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  "type": "article",
  "title": "ग्रेविटा इंडिया में 32 फीसदी उछाल का अनुमान, 500 करोड़ रुपये के विस्तार से बनेगी बढ़त",
  "summary": "शेयरखान ने रीसाइक्लिंग कंपनी ग्रेविटा इंडिया के शेयरों में 32 प्रतिशत की संभावित तेजी का अनुमान जताया है। कंपनी के 500 करोड़ रुपये के विस्तार और सर्कुलर इकोनॉमी की सरकारी नीतियों से मजबूती मिलने की उम्मीद है।",
  "content": "घरेलू रीसाइक्लिंग उद्योग की प्रमुख कंपनी ग्रेविटा इंडिया के शेयरों में मौजूदा स्तरों से 32 प्रतिशत तक की संभावित तेजी आने का अनुमान लगाया गया है। 52 हफ्तों के उच्च स्तर से आई 16 प्रतिशत की गिरावट के बाद यह शेयर अब निवेशकों के लिए आकर्षक मूल्यांकन पर उपलब्ध दिखाई दे रहा है। कंपनी के बुनियादी वित्तीय ढांचे, 500 करोड़ रुपये की विशाल क्षमता विस्तार योजना और भारत सरकार द्वारा सर्कुलर इकोनॉमी पर दिए जा रहे विशेष जोर के दम पर इस कारोबार को आने वाले वर्षों में लंबी और मजबूत विकास दर मिलने की संभावना जताई गई है।\n\nमौजूदा स्तरों पर 32 प्रतिशत की तेजी का अनुमान\nबाजार विश्लेषण के अनुसार ग्रेविटा इंडिया का शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर 539 रुपये से करीब 16 प्रतिशत नीचे आ चुका है। हाल की इस तेज बिकवाली के बावजूद कंपनी के कोर बिजनेस फंडामेंटल में कोई कमजोरी नहीं आई है। यही वजह है कि मौजूदा बाजार मूल्य से इसमें 32 फीसदी की ठोस बढ़त का सकारात्मक रुख बरकरार रखा गया है। हालिया गिरावट को लंबी अवधि के नजरिए से एक बेहतर एंट्री अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। कंपनी का अनुमानित प्रदर्शन वित्तीय वर्ष 2022 से 2025 के दौरान 30 प्रतिशत के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) की रफ्तार से आगे बढ़ सकता है। यदि नए रीसाइक्लिंग वर्टिकल्स की रफ्तार उम्मीद से तेज रही, तो कमाई के आंकड़े अनुमान से भी बेहतर परिणाम दे सकते हैं।\n\n500 करोड़ रुपये की व्यापक क्षमता विस्तार योजना\nग्रेविटा इंडिया वर्तमान में 500 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश के साथ एक बड़े विस्तार कार्यक्रम को जमीन पर उतार रही है। यह निवेश न केवल कंपनी के मौजूदा रीसाइक्लिंग क्षेत्रों के लिए है, बल्कि नए सेगमेंट में उतरने के लिए भी किया जा रहा है।\n\n• मौजूदा रीसाइक्लिंग सेगमेंट: कंपनी लेड, एल्युमिनियम और प्लास्टिक जैसे अपने स्थापित रीसाइक्लिंग वर्टिकल्स की क्षमता को वित्तीय वर्ष 2026 तक 1.9 गुना बढ़ाकर 425 किलो टन (kt) तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। इससे कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ को निरंतर मजबूती मिलेगी, जहां प्रबंधन अगले 3 वर्षों के दौरान वॉल्यूम में 25 प्रतिशत सीएजीआर की दर से वृद्धि हासिल करने का लक्ष्य बना रहा है।\n• नए रीसाइक्लिंग वर्टिकल्स: कंपनी अपने पोर्टफोलियो में व्यापक विविधीकरण लाते हुए रबर, कॉपर, पेपर, स्टील, ई-कचरा और लिथियम जैसे उभरते क्षेत्रों में कदम बढ़ा रही है। ये नए वर्टिकल्स लंबी अवधि के नजरिए से खासे आशाजनक दिख रहे हैं। केवल 50 प्रतिशत क्षमता उपयोग के आधार पर ही इन नए रीसाइक्लिंग सेगमेंट से वित्तीय वर्ष 2027 तक 161 करोड़ रुपये का अतिरिक्त एबिटा (EBITDA) जुड़ने की मजबूत संभावना आंकी गई है।\n\nविजन 2026 और वित्तीय लक्ष्य\nप्रबंधन की दीर्घकालिक कार्ययोजना 'विजन 2026' में तय किए गए वित्तीय लक्ष्य भी निवेशकों के भरोसे को मजबूती प्रदान करते हैं। कंपनी ने अपने विजन 2026 के अंतर्गत 25 प्रतिशत से अधिक के रेवेन्यू सीएजीआर और 35 प्रतिशत से अधिक के पीएटी सीएजीआर का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही पूंजी के कुशल उपयोग को दर्शाते हुए 25 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (RoCE) बरकरार रखने का लक्ष्य तय किया गया है। विविधीकरण और क्षमता विस्तार की यह दोहरी रणनीति कंपनी को रीसाइक्लिंग और संसाधन पुनर्प्राप्ति के संगठित क्षेत्र में एक सशक्त स्थिति में बनाए रखने में मदद करेगी।\n\nइसका आप पर असर\nइस रिपोर्ट के सामने आने से रीसाइक्लिंग और स्मॉलकैप शेयरों में दिलचस्पी रखने वाले निवेशकों के लिए रिटर्न की संभावनाएं स्पष्ट होती हैं।\n\n• पोर्टफोलियो रिटर्न पर असर: ब्रोकरेज अनुमान के अनुसार मौजूदा स्तरों से 32 प्रतिशत की संभावित बढ़त मिल सकती है। हालिया 16 प्रतिशत की गिरावट के बाद नए निवेशकों के लिए यह एक बेहतर एंट्री प्वाइंट साबित हो सकता है।\n• कंपनी के विस्तार से स्थिरता: 500 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश कंपनी की उत्पादन क्षमता को 425 kt तक ले जाएगा। क्षमता बढ़ने से वॉल्यूम में 25 प्रतिशत की सालाना वृद्धि की उम्मीद है, जिससे कारोबार का आधार मजबूत रहेगा।\n• नए सेक्टर्स में विविधीकरण: लिथियम, ई-वेस्ट और कॉपर जैसे आधुनिक रीसाइक्लिंग क्षेत्रों में उतरने से कंपनी की आय के स्रोत बढ़ेंगे। इससे कंपनी केवल पारंपरिक लेड कारोबार पर निर्भर नहीं रहेगी और जोखिम कम होगा।\n• लंबी अवधि के निवेशकों के लिए नजरिया: विजन 2026 के तहत 25 प्रतिशत से अधिक रेवेन्यू और 35 प्रतिशत से अधिक नेट प्रॉफिट सीएजीआर का लक्ष्य रखा गया है। यह मजबूत वित्तीय अनुशासन और 25 प्रतिशत से अधिक के रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड को दिखाता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nग्रेविटा इंडिया के शेयरों पर यह सकारात्मक रुख कंपनी के बड़े पैमाने पर चल रहे क्षमता विस्तार, नए रीसाइक्लिंग सेक्टर्स में विविधीकरण और सरकारी नीतियों के तालमेल के कारण सामने आया है।\n\n• क्षमता में 1.9 गुना वृद्धि: कंपनी मौजूदा लेड, एल्युमिनियम और प्लास्टिक क्षमता को बढ़ाकर वित्त वर्ष 2026 तक 425 किलो टन करने के लिए 500 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। उत्पादन क्षमता में यह भारी इजाफा वॉल्यूम में 25 प्रतिशत सीएजीआर की वृद्धि सुनिश्चित करेगा।\n• सर्कुलर इकोनॉमी को नीतिगत समर्थन: भारत सरकार द्वारा सर्कुलर इकोनॉमी और संसाधन रीसाइक्लिंग पर दिए जा रहे प्रोत्साहन से संगठित कंपनियों को बड़ा बाजार मिल रहा है। इस दीर्घकालिक नियामक समर्थन से कंपनी को विस्तार का एक बड़ा और सुरक्षित रनवे प्राप्त हो रहा है।\n• हाई-मार्जिन सेक्टर्स में प्रवेश: लिथियम, ई-कचरा, तांबा, कागज और स्टील जैसे उभरते क्षेत्रों में कदम रखने से कंपनी के मुनाफे में तेजी आएगी। 50 प्रतिशत क्षमता उपयोग पर ही नए सेगमेंट वित्त वर्ष 2027 तक 161 करोड़ रुपये का अतिरिक्त एबिटा जोड़ने की क्षमता रखते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. शेयरखान ने ग्रेविटा इंडिया के शेयर के लिए क्या अनुमान जताया है?\nशेयरखान ने ग्रेविटा इंडिया के शेयरों पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है और मौजूदा भाव से 32 प्रतिशत की संभावित तेजी का अनुमान लगाया है।\n\n2. ग्रेविटा इंडिया का शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्च स्तर से कितना गिर चुका है?\nकंपनी का शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर 539 रुपये से करीब 16 प्रतिशत गिर चुका है।\n\n3. कंपनी कितने रुपये की क्षमता विस्तार योजना लागू कर रही है?\nग्रेविटा इंडिया मौजूदा और नए रीसाइक्लिंग सेक्टर्स के लिए 500 करोड़ रुपये की विशाल क्षमता विस्तार योजना पर काम कर रही है।\n\n4. मौजूदा रीसाइक्लिंग सेक्टर्स में उत्पादन क्षमता कितनी बढ़ने की उम्मीद है?\nलेड, एल्युमिनियम और प्लास्टिक जैसे मौजूदा सेक्टर्स की क्षमता वित्तीय वर्ष 2026 तक 1.9 गुना बढ़कर 425 किलो टन होने की उम्मीद है।\n\n5. ग्रेविटा इंडिया किन नए रीसाइक्लिंग क्षेत्रों में कदम रख रही है?\nकंपनी रबर, कॉपर, पेपर, स्टील, ई-कचरा और लिथियम रीसाइक्लिंग के नए वर्टिकल्स में प्रवेश कर रही है।\n\n6. नए रीसाइक्लिंग सेक्टर्स से कंपनी को कितना अतिरिक्त मुनाफा हो सकता है?\n50 प्रतिशत क्षमता उपयोग के आधार पर नए रीसाइक्लिंग वर्टिकल्स से वित्त वर्ष 2027 तक 161 करोड़ रुपये का अतिरिक्त एबिटा (EBITDA) जुड़ने का अनुमान है।\n\n7. कंपनी के 'विजन 2026' के मुख्य वित्तीय लक्ष्य क्या हैं?\nविजन 2026 के तहत कंपनी का लक्ष्य 25 प्रतिशत से अधिक रेवेन्यू सीएजीआर, 35 प्रतिशत से अधिक पीएटी सीएजीआर और 25 प्रतिशत से अधिक आरओसीई हासिल करना है।",
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  "category": "मनी",
  "publishedAt": "2026-10-29",
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