# दशहरा से पहले घरेलू बाजार में चांदी के दाम स्थिर, जानिए विभिन्न शहरों के ताजा रेट और दबाव की वजह

> त्योहारी सीजन के बीच देश भर के सर्राफा बाजारों में चांदी की खुदरा कीमतें लगातार चौथे दिन स्थिर रहीं, जबकि वायदा कारोबार में मजबूती देखी गई। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों और कच्चे तेल की चाल के बीच विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-10-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/dussehra-se-pahale-gharelu-bajara-men-silver-ke-dama-sthira-janie-vibhinna-shaharon-ke-taja-reta-aura-dabava-ki-vajaha-49436 · **Language:** Hindi
**Tags:** चांदी के भाव, सर्राफा बाजार, एमसीएक्स, सोना चांदी दरें, दशहरा ऑफर, फेडरल रिजर्व

दशहरा के त्योहार से ठीक पहले घरेलू खुदरा बाजार में चांदी की कीमतों में ठहराव का रुख बना हुआ है। खुदरा सर्राफा बाजार में चांदी के भाव लगातार चौथे दिन बिना किसी बदलाव के स्थिर स्तर पर टिके हुए हैं। देश के प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों में 1 किलोग्राम 999 शुद्धता वाली चांदी 230,000 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही है। चालू महीने के दौरान चांदी के भाव में पहले ही 2.1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जिससे खरीदारों और निवेशकों की नजरें आगामी दिनों में आने वाले वैश्विक आर्थिक रुझानों पर टिकी हुई हैं।

## खुदरा बाजार में विभिन्न पैमानों पर चांदी की दरें
घरेलू बाजार में वजन के विभिन्न पैमानों के हिसाब से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। 1 ग्राम चांदी का भाव 230 रुपये पर दर्ज किया गया है। इसके अलावा 8 ग्राम चांदी 1,840 रुपये और 10 ग्राम चांदी 2,300 रुपये के स्तर पर बिक रही है। वहीं 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 23,000 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 230,000 रुपये दर्ज की गई है। त्योहारी मांग के बावजूद खुदरा स्तर पर दरों में स्थिरता बनी हुई है, जिससे आभूषण विक्रेताओं और खरीदारों को दरों में स्पष्टता मिल रही है।

## प्रमुख शहरों में क्या हैं आज के भाव
देश के अलग-अलग शहरों में स्थानीय करों और लॉजिस्टिक्स के चलते दरों में अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बैंगलोर, पुणे, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे महानगरों में 1 किलोग्राम चांदी का भाव 2.30 लाख रुपये (230,000 रुपये) है। इन शहरों में 1 ग्राम चांदी 230 रुपये, 10 ग्राम चांदी 2,300 रुपये और 100 ग्राम चांदी 23,000 रुपये पर मिल रही है।

दूसरी ओर, दक्षिण भारत के कुछ प्रमुख केंद्रों जैसे चेन्नई, हैदराबाद और केरल में चांदी अन्य शहरों के मुकाबले 10,000 रुपये महंगी बिक रही है। इन बाजारों में 1 किलोग्राम चांदी का भाव 2.40 लाख रुपये दर्ज किया गया है। यहां 1 ग्राम चांदी की कीमत 240 रुपये, 10 ग्राम चांदी का भाव 2,400 रुपये और 100 ग्राम चांदी का भाव 24,000 रुपये चल रहा है।

## एमसीएक्स वायदा और हाजिर बाजार में तेजी का रुख
खुदरा बाजार में शांति के बावजूद वायदा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव 0.5 प्रतिशत बढ़कर करीब 2,12,128 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में चांदी 1.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ 58 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े के करीब कारोबार करती देखी गई। शुक्रवार को MCX पर दिसंबर वायदा बंद होने के समय सोना 1,48,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,11,418 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई थी।

जियोटस डॉट कॉम के सीईओ विक्रम सुब्बुराज के मुताबिक, चांदी 0.9 प्रतिशत बढ़कर 57.54 डॉलर पर पहुंच गई, जो भारतीय बाजार के लिए एक उत्साहजनक बाहरी संकेत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शुक्रवार के एमसीएक्स बंद आंकड़ों को सोमवार के शुरुआती सौदों से अलग करके देखा जाना चाहिए। विक्रम सुब्बुराज ने यह चेतावनी भी दी कि चांदी के कारोबार में पोजीशन के आकार को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। शुक्रवार को चांदी का दायरा 3,290 रुपये प्रति किलोग्राम रहा जो पिछले बंद स्तर का लगभग 1.56 प्रतिशत था, जबकि सोने का दायरा लगभग 0.89 प्रतिशत था। जब लीवरेज बढ़ता है, तो यह अंतर नुकसान को कई गुना बढ़ा सकता है।

## वैश्विक दबाव और जानकारों का विश्लेषण
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने बताया, _"सिल्वर कमजोर रही और गिरकर करीब 57 से 58 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जो लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट है।"_ उन्होंने उल्लेख किया कि गोल्ड-सिल्वर रेश्यो चौड़ा होकर करीब 72 पर पहुंच गया है। चांदी की यह कमजोरी ऊंची बॉन्ड यील्ड के प्रति उसकी संवेदनशीलता और नरम जोखिम व आर्थिक विकास के माहौल को दर्शाती है।

पोनमुडी आर का यह भी मानना है कि कच्चे तेल के ऊंचे दाम, भारत का बढ़ता व्यापार घाटा और लगातार विदेशी पूंजी के प्रवाह से जुड़ी चिंताएं बाजार में जोखिम के रूप में बनी हुई हैं। घरेलू मोर्चे पर मजबूत होता रुपया आयातित बुलियन की लागत घटाकर एमसीएक्स पर सोने और चांदी की बढ़त को सीमित कर सकता है, भले ही विदेशी बाजारों में कीमतों को समर्थन मिल रहा हो।

## फेडरल रिजर्व की बैठक और भू-राजनीतिक उथल-पुथल
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व 27-28 अक्टूबर को होने वाली अपनी नीतिगत बैठक से पहले ब्लैकआउट अवधि में प्रवेश कर चुका है। वित्तीय बाजार इस बात की करीब 84 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं कि नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इस बीच कीमती धातुओं को सुरक्षित निवेश के रूप में मांग का समर्थन मिला है, क्योंकि एआई से जुड़े निवेशों को लेकर बढ़ती चिंताओं ने शेयर बाजारों में बिकवाली को बढ़ावा दिया और बॉन्ड यील्ड को नीचे धकेल दिया।

दूसरी ओर, मिडिल ईस्ट और पूर्वी यूरोप में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचे स्तरों पर बनाए रखा है। इसके अतिरिक्त, फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है।

## इसका आप पर असर
त्योहारी सीजन में खरीदारी करने वाले ग्राहकों और कमोडिटी निवेशकों पर चांदी की स्थिर कीमतों का सीधा असर देखने को मिलेगा।

- **खरीदारों के लिए:** दशहरा की खरीदारी से पहले खुदरा कीमतों में स्थिरता से ग्राहकों को स्थिर बजट में आभूषण और सिक्के खरीदने का मौका मिल रहा है। इस महीने कीमतों में 2.1 प्रतिशत की कमी आने से तत्काल भाव बढ़ने का दबाव फिलहाल टल गया है।
- **दक्षिण भारतीय खरीदारों पर:** चेन्नई, हैदराबाद और केरल के ग्राहकों को अन्य राज्यों के मुकाबले 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम अतिरिक्त खर्च करने होंगे। इन राज्यों में प्रति किलोग्राम भाव 2.40 लाख रुपये चल रहा है।
- **वायदा व्यापारियों के लिए:** एमसीएक्स पर चांदी में सोने की तुलना में लगभग दोगुना दैनिक उतार-चढ़ाव (1.56 प्रतिशत बनाम 0.89 प्रतिशत) देखने को मिल रहा है। लीवरेज वाले सौदों में पोजीशन साइज को सीमित रखकर ही बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।
- **रुपये के असर पर:** घरेलू मुद्रा में मजबूती के कारण अंतरराष्ट्रीय तेजी के बावजूद भारतीय बाजारों में कीमतें नियंत्रित रह सकती हैं। निवेशक डॉलर और रुपये के तालमेल पर नजर रखकर खरीद का फैसला ले सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई परस्पर विरोधी आर्थिक कारकों के कारण चांदी की कीमतों पर मिश्रित दबाव देखा जा रहा है।

- **कमजोर आर्थिक माहौल और यील्ड:** ऊंची बॉन्ड यील्ड और वैश्विक आर्थिक विकास की सुस्त रफ्तार ने औद्योगिक धातु के रूप में चांदी की मांग को धीमा किया है। इसके चलते सोने और चांदी का अनुपात बढ़कर 72 तक पहुंच गया है।
- **कच्चे तेल और व्यापार घाटे की चिंता:** मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे भारत का व्यापार घाटा बढ़ रहा है। विदेशी संस्थागत पूंजी के प्रवाह में अनिश्चितता ने भी धारणा को प्रभावित किया है।
- **सुरक्षित निवेश बनाम ब्याज दरें:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर की बैठक से पहले ब्याज दरें स्थिर रहने की 84 प्रतिशत संभावना है। साथ ही टेक और एआई शेयरों में बिकवाली से धातुओं को सुरक्षित निवेश के तौर पर समर्थन मिल रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. दशहरा से पहले भारत में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत क्या है?
दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 230,000 रुपये है, जबकि चेन्नई और हैदराबाद में यह 2.40 लाख रुपये है।

### 2. अक्टूबर के महीने में अब तक चांदी की कीमतों में कितना बदलाव आया है?
चालू अक्टूबर महीने में अब तक चांदी की कीमतों में 2.1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।

### 3. एमसीएक्स पर चांदी किस स्तर पर कारोबार कर रही है?
एमसीएक्स पर चांदी 0.5 प्रतिशत की तेजी के साथ करीब 2,12,128 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है।

### 4. फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक को लेकर बाजार का क्या अनुमान है?
बाजार 27-28 अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों के अपरिवर्तित रहने की लगभग 84 प्रतिशत संभावना मान रहा है।

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