# एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक समेत अन्य वित्तीय संस्थानों ने 4 साल में पेनल्टी से वसूले ₹26,100 करोड़

> बैंक खातों में मिनिमम एवरेज बैलेंस न रखने पर बैंकों ने 4 साल में ₹26,100 करोड़ का जुर्माना वसूला है। एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक पेनल्टी लेने में सबसे आगे रहे, जबकि 10 सरकारी बैंकों ने यह चार्ज हटा दिया है।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-07-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/hdfc-bank-aura-axis-bank-sameta-anya-vittiya-snsthanon-ne-4-sala-men-penalti-se-vasule-26-100-karora-11762 · **Language:** Hindi
**Tags:** न्यूनतम बैलेंस, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, पंकज चौधरी, राज्यसभा, बैंक पेनल्टी

देशभर के बैंकिंग ग्राहकों के लिए अपने बचत खातों में न्यूनतम औसत शेष राशि (MAB) बनाए रखना वित्तीय रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। वित्तीय संस्थानों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, निर्धारित सीमा से कम बैलेंस रखने पर बैंकों ने बीते 4 वर्षों के दौरान अपने ग्राहकों से पेनल्टी के रूप में कुल ₹26,100 करोड़ की बड़ी राशि वसूल की है। यह वसूली सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के बैंकों द्वारा अलग-अलग वित्त वर्षों में लागू किए गए सेवा शुल्कों के तहत की गई है। नियम न मानने पर ग्राहकों के खातों से सीधे पेनल्टी काट ली जाती है, जिससे कम आय वाले खाताधारकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

## निजी क्षेत्र के दिग्गजों ने वसूला सर्वाधिक जुर्माना
बैलेंस मेंटेन न कर पाने वाले ग्राहकों पर जुर्माना लगाने के मामले में निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक सूची में सबसे शीर्ष स्थान पर रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक ने न्यूनतम बैलेंस न रखने वाले अपने खाताधारकों से कुल ₹5,670 करोड़ की पेनल्टी हासिल की। इसके बाद दूसरे नंबर पर एक्सिस बैंक का नाम आता है, जिसने अपने ग्राहकों से ₹3,787 करोड़ रुपये का जुर्माना लिया। तीसरे स्थान पर सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक ऑफ बड़ौदा रहा, जिसने इस अवधि में लगभग ₹2,028 करोड़ की राशि पेनल्टी के तौर पर अपने खाते में दर्ज की।

## सरकारी बैंकों की स्थिति और जुर्माना तालिका
सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य प्रमुख बैंकों ने भी नियमों का पालन न होने पर भारी भरकम जुर्माना वसूला है। इस क्रम में पंजाब नेशनल बैंक चौथे स्थान पर दर्ज किया गया, जिसने अपने ग्राहकों से ₹1,896 करोड़ की वसूली की। वहीं पांचवें स्थान पर मौजूद इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 से लेकर वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल ₹1,777 करोड़ की राशि जुर्माने के रूप में एकत्र की। उल्लेखनीय है कि सरकारी बैंकों के लिए यह डेटा वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की 5 वर्ष की अवधि का है, जबकि निजी क्षेत्र के बैंकों का डेटा वित्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक की 4 वर्ष की अवधि से संबंधित है।

## संसदीय कार्यवाही में साझा किया गया डेटा
संसदीय कार्यवाही के दौरान 28 जुलाई को राज्यसभा में प्रस्तुत एक लिखित उत्तर के माध्यम से यह विस्तृत विवरण सामने आया। वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने दोनों श्रेणियों के बैंकों द्वारा न्यूनतम औसत बैलेंस न बनाए रखने पर ली गई पेनल्टी की पूरी जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैंकिंग प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने और आम नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपने सर्विस चार्ज ढांचे की गहन समीक्षा की है।

## सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने नियमों में दी बड़ी राहत
ग्राहक राहत के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी सामने आया है। सार्वजनिक क्षेत्र में संचालित कुल 12 बैंकों में से 10 बैंकों ने साधारण बचत खातों पर न्यूनतम बैलेंस न रखने से जुड़ी पेनल्टी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। बाकी बचे 2 बैंकों ने भी अपने बोर्ड द्वारा मंजूर की गई नीतियों और वाणिज्यिक आवश्यकताओं के अनुसार जुर्माने के नियमों को तर्कसंगत बनाया है। सरकार की इस समीक्षा पहल से करोड़ों छोटे खाताधारकों को अनपेक्षित पेनल्टी कटने के डर से स्थायी राहत मिली है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यदि आपका बचत खाता एचडीएफसी बैंक या एक्सिस बैंक जैसे प्राइवेट बैंकों में है, तो खाते में तय न्यूनतम राशि न होने पर जुर्माना देना पड़ सकता है। हालांकि, 10 प्रमुख सरकारी बैंकों में अब सेविंग्स अकाउंट पर यह पेनल्टी पूरी तरह खत्म कर दी गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. बैंकों ने मिनिमम बैलेंस न रखने पर कुल कितना जुर्माना वसूला है?
बैंकों ने अपने ग्राहकों से न्यूनतम औसत बैलेंस बनाए न रखने पर 4 वर्षों की अवधि में कुल ₹26,100 करोड़ का जुर्माना वसूला है।

### 2. किस बैंक ने खाताधारकों से सबसे ज्यादा जुर्माना लिया?
एचडीएफसी बैंक ने सबसे ज्यादा ₹5,670 करोड़ का जुर्माना वसूला, जिसके बाद एक्सिस बैंक ₹3,787 करोड़ के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

### 3. सरकारी बैंकों में किस बैंक की पेनल्टी वसूली सबसे अधिक रही?
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बैंक ऑफ बड़ौदा ने सबसे अधिक लगभग ₹2,028 करोड़ और पंजाब नेशनल बैंक ने ₹1,896 करोड़ का जुर्माना वसूला।

### 4. क्या सरकारी बैंकों में अब भी मिनिमम बैलेंस का जुर्माना लगता है?
सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बैंकों में से 10 बैंकों ने बचत खातों पर मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाला जुर्माना पूरी तरह से खत्म कर दिया है।

### 5. यह डेटा संसद में कब प्रस्तुत किया गया था?
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 28 जुलाई को राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में यह आधिकारिक डेटा साझा किया।

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