# दीपा ज्वैलर्स और रेज ऑफ बिलीफ आईपीओ में टक्कर, जानिए किस पर दांव लगाना बेहतर

> सितंबर 1 को खुलने वाले दो मेनबोर्ड आईपीओ दीपा ज्वैलर्स और रेज ऑफ बिलीफ के बीच निवेशकों के सामने एक कड़ा विकल्प है। आइए जानते हैं दोनों के मूल्य, जीएमपी और अन्य जरूरी विवरणों के बारे में।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-08-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/dipa-jvailarsa-aura-reja-pha-bilipha-ipo-men-takkara-janie-kisa-para-danva-lagana-behatara-25272 · **Language:** Hindi
**Tags:** दीपा ज्वैलर्स आईपीओ, रेज ऑफ बिलीफ आईपीओ, आईपीओ जीएमपी, आईपीओ मूल्य दायरा, स्टॉक मार्केट, आईपीओ लिस्टिंग

भारतीय प्राथमिक बाजार में निवेशकों के लिए एक साथ दो बड़े मेनबोर्ड आईपीओ खुलने जा रहे हैं। आगामी 1 सितंबर से सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध होने वाले इन दोनों पब्लिक इश्यू ने निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि दोनों का समय एक ही है। दीपा ज्वैलर्स और रेज ऑफ बिलीफ नाम के ये दोनों आईपीओ निवेश के लिहाज से काफी अलग प्रकृति के हैं। एक तरफ जहां दीपा ज्वैलर्स सोने और हीरे के कारोबार से जुड़ी है, वहीं दूसरी तरफ रेज ऑफ बिलीफ बच्चों के विकास से जुड़े केंद्रों का संचालन करने वाली एक सामाजिक उद्यम कंपनी है। इन दोनों ही कंपनियों के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होंगे।

## दीपा ज्वैलर्स आईपीओ की संरचना और वित्तीय विवरण
दीपा ज्वैलर्स का यह आरंभिक सार्वजनिक निर्गम कुल 459.7 करोड़ रुपये का है। निवेशक इस आईपीओ में 1 सितंबर से लेकर 3 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने इसके लिए मूल्य दायरा 168 रुपये से 177 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इस इश्यू के लिए न्यूनतम लॉट साइज 84 शेयरों का रखा गया है। इसके चलते ऊपरी मूल्य बैंड के आधार पर खुदरा निवेशकों को कम से कम 14,868 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ की कुल राशि में 250 करोड़ रुपये के नए शेयर और 209.7 करोड़ रुपये की बिक्री पेशकश यानी ओएफएस शामिल है। मुख्य रूप से यह कंपनी 22 कैरेट हॉलमार्क वाले सोने और हीरे के आभूषणों के थोक तथा खुदरा व्यापार के कारोबार में सक्रिय है।

## रेज ऑफ बिलीफ आईपीओ की विशेषताएं
दीपा ज्वैलर्स के ठीक विपरीत रेज ऑफ बिलीफ का आईपीओ पूरी तरह से एक नया इश्यू है, जिसमें किसी भी प्रकार की बिक्री पेशकश का घटक शामिल नहीं है। यह पूरी राशि पूरी तरह से फ्रेश इश्यू के रूप में जुटाई जाएगी। इस कंपनी का कार्यक्षेत्र अन्य सामान्य व्यावसायिक घरानों से बिल्कुल अलग है, क्योंकि यह न्यूरोडिवेलपमेंटल विकारों से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष हस्तक्षेप केंद्रों का संचालन करती है। दोनों ही कंपनियों के कारोबार का दायरा पूरी तरह भिन्न होने के बावजूद प्राथमिक बाजार में इन्हें लेकर निवेशकों के बीच अच्छी खासी चर्चा देखने को मिल रही है, क्योंकि दोनों की तिथियां आपस में टकरा रही हैं।

## ग्रे मार्केट प्रीमियम और संभावित लिस्टिंग लाभ
बाजार में इश्यू खुलने से ठीक एक दिन पहले दोनों ही कंपनियों को ग्रे मार्केट में सकारात्मक मांग मिल रही है। दीपा ज्वैलर्स के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम वर्तमान में 38 रुपये पर चल रहा है। 177 रुपये के ऊपरी मूल्य बैंड के हिसाब से इसका संभावित लिस्टिंग मूल्य 215 रुपये आंका जा रहा है, जिससे निवेशकों को लगभग 21.47 प्रतिशत तक के मुनाफे की उम्मीद है। इसी तरह रेज ऑफ बिलीफ आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम भी 39 रुपये के आसपास बना हुआ है। इसके 239 रुपये के ऊपरी मूल्य बैंड पर अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 278 रुपये बैठती है, जो इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 16.32 प्रतिशत का संभावित लिस्टिंग लाभ दर्शाती है।

## आवंटन और लिस्टिंग की महत्वपूर्ण तिथियां
दोनों ही आईपीओ के लिए आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद शेयरों का अंतिम आवंटन 4 सितंबर को पूरा कर लिया जाएगा। इसके पश्चात सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर 5 सितंबर तक क्रेडिट किए जाने की संभावना है। जिन निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उनके पैसे की रिफंड प्रक्रिया भी इसी दौरान पूरी कर ली जाएगी। दोनों ही कंपनियों के शेयरों की शेयर बाजारों में आधिकारिक शुरुआत की संभावित तारीख 8 सितंबर तय की गई है। इस प्रकार निवेशकों को एक ही हफ्ते में दो अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों में दांव लगाने का अवसर मिल रहा है, जहां उन्हें अपने जोखिम और रिटर्न की क्षमता के आधार पर निर्णय लेना होगा।

## इसका आप पर असर
इन दोनों आईपीओ में निवेश करने का निर्णय लेने वाले खुदरा निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो और जोखिम लेने की क्षमता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

- **भारत में:** प्राथमिक बाजार में एक साथ दो बड़े इश्यू आने से निवेशकों की पूंजी दो अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित होगी, जिससे सब्स्क्रिप्शन के आंकड़ों पर असर पड़ सकता है। निवेशकों को किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी के फंडामेंटल और वित्तीय स्थिति की अच्छी तरह से जांच कर लेनी चाहिए।
- **वित्तीय प्रभाव:** दीपा ज्वैलर्स में न्यूनतम निवेश 14,868 रुपये से शुरू होता है, जबकि दोनों ही कंपनियों के ग्रे मार्केट में सकारात्मक रुझान को देखते हुए संभावित लिस्टिंग लाभ मिलने की उम्मीद है। निवेशकों को आवंटन तिथि 4 सितंबर और संभावित लिस्टिंग तिथि 8 सितंबर के बीच अपने फंड प्रबंधन की योजना पहले से तैयार रखनी चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. दीपा ज्वैलर्स आईपीओ कब खुलेगा?
दीपा ज्वैलर्स का आईपीओ 1 सितंबर से 3 सितंबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा।

### 2. दीपा ज्वैलर्स आईपीओ का साइज कितना है?
यह आईपीओ कुल 459.7 करोड़ रुपये का है, जिसमें 250 करोड़ रुपये के नए शेयर और 209.7 करोड़ रुपये की बिक्री पेशकश शामिल है।

### 3. रेज ऑफ बिलीफ आईपीओ का मूल्य दायरा क्या है?
रेज ऑफ बिलीफ आईपीओ का ऊपरी मूल्य दायरा 239 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।

### 4. दोनों आईपीओ की लिस्टिंग कब होगी?
दोनों ही कंपनियों के शेयर 8 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर संभावित रूप से सूचीबद्ध होंगे।

### 5. दीपा ज्वैलर्स आईपीओ के लिए न्यूनतम निवेश कितना है?
ऊपरी मूल्य बैंड के आधार पर खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश 14,868 रुपये तय किया गया है।

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