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  "type": "article",
  "title": "घरेलू गैस सिलेंडर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की समयसीमा 30 सितंबर तक बढ़ी, ई-केवाईसी न कराने पर लगेगा कमर्शियल चार्ज",
  "summary": "एलपीजी उपभोक्ताओं को बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक की अंतिम मोहलत दी गई है। तय समय तक ई-केवाईसी नहीं कराने पर घरेलू सिलेंडर भी वाणिज्यिक दरों पर खरीदना पड़ेगा।",
  "content": "घरेलू रसोई गैस का उपयोग करने वाले परिवारों के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने हेतु 30 सितंबर 2026 तक का नया समय तय किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह सत्यापन पूरा करने का अंतिम अवसर है, जिसके बाद प्रक्रिया पूरी न करने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी पर रोक लगा दी जाएगी। यदि कोई उपभोक्ता इस निर्धारित तिथि तक अपना बायोमेट्रिक आधार सत्यापन नहीं कराता है, तो उसे घरेलू गैस सिलेंडर भी व्यावसायिक यानी कमर्शियल दरों पर खरीदना पड़ेगा। कमर्शियल मूल्य निर्धारण के तहत एक सिलेंडर की लागत बढ़कर लगभग 1,600 रुपये तक पहुंच सकती है, जबकि ई-केवाईसी पूरा कर चुके पात्र उपभोक्ताओं को वर्तमान में लगभग 1,000 रुपये चुकाने होते हैं।\n\nसत्यापन के आंकड़े और पूर्व में दी गई समयसीमाएं\nपेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 19 सितंबर 2026 तक देश के कम से कम 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता अपना सत्यापन पूरा कर चुके हैं, जो कुल उपभोक्ता आधार का लगभग 89.9 प्रतिशत कवरेज दर्शाता है। सरकार ने उपभोक्ताओं को सुविधा देने के उद्देश्य से इस समयसीमा में कई बार बदलाव किया है। शुरुआत में उपभोक्ताओं को 30 जून 2026 तक सत्यापन पूरा करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद समयसीमा को बढ़ाकर क्रमशः 31 जुलाई, 7 अगस्त, 15 अगस्त, 23 अगस्त, 31 अगस्त और 7 सितंबर तय किया गया। हाल ही में यह तारीख 14 सितंबर 2026 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दिया गया है।\n\nजागरूकता अभियान और संपर्क के प्रयास\nउपभोक्ताओं तक पहुंचने के लिए तेल विपणन कंपनियों ने अक्टूबर 2023 से पूरे देश में एक व्यापक अभियान चलाया है। इस दौरान उपभोक्ताओं को 12 करोड़ से अधिक एसएमएस और व्हाट्सएप संदेश भेजे जा चुके हैं। गैस एजेंसियों के वितरक और डिलीवरी कर्मचारी उन ग्राहकों से व्यक्तिगत संपर्क कर रहे हैं जिनका सत्यापन बाकी है। वितरकों के शोरूम, अधिक भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया है। रिफिल बुकिंग के दौरान आईवीआरएस संदेश, मोबाइल नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया अभियान, समाचार पत्रों के विज्ञापनों और अन्य संचार माध्यमों का उपयोग कर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया गया है।\n\nई-केवाईसी न कराने पर महानगरों में आर्थिक प्रभाव\nसत्यापन पूरा न होने पर उपभोक्ताओं को भारी वित्तीय भार वहन करना पड़ सकता है। वर्तमान में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें विभिन्न शहरों में इस प्रकार हैं: दिल्ली में 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 941.50 रुपये। इंडियन ऑयल की आधिकारिक जानकारी के अनुसार देश में वितरित होने वाली कुल गैस का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा यही 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर होता है, जिसका उपयोग भारतीय घरों में खाना पकाने के लिए किया जाता है।\n\nइसके विपरीत व्यावसायिक और औद्योगिक कार्यों में उपयोग होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की दरें काफी अधिक हैं। दिल्ली में यह दर 2,747.50 रुपये, मुंबई में 2,701 रुपये, कोलकाता में 2,884 रुपये और चेन्नई में 2,916.50 रुपये है। इन सिलेंडरों की खपत भोजनालयों, होटलों, रेस्तरां, शॉपिंग मॉल, खानपान स्टालों और छोटे उद्योगों में होती है जहां खाना पकाने तथा हीटिंग की जरूरतें अधिक होती हैं। यदि दिल्ली का कोई उपभोक्ता ई-केवाईसी पूरा करने में विफल रहता है, तो उसे घरेलू सिलेंडर पर कमर्शियल दर के अंतर के हिसाब से 1,805.5 रुपये तक अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं, जो कमर्शियल दर 2,747.50 रुपये और घरेलू दर 942 रुपये के बीच का अंतर है। ऐसा ही प्रभाव अन्य महानगरों में भी देखने को मिलेगा।\n\nसब्सिडी नियम और अनिवार्यता के कारण\n30 सितंबर की समयसीमा के बाद 1 अक्टूबर 2026 से अनिवार्य बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण का नया नियम पूरी तरह लागू हो जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रियायती दरों वाली गैस का लाभ केवल वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचे तथा घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाई जा सके। तेल मंत्रालय ने इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी कंपनियों को निर्देश दिया है कि जिन ग्राहकों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं हुआ है, उनकी सब्सिडी तुरंत रोक दी जाए। नए नियम के तहत ऐसे उपभोक्ता जब अपना सत्यापन पूरा कर लेंगे, तब उनकी सब्सिडी युक्त रिफिल बुकिंग पुनः शुरू हो जाएगी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने सत्यापन पहले ही करा लिया है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया दोहराने की आवश्यकता नहीं है और उनकी गैस आपूर्ति पूर्ववत जारी रहेगी।\n\nतेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव\nघरेलू रसोई गैस को लागत से कम मूल्य पर बेचा जाता है। मंत्रालय के अनुसार सितंबर 2026 के लिए प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर अनुमानित अप्रत्यक्ष सब्सिडी लगभग 210 रुपये है, जो जून 2026 में 721 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई थी। दरों को आम जनता के लिए किफायती बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में तेल विपणन कंपनियों को 22,000 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया था। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2025-26 और वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 30,000 करोड़ रुपये की सहायता दी जा रही है। इस भारी भरकम सरकारी सहायता के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का घरेलू एलपीजी पर संचित घाटा 31 अगस्त 2026 तक 62,000 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया है। सब्सिडी को लंबे समय तक जारी रखने के लिए इसका केवल पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचना आवश्यक हो गया है।\n\nप्रमाणीकरण पूरा करने के विकल्प\n\nउपभोक्ता अपने आधार सत्यापन को कई सरल तरीकों से पूरा कर सकते हैं\n• डिलीवरी के समय सत्यापन: सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय ग्राहक डिलीवरी कर्मचारी के माध्यम से तेल कंपनी के मोबाइल ऐप पर मौके पर ही बायोमेट्रिक जांच करा सकते हैं।\n• गैस एजेंसी जाकर: उपभोक्ता अपने एलपीजी वितरक के कार्यालय या शोरूम में जाकर वहां मौजूद बायोमेट्रिक मशीन द्वारा सत्यापन करवा सकते हैं।\n• घर बैठे मोबाइल ऐप से: उपभोक्ता तेल विपणन कंपनियों के अधिकृत मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग करके स्वयं भी इस प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते हैं। स्व-सत्यापन के लिए पीएमयूवाई के आधिकारिक पोर्टल पर वीडियो ट्यूटोरियल भी उपलब्ध कराए गए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nयदि आपने 30 सितंबर 2026 तक रसोई गैस का ई-केवाईसी नहीं कराया, तो घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी रुक जाएगी और आपको व्यावसायिक दरों पर भारी भुगतान करना पड़ सकता है।\n\n• भारत में: देश भर के लगभग 10 प्रतिशत गैर-सत्यापित घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा। 1 अक्टूबर 2026 से बायोमेट्रिक सत्यापन के बिना बुकिंग कराने पर सामान्य दरों की तुलना में सिलेंडर की कीमत 1,600 रुपये तक जा सकती है।\n• मेट्रो शहरों में: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में उपभोक्ताओं के मासिक बजट में 1,800 रुपये से अधिक की वृद्धि का जोखिम है। वर्तमान में 941.50 रुपये से 968 रुपये के बीच मिलने वाला घरेलू सिलेंडर व्यावसायिक दरों पर मिलने से रसोई खर्च अचानक बढ़ जाएगा।\n• सत्यापन की प्रक्रिया: उपभोक्ता बिना किसी शुल्क के अपने गैस डिलीवरी एजेंट या अधिकृत मोबाइल ऐप से प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं। समय रहते प्रक्रिया पूरी करने पर आपकी सब्सिडी वाली गैस आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।\n• पहले से सत्यापित ग्राहक: जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही बायोमेट्रिक आधार सत्यापन करा लिया है, उन्हें कुछ भी नया करने की जरूरत नहीं है। उनके लिए रिफिल बुकिंग और रियायती दरें पूर्ववत चालू रहेंगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसरकार ने घरेलू एलपीजी के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग को रोकने और तेल विपणन कंपनियों के भारी वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया है। यह कदम सब्सिडी केवल वास्तविक परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।\n\n• सब्सिडी का दुरुपयोग रोकना: रियायती घरेलू सिलेंडरों को अवैध रूप से होटलों, ढाबों और उद्योगों में डायवर्ट किए जाने के मामले सामने आ रहे थे। बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण से फर्जी और व्यावसायिक डायवर्जन को पूरी तरह समाप्त करने में मदद मिलेगी।\n• तेल कंपनियों का बढ़ता घाटा: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का 31 अगस्त 2026 तक संचित घाटा 62,000 करोड़ रुपये को पार कर गया था। सरकार ने वित्तीय सहायता दी है, लेकिन लागत से कम मूल्य पर गैस बेचने से पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए सब्सिडी का सटीक वितरण जरूरी था।\n• कवरेज लक्ष्य पूरा करना: 19 सितंबर 2026 तक लगभग 89.9 प्रतिशत उपभोक्ता प्रमाणीकरण करा चुके थे, लेकिन शेष 10 प्रतिशत ग्राहकों को जोड़ने के लिए समयसीमा बार-बार बढ़ानी पड़ी। 30 सितंबर की समयसीमा के बाद 1 अक्टूबर से इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. घरेलू गैस सिलेंडर का ई-केवाईसी कराने की नई अंतिम तारीख क्या है?\nघरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करने की नई समयसीमा 30 सितंबर 2026 तय की गई है।\n\n2. यदि 30 सितंबर 2026 तक ई-केवाईसी नहीं कराया गया तो क्या होगा?\nनिर्धारित तिथि तक सत्यापन न कराने पर सब्सिडी बंद कर दी जाएगी और उपभोक्ताओं को सिलेंडर वाणिज्यिक दरों पर खरीदना होगा।\n\n3. क्या जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही ई-केवाईसी करा लिया है, उन्हें दोबारा कराना होगा?\nनहीं, जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही बायोमेट्रिक आधार सत्यापन पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा सत्यापन कराने की कोई आवश्यकता नहीं है।\n\n4. उपभोक्ता घर बैठे ई-केवाईसी कैसे पूरा कर सकते हैं?\nउपभोक्ता तेल कंपनियों के अधिकृत मोबाइल ऐप का उपयोग करके या डिलीवरी के समय कर्मचारी की मदद से सत्यापन पूरा कर सकते हैं।\n\n5. वर्तमान में 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर की महानगरों में दरें क्या हैं?\nघरेलू सिलेंडर की दरें दिल्ली में 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 941.50 रुपये हैं।\n\n6. देश में कितने प्रतिशत सक्रिय घरेलू उपभोक्ता अब तक ई-केवाईसी पूरा कर चुके हैं?\n19 सितंबर 2026 तक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू उपभोक्ताओं ने सत्यापन पूरा कर लिया है, जो कुल का 89.9 प्रतिशत है।",
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  "publishedAt": "2026-09-23",
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