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  "type": "article",
  "title": "आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाया नया हाइब्रिड फंड, इक्विटी और डेट के मिश्रण से रिटर्न के साथ स्थिरता का दावा",
  "summary": "आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड लॉन्च किया है, जिसका न्यू फंड ऑफर 30 जून से खुला है और 14 जुलाई को बंद होगा, इसमें कम से कम 500 रुपये से निवेश किया जा सकता है.",
  "content": "बिना किसी बड़े जोखिम के अच्छा रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए एक नया विकल्प बाजार में आया है. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने अपना नया बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड लॉन्च किया है. इस स्कीम का न्यू फंड ऑफर यानी एनएफओ 30 जून से खुला है और यह 14 जुलाई को बंद हो जाएगा. यानी इच्छुक निवेशकों के पास अब सिर्फ गिने-चुने दिन बचे हैं जब वे इस स्कीम में शुरुआती और सस्ती दरों पर पैसा लगा सकते हैं.\n\nस्कीम की बनावट कैसी है\nयह एक ओपन-एंडेड बैलेंस्ड स्कीम है, जो सिर्फ इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में ही पैसा लगाएगी. इसमें आर्बिट्राज यानी दाम के फर्क का फायदा उठाने वाली रणनीति के लिए कोई जगह नहीं रखी गई है. फंड हाउस का कहना है कि स्कीम का पूरा मकसद एक्टिव स्ट्रैटेजी अपनाकर निवेशकों को कैपिटल एप्रिसिएशन यानी पूंजी में बढ़ोतरी के साथ-साथ नियमित इनकम भी देना है.\n\nइक्विटी और डेट में निवेश की रणनीति\nइक्विटी वाले हिस्से में फंड मैनेजर अलग-अलग मार्केट कैपिटलाइजेशन और अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में पैसा लगाएंगे. वहीं डेट वाले हिस्से में निवेश के लिए ड्यूरेशन, एएए रेटिंग वाले पेपर, सरकारी प्रतिभूतियों और क्रेडिट क्वालिटी को आधार बनाया जाएगा. पोर्टफोलियो की समीक्षा समय-समय पर बाजार की मौजूदा वैल्यूएशन और हालात के हिसाब से होती रहेगी. इक्विटी और डेट के बीच पैसा कितना बांटा जाए, यह फैसला कंपनियों की कमाई और बॉन्ड यील्ड जैसे संकेतकों को देखकर लिया जाएगा.\n\nसीआईओ शंकरन नरेन ने बताई रणनीति की सोच\nआईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर शंकरन नरेन के मुताबिक, इस बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड को खासतौर पर इक्विटी और डेट के बीच सही संतुलन बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. मौजूदा बाजार हालात के आधार पर पोर्टफोलियो का 40 से 60 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी और डेट, दोनों में से हर एक को दिया जाता है. शंकरन नरेन का कहना है कि यह संतुलित तरीका मौजूदा माहौल में असरदार साबित होगा और साथ ही निवेशकों को नियमित इनकम के साथ-साथ लंबे समय में संपत्ति बनाने में भी मदद करेगा.\n\nदोनों एसेट क्लास को मिलाने का फायदा क्या है\nलंबी अवधि में इक्विटी ने निवेशकों के लिए काफी संपत्ति बनाई है, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव और गिरावट का जोखिम हमेशा बना रहता है. दूसरी तरफ डेट यानी कर्ज आधारित निवेश समय के साथ ज्यादा स्थिर रिटर्न देता है और इक्विटी के मुकाबले ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है. चूंकि इक्विटी और डेट आमतौर पर एक ही दिशा में एक साथ नहीं चलते, इसलिए दोनों को एक ही पोर्टफोलियो में मिलाने से निवेश का अनुभव बेहतर हो सकता है. पुराने आंकड़े बताते हैं कि इक्विटी और डेट के मिश्रित पोर्टफोलियो ने बाजार गिरने के दौरान नुकसान कम दिखाया है, जबकि सामान्य हालात में सिर्फ डेट में निवेश करने के मुकाबले बेहतर रिटर्न भी दिया है.\n\nकितने रुपये से शुरू होगा निवेश\nइस स्कीम में कम से कम 500 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है. इसके बाद निवेशक एक रुपये के गुणक में जितनी चाहें उतनी रकम लगा सकते हैं. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड में डायरेक्ट और रेगुलर, दो तरह के प्लान उपलब्ध होंगे. इस स्कीम का बेंचमार्क सीआरआईएसआईएल हाइब्रिड 50+50 मॉडरेट इंडेक्स रखा गया है.\n\nसेबी की दूसरी हाइब्रिड कैटेगरी से कैसे अलग है यह फंड\nइस स्कीम के ढांचे के तहत इक्विटी और डेट, दोनों को 40 से 60 प्रतिशत तक का एलोकेशन मिलता है और आर्बिट्राज के लिए कोई अलग हिस्सा नहीं रखा गया है. यही बात सेबी की तय की गई बैलेंस्ड हाइब्रिड कैटेगरी को बाकी दो कैटेगरी से अलग बनाती है. एग्रेसिव हाइब्रिड कैटेगरी में 65 से 80 प्रतिशत इक्विटी और 20 से 35 प्रतिशत डेट रखने का नियम है, जबकि कंजर्वेटिव हाइब्रिड कैटेगरी में 10 से 25 प्रतिशत इक्विटी और 75 से 90 प्रतिशत डेट रखा जाता है. यानी बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड इन दोनों के बीच का एक संतुलित रास्ता पेश करता है.\n\nइसका आप पर असर\nअगर आप कम जोखिम के साथ निवेश शुरू करना चाहते हैं तो यह खबर आपके काम की है.\n\n• निवेशकों के लिए: इस स्कीम में सिर्फ 500 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है, इसलिए छोटे निवेशक भी इसमें आसानी से शामिल हो सकते हैं.\n• समय सीमा का ध्यान रखें: एनएफओ 14 जुलाई को बंद हो जाएगा, यानी शुरुआती ऑफर कीमत पर निवेश करने के लिए इसके बाद मौका नहीं मिलेगा.\n• जोखिम को लेकर स्पष्टता: यह फंड इक्विटी और डेट दोनों में पैसा लगाता है, इसलिए यह पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं बल्कि जोखिम को संतुलित करने वाला विकल्प है.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड का एनएफओ कब खुला और कब बंद होगा?\nइसका न्यू फंड ऑफर 30 जून को खुला है और यह 14 जुलाई को बंद होगा.\n\n2. इस स्कीम में न्यूनतम कितना निवेश किया जा सकता है?\nइसमें कम से कम 500 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है और उसके बाद एक रुपये के गुणक में निवेश किया जा सकता है.\n\n3. क्या इस स्कीम में आर्बिट्राज की अनुमति है?\nनहीं, इस स्कीम में आर्बिट्राज की अनुमति नहीं है, यह सिर्फ इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करती है.\n\n4. इस स्कीम में इक्विटी और डेट का एलोकेशन कैसा रहेगा?\nमौजूदा बाजार हालात के आधार पर पोर्टफोलियो का 40 से 60 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी और डेट, दोनों में से हर एक को दिया जाएगा.\n\n5. इस स्कीम का बेंचमार्क क्या है?\nइस स्कीम का बेंचमार्क सीआरआईएसआईएल हाइब्रिड 50+50 मॉडरेट इंडेक्स है.\n\n6. बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड सेबी की एग्रेसिव और कंजर्वेटिव हाइब्रिड कैटेगरी से कैसे अलग है?\nएग्रेसिव हाइब्रिड में 65-80% इक्विटी और 20-35% डेट होता है, जबकि कंजर्वेटिव हाइब्रिड में 10-25% इक्विटी और 75-90% डेट होता है, वहीं बैलेंस्ड हाइब्रिड में दोनों को 40-60% का बराबर एलोकेशन मिलता है.",
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  "publishedAt": "2026-07-04",
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