ने एमई-कार्ड जारी करने का नया लक्ष्य कितना तय किया है?
सरकार ने बैंकों से चालू वित्त वर्ष में इस लक्ष्य को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने का आग्रह किया है।

### 3. इस योजना का लाभ उठाने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?
आवेदक सूक्ष्म उद्यम का उद्यम (Udyam) पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है।

### 4. क्या लोन लेने के लिए संपत्ति गिरवी रखनी होगी?
नहीं, यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और इसके लिए विस्तृत वित्तीय विवरण या कोलैटरल की आवश्यकता नहीं है।

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