इंडेन, एचपी और भारत गैस के ग्राहकों के लिए 1 जुलाई से बदल रहे हैं नियम, कीमतों में भी होगी हलचल आगामी 1 जुलाई 2026 से रसोई गैस (LPG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, जिसमें कीमतों में कटौती और नए सुरक्षा नियम शामिल हैं। भारत में रसोई गैस का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों परिवारों के लिए एक नया महीना बड़े नीतिगत बदलावों और नई उम्मीदों के साथ शुरू होने जा रहा है। आगामी 1 जुलाई 2026 से रसोई गैस (LPG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के नियमों में कई महत्वपूर्ण संशोधन होने की उम्मीद है। देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों इंडेन गैस, भारत गैस और एचपी गैस के उपभोक्ता इन बदलावों पर करीब से नजर रख रहे हैं। इन संशोधनों में कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों के दामों में संभावित कटौती, पीएनजी कनेक्शन मिलने के बाद पारंपरिक गैस कनेक्शन सरेंडर करने की समय-सीमा, सिलेंडर बुकिंग के बीच का अंतराल और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से जुड़े नए नियम शामिल हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि रसोई गैस से जुड़े वे कौन से बड़े बदलाव हैं, जो अगले महीने से आपकी जेब और रसोई के बजट को प्रभावित कर सकते हैं। 1. 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में राहत की उम्मीद 1 जुलाई 2026 से व्यापारिक गतिविधियों में गैस का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों और उद्यमियों को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम घटने की बड़ी उम्मीद है। इस राहत की मुख्य वजह वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट को माना जा रहा है। पिछले 30 दिनों के भीतर अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड और ब्रेंट क्रूड दोनों की कीमतों में करीब 21% से 22% तक की बड़ी मंदी दर्ज की गई है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए 60 दिवसीय संघर्षविराम समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों का परिवहन काफी तेजी से बढ़ा है, जिसके चलते दोनों ही क्रूड बेंचमार्क क्रमशः 70 और 72 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गए हैं। पश्चिम एशिया के इस सैन्य तनाव में आई कमी पर इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. मनोरंजन शर्मा ने कहा कि इस क्षेत्र में शत्रुता समाप्त होने से वैश्विक ऊर्जा और LPG बाजार पर बना दबाव काफी कम हो सकता है। इससे भारत में भी घरेलू स्तर पर रसोई गैस की कीमतें घटाने का अनुकूल माहौल बनेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी स्तरों पर तुरंत बड़ी कटौती की संभावना थोड़ी कम है, क्योंकि भारत में LPG की खुदरा कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क पर ही निर्भर नहीं करतीं, बल्कि इसमें विदेशी मुद्रा विनिमय दर, सरकार की सब्सिडी नीतियां और राजकोषीय जरूरतें भी अहम भूमिका निभाती हैं। व्यापारियों के लिए यह राहत इसलिए भी बेहद जरूरी है क्योंकि पिछले पांच महीनों से कमर्शियल गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। 1 मार्च से लेकर 30 जून 2026 के बीच कीमतों में लगातार पांचवीं बार वृद्धि दर्ज की गई। चालू महीने में ही दिल्ली, मुंबई समेत प्रमुख महानगरों में प्रति सिलेंडर 43.50 रुपये से लेकर 53.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई थी। इस बढ़ोतरी के बाद वर्तमान में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 3,113.50 रुपये, मुंबई में 3,067.50 रुपये, चेन्नई में 3,283 रुपये और कोलकाता में 3,255.50 रुपये हो चुकी है। 2. क्या सस्ते होंगे 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर? कमर्शियल सिलेंडर की तुलना में, आम उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडरों की कीमतों में सरकारी कंपनियों ने हाल के दिनों में बहुत अधिक बदलाव नहीं किए हैं। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच छिड़े संघर्ष के बाद से अब तक घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में केवल दो बार ही बढ़ोतरी की गई है। आखिरी बार यह बढ़ोतरी 7 जून 2026 को की गई थी, जब देश के विभिन्न शहरों में प्रति सिलेंडर 29 रुपये बढ़ाए गए थे। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि क्या अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई मंदी का लाभ आम उपभोक्ताओं को भी मिलेगा और क्या 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दाम भी कम किए जाएंगे। फिलहाल देश के महानगरों में इसके दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये प्रति सिलेंडर। 3. 5 किलोग्राम वाले छोटू गैस सिलेंडर की कीमतों का हाल छोटे परिवारों और प्रवासियों के बीच बेहद लोकप्रिय इंडियन ऑयल के 5 किलोग्राम वाले छोटू LPG सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव की संभावना बनी हुई है। जून 2026 में इसके दाम में 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले मई 2026 में छोटू सिलेंडर की कीमतों में 261 रुपये और अप्रैल 2026 में 51 रुपये की भारी वृद्धि की गई थी। इस प्रकार लगातार तीन महीनों से इस छोटे सिलेंडर की कीमतें बढ़ रही हैं, इसलिए अगले महीने उपभोक्ता इस मोर्चे पर भी किसी राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। 4. कमर्शियल LPG सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटीं कारोबारियों और औद्योगिक इकाइयों को एक बड़ी राहत देते हुए सरकार ने गैर-घरेलू पैक्ड LPG की आपूर्ति पर लगी सभी क्षेत्रीय पाबंदियों को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब इसकी आपूर्ति को पश्चिम एशिया संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दिया गया है। इसके अलावा, बल्क LPG की आपूर्ति, जिसे संकट की शुरुआत में पूरी तरह रोक दिया गया था, उसे भी अब पूर्व-संकट की खपत के 50% तक बहाल कर दिया गया है। इस फैसले से होटल, रेस्तरां और बड़े उद्योगों को अपनी सामान्य परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी। 5. PNG कनेक्शन मिलते ही 30 दिनों में सरेंडर करना होगा LPG कनेक्शन सरकार ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण विनियमन) संशोधन आदेश, 2026 के माध्यम से एक बड़ा बदलाव किया है। इस नए नियम के तहत, यदि किसी ग्राहक के घर पर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का नया कनेक्शन चालू हो जाता है, तो उसे अगले 30 दिनों के भीतर अपने इंडेन गैस, भारत गैस या एचपी गैस के चालू LPG कनेक्शन को अनिवार्य रूप से सरेंडर या समाप्त करना होगा। हालांकि, सरकार ने इसमें ग्राहकों की सुविधा के लिए एक विकल्प भी दिया है, जिसके तहत यदि भविष्य में PNG आपूर्ति में कोई गंभीर समस्या आती है, तो वे अपने पुराने LPG कनेक्शन को फिर से बहाल करा सकेंगे। 6. समय पर पीएनजी न लेने पर बंद हो सकते हैं सिलेंडर कनेक्शन इसी साल मार्च महीने में सरकार ने एक आदेश जारी कर उन उपभोक्ताओं के लिए पीएनजी (PNG) अपनाना अनिवार्य कर दिया था, जिनके इलाकों में पाइप्ड गैस का बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद है। ऐसे ग्राहकों को नया कनेक्शन लेने के लिए 3 महीने का समय दिया गया था। इस तय अवधि में ऐसा न करने वाले उपभोक्ताओं के LPG कनेक्शन को स्वतः ही निलंबित करने की बात कही गई थी। तीन महीने की यह समय-सीमा जून 2026 के अंत में समाप्त होने जा रही है। ऐसे में यदि आपके क्षेत्र में पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध है और आपने अब तक पीएनजी कनेक्शन नहीं लिया है, तो आपके गैस सिलेंडर की आपूर्ति रोकी जा सकती है। 7. सिलेंडर रिफिलिंग की लॉक-इन अवधि की समीक्षा इस बात पर भी सबकी नजरें टिकी होंगी कि क्या सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) गैस बुकिंग के बीच की लॉक-इन अवधि को कम करेंगी। आपूर्ति संकट के दौरान सरकार ने सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए दो बुकिंग के बीच का अंतराल बढ़ा दिया था। इसके तहत शहरी क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए 45 दिन का लॉक-इन पीरियड तय किया गया था, जबकि सामान्य दिनों में यह अंतराल 21 दिनों का होता था। अब जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति सुगम हो रही है, तो उम्मीद की जा रही है कि कंपनियां इस नियम में ढील दे सकती हैं। 8. LPG सब्सिडी का भविष्य और लक्षित लाभार्थियों को लाभ गैस सब्सिडी को लेकर सरकार की नीतियों में भी बड़ा बदलाव आया है। डॉ. मनोरंजन शर्मा के अनुसार, सरकार अब सभी उपभोक्ताओं को सामान्य रूप से सब्सिडी देने के बजाय चुनिंदा और जरूरतमंद वर्गों, विशेष रूप से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को ही लक्षित वित्तीय सहायता प्रदान करने पर जोर दे रही है। वैश्विक बाजार में कीमतों में गिरावट से सरकार का सब्सिडी बिल कम होगा जिससे वित्तीय लचीलापन बढ़ेगा, लेकिन नीति निर्माता उपभोक्ताओं को राहत देने और देश के वित्तीय घाटे को नियंत्रित रखने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे। 9. eKYC कराने की आखिरी तारीख 30 जून अपनी सब्सिडी को लगातार चालू रखने के लिए देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल ने उपभोक्ताओं से 30 जून 2026 तक अपनी eKYC प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण (Aadhaar authentication) अनिवार्य है। इसके साथ ही मंत्रालय ने साफ किया है कि यह नियम केवल उन सामान्य LPG उपभोक्ताओं पर लागू होता है जिन्होंने अब तक अपनी eKYC प्रक्रिया पूरी नहीं की है। यदि आप गैर-उज्ज्वला योजना श्रेणी में आते हैं और पहले ही अपना सत्यापन करा चुके हैं, तो आपको दोबारा बायोमेट्रिक या आधार सत्यापन कराने की आवश्यकता नहीं है। इसका आप पर असर • भारत भर में: कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में मंदी के कारण घरेलू एलपीजी दरों में कटौती होने से आम परिवारों को मासिक बजट में बड़ी राहत मिल सकती है। • शहरी क्षेत्रों में: जिन उपभोक्ताओं के इलाकों में पीएनजी बुनियादी ढांचा उपलब्ध है, उन्हें अपने गैस कनेक्शन को सस्पेंड होने से बचाने के लिए समय पर पीएनजी अपनाना होगा। सवाल-जवाब 1. 1 जुलाई 2026 से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में राहत क्यों मिलने की उम्मीद है? अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिवसीय युद्धविराम समझौते के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 21% से 22% की भारी गिरावट आई है, जिससे वैश्विक एलपीजी कीमतें कम हुई हैं। 2. पीएनजी कनेक्शन मिलने के बाद एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करने की समय-सीमा क्या है? नए नियमों के तहत उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन मिलने के 30 दिनों के भीतर अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य है। 3. किन उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन जून के बाद निलंबित हो सकते हैं? यदि आपके क्षेत्र में पीएनजी की बुनियादी सुविधा उपलब्ध है और आपने तय की गई 3 महीने की अवधि के भीतर पीएनजी नहीं अपनाया है, तो आपका एलपीजी कनेक्शन सस्पेंड हो सकता है। 4. क्या सभी गैस उपभोक्ताओं के लिए 30 जून 2026 तक eKYC कराना जरूरी है? यह eKYC केवल उन उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य है जिन्होंने अभी तक इसे पूरा नहीं किया है। जिन्होंने पहले ही बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा कराने की आवश्यकता नहीं है। https://trendkia.com/money/indane-hp-aura-bharat-gas-ke-grahakon-ke-lie-1-julai-se-badala-rahe-hain-niyama-kimaton-men-bhi-hogi-halachala-3313 TrendKia — Har trend, sabse pehle.