धनतेरस पर चांदी की कीमतों में स्थिरता, जानिए दिल्ली और मुंबई समेत बड़े शहरों में ताजा भाव धनतेरस के पावन पर्व पर भारतीय बाजारों में चांदी की दरें स्थिर रहीं, जहां एक किलोग्राम का भाव 2,10,000 रुपये दर्ज किया गया। धनतेरस के शुभ अवसर पर शुक्रवार, 6 नवंबर को घरेलू सराफा बाजार में चांदी की कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। देश भर में इस त्योहार को सुख, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, जिसके चलते लोग बड़े पैमाने पर कीमती धातुओं की खरीदारी करते हैं। दिवाली से ठीक पहले आने वाले इस विशेष दिन पर उपभोक्ता चांदी के सिक्के, पूजा के बर्तन और मूर्तियों की खरीदारी के लिए दुकानों पर पहुंचते हैं, जिससे धातु की दरों पर सबकी पैनी नजर बनी हुई है। स्थानीय बाजारों में स्थिर रहे चांदी के दाम भारतीय खुदरा बाजार में शुक्रवार के दिन चांदी का भाव 210 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया। इसी आधार पर एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2,10,000 रुपये पर टिकी रही। पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले कीमतों में किसी भी तरह का उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं किया गया और विभिन्न वजन श्रेणियों में भाव पूरी तरह स्थिर बने रहे। सराफा कारोबारियों का कहना है कि त्योहार के दिन स्थिरता बने रहने से खरीदारों को बजट तय करने में आसानी हो रही है। हालांकि खरीदारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि दुकानों पर अंतिम मूल्य थोड़ा भिन्न हो सकता है। आभूषणों और चांदी की वस्तुओं पर लगने वाले मेकिंग चार्ज, स्थानीय स्तर के खर्चे और जीएसटी जैसे लागू कर अंतिम बिल को प्रभावित करते हैं। इसलिए बाजार जाने से पहले आधिकारिक दरों की पड़ताल करना उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित होता है। महानगरों में एक समान दरों पर कारोबार देश के प्रमुख शहरों में 6 नवंबर को चांदी की दरें लगभग एक समान स्तर पर देखी गईं। मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में ग्राहक समान आधार मूल्य पर खरीदारी कर रहे हैं। धनतेरस के दिन लक्ष्मी पूजन के लिए चांदी के बर्तनों और सिक्कों की मांग हर साल की तरह काफी तेज है। परंपरा के अनुसार, इस दिन मूल्यवान धातुओं का घर आना वित्तीय संपन्नता का प्रतीक माना जाता है। बाजार में भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी के चित्रों से सजे चांदी के सिक्के सबसे ज्यादा बिक रहे हैं। इसके साथ ही पूजा में उपयोग होने वाले कलश, कटोरे, आरती की थाली, चांदी की मूर्तियां और अन्य सजावटी घरेलू सामानों की भी भरपूर खरीदारी हो रही है। वैश्विक बाजार में मजबूती और अमेरिकी चुनाव का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुमूल्य धातुओं में मजबूती का रुख जारी रहा। विदेशी बाजारों में शुक्रवार, 6 नवंबर को चांदी का कारोबार 51 डॉलर प्रति औंस के करीब देखा गया। इसके साथ ही वैश्विक बाजार में धातु 4 प्रतिशत से अधिक की साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर दिखाई दी। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के हालिया नतीजों के बाद डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई, जिससे चांदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहारा मिला। निवेशक अब विभाजित सरकार के राजकोषीय नीति, सरकारी उधारी और मुद्रास्फीति पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन कर रहे हैं। खरीदारी करते समय इन बातों की रखें सावधानी धनतेरस पर कीमती धातु खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है, फिर भी उपभोक्ताओं को जल्दबाजी से बचते हुए पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए। किसी भी आभूषण या सिक्के की शुद्धता और उस पर हॉलमार्किंग के निशान की जांच अनिवार्य रूप से करनी चाहिए। अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज में काफी अंतर हो सकता है, इसलिए दो से तीन दुकानों पर दरों की तुलना करना समझदारी है। इसके अलावा किसी भी विवाद या भविष्य में रीसेल के समय परेशानी से बचने के लिए पक्का खरीद बिल हमेशा सुरक्षित रखें। इसका आप पर असर धनतेरस पर चांदी की कीमतों में स्थिरता रहने से त्योहारी खरीदारों और निवेशकों को बजट नियोजन में सीधी राहत मिलेगी। • भारत में प्रभाव: घरेलू बाजार में चांदी के भाव 2,10,000 रुपये प्रति किलो पर स्थिर बने हुए हैं। इससे त्योहार पर सिक्के और बर्तन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को अतिरिक्त मूल्य वृद्धि का सामना नहीं करना पड़ेगा। • मेट्रो शहरों में: दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु में आधार दरें एक समान दर्ज की गई हैं। खरीदार स्थानीय दुकानों पर मेकिंग चार्ज की तुलना करके बेहतर सौदा प्राप्त कर सकते हैं। • बजट योजना: प्रति ग्राम भाव 210 रुपये तय होने से छोटे खरीदार आसानी से अपनी खरीदारी की योजना बना सकते हैं। दुकानों पर बिलिंग से पहले मेकिंग चार्ज और टैक्स की जांच अवश्य करें। • वैश्विक रुझान: अंतरराष्ट्रीय भाव 51 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचने से भविष्य में घरेलू कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। लंबी अवधि के निवेशकों को वैश्विक डॉलर इंडेक्स की चाल पर नजर रखनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ घरेलू बाजार में चांदी की दरें त्योहार की मांग के बीच स्थिर रहीं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनावी नतीजों के कारण मजबूती देखी गई। • स्थानीय मांग और आपूर्ति: धनतेरस के दिन खुदरा खरीदारी तेज होने के बावजूद थोक स्तर पर आपूर्ति सामान्य बनी रही। इससे घरेलू खुदरा भाव पिछले दिन के स्तर यानी 210 रुपये प्रति ग्राम पर टिके रहे। • अमेरिकी चुनाव परिणाम: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणामों से अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई। डॉलर कमजोर होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी को 51 डॉलर प्रति औंस के पास सहारा मिला। • राजकोषीय नीतियां: विभाजित सरकार के चलते अमेरिकी राजकोषीय नीतियों और ऋण योजनाओं पर अनिश्चितता का माहौल बना। इस परिदृश्य ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की ओर आकर्षित किया। सवाल-जवाब 1. धनतेरस पर भारत में चांदी का प्रति ग्राम और प्रति किलो क्या भाव रहा? शुक्रवार, 6 नवंबर को चांदी की दर 210 रुपये प्रति ग्राम और 2,10,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। 2. किन प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें एक समान रहीं? मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई सहित देश के प्रमुख शहरों में चांदी की दरें समान रहीं। 3. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी किस स्तर पर कारोबार कर रही थी? वैश्विक बाजार में चांदी का भाव लगभग 51 डॉलर प्रति औंस पर रहा और यह 4 प्रतिशत से अधिक की साप्ताहिक बढ़त पर थी। 4. वैश्विक स्तर पर चांदी की कीमतों में मजबूती का क्या कारण रहा? अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नतीजों के बाद डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट ने चांदी को सहारा दिया। 5. चांदी खरीदते समय ग्राहकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? ग्राहकों को उत्पाद की शुद्धता और हॉलमार्किंग जांचनी चाहिए, मेकिंग चार्ज की तुलना करनी चाहिए और पक्का बिल लेना चाहिए। https://trendkia.com/money/dhanteras-para-silver-ki-kimaton-men-sthirata-janie-delhi-aura-mumbai-sameta-bare-shaharon-men-taja-bhava-57077 TrendKia — Har trend, sabse pehle.