# इंस्टाग्राम का नया एआई नियम, वर्चुअल शख्सियत दिखाने वाले अकाउंट्स पर गिरेगी गाज

> इंस्टाग्राम ने वर्चुअल चेहरों वाले अकाउंट्स के लिए एक नया एआई प्रोफाइल लेबल अनिवार्य कर दिया है। ऐसा न करने पर क्रिएटर प्लेटफॉर्म पर अपनी रिकमेंडेशन रीच गंवा सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** मनी · **Published:** 2026-09-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/money/instagram-introduces-new-ai-profile-label-rule-accounts-face-reach-drop-over-non-disclosure-25857 · **Language:** Hindi
**Tags:** इंस्टाग्राम, एआई, सोशल मीडिया, वर्चुअल इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर, टेक न्यूज

ब्राउज़र के मेनू आइकन पर क्लिक करने से विकल्पों की सूची सामने आती है। इसके बाद ऑप्शंस पर क्लिक करने पर सेटिंग्स पेज खुलता है। पेज के बाईं ओर दिए गए प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी विकल्पों पर क्लिक करना होता है। इसके बाद पेज को स्क्रॉल करके परमिशन सेक्शन तक पहुंचना होता है। यहाँ नोटिफिकेशन विकल्प के सेटिंग्स टैब पर क्लिक करना होता है। एक पॉप-अप विंडो खुलती है जिसमें सभी सूचियों वाली साइट्स होती हैं, और नोटिफिकेशन की अनुमति देने के लिए स्टेटस हेड के तहत संबंधित साइट के लिए अलाउ विकल्प चुनना होता है। बदलाव पूरे होने के बाद सेव चेंजेज विकल्प पर क्लिक करके सेटिंग्स सहेजी जाती हैं।

इंस्टाग्राम ने उन अकाउंट्स के लिए एक नया नियम लागू किया है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की मदद से बनाए गए इंसानी चेहरों को प्रदर्शित करते हैं। इस नए बदलाव के तहत क्रिएटर्स के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे प्रोफाइल पर दिखने वाले व्यक्ति के असली न होने की स्पष्ट जानकारी दें। प्लेटफॉर्म की ओर से 31 अगस्त को यह घोषणा की गई थी कि जिन अकाउंट्स पर एआई जनरेटेड प्रोफाइल लेबल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, वे प्लेटफॉर्म पर रिकमेंडेशन के लिए अयोग्य हो सकते हैं।

इस नए अपडेट का असर उन तमाम क्रिएटर्स, ब्रांड्स और वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स पर पड़ सकता है जो इंसानी रूप जैसी आभासी शख्सियतों को तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेते हैं। इंस्टाग्राम सामग्री की खोज के लिए दुनिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म्स में से एक है, और ऐसी स्थिति में रिकमेंडेशन की पात्रता खोने से नए उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने की अकाउंट की क्षमता में भारी गिरावट आ सकती है।

प्लेटफॉर्म ने अपने पुराने एआई क्रिएटर लेबल का नाम बदलकर एआई जनरेटेड प्रोफाइल कर दिया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपयोगकर्ताओं को यह बात बिल्कुल साफ तौर पर समझ आ जाए कि अकाउंट में नजर आने वाला व्यक्ति किसी वास्तविक इंसान का नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उत्पाद है।

यह विशेष लेबल उस अकाउंट की प्रोफाइल पर प्रमुखता से दिखाई देगा जो किसी एआई जनरेटेड व्यक्ति को प्रदर्शित करता है। इसके अलावा, यह व्यक्तिगत पोस्ट के साथ भी दिखाई दे सकता है जब किसी खास पोस्ट पर पहले से अलग से कोई एआई से जुड़ा लेबल न लगाया गया हो।

क्रिएटर्स अपनी प्रोफाइल में बदलाव करके और एआई जनरेटेड प्रोफाइल विकल्प को सक्रिय करके यह डिस्क्लोजर जोड़ सकते हैं। इंस्टाग्राम ने उपयोगकर्ताओं से मिली प्रतिक्रिया के बाद इस अधिक स्पष्ट शब्दावली को पेश किया है, जिसमें कई लोगों ने यह शिकायत की थी कि जब उन्हें यह पता चला कि वे प्रोफाइल जिन्हें वे असली इंसान समझ रहे थे, वे पूरी तरह से एआई द्वारा बनाए गए थे, तो उन्हें खुद को ठगा हुआ महसूस हुआ।

क्रिएटर्स के लिए इस पूरी प्रक्रिया का सबसे बड़ा और गंभीर परिणाम उनकी पहुंच यानी रीच पर पड़ने वाला है। इंस्टाग्राम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एआई जनरेटेड लोगों को दिखाने वाले अकाउंट्स यदि अपनी कृत्रिम पहचान का खुलासा नहीं करेंगे, तो उन्हें अनुशंसाओं के दायरे से बाहर किया जा सकता है।

एक्सप्लोर और सुझाए गए रील्स जैसे माध्यमों के जरिए नए दर्शकों तक अपनी पहुंच बनाने में रिकमेंडेशन की भूमिका बेहद अहम होती है। खोज से जुड़ी इन सुविधाओं तक पहुंच खत्म होने से किसी भी अकाउंट के लिए नए फॉलोअर्स को आकर्षित करना बेहद कठिन हो सकता है।

यदि इंस्टाग्राम किसी प्रोफाइल पर आवश्यक लेबल के बिना किसी एआई जनरेटेड व्यक्ति की पहचान करता है, तो ऐसी स्थिति में अकाउंट मालिक को एक नोटिफिकेशन भेजा जा सकता है। क्रिएटर्स अपनी अकाउंट स्टेटस की जांच करके यह देख सकते हैं कि उनकी अनुशंसा पात्रता प्रभावित हुई है या नहीं। पात्रता बहाल करने के लिए खाताधारक आवश्यक लेबल जोड़ सकता है या यदि उसे लगता है कि इंस्टाग्राम ने कोई गलत मूल्यांकन किया है तो वह इस फैसले के खिलाफ अपील भी कर सकता है।

इंस्टाग्राम ने यह बात भी साफ कर दी है कि क्रिएटर्स को केवल इसलिए अपनी प्रोफाइल स्तर का लेबल लगाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वे कंटेंट बनाते समय एआई टूल का इस्तेमाल करते हैं। आज के समय में बहुत से उपयोगकर्ता तस्वीरों को एडिट करने, कैप्शन लिखने, संगीत तैयार करने, सामग्री का अनुवाद करने या वीडियो को बेहतर बनाने के लिए एआई का उपयोग करते हैं। ऐसे क्रिएटर्स को जरूरी नहीं कि अपने पूरे अकाउंट को एआई जनरेटेड के रूप में चिन्हित करना पड़े।

यह नया नियम मुख्य रूप से उन अकाउंट्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है जहाँ प्रोफाइल की केंद्रीय पहचान के रूप में पेश किया जाने वाला व्यक्ति खुद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए गढ़ा गया हो। सीधी भाषा में कहें तो अपनी सामग्री को एडिट करने के लिए एआई का उपयोग करना पूरी तरह से एक काल्पनिक एआई व्यक्ति को बनाने और उस चरित्र को अपने अकाउंट के चेहरे के रूप में पेश करने से बिल्कुल अलग बात है।

एआई जनरेटेड शख्सियतों के इर्द-गिर्द अपने अकाउंट चलाने वाले क्रिएटर्स को इंस्टाग्राम की इन नई डिस्क्लोजर जरूरतों की समीक्षा करनी चाहिए और जहां भी यह नियम लागू होता है, वहां एआई जनरेटेड प्रोफाइल लेबल को जरूर जोड़ना चाहिए। ऐसा करने से फॉलोअर्स के बीच किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है और इंस्टाग्राम के रिकमेंडेशन फीचर्स में दिखाई देने की अकाउंट की क्षमता भी सुरक्षित बनी रहती है।

मंच की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर एआई जनरेटेड लोगों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा रहा है। इसके बजाय, कंपनी पारदर्शिता को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। क्रिएटर्स के लिए संदेश बिल्कुल सीधा है कि एआई शख्सियतें इंस्टाग्राम पर आगे भी बढ़ सकती हैं, लेकिन अपनी कृत्रिम पहचान को छिपाना या उसका खुलासा न करना अब उनकी रीच को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है।

ब्राउज़र के मेनू आइकन पर क्लिक करने से विकल्पों की सूची सामने आती है। इसके बाद ऑप्शंस पर क्लिक करने पर सेटिंग्स पेज खुलता है। पेज के बाईं ओर दिए गए प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी विकल्पों पर क्लिक करना होता है। इसके बाद पेज को स्क्रॉल करके परमिशन सेक्शन तक पहुंचना होता है। यहाँ नोटिफिकेशन विकल्प के सेटिंग्स टैब पर क्लिक करना होता है। एक पॉप-अप विंडो खुलती है जिसमें सभी सूचियों वाली साइट्स होती हैं, और नोटिफिकेशन की अनुमति देने के लिए स्टेटस हेड के तहत संबंधित साइट के लिए अलाउ विकल्प चुनना होता है। बदलाव पूरे होने के बाद सेव चेंजेज विकल्प पर क्लिक करके सेटिंग्स सहेजी जाती हैं।

## इसका आप पर असर
इंस्टाग्राम के इस नए नियम का सीधा असर वर्चुअल चेहरों और एआई मॉडल के जरिए कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स की कमाई और ग्रोथ पर पड़ेगा।

- **क्रिएटर्स और ब्रांड्स के लिए:** जिन अकाउंट्स पर एआई जनरेटेड लोग मुख्य पहचान के रूप में हैं, उन्हें अब अनिवार्य रूप से नया लेबल लगाना होगा। ऐसा न करने पर उनकी पोस्ट एक्सप्लोर और रील्स जैसे डिस्कवरी फीचर्स से बाहर हो सकती हैं, जिससे नए फॉलोअर्स मिलने बंद हो जाएंगे।
- **आम उपयोगकर्ताओं के लिए:** इस बदलाव से सोशल मीडिया पर पारदर्शिता बढ़ेगी जिससे दर्शकों को यह समझने में आसानी होगी कि वे जिस प्रोफाइल को देख रहे हैं वह किसी असली इंसान की है या किसी सॉफ्टवेयर द्वारा तैयार की गई काल्पनिक शख्सियत की।

## सवाल-जवाब

### 1. इंस्टाग्राम ने कौन सा नया नियम पेश किया है?
इंस्टाग्राम ने एआई जनरेटेड लोगों को दिखाने वाले अकाउंट्स के लिए एक नया एआई जनरेटेड प्रोफाइल लेबल अनिवार्य कर दिया है।

### 2. नया नियम कब घोषित किया गया था?
इंस्टाग्राम ने इस नए नियम की घोषणा 31 अगस्त को की थी।

### 3. पुराने लेबल का नया नाम क्या रखा गया है?
इंस्टाग्राम ने अपने पुराने एआई क्रिएटर लेबल का नाम बदलकर एआई जनरेटेड प्रोफाइल कर दिया है।

### 4. लेबल न लगाने पर अकाउंट पर क्या असर पड़ेगा?
आवश्यक लेबल न लगाने वाले अकाउंट्स रिकमेंडेशन और डिस्कवरी फीचर्स के लिए अपनी पात्रता खो सकते हैं।

### 5. क्या साधारण एआई एडिटिंग टूल्स इस्तेमाल करने वालों को भी यह लेबल लगाना होगा?
नहीं, केवल फोटो एडिटिंग, कैप्शन राइटिंग या ट्रांसलेशन जैसे साधारण कार्यों के लिए एआई टूल इस्तेमाल करने वालों को पूरा अकाउंट एआई जनरेटेड बताने की जरूरत नहीं है।

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