Gold ETF और Gold Mutual Fund में क्या है असली फर्क? सोने में निवेश से पहले जानें ये जरूरी बातें सोने की बढ़ती कीमतों के बीच निवेशक Gold ETF और Gold Mutual Fund में उलझे हैं। लागत, टैक्स और सुविधा के आधार पर जानें कौन-सा विकल्प आपके लिए सही रहेगा। सोने में निवेश का बढ़ता आकर्षण सोने की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड छू रही हैं और इसी वजह से निवेशकों का रुझान गोल्ड की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। बिना फिजिकल गोल्ड खरीदे सोने में पैसा लगाने के दो मुख्य रास्ते हैं: Gold ETF और Gold Mutual Fund। दोनों एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन लागत, टैक्स और उपयोग में सुविधा के मामले में इनके बीच काफी बड़ा अंतर है। दोनों विकल्प काम कैसे करते हैं? Gold ETF सीधे सोने की बाजार कीमत से जुड़ा होता है और इसे स्टॉक एक्सचेंज पर बिल्कुल शेयरों की तरह खरीदा और बेचा जाता है। इसमें निवेश करने के लिए Demat अकाउंट होना अनिवार्य है। Gold Mutual Fund का तरीका थोड़ा अलग है। यह सीधे सोना नहीं खरीदता, बल्कि Gold ETF में ही निवेश करता है। इसका बड़ा फायदा यह है कि इसे किसी भी सामान्य म्यूचुअल फंड ऐप के जरिए आसानी से खरीदा जा सकता है और Demat अकाउंट की कोई जरूरत नहीं पड़ती। लागत में कितना अंतर है? लंबे समय के निवेश में फीस का मामूली फर्क भी रिटर्न पर बड़ा असर डाल सकता है। Gold ETF का ढांचा सीधा और सरल है, इसलिए इसकी मैनेजमेंट फीस काफी कम होती है। Gold Mutual Fund में खर्च तुलनात्मक रूप से थोड़ा अधिक होता है क्योंकि यह पहले Gold ETF में निवेश करता है और उसके ऊपर अपना मैनेजमेंट चार्ज भी जोड़ता है, यानी एक के ऊपर एक लागत की परत। सुविधा और SIP का विकल्प अगर आप बाजार के समय या उसके उतार-चढ़ाव पर नजर नहीं रखना चाहते, तो Gold Mutual Fund ज्यादा आरामदायक विकल्प है। इसमें मार्केट खुलने या बंद होने का इंतजार नहीं करना पड़ता। हर महीने 2,000 रुपये या 5,000 रुपये की SIP आसानी से शुरू की जा सकती है। खासकर छोटे और पहली बार निवेश करने वाले लोगों के लिए यह तरीका सबसे जाना-पहचाना और सुलभ है। टैक्स के नियम जानना जरूरी है टैक्स के मामले में दोनों के बीच एक अहम फर्क है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। Gold ETF में निवेश के 12 महीने यानी 1 साल बाद बेचने पर होने वाले मुनाफे पर 12.5% की दर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लागू होता है। वहीं Gold Mutual Fund में यही 12.5% की लॉन्ग टर्म टैक्स दर पाने के लिए कम से कम 24 महीने यानी 2 साल तक निवेश बनाए रखना जरूरी है। आपके लिए कौन-सा विकल्प सही है? अगर आपके पास Demat अकाउंट है, स्टॉक मार्केट के जरिए निवेश करने में आप सहज हैं और कम लागत वाला ऑप्शन चाहते हैं, तो Gold ETF एक बेहतर विकल्प हो सकता है। लेकिन अगर आप Demat अकाउंट नहीं खुलवाना चाहते, SIP के जरिए हर महीने नियमित रूप से सोने में निवेश करना पसंद करते हैं और पूरी प्रक्रिया को सरल रखना चाहते हैं, तो Gold Mutual Fund आपके लिए कहीं ज्यादा सुविधाजनक रहेगा। इसका आप पर असर • निवेशकों के लिए: Gold ETF में 1 साल (12 महीने) बाद बेचने पर 12.5% लॉन्ग टर्म टैक्स लगता है, जबकि Gold Mutual Fund में यही दर पाने के लिए 2 साल (24 महीने) रुकना पड़ता है, इसलिए निवेश से पहले अपना होल्डिंग पीरियड तय करें। • छोटे निवेशकों के लिए: Demat अकाउंट के बिना भी सिर्फ 2,000 रुपये प्रति माह की SIP से Gold Mutual Fund में निवेश शुरू किया जा सकता है। सवाल-जवाब 1. Gold ETF और Gold Mutual Fund में सबसे बड़ा फर्क क्या है? Gold ETF सीधे सोने की कीमत से जुड़ा होता है और स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होता है, जबकि Gold Mutual Fund उसी Gold ETF में निवेश करता है लेकिन इसे किसी भी म्यूचुअल फंड ऐप से बिना Demat अकाउंट के खरीदा जा सकता है। 2. क्या Gold ETF खरीदने के लिए Demat अकाउंट जरूरी है? हां, Gold ETF में निवेश के लिए Demat अकाउंट अनिवार्य है, लेकिन Gold Mutual Fund के लिए इसकी कोई जरूरत नहीं होती। 3. Gold ETF पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स कितने समय बाद और कितना लगता है? Gold ETF को 12 महीने यानी 1 साल के बाद बेचने पर होने वाले मुनाफे पर 12.5% की दर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लागू होता है। 4. Gold Mutual Fund में लॉन्ग टर्म टैक्स का फायदा उठाने के लिए कितने समय तक रुकना होगा? Gold Mutual Fund में 12.5% की लॉन्ग टर्म टैक्स दर का लाभ लेने के लिए कम से कम 24 महीने यानी 2 साल तक निवेश बनाए रखना जरूरी है। 5. Gold Mutual Fund में SIP कितनी राशि से शुरू की जा सकती है? Gold Mutual Fund में आप हर महीने 2,000 रुपये या 5,000 रुपये की SIP आसानी से सेट कर सकते हैं। 6. Gold ETF और Gold Mutual Fund में से कौन-सा सस्ता है? Gold ETF की मैनेजमेंट फीस कम होती है क्योंकि इसका ढांचा सरल है, जबकि Gold Mutual Fund में ETF की फीस के ऊपर अपना मैनेजमेंट चार्ज भी जुड़ जाता है। 7. Gold Mutual Fund किन निवेशकों के लिए ज्यादा सही है? जो निवेशक Demat अकाउंट नहीं खोलना चाहते, SIP के जरिए नियमित निवेश पसंद करते हैं और सरल प्रक्रिया चाहते हैं, उनके लिए Gold Mutual Fund बेहतर विकल्प है। https://trendkia.com/money/gold-etf-aura-gold-mutual-fund-men-kya-hai-asali-pharka-sone-men-nivesha-se-paha-1764 TrendKia — Har trend, sabse pehle.