गोल्डमैन सैक्स और बीएनपी परिबा की 2,186 करोड़ रुपये की बिकवाली के बाद बीएसई के शेयरों में गिरावट वैश्विक वित्तीय संस्थानों गोल्डमैन सैक्स और बीएनपी परिबा ने थोक सौदों में बीएसई में लगभग 1.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची। इसके चलते एक्सचेंज का शेयर करीब चार प्रतिशत फिसलकर 3,080 रुपये पर आ गया। घरेलू इक्विटी बाजार में बड़े संस्थागत सौदों की हलचल के बीच बीएसई लिमिटेड के शेयरों पर बुधवार को तीव्र बिकवाली का दबाव देखा गया। दो प्रमुख वैश्विक वित्तीय फर्मों ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर अलग-अलग बल्क डील के जरिए मुंबई स्थित प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। इन दोनों दिग्गजों ने मिलकर करीब 1.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 2,186 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी निकाली। इस बड़े पैमाने की बिकवाली की खबर सामने आते ही बुधवार के कारोबारी सत्र में बीएसई के शेयरों में करीब 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे शेयर का भाव 3,080 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया। विदेशी वित्तीय दिग्गजों ने बेचे 68 लाख से ज्यादा शेयर एक्सचेंज से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित बीएनपी परिबा ने अपनी सहयोगी इकाई बीएनपी परिबा फाइनेंशियल मार्केट्स के जरिए मंगलवार को यह सौदा किया। इस इकाई ने बीएसई के कुल 44.51 लाख शेयरों का विनिवेश किया, जो एक्सचेंज में लगभग 1.09 प्रतिशत की इक्विटी हिस्सेदारी के बराबर है। इसी तरह, अमेरिकी निवेश फर्म गोल्डमैन सैक्स ने अपनी मॉरीशस आधारित शाखा गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस 1 लिमिटेड के माध्यम से अपनी पोजीशन घटाई। इस इकाई ने 23.81 लाख से अधिक शेयरों की बिकवाली की, जो बीएसई की 0.58 प्रतिशत चुकता हिस्सेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। इन दोनों विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अपने शेयर 3,199.54 रुपये से लेकर 3,200 रुपये प्रति शेयर के मूल्य दायरे में बेचे। इन दोनों सौदों का कुल संयुक्त वित्तीय मूल्य 2,186.44 करोड़ रुपये रहा। भारी मात्रा में शेयरों की आपूर्ति खुले बाजार में आने के कारण बुधवार को ट्रेडिंग के दौरान निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ और एनएसई पर बीएसई का शेयर टूटकर 3,080 रुपये पर कारोबार करता दिखा। घरेलू म्यूचुअल फंडों ने की 1,677 करोड़ रुपये की खरीदारी एक तरफ जहां विदेशी निवेशकों ने एक्सचेंज से मुनाफावसूली या निकासी की, वहीं दूसरी तरफ प्रमुख घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस अवसर का उपयोग शेयर खरीदने के लिए किया। देश के दो बड़े म्यूचुअल फंड घरानों ने इस बल्क डील में खरीदारी पक्ष का जिम्मा संभाला। आंकड़ों के मुताबिक यूटीआई म्यूचुअल फंड ने बीएसई के 27.12 लाख शेयर अपने पोर्टफोलियो में जोड़े। वहीं निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने भी मजबूत रुचि दिखाते हुए 25.29 लाख शेयरों का अधिग्रहण किया। इन दोनों घरेलू म्यूचुअल फंडों ने यह शेयर औसतन 3,200 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे। इस खरीदारी का कुल संयुक्त मूल्य 1,677.60 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यद्यपि बिकवाली का कुल आकार 2,186.44 करोड़ रुपये था, जिसमें से बड़ा हिस्सा इन दोनों घरेलू फंडों ने अवशोषित कर लिया, लेकिन बाकी हिस्से को खरीदने वाले अन्य खरीदारों के विवरण एक्सचेंज के रिकॉर्ड में तत्काल स्पष्ट नहीं हो सके। कजारिया सेरामिक्स में प्रमोटर ने बेची 214 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर इसी दिन एक अन्य प्रमुख थोक सौदे में देश की सबसे बड़ी टाइल निर्माता कंपनी कजारिया सेरामिक्स के शेयरों का लेन-देन भी हुआ। कजारिया सेरामिक्स के प्रमोटर समूहों में शामिल चेतन कजारिया फैमिली प्राइवेट ट्रस्ट ने खुले बाजार के माध्यम से कंपनी में 1.13 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री की। इस सौदे के तहत कुल 18 लाख शेयरों का हस्तांतरण हुआ, जिसकी कुल राशि 214 करोड़ रुपये रही। प्रमोटर ट्रस्ट ने इन शेयरों को 1,190.01 रुपये प्रति शेयर के औसत मूल्य पर बेचा। इस विनिवेश के बाद कंपनी में प्रमोटर और प्रमोटर समूह की कुल शेयरधारिता में आनुपातिक कमी आई है। पहले कंपनी में प्रमोटर समूह का नियंत्रण 47.69 प्रतिशत था, जो इस सौदे के प्रभावी होने के बाद घटकर 46.56 प्रतिशत रह गया। सेजवन इन्वेस्टमेंट्स की एंट्री से कजारिया सेरामिक्स 5.5% उछला कजारिया सेरामिक्स में प्रमोटर हिस्सेदारी बेचे जाने के बावजूद कंपनी के शेयर में कोई गिरावट नहीं आई, बल्कि इसके विपरीत शेयर में जोरदार तेजी देखने को मिली। पुणे स्थित प्रमुख निवेश प्रबंधन फर्म सेजवन इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स ने इस सौदे के दौरान कंपनी के 10.5 लाख शेयर खरीदे। यह अधिग्रहण कजारिया सेरामिक्स की करीब 1 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी के बराबर है, जिसके लिए फर्म ने 124.95 करोड़ रुपये का भुगतान किया। सेजवन के अलावा बाकी शेयरों के खरीदारों की पहचान एक्सचेंज डेटा में सार्वजनिक नहीं हो पाई। इस संस्थागत निवेश के दम पर बुधवार को कजारिया सेरामिक्स का शेयर एनएसई पर 5.5 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 1,256 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया। कजारिया सेरामिक्स देश में सेरामिक और विट्रिफाइड टाइल्स का सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसके पास सैनिटरीवेयर, फॉसेट्स, प्लाइवुड और टाइल एडहेसिव्स जैसे निर्माण और होम डेकोर उत्पादों का भी व्यापक कारोबार पोर्टफोलियो है। इसका आप पर असर बीएसई और कजारिया सेरामिक्स में हुए इन बड़े सौदों से खुदरा निवेशकों और म्यूचुअल फंड यूनिट धारकों के पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ता है। • म्यूचुअल फंड निवेशकों पर असर: यूटीआई और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 1,677 करोड़ रुपये से अधिक के बीएसई शेयर खरीदे हैं। यदि आप इन फंड हाउसों की प्रासंगिक इक्विटी योजनाओं में निवेशित हैं, तो आपके पोर्टफोलियो में बीएसई के प्रदर्शन का प्रभाव दिखेगा। • खुदरा शेयरधारकों के लिए: थोक सौदे के बाद बीएसई का शेयर फिसलकर 3,080 रुपये पर आ गया है, जबकि कजारिया सेरामिक्स 5.5 प्रतिशत उछलकर 1,256 रुपये पर पहुंच गया। अल्पकालिक ट्रेडर्स को ऐसे भारी वॉल्यूम वाले सौदों के बाद शेयरों में जारी अस्थिरता पर नजर रखनी चाहिए। • प्रमोटर हिस्सेदारी में बदलाव: कजारिया सेरामिक्स में प्रमोटर होल्डिंग घटकर 46.56 प्रतिशत रह गई है। कंपनी के शेयरधारकों को भविष्य की कॉर्पोरेट घोषणाओं और हिस्सेदारी में आगे होने वाले बदलावों को ट्रैक करना चाहिए। • बाजार तरलता संकेत: विदेशी निवेशकों द्वारा 2,186 करोड़ रुपये की निकासी को घरेलू संस्थागत फंडों ने काफी हद तक सोख लिया। यह दर्शाता है कि भारतीय वित्तीय बाजार में बड़े सौदों को संभालने के लिए घरेलू पूंजी का प्रवाह मजबूत बना हुआ है। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम तब सामने आया जब दो वैश्विक संस्थागत निवेशकों ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर थोक सौदों के जरिए अपनी शेयरधारिता बेचने का फैसला किया। • संस्थागत हिस्सेदारी की बिकवाली: बीएनपी परिबा और गोल्डमैन सैक्स ने बीएसई में क्रमशः 1.09 प्रतिशत और 0.58 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची। खुले बाजार में अचानक 68 लाख से अधिक शेयरों की आपूर्ति आने के कारण बीएसई के शेयर मूल्य पर तात्कालिक दबाव बना। • घरेलू फंडों द्वारा आंशिक खरीद: यूटीआई और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 3,200 रुपये के भाव पर 52 लाख से अधिक शेयर खरीदे। हालांकि बिकवाली का कुल आकार बड़ा होने के कारण शेयर दिन के दौरान 3,080 रुपये तक फिसल गया। • प्रमोटर ट्रस्ट का विनिवेश: कजारिया सेरामिक्स में चेतन कजारिया फैमिली प्राइवेट ट्रस्ट ने 1.13 प्रतिशत हिस्सेदारी 214 करोड़ रुपये में बेची। इस सौदे से प्रमोटर समूह की कुल हिस्सेदारी 47.69 प्रतिशत से घटकर 46.56 प्रतिशत रह गई। • संस्थागत समर्थन से तेजी: पुणे स्थित सेजवन इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स द्वारा कजारिया के 10.5 लाख शेयर खरीदने से बाजार में सकारात्मक रुख बना। नए संस्थागत खरीदार के आने से कजारिया सेरामिक्स का भाव 5.5 प्रतिशत चढ़ गया। सवाल-जवाब 1. बीएनपी परिबा और गोल्डमैन सैक्स ने बीएसई में कितनी हिस्सेदारी बेची? बीएनपी परिबा ने 1.09 प्रतिशत (44.51 लाख शेयर) और गोल्डमैन सैक्स ने 0.58 प्रतिशत (23.81 लाख शेयर) हिस्सेदारी बेची, जो कुल मिलाकर लगभग 1.7 प्रतिशत बैठती है। 2. बीएसई के शेयरों का कुल सौदा कितने मूल्य का था? यह सौदा 3,199.54 रुपये से 3,200 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुआ, जिसकी कुल राशि 2,186.44 करोड़ रुपये रही। 3. बीएसई के शेयर किन घरेलू म्यूचुअल फंडों ने खरीदे? यूटीआई म्यूचुअल फंड ने 27.12 लाख शेयर और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 25.29 लाख शेयर 3,200 रुपये प्रति शेयर के औसत भाव पर खरीदे। 4. इस सौदे के बाद बीएसई के शेयर भाव पर क्या असर हुआ? बिकवाली के दबाव के चलते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर बीएसई का शेयर करीब 4 प्रतिशत गिरकर 3,080 रुपये पर आ गया। 5. कजारिया सेरामिक्स में प्रमोटर ट्रस्ट ने कितने शेयर बेचे? चेतन कजारिया फैमिली प्राइवेट ट्रस्ट ने 1,190.01 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 18 लाख शेयर (1.13 प्रतिशत हिस्सेदारी) 214 करोड़ रुपये में बेचे। 6. कजारिया सेरामिक्स में किस संस्थागत निवेशक ने नई हिस्सेदारी खरीदी? पुणे स्थित सेजवन इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स ने 124.95 करोड़ रुपये में कंपनी के 10.5 लाख शेयर (लगभग 1 प्रतिशत हिस्सेदारी) खरीदे, जिससे शेयर 5.5 प्रतिशत उछलकर 1,256 रुपये पर पहुंच गया। https://trendkia.com/money/goldman-sachs-aura-bnp-paribas-ki-2-186-karora-rupaye-ki-bikavali-ke-bada-bse-ke-sheyaron-men-giravata-40476 TrendKia — Har trend, sabse pehle.