सोने में ₹800 और चांदी में ₹3,000 की जोरदार तेजी, फेड की ब्याज दर नीति से पहले कमोडिटी बाजार में उछाल फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति घोषणा से ठीक पहले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं में भारी तेजी दर्ज की गई, जहां चांदी 1.3 प्रतिशत और सोना 0.5 प्रतिशत उछला। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में बहुमूल्य धातुओं के दामों में बुधवार की सुबह जोरदार तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक समीक्षा नीति के नतीजे सामने आने से ठीक पहले निवेशकों का ध्यान सोने और चांदी की खरीद पर केंद्रित हो गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में प्रति किलोग्राम 3,000 रुपये से अधिक की छलांग देखने को मिली, वहीं सोने का भाव भी प्रति 10 ग्राम 800 रुपये से ज्यादा मजबूत हुआ। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की बढ़ती लागत और पश्चिम एशिया में जारी आपूर्ति बाधाओं के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश संपत्तियों की तरफ बना हुआ है। एमसीएक्स पर चांदी और सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबारी सत्र के दौरान चांदी का अनुबंध 1.3 प्रतिशत से ज्यादा यानी 3,000 रुपये से अधिक उछलकर लगभग 2,35,157 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसने 2,35,988 रुपये प्रति किलोग्राम का इंट्राडे उच्च स्तर भी छुआ। घरेलू वायदा बाजार में चांदी की यह मजबूती अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में आई तेजी की बदौलत संभव हुई है। वहीं दूसरी ओर एमसीएक्स पर सोने के भाव में भी अच्छी खासी रौनक दिखाई दी। सोने की कीमतें कम से कम 800 रुपये यानी 0.5 प्रतिशत की तेजी के साथ लगभग 1,51,575 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करती देखी गईं। बुधवार के शुरुआती सत्र की घंटी बजते ही सोने ने 1,52,100 रुपये प्रति 10 ग्राम का इंट्राडे स्तर हासिल कर लिया था। अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की मजबूत संभावनाओं के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की भारी मांग ने घरेलू बाजार में कीमतों को नीचे नहीं फिसलने दिया। अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार और कच्चे तेल की स्थिति वैश्विक हाजिर बाजार में भी बुलियन पैक में मजबूत खरीदारी का दौर रहा। अंतरराष्ट्रीय हाजिर सोना लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 4,326 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया। इसी तरह वैश्विक हाजिर चांदी में 1.4 प्रतिशत से लेकर 1.5 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया और यह 65 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करने लगी। इसके विपरीत ऊर्जा बाजार में मुनाफावसूली और इन्वेंट्री वृद्धि का असर देखा गया। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 1 प्रतिशत फिसलकर 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 0.5 प्रतिशत टूटकर करीब 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। अमेरिका में कच्चे तेल के भंडार में अचानक हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी के कारण तेल की कीमतों में यह नरमी दर्ज की गई, हालांकि पश्चिम एशिया में जारी आपूर्ति संकट की वजह से कच्चे तेल को निचले स्तरों पर सहारा मिलना जारी रहा। फेडरल रिजर्व की तीन साल में पहली दर वृद्धि की तैयारी वित्तीय बाजार इस समय केंद्रीय बैंक के बड़े फैसले की प्रतीक्षा कर रहा है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की व्यापक संभावना जताई जा रही है। नीति निर्माताओं द्वारा मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया जाने वाला यह कदम पिछले लगभग तीन वर्षों में ब्याज दरों में होने वाली पहली वृद्धि होगी। व्यापारियों और विश्लेषकों की निगाहें केवल इस शुरुआती फैसले पर ही नहीं टिकी हैं, बल्कि वे इस वर्ष आगे होने वाले संभावित नीतिगत बदलावों के संकेतों पर भी बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। बाजार में यह अनुमान गहराता जा रहा है कि फेडरल रिजर्व अक्टूबर या दिसंबर के महीनों में एक और दर वृद्धि का कदम उठा सकता है। अन्य केंद्रीय बैंकों का रुख और बॉन्ड यील्ड का दबाव केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर कई अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंक भी इस सप्ताह अपनी आर्थिक नीतियों को लेकर सक्रिय हैं। बैंक ऑफ जापान द्वारा इसी सप्ताह अपनी उधारी लागत यानी ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना है। वहीं दूसरी तरफ बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा अपनी मौजूदा ब्याज दर नीति में कोई बदलाव न करते हुए इसे पूर्ववत बनाए रखने का अनुमान है। इधर बॉन्ड बाजार में अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर साल 2007 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, हालांकि बाद में निवेशकों के सतर्क रुख के चलते वैश्विक बॉन्ड यील्ड्स स्थिर होती दिखीं। आमतौर पर बॉन्ड यील्ड का बढ़ना बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने और चांदी पर दबाव डालता है, लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा लागत के कारण बनी महंगाई की आशंकाओं ने इस बार कीमती धातुओं को मजबूत सहारा प्रदान किया है। घरेलू वायदा बाजार में अन्य कमोडिटीज का प्रदर्शन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के व्यापक परिदृश्य को देखें तो कच्चे तेल के वायदा सौदों को छोड़कर अधिकांश कमोडिटीज में तेजी का माहौल रहा। एमसीएक्स क्रूड ऑयल फ्यूचर्स में करीब 2 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली धातु साबित हुई। इसके अतिरिक्त एमसीएक्स पर जस्ता और तांबा जैसी औद्योगिक धातुओं ने भी 0.5 प्रतिशत से अधिक की मजबूती दर्ज की। वहीं प्राकृतिक गैस के वायदा अनुबंधों में मामूली बढ़त का रुख रहा। कीमती धातुओं में चौतरफा लिवाली के चलते एमसीएक्स आईकॉम्डेक्स बुलियन इंडेक्स भी लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त हासिल करने में सफल रहा। इसका आप पर असर कीमती धातुओं और ऊर्जा उत्पादों की वैश्विक कीमतों में जारी यह फेरबदल आम उपभोक्ताओं, निवेशकों और आभूषण खरीदारों के बजट को सीधे प्रभावित करेगा। • आभूषण खरीदारों पर असर: घरेलू बाजार में सोने और चांदी के वायदा भाव में भारी उछाल से खुदरा जेवरों की कीमतें तुरंत बढ़ जाएंगी। यदि आप आगामी त्योहारी या वैवाहिक सीजन के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं तो आपको प्रति 10 ग्राम सोने और प्रति किलो चांदी के लिए पहले से अधिक खर्च करना पड़ेगा। • कमोडिटी निवेशकों के लिए संकेत: एमसीएक्स पर ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए बुलियन इंडेक्स में 1 प्रतिशत की मजबूती सकारात्मक रुख का संकेत देती है। ब्याज दरों के फैसले और डॉलर की चाल को ध्यान में रखकर ही नए सौदों में स्टॉप लॉस तय करना उचित रहेगा। • ईंधन और घरेलू खर्च: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 0.5 से 1 प्रतिशत की नरमी देखने को मिली है। हालांकि भाव अभी भी 105 से 108 डॉलर के ऊंचे दायरे में रहने से देश में पेट्रोल, डीजल और माल ढुलाई की लागत पर दबाव बना रहेगा। • ऋण और जमा दरें: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी से वैश्विक मुद्रा बाजारों में डॉलर मजबूत हो सकता है। इससे घरेलू स्तर पर केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों और आपकी सावधि जमा व बैंक कर्ज की दरों पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई, पश्चिम एशिया में आपूर्ति से जुड़े व्यवधान और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक बैठकों के मिले-जुले संकेतों ने बुलियन बाजार में यह जोरदार हलचल पैदा की है। • फेडरल रिजर्व की संभावित दर वृद्धि: अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए लगभग तीन वर्षों में पहली बार 25 आधार अंकों की ब्याज दर बढ़ोतरी किए जाने की प्रबल संभावना है। बाजार पहले से ही इस कदम की उम्मीद कर रहा था, जिसके चलते अनिश्चितता से बचने के लिए निवेशकों ने सुरक्षित संपत्तियों में पूंजी लगाई। • पश्चिम एशिया में आपूर्ति संकट: पश्चिम एशिया क्षेत्र में आपूर्ति बाधाओं के कारण ऊर्जा लागत में लगातार वृद्धि बनी हुई है। इस भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल के 100 डॉलर से ऊपर रहने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की चिंताएं गहरा गई हैं। • बॉन्ड यील्ड और केंद्रीय बैंकों का रुख: अमेरिका में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद स्थिर हुई है, जबकि बैंक ऑफ जापान भी दरें बढ़ाने की तैयारी में है। इन जटिल वैश्विक परिस्थितियों के बीच निवेशकों ने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए सोने और चांदी की भौतिक खरीद को प्राथमिकता दी। सवाल-जवाब 1. एमसीएक्स पर आज चांदी और सोने के भाव में कितनी तेजी दर्ज की गई? एमसीएक्स पर चांदी का भाव 3,000 रुपये से अधिक यानी 1.3 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2,35,157 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जबकि सोना 800 रुपये से अधिक चढ़कर करीब 1,51,575 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। 2. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें किस स्तर पर कारोबार कर रही हैं? वैश्विक हाजिर बाजार में सोना लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,326 डॉलर प्रति औंस के पार और चांदी करीब 1.4 से 1.5 प्रतिशत उछलकर 65 डॉलर प्रति औंस के नजदीक पहुंच गई। 3. फेडरल रिजर्व की बैठक से बाजार को क्या उम्मीदें हैं? बाजार को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए पिछले लगभग तीन वर्षों में पहली बार ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करेगा। 4. कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को क्या रुख देखने को मिला? अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 1 प्रतिशत गिरकर लगभग 105 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.5 प्रतिशत टूटकर 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। 5. बैंक ऑफ जापान और बैंक ऑफ इंग्लैंड से नीतिगत फैसलों पर क्या अनुमान है? बैंक ऑफ जापान द्वारा इस सप्ताह अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने की संभावना है, जबकि बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा अपनी नीति को अपरिवर्तित रखने का अनुमान लगाया गया है। 6. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का ताजा स्तर क्या रहा है? अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड हाल ही में बढ़कर साल 2007 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जिसके बाद वैश्विक यील्ड्स में स्थिरता देखी गई। https://trendkia.com/money/gold-men-800-aura-silver-men-3-000-ki-joradara-teji-fed-ki-byaja-dara-niti-se-pahale-kamoditi-bajara-men-uchhala-33375 TrendKia — Har trend, sabse pehle.